जालौन में मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का मिलेगा मौका, 17 और 24 अक्टूबर को हर बूथ पर लगेंगे विशेष कैंप
अरुण कुमार मिश्रा
हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन
उरई, जालौन | विशेष समाचार

जालौन जिले में मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाने के लिए निर्वाचन विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से छूट गए पात्र नागरिकों को एक और अवसर देने के उद्देश्य से 17 और 24 अक्टूबर 2026 को जिले के प्रत्येक मतदेय स्थल पर विशेष कैंप आयोजित किए जाएंगे। इन कैंपों के माध्यम से लोग अपना नाम मतदाता सूची में जांच सकेंगे और नाम दर्ज नहीं होने की स्थिति में निर्धारित प्रक्रिया के तहत पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकेंगे।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी समीर ने कलेक्ट्रेट सभागार में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों तथा संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्धारित तिथियों पर सभी बूथों पर कैंप लगाए जाएं और पात्र नागरिकों को मतदाता बनने की प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि जागरूकता की कमी या जानकारी के अभाव में कोई भी पात्र व्यक्ति मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के अवसर से वंचित न रह जाए।
सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक मौजूद रहेंगे बीएलओ
जिलाधिकारी ने बताया कि 17 और 24 अक्टूबर को आयोजित होने वाले विशेष कैंपों में बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक उपस्थित रहेंगे। इस दौरान मतदाता सूची से संबंधित जानकारी प्राप्त करने, नाम की जांच कराने और नए पंजीकरण के लिए आवेदन करने की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
जिन नागरिकों का नाम अभी तक मतदाता सूची में शामिल नहीं हुआ है, वे निर्धारित पात्रता पूरी करने पर फार्म-6 भरकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ आवश्यक नवीनतम फोटो तथा जन्मतिथि और निवास पते से संबंधित निर्धारित दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। इससे आवेदन की प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने में सहायता मिलेगी।
प्रशासन की ओर से प्रत्येक मतदान केंद्र पर हेल्प डेस्क स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। हेल्प डेस्क के माध्यम से नागरिकों को आवेदन भरने, आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी लेने और पंजीकरण प्रक्रिया समझने में मदद मिलेगी। विशेष रूप से पहली बार मतदाता बनने वाले युवाओं के लिए यह सुविधा उपयोगी साबित हो सकती है।
गांवों से लेकर शहरों तक पहुंचाई जाएगी कैंपों की जानकारी
जिला निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि विशेष कैंपों के बारे में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। गांवों, कस्बों और शहरी इलाकों में रहने वाले नागरिकों तक इसकी जानकारी पहुंचाई जाए, जिससे अधिक से अधिक पात्र लोग निर्धारित तिथियों पर अपने मतदान केंद्र पहुंच सकें।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करें। कैंपों के आयोजन में लापरवाही नहीं होनी चाहिए और प्रत्येक बूथ पर जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए। अधिकारियों को यह भी ध्यान रखना होगा कि आवेदन करने आने वाले नागरिकों को उचित मार्गदर्शन मिले और उनके दस्तावेजों तथा आवेदनों का व्यवस्थित रिकॉर्ड रखा जाए।
मतदाता सूची में नाम दर्ज होना लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी के लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए नागरिकों को केवल मतदान के समय ही नहीं, बल्कि समय-समय पर अपनी प्रविष्टियों की जांच भी करनी चाहिए। यदि नाम, पता या अन्य विवरण में किसी प्रकार की त्रुटि दिखाई देती है, तो निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सुधार के लिए आवेदन किया जा सकता है।
12 नवंबर को प्रकाशित होगा मतदाता सूची का प्रारूप
बैठक में वर्ष 2026-27 के विशेष संक्षिप्त मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम की समय-सारिणी पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को बताया गया कि यह प्रक्रिया एक जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर संचालित की जाएगी। इसका उद्देश्य मतदाता सूची में पात्र नागरिकों के नाम शामिल करना तथा सूची को अधिक व्यवस्थित और त्रुटिरहित बनाना है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मतदेय स्थलों के संभाजन और पुनर्गठन का कार्य 2 नवंबर 2026 तक पूरा किया जाना है। इसके बाद 12 नवंबर 2026 को मतदाता सूची का आलेख्य यानी प्रारूप प्रकाशित किया जाएगा। प्रारूप प्रकाशित होने के बाद नागरिक अपने नाम और अन्य विवरणों की जांच कर सकेंगे।
