प्रतापगढ़ मेडिकल कॉलेज में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, 23 सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग

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अंशुमान द्विवेदी प्रतापगढ़ रिपोर्टर हिट एंड हॉट न्यूज़ प्रतापगढ़। जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कॉलेज में…

अंशुमान द्विवेदी प्रतापगढ़

रिपोर्टर हिट एंड हॉट न्यूज़

प्रतापगढ़। जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कॉलेज में कथित वित्तीय अनियमितताओं, मरीजों से अवैध वसूली और स्वास्थ्य सेवाओं में अव्यवस्था के आरोपों को लेकर कांग्रेस ने बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. नीरज त्रिपाठी एडवोकेट के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने भारी बारिश के बीच पैदल मार्च निकाला और कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को 23 सूत्रीय मांगों वाला ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के साथ विजिलेंस जांच और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की।

कांग्रेस कार्यालय इंदिरा भवन से शुरू हुआ पैदल मार्च अंबेडकर चौराहे से होते हुए कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचा। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मार्च में शामिल रहे। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं और कथित भ्रष्टाचार को लेकर नारे लगाए। दोपहर करीब एक बजे कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के समक्ष अपनी शिकायतें और मांगें रखीं।

खरीद और खर्च को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल

जिला कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. नीरज त्रिपाठी ने मेडिकल कॉलेज में विभिन्न सामानों और सेवाओं की खरीद पर गंभीर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि GeM पोर्टल के माध्यम से की गई कुछ खरीद में सरकारी धन के उपयोग को लेकर स्पष्टीकरण जरूरी है।

उन्होंने Contract No. GEMC-511687764102923 का हवाला देते हुए दावा किया कि 22 जून को दो इमरजेंसी रिकवरी ट्रॉली के लिए करीब आठ लाख रुपये का भुगतान किया गया। इसी तरह 15 जुलाई के एक कार्यक्रम के लिए 10 एसी मशीनें किराये पर लेने में लगभग 9.98 लाख रुपये खर्च किए जाने का आरोप लगाया गया। कांग्रेस ने इन खर्चों की उपयोगिता और दरों की जांच कराने की मांग की है।

पार्टी नेताओं ने चार लाख ग्लव्स के कथित अतिरिक्त स्टॉक, शव वाहन के लिए तीन महीने में करीब 12 लाख रुपये के डीजल खर्च और GeM पर एक लाख किलो कूरियर सेवा से संबंधित लगभग छह लाख रुपये की खरीद पर भी सवाल उठाए। कांग्रेस का कहना है कि संबंधित दस्तावेजों की स्वतंत्र जांच से वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

मरीजों से कथित वसूली के आरोप

कांग्रेस सेवा दल के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रेम शंकर द्विवेदी ने आरोप लगाया कि मेडिकल कॉलेज में कुछ चिकित्सा सेवाओं के नाम पर मरीजों और उनके परिजनों से अतिरिक्त रकम मांगी जा रही है। उनके अनुसार महिला अस्पताल में ऑपरेशन के नाम पर 3,000 से 3,500 रुपये तक लेने, ऑर्थो विभाग में प्लेट और रॉड के लिए 30 से 40 हजार रुपये तक की मांग तथा आंखों के इलाज में लेंस के नाम पर कथित वसूली की शिकायतें सामने आई हैं।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ चिकित्सकों द्वारा बाहर की दवाइयां लिखी जाती हैं और इसके पीछे मेडिकल प्रतिनिधियों अथवा मेडिकल स्टोर संचालकों से कमीशन लिए जाने की आशंका है। कांग्रेस ने इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

अस्पताल के निजी वार्डों और राजस्व पर सवाल

कांग्रेस नेताओं ने महिला अस्पताल के निजी कमरों की स्थिति को लेकर भी सवाल उठाए। प्रेम शंकर द्विवेदी के अनुसार 100 बेड वाले महिला अस्पताल में कई निजी कमरे लंबे समय से बंद हैं। उन्होंने दावा किया कि पुरुष निजी वार्ड के भी कई कमरे इस्तेमाल में नहीं हैं।

कांग्रेस का कहना है कि यदि अस्पताल में उपलब्ध कमरों और सुविधाओं का उपयोग नहीं हो रहा है तो इससे संस्थान को संभावित राजस्व का नुकसान हो सकता है। पार्टी ने बंद पड़े वार्डों और कमरों की स्थिति की जांच कराने की मांग की है।

भोजन और सफाई व्यवस्था पर भी आरोप

महिला कांग्रेस अध्यक्ष सरोज कश्यप ने अस्पताल की भोजन व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि लखनऊ की ग्रीन फूड कंपनी का टेंडर समाप्त होने के बाद भी उसका नवीनीकरण किया गया और मरीजों की संख्या के अनुपात में भोजन उपलब्ध कराने में अनियमितता बरती जा रही है।

उन्होंने सफाई व्यवस्था को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उनके मुताबिक पिछले कई वर्षों से सफाई का टेंडर नहीं हुआ है और सफाई कर्मचारियों के वेतन में भी देरी की शिकायत है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि रिकॉर्ड में कर्मचारियों की संख्या अधिक दिखाई जाती है, जबकि मौके पर कम कर्मचारी मौजूद रहते हैं। पार्टी ने उपस्थिति रजिस्टर और भुगतान संबंधी दस्तावेजों की जांच की मांग की है।

