रेलवे ने 680 किलोमीटर लंबे उत्तरी रेलवे नेटवर्क पर ‘कवच 4.0’ परियोजना को दी मंजूरी, सुरक्षा बढ़ाने के लिए 206 करोड़ रुपये होंगे खर्च

भारतीय रेलवे लगातार रेल यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेनों के संचालन को अधिक आधुनिक बनाने की दिशा में काम कर रहा है। इसी क्रम में रेलवे ने उत्तरी रेलवे के लगभग 680 किलोमीटर लंबे रेल नेटवर्क पर ‘कवच 4.0’ प्रणाली स्थापित करने के लिए 206 करोड़ रुपये की परियोजना को स्वीकृति दी है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य रेल दुर्घटनाओं की संभावना को कम करना, ट्रेनों की आवाजाही को अधिक सुरक्षित बनाना और परिचालन क्षमता में सुधार करना है।
किन रेल मार्गों पर लागू होगी कवच 4.0 प्रणाली
रेलवे की योजना के तहत रेवाड़ी–दिल्ली और शकूर बस्ती–बठिंडा रेलखंडों के साथ-साथ उनसे जुड़े फीडर ब्रांच मार्गों पर भी कवच 4.0 तकनीक लागू की जाएगी। इन महत्वपूर्ण मार्गों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री और मालगाड़ियां संचालित होती हैं। नई प्रणाली लागू होने के बाद ट्रेनों के संचालन में बेहतर समन्वय और सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
क्या है कवच 4.0
कवच (KAVACH) भारतीय रेलवे द्वारा विकसित एक स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (ATP) प्रणाली है। यह तकनीक ट्रेनों की गति की लगातार निगरानी करती है और किसी संभावित खतरे की स्थिति में स्वतः हस्तक्षेप कर सकती है। यदि लोको पायलट निर्धारित गति सीमा का पालन नहीं करता या किसी सिग्नल की अनदेखी होती है, तो यह प्रणाली स्वतः ब्रेक लगाकर दुर्घटना की आशंका को कम करने का काम करती है।
रेल सुरक्षा को मिलेगी नई मजबूती
कवच 4.0 के लागू होने से ट्रेनों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखने, सिग्नल पासिंग एट डेंजर (SPAD) जैसी घटनाओं को रोकने और मानवीय त्रुटियों से होने वाले हादसों में कमी लाने में सहायता मिलेगी। साथ ही, ट्रेन संचालन अधिक व्यवस्थित और समयबद्ध होने की संभावना भी बढ़ेगी।
आधुनिक रेलवे की दिशा में बड़ा कदम
भारतीय रेलवे पूरे देश में चरणबद्ध तरीके से कवच प्रणाली का विस्तार कर रहा है। उत्तरी रेलवे के इस महत्वपूर्ण नेटवर्क पर कवच 4.0 लागू करने का निर्णय उसी व्यापक योजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देश के प्रमुख रेल मार्गों को आधुनिक सुरक्षा तकनीक से जोड़ना है।
यात्रियों और माल परिवहन दोनों को होगा लाभ
इस परियोजना का लाभ केवल यात्रियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मालगाड़ियों के संचालन में भी अधिक विश्वसनीयता आएगी। सुरक्षित और बेहतर रेल संचालन से समय की बचत होगी, परिचालन दक्षता बढ़ेगी तथा रेलवे नेटवर्क की क्षमता में भी सुधार होगा।
निष्कर्ष
680 किलोमीटर लंबे उत्तरी रेलवे मार्ग पर 206 करोड़ रुपये की लागत से कवच 4.0 लागू करने का निर्णय भारतीय रेलवे की सुरक्षा-केंद्रित सोच को दर्शाता है। स्वदेशी तकनीक पर आधारित यह प्रणाली भविष्य में रेल दुर्घटनाओं को कम करने, ट्रेनों के सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करने और भारत के रेलवे नेटवर्क को विश्वस्तरीय सुरक्षा मानकों के अनुरूप बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
