दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल में नॉर्थ जोन के लिए जुड़ा गुरनूर बराड़ का नाम, न्यूजीलैंड टेस्ट सीरीज से पहले मिलेगा बड़ा मौका
बेंगलुरु: भारतीय क्रिकेट के घरेलू सत्र में दलीप ट्रॉफी का रोमांच बढ़ने के साथ नॉर्थ जोन की टीम में एक अहम बदलाव किया गया है। पंजाब और भारत के तेज गेंदबाज गुरनूर बराड़ को साउथ जोन के खिलाफ होने वाले सेमीफाइनल मुकाबले के लिए नॉर्थ जोन की टीम में शामिल किया गया है। यह मुकाबला रविवार से बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में खेला जाना है। गुरनूर के टीम में शामिल होने को भारतीय क्रिकेट के भविष्य की तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है।
गुरनूर बराड़ लंबे समय से घरेलू क्रिकेट में अपनी तेज गेंदबाजी और लगातार बेहतर होते प्रदर्शन के कारण चयनकर्ताओं की नजर में बने हुए हैं। टेस्ट क्रिकेट में अभी तक उन्हें पदार्पण का अवसर नहीं मिला है, लेकिन वह भारत की पिछली दो टेस्ट टीमों का हिस्सा रह चुके हैं। ऐसे में दलीप ट्रॉफी का यह मुकाबला उनके लिए लाल गेंद से क्रिकेट में अपनी दावेदारी मजबूत करने का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।

टेस्ट टीम से लौटकर घरेलू क्रिकेट में वापसी
गुरनूर बराड़ हाल ही में श्रीलंका के खिलाफ भारत की टेस्ट सीरीज के दौरान टीम के साथ जुड़े हुए थे। भारत ने यह सीरीज 1-0 से अपने नाम की थी। सीरीज समाप्त होने के बाद अब गुरनूर घरेलू क्रिकेट में वापसी कर रहे हैं।
चयनकर्ताओं की योजना उन्हें अधिक से अधिक लाल गेंद क्रिकेट का अनुभव देने की बताई जा रही है। भारत को नवंबर में न्यूजीलैंड के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी है। ऐसे में दलीप ट्रॉफी में गुरनूर का प्रदर्शन उनके लिए आने वाले समय में बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
तेज गेंदबाजों के लिए लाल गेंद क्रिकेट में निरंतर गेंदबाजी, लंबे स्पेल और अलग-अलग परिस्थितियों में गेंद को स्विंग कराने की क्षमता काफी मायने रखती है। गुरनूर को इसी दिशा में अनुभव हासिल करने का मौका मिल रहा है।
श्रीलंका में दिखाया था शानदार प्रदर्शन
गुरनूर बराड़ ने जुलाई में भारत ए की श्रीलंका दौरे वाली टीम का हिस्सा बनकर अपनी गेंदबाजी की मजबूत झलक दिखाई थी। इस दौरे के दूसरे अनौपचारिक टेस्ट में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए मैच में कुल 10 विकेट हासिल किए थे।
उनका यह प्रदर्शन इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि प्रथम श्रेणी क्रिकेट में किसी तेज गेंदबाज से लंबे स्पेल में प्रभावी गेंदबाजी की उम्मीद की जाती है। गुरनूर ने लगातार विकेट लेकर अपनी उपयोगिता साबित की और यह दिखाया कि वह लंबे प्रारूप में टीम के लिए प्रभावी विकल्प बन सकते हैं।
उनके प्रथम श्रेणी करियर के आंकड़े भी उनकी क्षमता की तस्वीर पेश करते हैं। उन्होंने अब तक 19 प्रथम श्रेणी मुकाबलों में 62 विकेट हासिल किए हैं। इस दौरान उनका गेंदबाजी औसत 25.24 रहा है। घरेलू क्रिकेट में इस तरह के आंकड़े उन्हें भारत की टेस्ट टीम के लिए उभरते हुए तेज गेंदबाजों में शामिल करते हैं।
वनडे क्रिकेट में भी कर चुके हैं शुरुआत
गुरनूर बराड़ ने केवल लाल गेंद क्रिकेट में ही अपनी पहचान नहीं बनाई है। उन्होंने जून में अफगानिस्तान के खिलाफ अपना वनडे डेब्यू किया था। इसके बाद इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टीम की वनडे सीरीज के दौरान भी उन्हें सभी तीन मुकाबलों में खेलने का अवसर मिला।
छह वनडे मैचों में गुरनूर के नाम 11 विकेट हैं। उनका गेंदबाजी औसत 32.81 रहा है। इससे साफ है कि टीम प्रबंधन उन्हें केवल टेस्ट क्रिकेट के विकल्प के रूप में नहीं देख रहा, बल्कि सीमित ओवरों के क्रिकेट में भी उनकी संभावनाओं पर नजर रखी जा रही है।
