बौध में कांटामाल विधानसभा स्तरीय विकास समिति की बैठक, जनसेवा को लेकर विधायक ने अधिकारियों को दिए निर्देश
सुदाम बाबू स्टेट ब्यूरो ओडिशा
हिट एंड हॉट न्यूज़
बौध, ओडिशा | 19 सितंबर 2026
बौध जिले में कांटामाल विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों और विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा को लेकर शनिवार को विधानसभा स्तरीय विकास समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक बौध जिला परिषद के पंचायत भवन में हुई, जिसमें कांटामाल के विधायक एवं जिला विकास परिषद के अध्यक्ष की अध्यक्षता में क्षेत्र से जुड़े विकास और जनकल्याण के विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विभिन्न विभागों के जिला एवं प्रखंड स्तर के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, बागवानी, मत्स्य पालन, पशु संसाधन, सामाजिक कल्याण, बाल संरक्षण, श्रम और सिंचाई सहित कई विभागों से संबंधित योजनाओं और कार्यक्रमों की स्थिति की जानकारी ली गई। अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन, पात्र लोगों के चयन तथा सरकारी सहायता के वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचने की स्थिति के बारे में भी जानकारी प्राप्त की गई।

बैठक की शुरुआत में विकास कार्यों के उद्देश्य पर चर्चा
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य विकास अधिकारी प्रभास चंद्र दंडसेना के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने बैठक के उद्देश्य और महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र लोगों तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है। उन्होंने जन शिकायतों के शीघ्र समाधान तथा प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक जनकेंद्रित बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
बैठक में इस बात पर विशेष चर्चा हुई कि सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक किस स्तर तक पहुंच रही है और पात्र नागरिकों को निर्धारित सहायता मिल रही है या नहीं। इसके साथ ही अधिकारियों से योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की स्थिति की जानकारी ली गई।
विधायक ने जनसेवा को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता
बैठक की अध्यक्षता कर रहे कांटामाल विधायक ने विभागीय अधिकारियों से कहा कि सरकारी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते समय आम जनता की समस्याओं और जरूरतों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से ईमानदारी, समर्पण और संवेदनशीलता के साथ काम करने का आह्वान किया।
विधायक ने कहा कि किसी भी सरकारी योजना की सफलता केवल कागजी प्रगति से निर्धारित नहीं होती, बल्कि इसका वास्तविक आकलन इस बात से होता है कि उसका लाभ जरूरतमंद नागरिकों तक कितनी प्रभावी तरीके से पहुंचा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित निगरानी करें और जहां भी कोई कमी सामने आए, उसे दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाएं।
उन्होंने निर्वाचित प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल को भी विकास की गति से जोड़ते हुए कहा कि दोनों पक्षों के बीच नियमित संवाद से स्थानीय समस्याओं की पहचान और उनके समाधान की प्रक्रिया अधिक प्रभावी हो सकती है।

प्रखंड और पंचायत स्तर पर सक्रिय रहने की सलाह
विधायक ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों से कहा कि वे केवल जिला स्तर की बैठकों तक सीमित न रहें, बल्कि प्रखंड और पंचायत स्तर पर आयोजित बैठकों में भी नियमित रूप से शामिल हों। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर जनता और जनप्रतिनिधियों से सीधे संवाद करने से वास्तविक समस्याओं की जानकारी समय रहते मिल सकती है।
उन्होंने अधिकारियों से निर्वाचित प्रतिनिधियों और आम नागरिकों की शिकायतों को गंभीरता से सुनने तथा उनके समाधान के लिए समयबद्ध कार्रवाई करने पर जोर दिया। साथ ही सरकारी योजनाओं को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता बताई गई।
बैठक में इस विषय पर भी चर्चा हुई कि कई बार पात्र लोग जानकारी के अभाव में सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते। ऐसे में विभागीय स्तर पर जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और उपलब्ध सरकारी सहायता के बारे में जानकारी देने की जरूरत है।
