लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ की नियुक्ति को लेकर वायरल दावे पर PIB फैक्ट चेक: फर्जी तस्वीर से फैलाया गया भ्रम

सोशल मीडिया के दौर में फर्जी खबरें और भ्रामक दावे तेजी से फैलते हैं। हाल ही में भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ की नियुक्ति को लेकर एक कथित समाचार का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इस स्क्रीनशॉट में दावा किया गया कि उनकी नियुक्ति प्रक्रिया में अनियमितताएं हुईं और इस संबंध में पूर्व सैन्य अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल पी.आर. शंकर ने गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, भारत सरकार की आधिकारिक फैक्ट-चेकिंग इकाई PIB Fact Check ने इस दावे को पूरी तरह फर्जी बताया है।
क्या है पूरा मामला?
सोशल मीडिया पर एक स्क्रीनशॉट साझा किया जा रहा था, जिसे प्रसिद्ध समाचार वेबसाइट The Wire का बताया गया। वायरल पोस्ट में यह दावा किया गया कि लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ के सेना प्रमुख बनने की प्रक्रिया में कथित रूप से “रिश्वत” और “हस्तक्षेप” जैसी बातें शामिल थीं। इस कथित खबर को कई सोशल मीडिया अकाउंट्स द्वारा तेजी से फैलाया गया।
PIB Fact Check ने जांच के बाद स्पष्ट किया कि यह स्क्रीनशॉट पूरी तरह से एडिट किया गया है और ऐसी कोई खबर The Wire द्वारा प्रकाशित ही नहीं की गई है। फैक्ट चेक एजेंसी ने कहा कि कुछ पाकिस्तानी प्रचार से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट्स इस फर्जी सामग्री को साझा कर रहे हैं ताकि भारतीय सेना और उसकी नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए जा सकें।
PIB Fact Check का स्पष्टीकरण
PIB Fact Check ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए कहा कि वायरल हो रही तस्वीर पूरी तरह फर्जी है। एजेंसी के अनुसार:
- वायरल स्क्रीनशॉट में दिखाई गई खबर कभी प्रकाशित नहीं हुई।
- The Wire ने ऐसी कोई रिपोर्ट जारी नहीं की है।
- लेफ्टिनेंट जनरल पी.आर. शंकर के नाम से जो बयान जोड़े गए हैं, वे भी भ्रामक हैं।
- यह सामग्री लोगों को भ्रमित करने और भारतीय संस्थाओं की छवि खराब करने के उद्देश्य से तैयार की गई प्रतीत होती है।
फर्जी खबरों से बढ़ता खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों पर फैलाई जाने वाली झूठी जानकारी देश की संस्थाओं के प्रति लोगों का विश्वास कमजोर करने का प्रयास होती है। सोशल मीडिया पर किसी भी खबर को बिना सत्यापन के साझा करने से अफवाहें तेजी से फैलती हैं और गलत जानकारी आम लोगों तक पहुंच जाती है।
नागरिकों की जिम्मेदारी
डिजिटल युग में प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह किसी भी वायरल पोस्ट या स्क्रीनशॉट पर तुरंत विश्वास न करे। किसी भी महत्वपूर्ण खबर की पुष्टि विश्वसनीय समाचार स्रोतों और सरकारी फैक्ट-चेक प्लेटफॉर्म से अवश्य करनी चाहिए। PIB Fact Check समय-समय पर ऐसी भ्रामक सूचनाओं का पर्दाफाश करता है और लोगों को सही जानकारी उपलब्ध कराता है।
निष्कर्ष
लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ की नियुक्ति को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया कथित समाचार पूरी तरह फर्जी पाया गया है। PIB Fact Check ने स्पष्ट कर दिया है कि यह एक एडिटेड स्क्रीनशॉट है और इससे जुड़े सभी दावे निराधार हैं। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाली हर जानकारी सच नहीं होती। जागरूकता, सत्यापन और जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार ही फेक न्यूज के खिलाफ सबसे प्रभावी हथियार हैं।
