कांग्रेस-सपा को केशव मौर्य ने बताया ‘प्राइवेट लिमिटेड पार्टी’, राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर साधा निशाना

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अरुण कुमार मिश्रा

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन

उरई, जालौन। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुधवार को जालौन जिले के उरई में आयोजित प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन के दौरान कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने दोनों दलों को परिवारवाद की राजनीति करने वाली पार्टियां बताते हुए राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर निशाना साधा। अपने संबोधन में डिप्टी सीएम ने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की राजनीति परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है। उन्होंने विपक्षी नेताओं की राजनीतिक पृष्ठभूमि पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि पारिवारिक विरासत के सहारे ही उन्हें राजनीति में आगे बढ़ने का अवसर मिला है।

राजकीय मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम में आयोजित इस सम्मेलन में उपमुख्यमंत्री ने भाजपा के स्नातक एमएलसी प्रत्याशी अशोक राठौर के समर्थन में मतदाताओं से वोट देने की अपील की। उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से चुनाव को गंभीरता से लेते हुए पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरने का आह्वान किया। सम्मेलन में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के बीच राजनीतिक बयानबाजी के साथ चुनावी तैयारियों पर भी जोर दिया गया।

परिवारवाद को लेकर विपक्ष पर हमलावर दिखे डिप्टी सीएम

केशव प्रसाद मौर्य ने अपने भाषण में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने दोनों दलों को ‘प्राइवेट लिमिटेड पार्टी’ की संज्ञा देते हुए आरोप लगाया कि इन पार्टियों में परिवार का प्रभाव सबसे अधिक दिखाई देता है। राहुल गांधी और अखिलेश यादव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं को राजनीतिक विरासत का लाभ मिला है।

उपमुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि अगर इन नेताओं को परिवार से राजनीतिक आधार नहीं मिला होता, तो उनके लिए सांसद बनना तो दूर, पार्षद तक बन पाना मुश्किल होता। यह टिप्पणी करते हुए उन्होंने विपक्ष की राजनीति को परिवारवाद से जोड़ने की कोशिश की और भाजपा को इसके मुकाबले एक अलग राजनीतिक संगठन के रूप में प्रस्तुत किया।

उनके इस बयान का मुख्य उद्देश्य विपक्षी दलों पर राजनीतिक अवसरों और नेतृत्व को लेकर सवाल उठाना रहा। भाजपा की ओर से लंबे समय से परिवारवाद को राजनीतिक बहस का मुद्दा बनाया जाता रहा है। उरई के इस सम्मेलन में भी डिप्टी सीएम ने इसी विषय को अपने संबोधन का प्रमुख आधार बनाया।

हालांकि, राहुल गांधी और अखिलेश यादव की राजनीतिक भूमिका तथा उनके दलों की कार्यप्रणाली को लेकर दोनों पक्षों की अपनी-अपनी राजनीतिक दलीलें हैं। ऐसे में केशव प्रसाद मौर्य की टिप्पणियों को उनके राजनीतिक संबोधन और विपक्ष के प्रति भाजपा के रुख के संदर्भ में देखा जा रहा है।

हेलीकॉप्टर से उरई पहुंचे उपमुख्यमंत्री

जालौन जिले के दौरे पर आए केशव प्रसाद मौर्य हेलीकॉप्टर से उरई स्थित पुलिस लाइन पहुंचे। यहां पहुंचने के बाद उनका कार्यक्रम निर्धारित समय के अनुसार आगे बढ़ा। पुलिस लाइन से वह सीधे सर्किट हाउस गए, जहां उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक की और विभिन्न विषयों पर चर्चा की।

प्रशासनिक बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री भाजपा के एक निजी कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने पार्टी के स्थानीय पदाधिकारियों के साथ संगठनात्मक गतिविधियों और राजनीतिक कार्यक्रमों से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया।

बैठक में भाजपा जिलाध्यक्ष उर्विजा दीक्षित, जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम अनुरागी, विधायक गौरीशंकर वर्मा और मूलचंद्र निरंजन सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। स्थानीय स्तर पर संगठन की भूमिका और चुनावी गतिविधियों को लेकर पार्टी नेताओं के साथ चर्चा के बाद डिप्टी सीएम राजकीय मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम पहुंचे।

यहीं प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में भाजपा के नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उपमुख्यमंत्री का स्वागत किया। सम्मेलन को पार्टी के लिए जनसंपर्क और चुनावी संवाद के महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखा गया।

अशोक राठौर के समर्थन में मांगे वोट

सम्मेलन के दौरान केशव प्रसाद मौर्य ने स्नातक एमएलसी प्रत्याशी अशोक राठौर के समर्थन में मतदाताओं से मतदान करने की अपील की। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को चुनावी अभियान में सक्रिय रहने और प्रत्याशी के पक्ष में माहौल बनाने के लिए जनता के बीच पहुंचने का संदेश दिया।

