प्रतापगढ़ में मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत कार्यक्रम आयोजित, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने छात्राओं को प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित
अंशुमान द्विवेदी
हिट एंड हॉट न्यूज़ संवाददाता प्रतापगढ़
प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश। दिनांक: 14 अक्टूबर 2026।
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जनपद में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान तथा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित मिशन शक्ति अभियान फेज-6.0 के अंतर्गत पुलिस लाइन सभागार में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी अभिषेक पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने सहभागिता करते हुए छात्राओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ाना, उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करना और समाज में महिलाओं की सुरक्षा एवं सम्मान के महत्व को रेखांकित करना रहा।

इस आयोजन में विभिन्न शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। अधिकारियों की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम ने महिला सुरक्षा और बालिका सशक्तीकरण से जुड़े प्रयासों को प्रमुखता से सामने रखा।
मिशन शक्ति अभियान के तहत हुआ विशेष आयोजन
महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने, उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मिशन शक्ति अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी अभियान के फेज-6.0 के अंतर्गत 14 अक्टूबर 2026 को प्रतापगढ़ पुलिस लाइन स्थित सभागार में कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में प्रशासन और पुलिस विभाग के अधिकारियों ने भाग लेकर महिला सुरक्षा तथा बालिका सशक्तीकरण के महत्व को रेखांकित किया। ऐसे आयोजनों के माध्यम से छात्राओं को समाज में अपनी भूमिका पहचानने, शिक्षा के प्रति सजग रहने और अपने अधिकारों की जानकारी प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
महिलाओं की सुरक्षा केवल कानून-व्यवस्था से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि यह सामाजिक जागरूकता, समान अवसर और सम्मानजनक व्यवहार से भी संबंधित है। इसी दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत विभिन्न स्तरों पर जागरूकता संबंधी गतिविधियां आयोजित की जाती हैं।
जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने छात्राओं को किया सम्मानित
पुलिस लाइन सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रतापगढ़ के जिलाधिकारी अभिषेक पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने छात्राओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस सम्मान का उद्देश्य बालिकाओं का उत्साहवर्धन करना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना रहा।
प्रशस्ति पत्र के माध्यम से छात्राओं को प्रोत्साहित करना शिक्षा, जागरूकता और आत्मविश्वास के महत्व को सामने लाने का एक माध्यम है। जब बालिकाओं को सार्वजनिक मंच पर सम्मान मिलता है, तो इससे उनके भीतर अपनी क्षमताओं को पहचानने और भविष्य के लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिल सकती है।
कार्यक्रम में अधिकारियों की उपस्थिति ने यह संदेश दिया कि महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा और उनके सशक्तीकरण के लिए प्रशासनिक तथा पुलिस विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण है। समाज में सुरक्षित वातावरण तैयार करने के लिए सरकारी संस्थानों के साथ-साथ परिवारों, विद्यालयों और नागरिकों की सहभागिता भी आवश्यक है।
जीजीआईसी, संस्कार ग्लोबल स्कूल और साकेत इंटर कॉलेज के विद्यार्थियों ने लिया भाग
इस कार्यक्रम में जीजीआईसी कॉलेज, संस्कार ग्लोबल स्कूल और साकेत इंटर कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। विभिन्न शिक्षण संस्थानों से विद्यार्थियों की सहभागिता ने आयोजन को शैक्षणिक और जागरूकता से जुड़ा स्वरूप प्रदान किया।
विद्यालय और कॉलेज विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षा के साथ-साथ सुरक्षा, सामाजिक जिम्मेदारी, अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी भी विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए जरूरी है। मिशन शक्ति जैसे अभियानों के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम इन विषयों पर जागरूकता बढ़ाने में सहायक हो सकते हैं।
बालिकाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाना और उन्हें जरूरत पड़ने पर सहायता प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करना महिला सशक्तीकरण की दिशा में अहम कदम है। इसके साथ ही विद्यार्थियों में महिलाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार, समानता और सामाजिक संवेदनशीलता की भावना विकसित करना भी आवश्यक है।
प्रशासन और पुलिस विभाग के अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के अलावा कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। इनमें मुख्य विकास अधिकारी प्रतापगढ़ राम मोहन मीणा, अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी बृजनन्दन राय, सहायक पुलिस अधीक्षक एवं क्षेत्राधिकारी रानीगंज प्रशान्त राज तथा प्रतिसार निरीक्षक राजीव राय शामिल रहे।
इन अधिकारियों और अन्य पुलिसकर्मियों की उपस्थिति से कार्यक्रम में प्रशासनिक एवं पुलिस विभाग की सहभागिता देखने को मिली। महिलाओं और बालिकाओं से संबंधित सुरक्षा संबंधी विषयों पर विभिन्न विभागों के बीच समन्वय महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि प्रभावी जागरूकता और सहायता व्यवस्था के लिए प्रशासन, पुलिस, शिक्षण संस्थानों तथा समाज की संयुक्त भूमिका आवश्यक होती है।
महिला सुरक्षा से संबंधित प्रयासों का उद्देश्य केवल घटनाओं पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि ऐसा वातावरण तैयार करना भी है, जहां महिलाएं और बालिकाएं बिना भय के शिक्षा प्राप्त कर सकें, सार्वजनिक स्थानों पर आ-जा सकें और अपने जीवन से जुड़े फैसले आत्मविश्वास के साथ ले सकें।
महिला सुरक्षा और स्वावलम्बन क्यों जरूरी?