हालांकि, फिलहाल उनका सबसे बड़ा लक्ष्य लाल गेंद क्रिकेट में अपनी जगह मजबूत करना हो सकता है। दलीप ट्रॉफी जैसे प्रतिष्ठित घरेलू टूर्नामेंट में लगातार अच्छा प्रदर्शन उन्हें इस दिशा में आगे बढ़ा सकता है।
नॉर्थ जोन को मिलेगी तेज गेंदबाजी में मजबूती
साउथ जोन के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में गुरनूर का शामिल होना नॉर्थ जोन के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। तेज गेंदबाजों के लिए बेंगलुरु की परिस्थितियां नई गेंद के साथ चुनौती और अवसर दोनों प्रदान कर सकती हैं।
गुरनूर के पास गति के साथ गेंद को स्विंग कराने की क्षमता है। यदि वह शुरुआती ओवरों में विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में सफल रहते हैं, तो नॉर्थ जोन के गेंदबाजी आक्रमण को इसका फायदा मिल सकता है।
इसके अलावा दलीप ट्रॉफी में मजबूत बल्लेबाजों के सामने गेंदबाजी करना उनके अनुभव में भी इजाफा करेगा। घरेलू क्रिकेट के बड़े मुकाबलों में प्रदर्शन करना किसी भी युवा खिलाड़ी के आत्मविश्वास के लिए महत्वपूर्ण होता है।
आकिब नबी को लेकर भी चयनकर्ताओं की अलग योजना
इस बीच जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी को लेकर भी चयनकर्ताओं की एक अलग योजना सामने आई है। बताया गया है कि आकिब इंग्लैंड के काउंटी क्रिकेट में थोड़े समय के लिए खेलने की संभावना तलाश रहे हैं। हालांकि, इसके लिए जरूरी वीजा औपचारिकताएं पूरी होना जरूरी है।
चयनकर्ता आकिब को दलीप ट्रॉफी में खिलाने के बजाय तेज गेंदबाजी के अनुकूल इंग्लिश परिस्थितियों में मैच अभ्यास दिलाने के पक्ष में नजर आ रहे हैं। यदि उनका काउंटी दौरा सफल होता है, तो उन्हें स्विंग और सीम वाली परिस्थितियों में महत्वपूर्ण अनुभव मिल सकता है।
आकिब नबी ने 2025-26 के रणजी ट्रॉफी सत्र में जम्मू-कश्मीर के लिए शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने पूरे सत्र में 60 विकेट हासिल किए और उनका गेंदबाजी औसत केवल 12.56 रहा। यह प्रदर्शन घरेलू स्तर पर उनकी जबरदस्त प्रभावशीलता को दर्शाता है।
न्यूजीलैंड सीरीज पर भी नजर
भारत के अगले टेस्ट अभियान को देखते हुए गुरनूर और आकिब जैसे तेज गेंदबाजों पर चयनकर्ताओं की नजर बनी हुई है। न्यूजीलैंड के खिलाफ नवंबर में होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज से पहले टीम प्रबंधन के पास तेज गेंदबाजी विकल्पों को परखने का मौका है।
गुरनूर के लिए दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल केवल एक घरेलू मुकाबला नहीं होगा। यह उनके लिए चयनकर्ताओं के सामने अपनी टेस्ट दावेदारी पेश करने का मंच भी बन सकता है। उन्हें अगर मुकाबले में खेलने का अवसर मिलता है और वह प्रभावी प्रदर्शन करते हैं, तो आने वाली टेस्ट टीमों में उनकी स्थिति और मजबूत हो सकती है।
वहीं, आकिब नबी के लिए इंग्लिश काउंटी क्रिकेट का संभावित अनुभव उनके करियर में अलग तरह का योगदान कर सकता है। स्विंग और सीम वाली परिस्थितियों में गेंदबाजी करना उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की चुनौतियों के लिए तैयार करने में मदद कर सकता है।
युवा तेज गेंदबाजों पर बढ़ा भरोसा
भारतीय क्रिकेट में तेज गेंदबाजी का मजबूत पूल लगातार तैयार हो रहा है। जसप्रीत बुमराह जैसे अनुभवी गेंदबाजों के साथ-साथ घरेलू क्रिकेट से उभर रहे खिलाड़ियों को भी लगातार अवसर दिए जा रहे हैं। गुरनूर बराड़ और आकिब नबी इसी नई पीढ़ी का हिस्सा हैं।
दलीप ट्रॉफी जैसे टूर्नामेंट युवा खिलाड़ियों को दबाव में प्रदर्शन करने का अवसर देते हैं। गुरनूर को नॉर्थ जोन की टीम में शामिल किए जाने से यह संकेत मिलता है कि चयनकर्ता उनके विकास को गंभीरता से देख रहे हैं।
अब निगाहें सेमीफाइनल मुकाबले पर रहेंगी। गुरनूर के लिए यह मैच खुद को साबित करने का एक और मौका होगा। यदि वह अपनी गति, सटीक लाइन-लेंथ और विकेट लेने की क्षमता के दम पर प्रभाव छोड़ते हैं, तो न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज से पहले उनकी दावेदारी निश्चित रूप से चर्चा में आ सकती है।