संचारी रोगों की रोकथाम के लिए स्वच्छता और जागरूकता पर जोर, एसडीएम ने दिए अभियान को प्रभावी बनाने के निर्देश
अरुण कुमार मिश्रा
हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन
कोंच, 25 सितंबर। आगामी अक्टूबर माह में प्रस्तावित विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान और दस्तक अभियान को सफल बनाने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में गुरुवार को उपजिलाधिकारी (एसडीएम) अभिनव कुमार की अध्यक्षता में संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में संचारी रोगों की रोकथाम, स्वच्छता व्यवस्था, लोगों को जागरूक करने और घर-घर जाकर संभावित रोगियों की पहचान करने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

एसडीएम अभिनव कुमार ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अभियान के दौरान साफ-सफाई को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि बरसात के बाद जगह-जगह पानी जमा होने तथा गंदगी के कारण मच्छरजनित और अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित सफाई, जलभराव की समस्या का समाधान तथा लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के प्रति जागरूक करना बेहद जरूरी है।
अक्टूबर में चलेगा विशेष अभियान
बैठक में बताया गया कि उत्तर प्रदेश में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक संचालित किया जाएगा। इसके साथ ही दस्तक अभियान 12 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक चलाया जाएगा। अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग के साथ विभिन्न विभाग मिलकर लोगों तक बीमारी से बचाव संबंधी जानकारी पहुंचाएंगे।
अभियान का उद्देश्य डेंगू, मलेरिया, चिकुनगुनिया, फाइलेरिया और दिमागी बुखार समेत अन्य संचारी रोगों के प्रति लोगों को सतर्क करना और इनके संक्रमण को रोकने के लिए समय रहते जरूरी कदम उठाना है। प्रशासन की ओर से विभागीय अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में अभियान की गतिविधियों को बेहतर ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।
घर-घर पहुंचेंगे स्वास्थ्य कार्यकर्ता
दस्तक अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग के कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करेंगे। इस दौरान बुखार से पीड़ित लोगों की जानकारी जुटाने के साथ-साथ टीबी के संभावित लक्षणों और कुपोषित बच्चों की पहचान पर भी ध्यान दिया जाएगा। संदिग्ध मामलों की जानकारी मिलने पर संबंधित व्यक्ति को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
एसडीएम ने कहा कि घर-घर संपर्क अभियान केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए। स्वास्थ्य कर्मियों को लोगों से संवाद करते हुए बीमारी के लक्षण, बचाव के उपाय और समय पर उपचार लेने के महत्व की जानकारी देनी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से अभियान के दौरान प्राप्त होने वाली सूचनाओं पर समय से कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
स्वच्छता व्यवस्था को लेकर विशेष निर्देश
संचारी रोगों की रोकथाम में स्वच्छता की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए एसडीएम ने संबंधित विभागों को सफाई व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर पानी जमा होता है, वहां नियमित निरीक्षण किया जाए और जलभराव को समाप्त कराने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नालियों की सफाई, कूड़े के उचित निस्तारण और आसपास के क्षेत्रों को साफ रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए। लोगों को भी अपने घरों और आसपास पानी जमा न होने देने के लिए प्रेरित किया जाए। मच्छरों के प्रजनन की संभावित जगहों की पहचान कर उन्हें समाप्त करने पर भी ध्यान देने को कहा गया।
जागरूकता को बनाया जाए अभियान का आधार
एसडीएम ने कहा कि किसी भी बीमारी की रोकथाम केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए आम लोगों की भागीदारी भी आवश्यक है। इसलिए अभियान के दौरान जागरूकता कार्यक्रमों को प्रभावी तरीके से संचालित किया जाए। स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और सार्वजनिक स्थानों के माध्यम से लोगों को स्वच्छता तथा स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों की जानकारी दी जा सकती है।
उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों को समझाया जाए कि बुखार या बीमारी के अन्य लक्षण दिखाई देने पर स्वयं उपचार करने के बजाय नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सकीय सलाह लें। समय पर बीमारी की पहचान और उपचार से गंभीर स्थिति से बचने में मदद मिल सकती है।
विभागों के बीच समन्वय पर जोर
बैठक में अभियान को सफल बनाने के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। एसडीएम ने कहा कि संचारी रोग नियंत्रण अभियान कई विभागों से जुड़ा हुआ है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग के साथ स्थानीय प्रशासन, बाल विकास विभाग, सफाई व्यवस्था से जुड़े कर्मचारी और अन्य संबंधित विभाग आपसी तालमेल के साथ कार्य करें।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान की गतिविधियों की नियमित समीक्षा की जाए और जहां किसी प्रकार की कमी दिखाई दे, वहां तत्काल सुधार किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभियान को प्रभावी बनाने के लिए सभी अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करें।
बीमारी के प्रति लापरवाही से बचने की अपील
बैठक के दौरान अधिकारियों ने लोगों से भी अपील की कि वे संचारी रोगों से बचाव के लिए अपने स्तर पर सावधानी बरतें। घर के आसपास अनावश्यक रूप से पानी जमा न होने दें, साफ-सफाई बनाए रखें और मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाएं। बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई गई।
प्रशासन का प्रयास है कि अभियान के दौरान अधिक से अधिक लोगों तक स्वास्थ्य संबंधी संदेश पहुंचाया जाए और संभावित रोगियों की समय रहते पहचान की जा सके। इसके लिए स्वास्थ्य कर्मियों को क्षेत्रवार जिम्मेदारियां सौंपकर अभियान की निगरानी की जाएगी।
बैठक में डॉ. अनिल शाक्य, प्रभारी सीडीपीओ चंद्रप्रभा खरे, सीमा निरंजन, फाइलेरिया इंस्पेक्टर अमर सिंह, सुरजीत सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। सभी से अभियान की तैयारियों को समय से पूरा करने तथा निर्धारित अवधि में अभियान की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने की अपेक्षा की गई।
एसडीएम अभिनव कुमार ने अंत में कहा कि संचारी रोगों की रोकथाम में स्वच्छ वातावरण, सतर्कता और जनजागरूकता सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। यदि प्रशासन और आम जनता मिलकर प्रयास करें तो बीमारियों के प्रसार को रोकने में काफी मदद मिल सकती है। इसी उद्देश्य से अक्टूबर में चलने वाले विशेष अभियान और दस्तक अभियान को पूरी गंभीरता के साथ संचालित करने के निर्देश दिए गए।