बौध के भरुआ गांव में आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, 21.2 किलो गांजा बरामद; एक गिरफ्तार
सुदाम बाबू स्टेट ब्यूरो ओडिशा
हिट एंड हॉट न्यूज़
बौध, ओडिशा | 19 सितंबर 2026
ओडिशा के बौध जिले में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार और तस्करी के खिलाफ आबकारी विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी अभियान के तहत शनिवार सुबह आबकारी विभाग की टीम ने मनमुंडा थाना क्षेत्र के भरुआ गांव में छापेमारी कर बड़ी मात्रा में गांजा बरामद किया। कार्रवाई के दौरान टीम ने कुल 21.2 किलोग्राम गांजा जब्त किया और मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की पहचान गजारा भैना के रूप में बताई गई है।
आबकारी विभाग की इस कार्रवाई को जिले में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विभाग की टीम को क्षेत्र में मादक पदार्थों की गतिविधियों से संबंधित जानकारी मिलने के बाद कार्रवाई की गई। इसके बाद अधिकारियों ने योजनाबद्ध तरीके से भरुआ गांव में अभियान चलाया और संदिग्ध गतिविधियों की जांच की।

सुबह के समय हुई छापेमारी
जानकारी के अनुसार, भरुआ गांव में यह कार्रवाई शनिवार सुबह की गई। अभियान का नेतृत्व बौध आबकारी रेंज के इंस्पेक्टर दिलीप कुमार सतपथी ने किया। छापेमारी में बौध, सदर और मनमुंडा क्षेत्र के आबकारी कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया।
अभियान के दौरान आबकारी टीम ने तलाशी अभियान चलाया। इसी क्रम में अधिकारियों को गांजा बरामद हुआ। विभाग ने बरामद मादक पदार्थ को जब्त करने के साथ ही आरोपी को हिरासत में ले लिया। प्रारंभिक कार्रवाई पूरी करने के बाद मामले को कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाया गया।
21.2 किलो गांजा किया गया जब्त
आबकारी विभाग के अनुसार, छापेमारी के दौरान कुल 21.2 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। इतनी मात्रा में मादक पदार्थ मिलने के बाद विभाग ने इसे गंभीर मामला मानते हुए आरोपी के खिलाफ संबंधित कानून के तहत कार्रवाई शुरू की।
गांजे की बरामदगी के बाद आबकारी विभाग ने जब्त सामग्री को नियमानुसार अपने कब्जे में लिया। इसके साथ ही आरोपी से जुड़े मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य जिले में गांजे की अवैध बिक्री, भंडारण और परिवहन जैसी गतिविधियों पर रोक लगाना है।
एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज हुआ मामला
बरामदगी के संबंध में बौध आबकारी रेंज में मामला दर्ज किया गया है। विभाग ने यह कार्रवाई एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत की है। मामले को पीआर नंबर 35/2026-27, दिनांक 19 सितंबर 2026 के रूप में दर्ज किया गया है।
मामला दर्ज होने के बाद आरोपी को शनिवार को कांतामाल स्थित माननीय एडीजे कोर्ट में पेश किया गया। आगे की कार्रवाई संबंधित न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी।
कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने संभाला अभियान
भरुआ गांव में हुई इस कार्रवाई में आबकारी विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे। अभियान का नेतृत्व आबकारी इंस्पेक्टर दिलीप कुमार सतपथी ने किया। उनके साथ आबकारी सब-इंस्पेक्टर जी. कामेश्वर सहित विभाग के अन्य कर्मचारियों ने अभियान में भाग लिया।
कार्रवाई में परमेश्वर सुना, निरंजन मल्लिक, कैलाश चंद्र साहू, लोकनाथ भोई और विजय कुमार बाघ समेत अन्य आबकारी कर्मियों की भूमिका रही। आबकारी कांस्टेबल सुकेसिनी कुजुर भी अभियान का हिस्सा रहीं।
संयुक्त टीम की मौजूदगी में की गई कार्रवाई के दौरान तलाशी और जब्ती की प्रक्रिया पूरी की गई। विभाग की ओर से बरामद मादक पदार्थ को लेकर आवश्यक दस्तावेजी कार्रवाई भी की गई।
जिले में लगातार बढ़ाई जा रही निगरानी
बौध जिले में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार को रोकने के लिए आबकारी विभाग की ओर से समय-समय पर छापेमारी अभियान चलाए जाते रहे हैं। विभाग का मानना है कि अवैध नशीले पदार्थों के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए केवल एक स्थान पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। इसके लिए संदिग्ध क्षेत्रों में लगातार निगरानी और सूचना के आधार पर अभियान चलाना जरूरी है।
भरुआ गांव की ताजा कार्रवाई भी इसी व्यापक अभियान का हिस्सा बताई जा रही है। विभाग की टीम अवैध रूप से मादक पदार्थों के भंडारण और परिवहन से जुड़े मामलों की जानकारी जुटाने के साथ-साथ संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही है।
अवैध कारोबार पर सख्ती का संदेश
21.2 किलोग्राम गांजा बरामद होने के बाद आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार को लेकर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। विभाग की ओर से आने वाले दिनों में छापेमारी और निगरानी अभियान को और तेज करने की बात कही गई है।
अधिकारियों के अनुसार, अवैध रूप से मादक पदार्थों की बिक्री और परिवहन को रोकने के लिए संबंधित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जाएगी। सूचना मिलने पर कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी और दोषियों के खिलाफ निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कदम उठाए जाएंगे।
नशे के अवैध नेटवर्क पर नजर
बौध जैसे क्षेत्रों में गांजा और अन्य मादक पदार्थों से जुड़े अवैध कारोबार पर नियंत्रण प्रशासन और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण चुनौती है। ऐसे मामलों में बरामदगी के साथ-साथ यह पता लगाना भी महत्वपूर्ण होता है कि मादक पदार्थ कहां से आया और इसे आगे कहां पहुंचाया जाना था। हालांकि, इस मामले में इन पहलुओं से संबंधित अंतिम जानकारी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।
भरुआ गांव में हुई कार्रवाई से यह भी संकेत मिलता है कि आबकारी विभाग स्थानीय स्तर पर मिलने वाली सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई को प्राथमिकता दे रहा है। विभाग द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाए जाने से अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण की कोशिश की जा रही है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
शनिवार की कार्रवाई के बाद आबकारी विभाग ने संकेत दिया है कि बौध जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा। विभाग की प्राथमिकता अवैध रूप से नशीले पदार्थों के भंडारण, बिक्री और परिवहन पर रोक लगाना है।
भरुआ गांव में 21.2 किलोग्राम गांजा बरामदगी और एक व्यक्ति की गिरफ्तारी के बाद अब मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। आरोपी को अदालत में पेश किया जा चुका है और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच संबंधित विभाग द्वारा की जा रही है।
आबकारी विभाग की यह कार्रवाई बौध जिले में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। विभाग ने निगरानी और छापेमारी को आगे भी जारी रखने की बात कही है। अब जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों से यह स्पष्ट होगा कि जब्त गांजे से जुड़े मामले में आगे कौन-कौन से तथ्य सामने आते हैं।