मिशन शक्ति के तहत कालपी के धार्मिक स्थलों पर बहू-बेटी सम्मेलन, महिलाओं को सुरक्षा और अधिकारों के प्रति किया जागरूक
अरुण कुमार मिश्रा
हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन
महिला पुलिस टीम ने मां बनखंडी धाम और पचपिंडा देवी मंदिर में चलाया जागरूकता अभियान, हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देकर समस्याओं के समाधान का दिया भरोसा

कालपी (जालौन)। त्योहारों के दौरान महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से कालपी कोतवाली पुलिस ने मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। नगर के प्रसिद्ध मां बनखंडी धाम और पचपिंडा देवी मंदिर परिसर में बहू-बेटी सम्मेलन के माध्यम से महिलाओं को सुरक्षा संबंधी कानूनों, सरकारी योजनाओं और आपातकालीन सहायता सेवाओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में पुलिस टीम ने महिलाओं की समस्याएं सुनते हुए उनके निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
यह पहल महिलाओं में सुरक्षा का विश्वास मजबूत करने, सामाजिक समस्याओं पर खुलकर बातचीत करने और जरूरत पड़ने पर पुलिस की सहायता लेने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से की गई। धार्मिक स्थलों पर आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं और बालिकाओं को बताया गया कि किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर चुप रहने के बजाय संबंधित अधिकारियों को जानकारी देना जरूरी है।
धार्मिक स्थलों पर आयोजित हुआ जागरूकता कार्यक्रम
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अजय ब्रह्म तिवारी के निर्देशानुसार मिशन शक्ति प्रभारी महिला उपनिरीक्षक ममतेश कुमारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मां बनखंडी धाम तथा पचपिंडा देवी मंदिर में महिलाओं से संवाद किया। त्योहारों को ध्यान में रखते हुए आयोजित इस कार्यक्रम में महिला सुरक्षा को प्रमुखता दी गई।
पुलिसकर्मियों ने उपस्थित महिलाओं और बालिकाओं को समझाया कि उनकी सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए विभिन्न कानूनी प्रावधान तथा सहायता सेवाएं उपलब्ध हैं। किसी भी तरह की परेशानी का सामना करने पर वे संबंधित हेल्पलाइन का उपयोग कर सकती हैं। इसके साथ ही उन्हें यह भी बताया गया कि समय रहते शिकायत करने से समस्या के समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं।
सम्मेलन का उद्देश्य केवल जानकारी देना ही नहीं, बल्कि पुलिस और आम नागरिकों के बीच संवाद को मजबूत बनाना भी रहा। महिला पुलिसकर्मियों ने महिलाओं से बातचीत करते हुए उनकी परेशानियों को गंभीरता से सुना और उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
महिला हेल्पलाइन और आपातकालीन सेवाओं की दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों के बारे में विस्तार से बताया गया, ताकि जरूरत पड़ने पर वे बिना देर किए सहायता प्राप्त कर सकें। महिला पुलिसकर्मियों ने 1090 महिला हेल्पलाइन, 112 आपातकालीन सेवा, 181 महिला हेल्पलाइन तथा 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन की जानकारी साझा की।
पुलिस टीम ने बताया कि आपातकालीन परिस्थिति में सहायता प्राप्त करने के लिए सही हेल्पलाइन की जानकारी होना बेहद महत्वपूर्ण है। महिलाओं और बालिकाओं को इन नंबरों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। साथ ही उन्हें सलाह दी गई कि किसी गंभीर समस्या या असुरक्षित स्थिति का सामना करने पर विश्वसनीय परिजनों और संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दें।
महिला पुलिसकर्मियों ने स्पष्ट किया कि सहायता मांगने में संकोच नहीं करना चाहिए। सुरक्षा से जुड़ी समस्या को नजरअंदाज करने के बजाय उचित माध्यम से शिकायत करना जरूरी है। जागरूकता के जरिए महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ अपने अधिकारों का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया गया।
साइबर अपराध और घरेलू हिंसा से बचाव पर जोर
सम्मेलन में महिलाओं को वर्तमान समय में सामने आ रही विभिन्न सामाजिक और डिजिटल चुनौतियों के बारे में भी जागरूक किया गया। महिला कांस्टेबल सोनी गौतम, नेहा पटेल, गीतांजलि और निधि सहित पुलिस टीम की अन्य महिला कर्मियों ने पंपलेट वितरित कर महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।
