बहराइच: खेत की रखवाली कर रहे 60 वर्षीय बुजुर्ग की नहर में डूबने से मौत, परिवार में मचा कोहराम
कमलेश कुमार
हिट एंड हॉट न्यूज़ संवाददाता बहराइच
चफरिया, बहराइच। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के चफरिया ग्राम सभा अंतर्गत मोहकम पुरवा गांव में शनिवार दोपहर एक दुखद हादसा हो गया। अपने खेत की रखवाली कर रहे 60 वर्षीय बुजुर्ग नान्हु पुत्र पराग की नहर में डूबने से मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। वहीं, परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। सूचना पर सुजौली पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की।

खेत की रखवाली के दौरान हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मोहकम पुरवा गांव निवासी नान्हु पुत्र पराग शनिवार को अपने खेत की निगरानी कर रहे थे। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान अक्सर अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए खेतों पर समय बिताते हैं। इसी क्रम में नान्हु भी अपने खेत की रखवाली करने पहुंचे थे। दोपहर के समय करीब तीन बजे उनके साथ एक ऐसी घटना हुई, जिसने परिवार और पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया।
बताया गया है कि खेत की रखवाली करते समय वह सरयू नहर से निकली एक नहर में गिर गए। उस समय आसपास कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जो उन्हें तत्काल सहायता उपलब्ध करा पाता। आसपास लोगों की गैरमौजूदगी के कारण उन्हें समय पर मदद नहीं मिल सकी। पानी में डूबने के कारण उनकी जान चली गई।
हालांकि, नान्हु नहर में किन परिस्थितियों में गिरे, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। घटना के संबंध में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वह खेत की निगरानी कर रहे थे और इसी दौरान यह हादसा हुआ। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
घटना की जानकारी मिलने के बाद सुजौली थाना पुलिस सक्रिय हुई और घटनास्थल पर पहुंचकर आवश्यक निरीक्षण किया। पुलिस ने हादसे से संबंधित परिस्थितियों की जानकारी जुटाई। इसके बाद मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया, ताकि मौत के संबंध में आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी की जा सके।
ऐसे मामलों में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया घटना से जुड़ी परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि करने में महत्वपूर्ण होती है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, नान्हु की मौत नहर में डूबने से हुई है। हादसे के पीछे किसी अन्य कारण की पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई के बाद मामले से जुड़ी औपचारिक प्रक्रियाएं आगे बढ़ाई गईं। घटना के संबंध में विस्तृत जांच या किसी अन्य कार्रवाई को लेकर अतिरिक्त जानकारी सामने आने पर ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
नान्हु की अचानक हुई मौत से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जिस व्यक्ति के साथ परिवार के सदस्यों की रोजमर्रा की जिंदगी जुड़ी हुई थी, उसके अचानक चले जाने से घर में मातम छा गया। हादसे की खबर मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई।
परिवार के लिए यह घटना किसी बड़े सदमे से कम नहीं है। खेत की रखवाली करने के लिए घर से निकले नान्हु के वापस न लौटने की खबर ने सभी को झकझोर दिया। परिवार के सदस्य इस दुखद घटना से उबर नहीं पा रहे हैं। गांव के लोग भी इस घटना को लेकर दुखी हैं और पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।