डिप्टी सीएम ने कार्यकर्ताओं से कहा कि चुनाव में सफलता हासिल करने के लिए संगठन की सक्रियता और जनसंपर्क महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए मतदाताओं तक पहुंचना चाहिए और भाजपा की नीतियों तथा कार्यक्रमों की जानकारी देनी चाहिए।

उन्होंने सम्मेलन में मौजूद कार्यकर्ताओं से चुनावी तैयारियों को गति देने का आह्वान किया। भाजपा की ओर से प्रत्याशी को मजबूत बनाने के लिए संगठनात्मक प्रयासों पर जोर दिया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से पार्टी ने स्नातक एमएलसी चुनाव को लेकर अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं को एकजुट करने का प्रयास किया।

गौरतलब है कि स्नातक एमएलसी चुनाव में संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के पात्र मतदाताओं की भूमिका अहम होती है। इसलिए प्रत्याशी के समर्थन में जनसंपर्क, मतदाताओं से संवाद और संगठनात्मक समन्वय जैसे विषय राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

भाजपा की नीतियों और संगठनात्मक मजबूती का किया उल्लेख

केशव प्रसाद मौर्य ने अपने संबोधन में भाजपा की नीतियों और संगठन की मजबूती का भी उल्लेख किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि जनता के बीच जाकर पार्टी का पक्ष प्रभावी ढंग से रखा जाए। उनके अनुसार, चुनावी अभियान के दौरान कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी पार्टी की राजनीतिक स्थिति को मजबूत करने में मदद कर सकती है।

उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की आलोचना करते हुए भाजपा को संगठन आधारित राजनीति से जोड़कर प्रस्तुत किया। उनके भाषण में विपक्ष पर परिवारवाद का आरोप लगाने के साथ-साथ पार्टी के कार्यकर्ताओं को चुनाव के लिए तैयार रहने का संदेश भी शामिल रहा।

राजनीतिक सम्मेलनों में इस तरह के संबोधन का उद्देश्य कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ाना, मतदाताओं तक पार्टी का संदेश पहुंचाना और चुनावी रणनीति को मजबूती देना होता है। उरई में आयोजित सम्मेलन में भी यही राजनीतिक संदेश प्रमुखता से सामने आया।

आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भी किया दावा

उपमुख्यमंत्री ने अपने भाषण में स्नातक एमएलसी चुनाव के अलावा आगामी विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया। उन्होंने भाजपा की जीत का दावा करते हुए कार्यकर्ताओं से अभी से तैयारियों में जुटने की अपील की। उनके संबोधन से स्पष्ट रहा कि पार्टी स्थानीय चुनावी गतिविधियों के साथ भविष्य की बड़ी राजनीतिक चुनौतियों को भी ध्यान में रखकर संगठन को सक्रिय रखना चाहती है।

उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनता के संपर्क में बने रहने और पार्टी की नीतियों को लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया। भाजपा नेताओं के लिए यह सम्मेलन संगठनात्मक संवाद के साथ राजनीतिक संदेश देने का अवसर भी बना।

दूसरी ओर, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को लेकर दिए गए बयान ने कार्यक्रम को राजनीतिक दृष्टि से चर्चा का विषय बना दिया। राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर की गई टिप्पणियों के जरिए उपमुख्यमंत्री ने विपक्ष के नेतृत्व और परिवारवाद के मुद्दे को फिर से उठाया।

उरई के सम्मेलन से भाजपा ने दिया चुनावी संदेश

जालौन जिले में केशव प्रसाद मौर्य का यह दौरा प्रशासनिक बैठक, संगठनात्मक चर्चा और राजनीतिक सम्मेलन के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा। सर्किट हाउस में अधिकारियों के साथ बैठक के बाद उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों से संवाद किया और प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।

कार्यक्रम का प्रमुख केंद्र अशोक राठौर के समर्थन में वोट मांगना और भाजपा कार्यकर्ताओं को चुनावी अभियान के लिए सक्रिय करना रहा। वहीं, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर परिवारवाद का आरोप लगाकर डिप्टी सीएम ने विपक्ष के खिलाफ अपनी राजनीतिक रणनीति भी स्पष्ट की।

उरई में दिए गए इस संबोधन के जरिए भाजपा ने एक तरफ अपने प्रत्याशी के पक्ष में समर्थन जुटाने की कोशिश की, तो दूसरी तरफ आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कार्यकर्ताओं को सक्रिय रहने का संदेश दिया। अब चुनावी मैदान में विभिन्न दलों की रणनीति, प्रत्याशियों के पक्ष में जनसंपर्क और मतदाताओं का रुख राजनीतिक मुकाबले की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।

