हांगकांग में लोकतंत्र की मांग पर सख्ती, चाउ हैंग-तुंग समेत तीन लोकतंत्र समर्थक नेताओं को दोषी ठहराया गया

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हांगकांग, 29 अगस्त 2026: हांगकांग में लोकतंत्र समर्थक गतिविधियों को लेकर चीन के राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के इस्तेमाल ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज कर दी है। हांगकांग की जानी-मानी लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ता और बैरिस्टर चाउ हैंग-तुंग ने अदालत के फैसले के बाद आरोप लगाया है कि मौजूदा कानूनी व्यवस्था लोकतंत्र की मांग को ही अपराध की श्रेणी में पहुंचा रही है। चाउ के साथ लोकतंत्र समर्थक आंदोलन से जुड़े दो वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ली चुक-यान और अल्बर्ट हो चुन-यान को भी राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत दोषी ठहराया गया है।

यह मामला हांगकांग में राजनीतिक स्वतंत्रता, लोकतांत्रिक अधिकारों और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच चल रहे तनाव को सामने लाता है। अदालत के फैसले पर मानवाधिकार संगठनों और संयुक्त राष्ट्र की ओर से चिंता जताए जाने की बात सामने आई है, जबकि हांगकांग के अधिकारियों ने न्यायिक फैसले का स्वागत किया है।

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राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई

प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, चाउ हैंग-तुंग, ली चुक-यान और अल्बर्ट हो को बीजिंग द्वारा लागू राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत तोड़फोड़ के लिए उकसाने से संबंधित आरोप में दोषी ठहराया गया। तीनों का संबंध उस संगठन से रहा है, जो चीन में लोकतांत्रिक आंदोलनों के समर्थन के लिए हांगकांग में सक्रिय था। बाद में इस संगठन पर प्रतिबंध लगा दिया गया।

अदालत में मामले की सुनवाई राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों की सुनवाई करने वाले न्यायाधीशों के एक पैनल के सामने हुई। इसके बाद तीनों नेताओं को सजा सुनाए जाने से पहले अपनी परिस्थितियों और दलीलों को अदालत के समक्ष रखने का अवसर दिया गया।

रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत ने संकेत दिया कि सजा पर अंतिम निर्णय लगभग दो सप्ताह के भीतर आने की उम्मीद है। इस दौरान आरोपियों की पहले से बिताई गई हिरासत की अवधि भी मामले में महत्वपूर्ण हो सकती है।

करीब चार साल से हिरासत में चाउ

चाउ हैंग-तुंग इस मामले में लंबे समय से हिरासत में हैं। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने लगभग चार साल हिरासत में बिताए हैं। ली चुक-यान भी करीब चार वर्षों से हिरासत में हैं, जबकि अल्बर्ट हो लगभग साढ़े तीन वर्ष से हिरासत में रहे हैं।

लंबी हिरासत ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है। लोकतंत्र समर्थक समूहों का कहना है कि आरोपियों की राजनीतिक गतिविधियों और विचारों को राष्ट्रीय सुरक्षा के अपराधों के साथ जोड़ना नागरिक स्वतंत्रताओं पर गंभीर सवाल खड़े करता है। वहीं, हांगकांग प्रशासन का रुख इसके विपरीत है और वह राष्ट्रीय सुरक्षा कानून को क्षेत्र की स्थिरता तथा सुरक्षा बनाए रखने के लिए आवश्यक कानूनी व्यवस्था के रूप में प्रस्तुत करता रहा है।

अदालत में चाउ ने रखी राजनीतिक दलील

मामले की सुनवाई के दौरान चाउ ने स्वयं अपनी पैरवी करने की कोशिश की। पेशे से बैरिस्टर होने के कारण उन्होंने अदालत में अपने पक्ष को कानूनी और राजनीतिक दोनों दृष्टिकोणों से रखने का प्रयास किया। हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार, हाई कोर्ट के न्यायाधीश एलेक्स ली ने उन्हें कुछ राजनीतिक तर्क आगे बढ़ाने से रोक दिया और कहा कि इस तरह की दलीलों को किसी अन्य अवसर पर रखा जा सकता है।

चाउ ने अदालत के विस्तृत फैसले का हवाला देते हुए लोकतंत्र से जुड़े अपने विचारों को सामने रखने की कोशिश की। उनका तर्क था कि फैसले का व्यापक अर्थ यह निकलता है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की मांग करना अपराध माना जा सकता है।

उनकी यह टिप्पणी मामले के राजनीतिक महत्व को रेखांकित करती है। चाउ का कहना था कि यदि किसी व्यक्ति की राजनीतिक विचारधारा या लोकतांत्रिक व्यवस्था के समर्थन को ही कानून के तहत गैरकानूनी माना जाने लगे, तो अभिव्यक्ति और राजनीतिक भागीदारी की स्वतंत्रता को लेकर गंभीर प्रश्न पैदा होते हैं।