यदि किसी पात्र नागरिक का नाम सूची में नहीं है या किसी प्रविष्टि को लेकर आपत्ति है, तो वह निर्धारित नियमों के अनुसार संबंधित आवेदन प्रस्तुत कर सकता है। निर्वाचन विभाग के लिए यह अवधि इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस दौरान मतदाता सूची में आवश्यक बदलावों से संबंधित दावे और आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी।
12 नवंबर से 11 दिसंबर तक दर्ज होंगी आपत्तियां
निर्वाचन कार्यक्रम के मुताबिक, मतदाता सूची के प्रारूप के प्रकाशन के बाद 12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026 तक दावे और आपत्तियां स्वीकार की जाएंगी। इस अवधि में नागरिकों को सूची की जांच कर अपनी पात्रता और विवरण से जुड़ी कमियों की जानकारी देने का अवसर मिलेगा।
प्राप्त दावों और आपत्तियों का निस्तारण 28 दिसंबर 2026 तक किया जाना निर्धारित है। इसके बाद आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करते हुए 4 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
प्रशासन ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि निर्धारित समय-सीमा का पालन सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी न हो और प्राप्त आवेदनों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या विवरण में संशोधन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।
अधिकारियों को नियमित निगरानी के निर्देश
जिलाधिकारी ने जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय, उप जिला निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को पुनरीक्षण कार्यक्रम की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी समय-समय पर बूथों का निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि वहां बीएलओ निर्धारित समय पर उपस्थित रहें।
निरीक्षण के दौरान कैंपों की व्यवस्थाओं, नागरिकों को दी जा रही सहायता और प्राप्त आवेदनों के रिकॉर्ड की भी जांच की जाएगी। अधिकारियों को सभी प्रपत्रों का सुरक्षित रखरखाव करने तथा अभिलेखों को व्यवस्थित ढंग से संधारित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने मतदाता सूची से जुड़े कार्यों में शुद्धता, पारदर्शिता और समयबद्धता को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुनरीक्षण प्रक्रिया का उद्देश्य केवल औपचारिकता पूरी करना नहीं, बल्कि पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करने और निर्वाचन संबंधी अभिलेखों को सही बनाए रखने में सहयोग करना है।
राजनीतिक दलों से जनजागरूकता बढ़ाने की अपील
बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी अभियान में सक्रिय सहयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों के पदाधिकारी अपने क्षेत्र के नागरिकों को विशेष कैंपों की जानकारी दें और पात्र लोगों को मतदाता सूची में नाम जांचने के लिए प्रेरित करें।
राजनीतिक दलों और निर्वाचन अधिकारियों के बीच समन्वय से पुनरीक्षण कार्यक्रम को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। इससे लोगों तक सही जानकारी पहुंचेगी और आवेदन संबंधी समस्याओं को समय रहते दूर करने में मदद मिलेगी।
बैठक में उप जिलाधिकारी उरई उत्तम कुमार तिवारी सहित भारतीय जनता पार्टी के शांति स्वरूप, समाजवादी पार्टी के जमालुद्दीन, बहुजन समाज पार्टी के भगवती शरण पांचाल, अपना दल एस के अनिल कुदारी और सीपीआईएम के विनोद कुमार नगरिया समेत अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
जिलाधिकारी की नागरिकों से अपील
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी समीर ने जनपद के नागरिकों से अपील की कि वे 17 और 24 अक्टूबर 2026 को अपने संबंधित मतदेय स्थल पर पहुंचकर मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य जांचें। जिन पात्र नागरिकों का नाम सूची में दर्ज नहीं है, वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ फार्म-6 भरकर पंजीकरण के लिए आवेदन करें।
उन्होंने नागरिकों से यह भी कहा कि निर्वाचन विभाग की ओर से निर्धारित कार्यक्रम का लाभ उठाएं और समय रहते अपने मतदाता विवरण की जांच कर लें। जागरूक नागरिकों की भागीदारी से मतदाता सूची को अधिक विश्वसनीय बनाने में मदद मिलेगी।
निष्कर्षतः, जालौन जिले में 17 और 24 अक्टूबर को आयोजित होने वाले विशेष कैंप पात्र नागरिकों के लिए मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने का महत्वपूर्ण अवसर हैं। इसके बाद 12 नवंबर से 11 दिसंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया चलेगी तथा 4 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। ऐसे में नागरिकों को सलाह है कि वे निर्धारित तिथियों पर अपने बूथ पर पहुंचकर सूची की जांच करें और आवश्यक होने पर समय रहते आवेदन प्रस्तुत करें, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