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कांग्रेस-सपा को केशव मौर्य ने बताया ‘प्राइवेट लिमिटेड पार्टी’, राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर साधा निशाना

लेखक:हिट एंड हॉट न्यूज़ डेस्क|प्रकाशित:अक्टूबर 15, 2026

अरुण कुमार मिश्रा

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन

उरई, जालौन। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुधवार को जालौन जिले के उरई में आयोजित प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन के दौरान कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने दोनों दलों को परिवारवाद की राजनीति करने वाली पार्टियां बताते हुए राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर निशाना साधा। अपने संबोधन में डिप्टी सीएम ने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की राजनीति परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है। उन्होंने विपक्षी नेताओं की राजनीतिक पृष्ठभूमि पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि पारिवारिक विरासत के सहारे ही उन्हें राजनीति में आगे बढ़ने का अवसर मिला है।

राजकीय मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम में आयोजित इस सम्मेलन में उपमुख्यमंत्री ने भाजपा के स्नातक एमएलसी प्रत्याशी अशोक राठौर के समर्थन में मतदाताओं से वोट देने की अपील की। उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से चुनाव को गंभीरता से लेते हुए पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरने का आह्वान किया। सम्मेलन में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के बीच राजनीतिक बयानबाजी के साथ चुनावी तैयारियों पर भी जोर दिया गया।

परिवारवाद को लेकर विपक्ष पर हमलावर दिखे डिप्टी सीएम

केशव प्रसाद मौर्य ने अपने भाषण में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने दोनों दलों को ‘प्राइवेट लिमिटेड पार्टी’ की संज्ञा देते हुए आरोप लगाया कि इन पार्टियों में परिवार का प्रभाव सबसे अधिक दिखाई देता है। राहुल गांधी और अखिलेश यादव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं को राजनीतिक विरासत का लाभ मिला है।

उपमुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि अगर इन नेताओं को परिवार से राजनीतिक आधार नहीं मिला होता, तो उनके लिए सांसद बनना तो दूर, पार्षद तक बन पाना मुश्किल होता। यह टिप्पणी करते हुए उन्होंने विपक्ष की राजनीति को परिवारवाद से जोड़ने की कोशिश की और भाजपा को इसके मुकाबले एक अलग राजनीतिक संगठन के रूप में प्रस्तुत किया।

उनके इस बयान का मुख्य उद्देश्य विपक्षी दलों पर राजनीतिक अवसरों और नेतृत्व को लेकर सवाल उठाना रहा। भाजपा की ओर से लंबे समय से परिवारवाद को राजनीतिक बहस का मुद्दा बनाया जाता रहा है। उरई के इस सम्मेलन में भी डिप्टी सीएम ने इसी विषय को अपने संबोधन का प्रमुख आधार बनाया।

हालांकि, राहुल गांधी और अखिलेश यादव की राजनीतिक भूमिका तथा उनके दलों की कार्यप्रणाली को लेकर दोनों पक्षों की अपनी-अपनी राजनीतिक दलीलें हैं। ऐसे में केशव प्रसाद मौर्य की टिप्पणियों को उनके राजनीतिक संबोधन और विपक्ष के प्रति भाजपा के रुख के संदर्भ में देखा जा रहा है।

हेलीकॉप्टर से उरई पहुंचे उपमुख्यमंत्री

जालौन जिले के दौरे पर आए केशव प्रसाद मौर्य हेलीकॉप्टर से उरई स्थित पुलिस लाइन पहुंचे। यहां पहुंचने के बाद उनका कार्यक्रम निर्धारित समय के अनुसार आगे बढ़ा। पुलिस लाइन से वह सीधे सर्किट हाउस गए, जहां उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक की और विभिन्न विषयों पर चर्चा की।

प्रशासनिक बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री भाजपा के एक निजी कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने पार्टी के स्थानीय पदाधिकारियों के साथ संगठनात्मक गतिविधियों और राजनीतिक कार्यक्रमों से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया।

बैठक में भाजपा जिलाध्यक्ष उर्विजा दीक्षित, जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम अनुरागी, विधायक गौरीशंकर वर्मा और मूलचंद्र निरंजन सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। स्थानीय स्तर पर संगठन की भूमिका और चुनावी गतिविधियों को लेकर पार्टी नेताओं के साथ चर्चा के बाद डिप्टी सीएम राजकीय मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम पहुंचे।

यहीं प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में भाजपा के नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उपमुख्यमंत्री का स्वागत किया। सम्मेलन को पार्टी के लिए जनसंपर्क और चुनावी संवाद के महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखा गया।

अशोक राठौर के समर्थन में मांगे वोट

सम्मेलन के दौरान केशव प्रसाद मौर्य ने स्नातक एमएलसी प्रत्याशी अशोक राठौर के समर्थन में मतदाताओं से मतदान करने की अपील की। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को चुनावी अभियान में सक्रिय रहने और प्रत्याशी के पक्ष में माहौल बनाने के लिए जनता के बीच पहुंचने का संदेश दिया।