एकदलीय व्यवस्था पर भी सवाल

चाउ ने सुनवाई के दौरान बीजिंग द्वारा हांगकांग में लागू किए गए राजनीतिक मॉडल की आलोचना की। उन्होंने कथित तौर पर इस बात पर आपत्ति जताई कि कोई एक राजनीतिक शक्ति खुद को जनता का प्रतिनिधि बताते हुए राजनीतिक व्यवस्था पर विशेष अधिकार का दावा करे और नागरिकों से उसके शासन को स्वीकार करने की अपेक्षा रखे।

उन्होंने यह भी तर्क दिया कि मुख्य भूमि चीन में एकदलीय राजनीतिक व्यवस्था में बदलाव की वकालत करने वाले लोगों के लिए अपनी राय सार्वजनिक रूप से रखने की गुंजाइश कम होती जा रही है।

हालांकि, अदालत ने इस प्रकार की राजनीतिक बहस को मामले की कानूनी कार्यवाही के दायरे से अलग रखने का संकेत दिया। इससे यह स्पष्ट हुआ कि सुनवाई के दौरान राजनीतिक विचारों और कानूनी आरोपों के बीच अंतर बनाए रखने पर जोर दिया गया।

बचाव पक्ष ने सजा कम करने की मांग की

मामले में बचाव पक्ष की ओर से भी सजा को लेकर दलीलें रखी गईं। रिपोर्ट के अनुसार, ली के वकील एरिक शुम ने सजा में लगभग 20 से 25 प्रतिशत की कमी किए जाने का अनुरोध किया।

बचाव पक्ष ने यह तर्क भी रखा कि कथित गतिविधियों से वास्तविक नुकसान या विनाश की स्थिति को सजा निर्धारित करते समय महत्वपूर्ण आधार माना जाना चाहिए। बचाव पक्ष का उद्देश्य अदालत के सामने यह दिखाना था कि आरोपों की प्रकृति और कथित गतिविधियों के वास्तविक प्रभाव को ध्यान में रखकर सजा तय की जानी चाहिए।

अब अदालत को इन सभी दलीलों पर विचार करने के बाद तीनों आरोपियों की सजा निर्धारित करनी है।

मानवाधिकार संगठनों की प्रतिक्रिया

इस फैसले ने हांगकांग में लोकतांत्रिक अधिकारों और नागरिक स्वतंत्रताओं को लेकर पहले से चल रही अंतरराष्ट्रीय बहस को और तेज कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ मानवाधिकार संगठनों तथा संयुक्त राष्ट्र से जुड़े पक्षों ने दोषसिद्धि पर चिंता व्यक्त की है।

आलोचकों का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून का दायरा व्यापक होने के कारण राजनीतिक असहमति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अपराधों के बीच की सीमा को लेकर सवाल उठते हैं। उनके अनुसार, लोकतांत्रिक अधिकारों की मांग करने वाले लोगों के खिलाफ इस कानून के इस्तेमाल से हांगकांग में राजनीतिक स्वतंत्रता की स्थिति प्रभावित हो सकती है।

दूसरी ओर, हांगकांग प्रशासन राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत की गई कार्रवाई को कानून के मुताबिक आवश्यक कदम बताता है। अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक स्थिरता की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है और अदालतें कानून के अनुसार मामलों पर निर्णय लेती हैं।

हांगकांग की राजनीति के लिए बड़ा संकेत

चाउ हैंग-तुंग, ली चुक-यान और अल्बर्ट हो से जुड़ा मामला केवल तीन व्यक्तियों की कानूनी लड़ाई तक सीमित नहीं है। यह हांगकांग की राजनीतिक दिशा और वहां लोकतांत्रिक गतिविधियों के भविष्य से भी जुड़ा हुआ माना जा रहा है।

राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू होने के बाद हांगकांग की राजनीति में व्यापक बदलाव देखने को मिले हैं। लोकतंत्र समर्थक संगठनों पर कार्रवाई, नेताओं की गिरफ्तारी और राजनीतिक गतिविधियों पर बढ़ती कानूनी निगरानी ने क्षेत्र की राजनीति को पहले की तुलना में काफी अलग बना दिया है।

इस मामले में आने वाला अंतिम सजा संबंधी फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण होगा क्योंकि इससे यह संकेत मिल सकता है कि अदालत राजनीतिक गतिविधियों और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के बीच संबंध को किस तरह देखती है।

फिलहाल चाउ हैंग-तुंग और उनके साथ दोषी ठहराए गए दोनों वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के मामले में अगला महत्वपूर्ण चरण सजा सुनाया जाना है। अदालत का आगामी फैसला न केवल आरोपियों के भविष्य को प्रभावित करेगा, बल्कि हांगकांग में लोकतांत्रिक अधिकारों और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून को लेकर जारी व्यापक बहस पर भी असर डाल सकता है।

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