महिलाओं और बालिकाओं का सशक्तीकरण किसी भी समाज के विकास का महत्वपूर्ण आधार है। जब लड़कियों को शिक्षा, सुरक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलते हैं, तो वे अपने परिवार के साथ-साथ समाज और देश के विकास में भी योगदान दे सकती हैं।
सुरक्षा के प्रति जागरूकता बालिकाओं को परिस्थितियों को समझने, अनुचित व्यवहार के विरुद्ध आवाज उठाने और जरूरत पड़ने पर उचित सहायता प्राप्त करने के लिए प्रेरित कर सकती है। इसी तरह, स्वावलम्बन का अर्थ केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होना नहीं, बल्कि अपने अधिकारों को समझना, निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना और आत्मविश्वास के साथ जीवन में आगे बढ़ना भी है।
इस दिशा में विद्यालयों की भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। शिक्षकों, अभिभावकों और प्रशासनिक अधिकारियों के सहयोग से विद्यार्थियों को सुरक्षित व्यवहार, आपसी सम्मान और जिम्मेदार नागरिकता के विषय में जागरूक किया जा सकता है।
समाज की भागीदारी से मजबूत होंगे सुरक्षा के प्रयास
महिला सुरक्षा को प्रभावी बनाने के लिए केवल सरकारी अभियान पर्याप्त नहीं होते। परिवारों, शैक्षणिक संस्थानों, स्थानीय समुदायों और आम नागरिकों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। बालिकाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुनना, उन्हें शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना और उनके साथ किसी भी प्रकार के भेदभाव को रोकना सामाजिक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
इसके साथ ही, महिलाओं और बालिकाओं को उपलब्ध सहायता व्यवस्था की जानकारी देना तथा जरूरत के समय शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रोत्साहित करना भी जरूरी है। जागरूकता कार्यक्रम तभी अधिक प्रभावी साबित हो सकते हैं, जब उनमें दी गई जानकारी को व्यवहार में अपनाया जाए और सुरक्षा से संबंधित शिकायतों पर उचित कार्रवाई सुनिश्चित हो।
प्रतापगढ़ पुलिस लाइन में आयोजित मिशन शक्ति फेज-6.0 का कार्यक्रम इसी व्यापक उद्देश्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण आयोजन रहा, जिसमें छात्राओं को सम्मानित करने के साथ महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण के विषय को प्रमुखता दी गई।
महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्धता
प्रतापगढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जनपद में महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलम्बन के प्रति विभाग प्रतिबद्ध है। मिशन शक्ति अभियान के माध्यम से महिला सुरक्षा से संबंधित जागरूकता को बढ़ावा देने और बालिकाओं को प्रोत्साहित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
14 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी अभिषेक पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर द्वारा छात्राओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाना बालिका प्रोत्साहन और महिला सशक्तीकरण के संदेश को आगे बढ़ाने वाला कदम रहा।
निष्कर्ष: प्रतापगढ़ पुलिस लाइन में आयोजित मिशन शक्ति अभियान फेज-6.0 का कार्यक्रम महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर केंद्रित रहा। विभिन्न शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों की सहभागिता और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी ने इस आयोजन को महत्वपूर्ण बनाया। महिला सशक्तीकरण के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों के साथ शिक्षा, सामाजिक सहयोग और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना आवश्यक है।