डिप्टी सीएम ने कार्यकर्ताओं से कहा कि चुनाव में सफलता हासिल करने के लिए संगठन की सक्रियता और जनसंपर्क महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए मतदाताओं तक पहुंचना चाहिए और भाजपा की नीतियों तथा कार्यक्रमों की जानकारी देनी चाहिए।

उन्होंने सम्मेलन में मौजूद कार्यकर्ताओं से चुनावी तैयारियों को गति देने का आह्वान किया। भाजपा की ओर से प्रत्याशी को मजबूत बनाने के लिए संगठनात्मक प्रयासों पर जोर दिया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से पार्टी ने स्नातक एमएलसी चुनाव को लेकर अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं को एकजुट करने का प्रयास किया।

गौरतलब है कि स्नातक एमएलसी चुनाव में संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के पात्र मतदाताओं की भूमिका अहम होती है। इसलिए प्रत्याशी के समर्थन में जनसंपर्क, मतदाताओं से संवाद और संगठनात्मक समन्वय जैसे विषय राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

भाजपा की नीतियों और संगठनात्मक मजबूती का किया उल्लेख

केशव प्रसाद मौर्य ने अपने संबोधन में भाजपा की नीतियों और संगठन की मजबूती का भी उल्लेख किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि जनता के बीच जाकर पार्टी का पक्ष प्रभावी ढंग से रखा जाए। उनके अनुसार, चुनावी अभियान के दौरान कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी पार्टी की राजनीतिक स्थिति को मजबूत करने में मदद कर सकती है।

उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की आलोचना करते हुए भाजपा को संगठन आधारित राजनीति से जोड़कर प्रस्तुत किया। उनके भाषण में विपक्ष पर परिवारवाद का आरोप लगाने के साथ-साथ पार्टी के कार्यकर्ताओं को चुनाव के लिए तैयार रहने का संदेश भी शामिल रहा।

राजनीतिक सम्मेलनों में इस तरह के संबोधन का उद्देश्य कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ाना, मतदाताओं तक पार्टी का संदेश पहुंचाना और चुनावी रणनीति को मजबूती देना होता है। उरई में आयोजित सम्मेलन में भी यही राजनीतिक संदेश प्रमुखता से सामने आया।

आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भी किया दावा

उपमुख्यमंत्री ने अपने भाषण में स्नातक एमएलसी चुनाव के अलावा आगामी विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया। उन्होंने भाजपा की जीत का दावा करते हुए कार्यकर्ताओं से अभी से तैयारियों में जुटने की अपील की। उनके संबोधन से स्पष्ट रहा कि पार्टी स्थानीय चुनावी गतिविधियों के साथ भविष्य की बड़ी राजनीतिक चुनौतियों को भी ध्यान में रखकर संगठन को सक्रिय रखना चाहती है।

उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनता के संपर्क में बने रहने और पार्टी की नीतियों को लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया। भाजपा नेताओं के लिए यह सम्मेलन संगठनात्मक संवाद के साथ राजनीतिक संदेश देने का अवसर भी बना।

दूसरी ओर, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को लेकर दिए गए बयान ने कार्यक्रम को राजनीतिक दृष्टि से चर्चा का विषय बना दिया। राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर की गई टिप्पणियों के जरिए उपमुख्यमंत्री ने विपक्ष के नेतृत्व और परिवारवाद के मुद्दे को फिर से उठाया।

उरई के सम्मेलन से भाजपा ने दिया चुनावी संदेश

जालौन जिले में केशव प्रसाद मौर्य का यह दौरा प्रशासनिक बैठक, संगठनात्मक चर्चा और राजनीतिक सम्मेलन के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा। सर्किट हाउस में अधिकारियों के साथ बैठक के बाद उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों से संवाद किया और प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।

कार्यक्रम का प्रमुख केंद्र अशोक राठौर के समर्थन में वोट मांगना और भाजपा कार्यकर्ताओं को चुनावी अभियान के लिए सक्रिय करना रहा। वहीं, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर परिवारवाद का आरोप लगाकर डिप्टी सीएम ने विपक्ष के खिलाफ अपनी राजनीतिक रणनीति भी स्पष्ट की।

उरई में दिए गए इस संबोधन के जरिए भाजपा ने एक तरफ अपने प्रत्याशी के पक्ष में समर्थन जुटाने की कोशिश की, तो दूसरी तरफ आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कार्यकर्ताओं को सक्रिय रहने का संदेश दिया। अब चुनावी मैदान में विभिन्न दलों की रणनीति, प्रत्याशियों के पक्ष में जनसंपर्क और मतदाताओं का रुख राजनीतिक मुकाबले की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।