ग्रामीण जीवन में परिवार के बुजुर्गों की भूमिका केवल घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि वे अनुभव और मार्गदर्शन का महत्वपूर्ण आधार भी होते हैं। ऐसे में किसी बुजुर्ग सदस्य का अचानक निधन पूरे परिवार के लिए भावनात्मक रूप से बेहद कठिन परिस्थिति पैदा कर देता है।
गांव में शोक का माहौल
मोहकम पुरवा गांव में हादसे की जानकारी फैलते ही लोगों के बीच दुख का माहौल बन गया। स्थानीय ग्रामीणों के लिए भी यह घटना चिंता का विषय है। खेतों में काम करने वाले किसान और ग्रामीण अक्सर नहरों, जल निकासी के रास्तों तथा अन्य जलस्रोतों के आसपास समय बिताते हैं। ऐसे स्थानों पर सावधानी की कमी या अचानक पैर फिसलने जैसी परिस्थितियां गंभीर हादसे का कारण बन सकती हैं।
हालांकि, नान्हु के नहर में गिरने की वास्तविक वजह के संबंध में अभी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए हादसे के कारण को लेकर किसी तरह का अनुमान लगाना उचित नहीं होगा। फिलहाल यह स्पष्ट है कि खेत की रखवाली के दौरान वह नहर में गिर गए और डूबने से उनकी मौत हो गई।
घटना ने ग्रामीण इलाकों में जलस्रोतों के आसपास सुरक्षा और सतर्कता की आवश्यकता को भी रेखांकित किया है। विशेषकर खेतों के पास से गुजरने वाली नहरों के किनारों पर पर्याप्त सावधानी बरतना जरूरी है।
नहरों के आसपास सतर्कता बरतना जरूरी
ग्रामीण क्षेत्रों में नहरें सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण साधन हैं। इनसे किसानों को फसलों की सिंचाई में सहायता मिलती है, लेकिन इनके आसपास काम करते समय सावधानी बरतना भी उतना ही आवश्यक है। कई स्थानों पर नहरों के किनारे फिसलन, असमान जमीन या पानी की गहराई का सही अंदाजा न लग पाने जैसी परिस्थितियां जोखिम बढ़ा सकती हैं।
खेतों में अकेले काम करने वाले लोगों के लिए अतिरिक्त सतर्कता जरूरी होती है। नहर के बिल्कुल किनारे जाने से बचना, फिसलन वाले स्थानों पर सावधानी से चलना और संभव होने पर परिवार या आसपास के लोगों को अपनी मौजूदगी की जानकारी देना उपयोगी कदम हो सकते हैं।
यदि किसी खेत के पास नहर या अन्य जलस्रोत है, तो वहां आने-जाने के सुरक्षित रास्ते की पहचान करना भी जरूरी है। स्थानीय स्तर पर ऐसे स्थानों की पहचान कर सुरक्षा संबंधी जागरूकता बढ़ाने से दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।
यह भी महत्वपूर्ण है कि किसी व्यक्ति के पानी में गिरने की स्थिति में बिना आवश्यक सावधानी के गहरे पानी में उतरने से बचा जाए। तत्काल पुलिस, स्थानीय आपातकालीन सेवाओं या प्रशिक्षित बचावकर्मियों की मदद लेना सुरक्षित विकल्प हो सकता है।
पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव
हादसे के बाद सुजौली पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अब इस प्रक्रिया के माध्यम से मौत के संबंध में आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। घटना की परिस्थितियों के बारे में उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
इस दुखद घटना ने एक बार फिर यह दिखाया है कि रोजमर्रा के कृषि कार्यों के दौरान भी अप्रत्याशित दुर्घटनाएं गंभीर परिणाम पैदा कर सकती हैं। खेत की रखवाली करने गए नान्हु की मौत से परिवार ने अपना एक महत्वपूर्ण सदस्य खो दिया है।
फिलहाल मोहकम पुरवा गांव में शोक का माहौल है। परिजन इस अपूरणीय क्षति से दुखी हैं, जबकि ग्रामीण उनके परिवार के प्रति संवेदना जता रहे हैं।
निष्कर्ष: बहराइच जिले के चफरिया ग्राम सभा के मोहकम पुरवा गांव में शनिवार दोपहर करीब तीन बजे खेत की रखवाली कर रहे 60 वर्षीय नान्हु पुत्र पराग की नहर में डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद सुजौली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस हादसे से परिवार में कोहराम मचा हुआ है और पूरे गांव में शोक व्याप्त है।