अग्निशमन व्यवस्था और क्रिटिकल केयर यूनिट का मुद्दा

कांग्रेस नेताओं ने मेडिकल कॉलेज और इमरजेंसी में अग्निशमन कार्य के लिए किए गए कथित टेंडर पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि निर्धारित प्रक्रिया और मानकों का पालन नहीं किया गया तथा कार्य की गुणवत्ता की जांच आवश्यक है।

इसके साथ ही कांग्रेस ने कोरोना काल में उपलब्ध कराए गए कथित 19 वेंटिलेटर बेड के संचालन पर भी सवाल उठाया। पार्टी नेताओं का दावा है कि इनमें से कोई भी बेड वर्तमान में उपयोगी स्थिति में नहीं है। इस दावे की वास्तविकता जानने के लिए कांग्रेस ने रिकॉर्ड और भौतिक सत्यापन कराने की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने करीब 24.50 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन 100 बेड की क्रिटिकल केयर यूनिट को लेकर भी सवाल उठाया। कांग्रेस के अनुसार परियोजना को 19 दिसंबर 2025 तक पूरा होना था, लेकिन निर्धारित समय बीतने के बाद भी निर्माण कार्य अधूरा है। पार्टी ने निर्माण एजेंसी, भुगतान और कार्य की प्रगति की जांच कराने की मांग की।

सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं और जांच सुविधाओं पर सवाल

जिला कांग्रेस के उपाध्यक्ष विजय शंकर त्रिपाठी ने मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं की उपलब्धता को लेकर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि गैस्ट्रो, कार्डियो और न्यूरो जैसे महत्वपूर्ण विभागों में पर्याप्त विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती नहीं हुई है।

उन्होंने मेडिकल कॉलेज में एमआरआई सुविधा उपलब्ध नहीं होने का भी मुद्दा उठाया। कांग्रेस के अनुसार इसके कारण मरीजों को आवश्यक जांच के लिए बाहर जाना पड़ता है। एक्स-रे व्यवस्था पर भी पार्टी ने आरोप लगाया कि शुल्क जमा करने के बाद मरीजों को मोबाइल फोन से एक्स-रे की तस्वीर दिखाने के लिए कहा जाता है।

पार्टी ने मेडिकल कॉलेज की पार्किंग व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए और सीसीटीवी से लैस सुरक्षित पार्किंग की व्यवस्था किए जाने की मांग की।

डॉक्टरों की उपस्थिति और इमरजेंसी सेवाओं पर भी उठे सवाल

कांग्रेस नेताओं ने चिकित्सकों की उपस्थिति और ओपीडी संचालन को लेकर भी आरोप लगाए। उनका दावा है कि कुछ डॉक्टर नियमित रूप से अस्पताल नहीं आते और इमरजेंसी सेवाओं पर इसका असर पड़ रहा है। उन्होंने इंटर्न के भरोसे इमरजेंसी संचालित होने का भी आरोप लगाया।

पार्टी नेताओं ने डॉक्टरों की उपस्थिति से संबंधित बायोमेट्रिक रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि उपस्थिति और वेतन भुगतान के रिकॉर्ड का मिलान करने से वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।

कांग्रेस ने मेडिकल कॉलेज के प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए और नियमों के अनुपालन की जांच कराने की मांग की।

एक सप्ताह में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

जिला उपाध्यक्ष मौलाना वहीद ने जिलाधिकारी से मांग की कि कांग्रेस द्वारा उपलब्ध कराए गए GeM दस्तावेजों, समाचार पत्रों की कटिंग और अन्य सामग्री की जांच कराई जाए। उन्होंने मामले में उच्च स्तरीय विजिलेंस जांच कराने और जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।

कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगी। नेताओं ने कहा कि आगामी आंदोलन को सड़क से लेकर सदन तक ले जाने की रणनीति बनाई जाएगी।

प्रदर्शन में जिला कांग्रेस के पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें कोषाध्यक्ष वेदांत तिवारी, नगर अध्यक्ष मोहम्मद इश्तियाक, महेंद्र शुक्ला, रवि भूषण सिन्हा, मासूम हैदर, विजय प्रताप त्रिपाठी, इन्द्रानंद तिवारी, हरिश्चंद्र सरोज, सुनीता सिंह पटेल, अंजली उपाध्याय, शाहिदा खातून, भवानी शंकर दुबे, सुरेश कुमार सरोज, राजेंद्र वर्मा, बैजनाथ यादव, सुभाष तिवारी, उमेश तिवारी, डॉ. सर्वेश शुक्ला, डॉ. सतीश शुक्ल सहित अन्य पदाधिकारी और सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल रहे।

गौरतलब है कि कांग्रेस की ओर से लगाए गए सभी आरोपों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि इस विवरण में उपलब्ध नहीं है। इन आरोपों की वास्तविक स्थिति संबंधित विभागीय दस्तावेजों, प्रशासनिक जांच और सक्षम जांच एजेंसी की रिपोर्ट से ही स्पष्ट हो सकेगी।

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