सुजौली के रविदास नगर में तेंदुए की दस्तक से दहशत, कुत्ते पर हमला

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कमलेश कुमार बहराइच

रिपोर्टर हिट एंड हॉट न्यूज़

बहराइच/सुजौली। जिले के सुजौली क्षेत्र स्थित रविदास नगर में तेंदुए की मौजूदगी की सूचना से ग्रामीणों के बीच भय का माहौल बन गया है। बताया जा रहा है कि एक तेंदुआ आबादी वाले इलाके के करीब पहुंच गया और पत्रकार कमलेश कुमार मौर्य के घर के पास मौजूद एक कुत्ते पर हमला कर उसे घायल कर दिया। घटना के बाद से स्थानीय लोगों में वन्यजीव को लेकर चिंता बढ़ गई है।

ग्रामीणों के अनुसार, तेंदुए की गतिविधि सामने आने के बाद इलाके में सतर्कता बढ़ गई है। लोग विशेष रूप से शाम ढलने के बाद अपने घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। आबादी के नजदीक तेंदुए के दिखाई देने की खबर ने उन परिवारों की चिंता और बढ़ा दी है, जिनके घर जंगल अथवा वन क्षेत्र के आसपास स्थित हैं।

घर के पास पहुंचा तेंदुआ, कुत्ते पर किया हमला

रविदास नगर में उस समय हड़कंप मच गया जब लोगों को तेंदुए के आबादी के नजदीक आने की जानकारी मिली। स्थानीय जानकारी के मुताबिक तेंदुआ पत्रकार कमलेश कुमार मौर्य के घर के आसपास पहुंचा। इसी दौरान उसने वहां मौजूद एक कुत्ते पर हमला कर दिया, जिससे कुत्ता घायल हो गया।

घटना की जानकारी फैलते ही आसपास के लोगों में खलबली मच गई। ग्रामीणों ने एक-दूसरे को सावधान रहने की सलाह दी। लोगों का कहना है कि यदि तेंदुआ आबादी वाले हिस्से तक पहुंच रहा है तो भविष्य में किसी अप्रिय घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

हालांकि, तेंदुए की गतिविधि को लेकर वन विभाग की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना अभी बाकी है। इसलिए ग्रामीणों द्वारा बताई गई घटना के आधार पर ही स्थिति को समझा जा रहा है।

रात के समय बढ़ी ग्रामीणों की चिंता

तेंदुए की मौजूदगी की खबर के बाद रविदास नगर और आसपास के इलाकों में रात के समय विशेष सावधानी बरती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि गांवों में लोग अक्सर जरूरी काम से देर शाम तक बाहर आते-जाते हैं। ऐसे में आबादी के पास तेंदुए की मौजूदगी उनके लिए चिंता का विषय बन गई है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से अकेले बाहर भेजने से बचा जा रहा है। ग्रामीण चाहते हैं कि संबंधित विभाग स्थिति का गंभीरता से संज्ञान ले और क्षेत्र में वनकर्मियों की निगरानी बढ़ाई जाए।

लोगों का यह भी कहना है कि यदि तेंदुआ लगातार आबादी की ओर आ रहा है तो उसके आने-जाने वाले संभावित रास्तों की पहचान की जानी चाहिए, ताकि लोगों को समय रहते सावधान किया जा सके।

वन विभाग से गश्त बढ़ाने की मांग

घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि इलाके में नियमित गश्त बढ़ाई जाए और तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखी जाए। ग्रामीण चाहते हैं कि वन विभाग की टीम मौके का निरीक्षण करे और आवश्यकता के अनुसार तेंदुए को सुरक्षित तरीके से पकड़ने के लिए कार्रवाई करे।

