तमिलनाडु के तूतीकोरिन में माचिस फैक्ट्री में लगी भीषण आग, करोड़ों की संपत्ति राख

तमिलनाडु के तूतीकोरिन जिले के काझुगुमलाई क्षेत्र में स्थित एक माचिस निर्माण कारखाने में मंगलवार को अचानक आग लगने से बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ। यह हादसा पेचियम्मल मैच वर्क्स नामक इकाई में हुआ, जिसका संचालन स्थानीय उद्योगपति बटन मुदलियार करते हैं। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में उत्पादन से जुड़े कई हिस्से इसकी चपेट में आ गए और मशीनों के साथ बड़ी मात्रा में रखा कच्चा माल भी जलकर नष्ट हो गया। प्रारंभिक आकलन के अनुसार इस दुर्घटना में लगभग एक करोड़ रुपये की संपत्ति को नुकसान पहुंचा है।
मशीनों से निकली चिंगारी को माना जा रहा है कारण
प्राथमिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि उत्पादन प्रक्रिया के दौरान मशीनों में हुए घर्षण से उत्पन्न चिंगारी ने आसपास मौजूद ज्वलनशील सामग्री को आग पकड़वा दी। जैसे ही कर्मचारियों को स्थिति की गंभीरता का एहसास हुआ, उन्होंने तुरंत फैक्ट्री परिसर खाली कर दिया। समय पर सतर्कता बरतने के कारण किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और सभी कर्मचारी सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे।
दमकल विभाग ने तीन घंटे में पाया काबू
घटना की सूचना मिलने के बाद काझुगुमलाई और कोविलपट्टी से अग्निशमन विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग की तीव्रता अधिक होने के कारण उसे नियंत्रित करने में काफी समय लगा। दमकल कर्मियों ने लगातार करीब तीन घंटे तक अभियान चलाया, जिसके बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। अधिकारियों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती, तो आग आसपास की इमारतों और अन्य औद्योगिक इकाइयों तक भी फैल सकती थी।
हालिया औद्योगिक घटनाओं से बढ़ी चिंता
तूतीकोरिन जिले में हाल के दिनों में यह दूसरा बड़ा औद्योगिक हादसा माना जा रहा है। इससे पहले एट्टयापुरम क्षेत्र में स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट में एक व्यक्ति की जान चली गई थी और कई लोग घायल हुए थे। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने औद्योगिक सुरक्षा मानकों और निगरानी व्यवस्था को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार पर असर की आशंका
माचिस उद्योग इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोगों के लिए आजीविका का प्रमुख स्रोत है। ऐसे हादसों से न केवल उद्योग संचालकों को भारी आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि मजदूरों और कर्मचारियों के रोजगार पर भी असर पड़ता है। उत्पादन बाधित होने से आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होती है और इसका असर स्थानीय व्यापार तथा क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई दे सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की आवश्यकता है।