स्वास्थ्य से लेकर सिंचाई तक योजनाओं की समीक्षा
बैठक के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की अलग-अलग समीक्षा की गई। स्वास्थ्य क्षेत्र में उपलब्ध सेवाओं और योजनाओं की स्थिति पर चर्चा हुई, जबकि शिक्षा विभाग से संबंधित कार्यक्रमों और सुविधाओं की भी जानकारी ली गई।
कृषि एवं बागवानी से जुड़े कार्यक्रमों में किसानों और लाभार्थियों तक सहायता पहुंचने की स्थिति पर चर्चा की गई। मत्स्य पालन और पशु संसाधन विभाग की योजनाओं की प्रगति भी बैठक के एजेंडे में शामिल रही।
इसके अलावा सामाजिक कल्याण, बाल संरक्षण और श्रम विभाग से जुड़ी योजनाओं के बारे में भी अधिकारियों ने जानकारी प्रस्तुत की। सिंचाई से संबंधित कार्यों और प्रस्तावित गतिविधियों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की ओर से चल रही योजनाओं, जारी विकास कार्यों और भविष्य में प्रस्तावित गतिविधियों की जानकारी बैठक में रखी। इसके आधार पर क्षेत्र में योजनाओं की वास्तविक स्थिति और आगे की कार्ययोजना पर चर्चा हुई।
‘सेवा सप्ताह’ के माध्यम से मौके पर सेवाएं देने की पहल
बैठक के दौरान अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट अनिरुद्ध प्रधान ने ‘सेवा सप्ताह’ के आयोजन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 17 सितंबर से विभिन्न जन शिकायत सुनवाई कार्यक्रमों के दौरान सेवा सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है।
इस पहल के तहत विभिन्न विभागों से संबंधित आवश्यक सेवाएं और सुविधाएं पात्र लोगों को उनके स्तर पर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। इसका उद्देश्य लोगों को प्रशासनिक सेवाओं के लिए अनावश्यक परेशानी से बचाना और उनकी शिकायतों का तेजी से समाधान सुनिश्चित करना है।
अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि प्रशासन की कोशिश है कि आम नागरिकों को सरकारी सेवाओं तक आसानी से पहुंच मिले और पात्र लोगों को आवश्यक सुविधाओं के लिए लंबी प्रक्रिया का सामना न करना पड़े। जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण को इस पहल का प्रमुख हिस्सा बताया गया।
अधिकारियों ने प्रस्तुत की विभागवार रिपोर्ट
बैठक में उपस्थित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की योजनाओं और विकास कार्यों की स्थिति प्रस्तुत की। अधिकारियों ने वर्तमान में चल रहे कार्यों की प्रगति, लाभार्थियों से जुड़ी जानकारी तथा भविष्य में किए जाने वाले कार्यों के बारे में समिति को अवगत कराया।
योजनाओं के क्रियान्वयन के दौरान आने वाली चुनौतियों और स्थानीय स्तर पर सुधार की संभावनाओं पर भी विचार किया गया। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि विकास योजनाओं को प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच निरंतर समन्वय आवश्यक है।
जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के समन्वय पर जोर
बैठक का एक प्रमुख विषय कांटामाल विधानसभा क्षेत्र में विकास गतिविधियों को गति देने के लिए जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना रहा। स्थानीय समस्याओं को समय पर संबंधित विभाग तक पहुंचाने और उनके समाधान की दिशा में संयुक्त प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया गया।
विधायक ने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे जनता से जुड़े विषयों पर संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करें। वहीं अधिकारियों की ओर से भी विभिन्न योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने तथा विकास कार्यों को निर्धारित दिशा में आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
कुल मिलाकर कांटामाल विधानसभा स्तरीय विकास समिति की बैठक में क्षेत्र की विकास योजनाओं, सरकारी कल्याणकारी कार्यक्रमों और जन शिकायतों से जुड़े मुद्दों की व्यापक समीक्षा की गई। बैठक में इस बात पर जोर रहा कि प्रशासनिक व्यवस्था जनता के लिए अधिक सुलभ बने और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचे।
बैठक में अधिकारियों को दिए गए निर्देशों और विभागवार समीक्षा के बाद यह संदेश सामने आया कि कांटामाल क्षेत्र के विकास के लिए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ जमीनी स्तर पर प्रशासनिक समन्वय और जनसंपर्क को भी मजबूत करने की आवश्यकता है।