स्थानीय लोगों का मानना है कि केवल घटना के बाद मौके पर पहुंचना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि कुछ समय तक क्षेत्र में लगातार निगरानी की जरूरत है। ग्रामीणों की मांग है कि संवेदनशील स्थानों पर वन विभाग की टीम तैनात की जाए और लोगों को वन्यजीव से बचाव के संबंध में जरूरी जानकारी भी दी जाए।

लोगों से सतर्क रहने की अपील जरूरी

तेंदुए जैसे वन्यजीव आबादी के आसपास दिखाई दें तो विशेषज्ञों की सामान्य सलाह के अनुसार लोगों को उसे घेरने, पीछा करने या उसके करीब जाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। भीड़ जुटाने से स्थिति और खतरनाक हो सकती है। ऐसे मामलों में संबंधित वन विभाग को सूचना देना और सुरक्षित दूरी बनाए रखना ज्यादा उचित माना जाता है।

ग्रामीणों से यह भी अपील की जा सकती है कि वे रात में अनावश्यक रूप से अकेले बाहर न निकलें और बच्चों को घर के आसपास भी अकेले न छोड़ें। यदि किसी व्यक्ति को तेंदुआ दिखाई देता है तो वह तत्काल स्थानीय प्रशासन या वन विभाग को इसकी सूचना दे।

जंगल से सटे इलाकों में वन्यजीवों की आवाजाही चिंता का विषय

बहराइच का बड़ा हिस्सा वन क्षेत्रों और प्राकृतिक आवासों के आसपास स्थित है। ऐसे क्षेत्रों में कई बार जंगली जानवर भोजन और पानी की तलाश में आबादी की ओर आ सकते हैं। जब वन्यजीव मानव बस्तियों के करीब पहुंचते हैं तो लोगों और वन्यजीवों दोनों के लिए जोखिम बढ़ जाता है।

रविदास नगर की घटना ने एक बार फिर इस बात को सामने ला दिया है कि जंगल से सटे ग्रामीण क्षेत्रों में वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की सतर्कता कितनी महत्वपूर्ण है। नियमित निगरानी, ग्रामीणों को जागरूक करना और वन्यजीवों की गतिविधियों की जानकारी जुटाना ऐसी परिस्थितियों में उपयोगी कदम हो सकते हैं।

ग्रामीणों में दहशत, कार्रवाई का इंतजार

फिलहाल रविदास नगर के ग्रामीण तेंदुए की मौजूदगी को लेकर चिंतित हैं। कुत्ते पर हमले की घटना के बाद लोगों में यह डर बना हुआ है कि तेंदुआ दोबारा आबादी की ओर आ सकता है। यही वजह है कि ग्रामीण वन विभाग से जल्द मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन करने और जरूरी कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं।

ग्रामीणों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि यदि तेंदुआ लगातार बस्ती के आसपास घूमता रहा तो लोगों का सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है। खेतों में काम करने वाले ग्रामीणों और देर शाम घर लौटने वाले लोगों के लिए भी जोखिम की आशंका बनी रहती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि वन विभाग को इस मामले में सक्रियता दिखाते हुए तेंदुए की गतिविधियों की निगरानी करनी चाहिए। साथ ही, यदि वन विभाग की जांच में तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि होती है तो नियमानुसार उसके सुरक्षित रेस्क्यू या अन्य आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।

प्रशासन से उम्मीद

रविदास नगर में तेंदुए की दस्तक के बाद अब ग्रामीणों की नजर वन विभाग की कार्रवाई पर है। लोगों को उम्मीद है कि विभाग जल्द क्षेत्र का निरीक्षण करेगा और तेंदुए की गतिविधियों का पता लगाने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।

फिलहाल ग्रामीणों के लिए सबसे जरूरी संदेश यही है कि वे घबराने के बजाय सावधानी बरतें, तेंदुए के करीब जाने या उसे पकड़ने की कोशिश न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को दें। वन विभाग की निगरानी और ग्रामीणों की सतर्कता से ऐसी स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

स्थान: रविदास नगर, सुजौली, बहराइच

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