दिशा सालियान मामले में नया मोड़, पिता सतीश सालियान ने आदित्य ठाकरे को भेजा 500 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस
मुंबई | 19 सितंबर 2026
दिवंगत दिशा सालियान की मौत से जुड़े मामले ने एक बार फिर महाराष्ट्र की राजनीति और कानूनी हलकों में चर्चा तेज कर दी है। दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने शनिवार को शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे के खिलाफ 500 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा। नोटिस में कथित तौर पर सतीश सालियान की ओर से अपनी बेटी की मौत की नए सिरे से जांच की मांग को लेकर की गई टिप्पणियों पर आपत्ति जताई गई है।
सतीश सालियान अपने अधिवक्ता निलेश ओझा के साथ मुंबई स्थित मातोश्री पहुंचे, जहां नोटिस आदित्य ठाकरे की कानूनी टीम को सौंपा गया। रिपोर्टों के मुताबिक, आदित्य ठाकरे के वकील ने नोटिस को औपचारिक रूप से स्वीकार किया। इस दौरान मातोश्री के बाहर पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था भी की गई थी।

500 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग
मानहानि नोटिस में सतीश सालियान की ओर से 500 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की गई है। इसके साथ ही सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगने की मांग भी रखी गई है। उनके वकील निलेश ओझा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि माफी समाचार पत्रों और समाचार चैनलों के माध्यम से सार्वजनिक रूप से मांगी जानी चाहिए।
नोटिस का मुख्य आधार उन कथित सार्वजनिक टिप्पणियों को बताया गया है, जिनमें सतीश सालियान की ओर से दिशा की मौत की दोबारा जांच की मांग किए जाने को राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित बताए जाने पर आपत्ति की गई है। सतीश सालियान का पक्ष है कि अपनी बेटी के मामले में कानूनी जांच की मांग करना उनका अधिकार है और इस प्रयास की नीयत पर सवाल उठाने वाली टिप्पणियों से उनकी प्रतिष्ठा प्रभावित हुई।
मातोश्री पहुंचकर नोटिस देने का फैसला
शनिवार को सतीश सालियान और उनके वकील के मातोश्री पहुंचने से पहले ही इस घटनाक्रम को लेकर चर्चा शुरू हो गई थी। रिपोर्टों के अनुसार, सतीश सालियान ने व्यक्तिगत रूप से नोटिस पहुंचाने का फैसला किया। उनके वकील ने दावा किया कि कानूनी टीम पर कथित तौर पर दबाव और धमकी से जुड़ी परिस्थितियां सामने आई थीं, जिसके कारण वे स्वयं मातोश्री पहुंचे। इन धमकियों के संबंध में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि रिपोर्टों में नहीं हुई है।
मातोश्री के बाहर नोटिस सौंपे जाने के दौरान कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति की खबरें भी सामने आईं। हालांकि, बाद में आदित्य ठाकरे की कानूनी टीम ने नोटिस स्वीकार कर लिया। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान पुलिस की मौजूदगी भी बताई गई है।
दिशा सालियान मामला फिर चर्चा में क्यों?
दिशा सालियान की वर्ष 2020 में हुई मौत लंबे समय से सार्वजनिक चर्चा का विषय रही है। हाल के घटनाक्रमों के बाद यह मामला फिर कानूनी और राजनीतिक विमर्श के केंद्र में आ गया है। सतीश सालियान अपनी बेटी की मौत की नए सिरे से जांच की मांग करते रहे हैं। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई है।
इसी जांच और उससे संबंधित सार्वजनिक बयानों को लेकर अब मानहानि नोटिस सामने आया है। रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि इसी तरह का नोटिस महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को भी भेजा गया है।
आदित्य ठाकरे का क्या कहना है?
दूसरी ओर आदित्य ठाकरे ने दिशा सालियान से जुड़े आरोपों को खारिज किया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने दिशा सालियान को जानने या उनसे मुलाकात होने से इनकार किया है और अपने खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों को स्वीकार नहीं किया है।
इस तरह एक तरफ सतीश सालियान का पक्ष है, जो अपनी बेटी की मौत की जांच और अपने सम्मान से जुड़े सवालों को लेकर कानूनी रास्ता अपना रहा है, जबकि दूसरी ओर आदित्य ठाकरे आरोपों से इनकार कर रहे हैं। इसलिए इस पूरे विवाद में दोनों पक्षों के दावों को अलग-अलग देखना महत्वपूर्ण है।
मामला अब कानूनी प्रक्रिया की ओर
500 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस अपने आप में अदालत द्वारा दोष या देनदारी तय किए जाने का निर्णय नहीं है। यह किसी पक्ष की ओर से दूसरे पक्ष को भेजा गया कानूनी दावा है। यदि विवाद आगे न्यायिक प्रक्रिया में जाता है तो संबंधित अदालत उपलब्ध साक्ष्यों, दस्तावेजों और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर मामले पर विचार कर सकती है।
सतीश सालियान के वकील ने यह भी कहा है कि माफी और आर्थिक मुआवजे की मांग के बावजूद आपराधिक मानहानि से जुड़ी प्रस्तावित कानूनी कार्रवाई अलग से आगे बढ़ सकती है। इस संबंध में आगे की प्रक्रिया संबंधित कानूनी प्रावधानों और अदालत की कार्यवाही पर निर्भर करेगी।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच कानूनी लड़ाई
दिशा सालियान मामले का प्रभाव केवल कानूनी दायरे तक सीमित नहीं है। मामले को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में भी अलग-अलग नेताओं और दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं। यही वजह है कि सतीश सालियान की ओर से भेजा गया ताजा नोटिस राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है।
हालांकि, किसी भी व्यक्ति के खिलाफ लगाए गए आरोपों को अंतिम सत्य मानने के बजाय उन्हें संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया के संदर्भ में देखना जरूरी है। मानहानि के दावे में भी अदालत के समक्ष प्रस्तुत साक्ष्य और कानूनी तर्क महत्वपूर्ण होंगे।
आगे क्या हो सकता है?
अब मुख्य रूप से यह देखा जाएगा कि आदित्य ठाकरे की ओर से इस नोटिस का क्या कानूनी जवाब दिया जाता है। यदि दोनों पक्षों के बीच विवाद का समाधान नहीं होता है, तो मामला आगे न्यायालय तक पहुंच सकता है। दूसरी ओर दिशा सालियान की मौत से संबंधित जांच की प्रगति भी इस पूरे विवाद में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
फिलहाल 19 सितंबर 2026 को सामने आए घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सतीश सालियान ने आदित्य ठाकरे के खिलाफ 500 करोड़ रुपये के मानहानि दावे वाला नोटिस औपचारिक रूप से उनकी कानूनी टीम तक पहुंचा दिया है। नोटिस में सार्वजनिक माफी और आर्थिक मुआवजे की मांग की गई है, जबकि आदित्य ठाकरे पक्ष ने दिशा सालियान से जुड़े आरोपों को नकारा है।
आने वाले दिनों में इस नोटिस का जवाब, संभावित न्यायिक कार्रवाई और दिशा सालियान मामले में जांच की प्रगति इस पूरे घटनाक्रम की दिशा तय करने वाले प्रमुख पहलू होंगे।