पुलिसकर्मियों ने साइबर अपराध के प्रति सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि मोबाइल फोन और इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतना आवश्यक है। किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी अथवा अन्य निजी विवरण साझा नहीं करने की सलाह दी गई। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने और अनजान लोगों के कहने पर डिजिटल भुगतान करने से भी बचने के लिए कहा गया।
इसके अलावा घरेलू हिंसा, छेड़छाड़, दहेज उत्पीड़न तथा महिलाओं के साथ होने वाले अन्य अपराधों के संबंध में जानकारी दी गई। महिला पुलिस टीम ने बताया कि किसी महिला को यदि उसके अधिकारों से वंचित किया जाता है या उसके साथ दुर्व्यवहार होता है, तो वह उचित कानूनी सहायता प्राप्त करने के लिए संबंधित विभाग से संपर्क कर सकती है।
पंपलेट के माध्यम से दी गई जानकारी का उद्देश्य महिलाओं तक सुरक्षा संबंधी संदेश पहुंचाना और उन्हें उपलब्ध सहायता संसाधनों से परिचित कराना रहा।
महिलाओं की समस्याएं सुनकर दिया समाधान का भरोसा
बहू-बेटी सम्मेलन के दौरान मौजूद महिलाओं और बालिकाओं को अपनी समस्याएं रखने का अवसर दिया गया। पुलिस टीम ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया।
महिला पुलिसकर्मियों ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता आवश्यक है। किसी भी शिकायत को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। पीड़ित महिला को उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के साथ ही नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को यह संदेश भी दिया गया कि वे अपने आसपास होने वाली किसी संदिग्ध गतिविधि या महिला सुरक्षा से जुड़ी समस्या की जानकारी पुलिस तक पहुंचाएं। समाज में सुरक्षित वातावरण तैयार करने के लिए प्रशासन के साथ-साथ नागरिकों की सहभागिता भी महत्वपूर्ण है।
पुलिस टीम ने महिलाओं को जागरूक करते हुए कहा कि अपने अधिकारों की जानकारी रखना और जरूरत के समय सहायता मांगना उनकी सुरक्षा की दिशा में अहम कदम है।
मिशन शक्ति अभियान से मजबूत होगा सुरक्षा का विश्वास
मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने, उन्हें अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने तथा विभिन्न सरकारी सहायता सेवाओं तक उनकी पहुंच आसान करने पर केंद्रित है। ऐसे कार्यक्रमों के जरिए पुलिस आम लोगों के बीच पहुंचकर सुरक्षा संबंधी जानकारी साझा करती है।
कालपी में धार्मिक स्थलों पर आयोजित बहू-बेटी सम्मेलन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास रहा। धार्मिक स्थलों पर महिलाओं से सीधे संवाद करने के माध्यम से पुलिस ने सुरक्षा, सम्मान और जागरूकता का संदेश पहुंचाया। इस तरह के आयोजनों से महिलाओं को अपनी समस्याएं साझा करने और सहायता के उपलब्ध विकल्पों को समझने का अवसर मिलता है।
मिशन शक्ति प्रभारी महिला उपनिरीक्षक ममतेश कुमारी ने बताया कि पुलिस विभाग की ओर से महिलाओं के हित में जागरूकता कार्यक्रम आगे भी आयोजित किए जाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा संबंधी जानकारी उपलब्ध कराना तथा उनकी समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक मार्गदर्शन देना अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए जागरूकता जरूरी
महिलाओं की सुरक्षा केवल कानून और प्रशासन की जिम्मेदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज में जागरूकता, सहयोग और संवेदनशीलता का वातावरण भी आवश्यक है। महिलाओं को अपने कानूनी अधिकारों, सरकारी योजनाओं और सहायता सेवाओं की जानकारी होने से वे कठिन परिस्थितियों में सही निर्णय लेने में सक्षम हो सकती हैं।
कालपी के मां बनखंडी धाम और पचपिंडा देवी मंदिर में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से पुलिस ने यही संदेश देने का प्रयास किया कि महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और उन्हें न्याय तथा सहायता प्राप्त करने के लिए उचित मंच उपलब्ध होना चाहिए।
पुलिस प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे ऐसे जागरूकता कार्यक्रम महिलाओं और बालिकाओं में सुरक्षा के प्रति विश्वास बढ़ाने के साथ-साथ समाज को महिला सम्मान और अधिकारों के प्रति संवेदनशील बनाने में भी सहायक हो सकते हैं। मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत आगे भी इस प्रकार की गतिविधियों के जरिए महिलाओं तक जरूरी जानकारी पहुंचाने और उन्हें जागरूक बनाने पर जोर दिया जाएगा।