माधौगढ़ में मेधावी छात्रा प्रियांशी सिंह बनीं एक दिन की कोतवाली प्रभारी, सुनी फरियादियों की समस्याएं
अरुण कुमार मिश्रा
हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन
उरई, जालौन | विशेष समाचार
माधौगढ़ (जालौन)। बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने, उन्हें पुलिस की कार्यप्रणाली से परिचित कराने और महिला सशक्तिकरण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से माधौगढ़ कोतवाली में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कक्षा 11 की मेधावी छात्रा प्रियांशी सिंह को एक दिन के लिए कोतवाली प्रभारी निरीक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई। पुलिस की इस पहल से छात्रा को प्रशासनिक कार्यों को करीब से समझने का अवसर मिला। साथ ही, कार्यक्रम के माध्यम से अन्य छात्राओं को भी अपने लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ने और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।

प्रियांशी सिंह, पुत्री कुलदीप कुमार, माधौगढ़ कस्बे के मोहल्ला मैथिली शरण की निवासी हैं। पढ़ाई में मेधावी होने के साथ-साथ उन्हें पुलिस की कार्यप्रणाली को समझने का अवसर मिला, जो उनके लिए एक यादगार अनुभव रहा। एक दिन की कोतवाली प्रभारी के रूप में उन्होंने थाने में आने वाले शिकायतकर्ताओं की समस्याएं सुनीं और संबंधित मामलों के निस्तारण की प्रक्रिया को समझा।
कोतवाली प्रभारी की भूमिका में नजर आईं प्रियांशी
कार्यक्रम के दौरान प्रियांशी सिंह को कोतवाली प्रभारी की जिम्मेदारी से जुड़े विभिन्न कार्यों की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि थाने में आने वाले लोगों की शिकायतों को गंभीरता से सुनना, उनकी समस्याओं को समझना और नियमानुसार उचित कार्रवाई सुनिश्चित करना पुलिस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
इसी क्रम में दो फरियादी अपनी समस्याएं लेकर कोतवाली पहुंचे। एक दिन की प्रभारी प्रियांशी सिंह ने दोनों शिकायतकर्ताओं की बात ध्यानपूर्वक सुनी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनकी समस्याओं के समाधान के लिए मौके पर ही निस्तारण की कार्रवाई भी की गई। इस अनुभव से छात्रा को जनसुनवाई की प्रक्रिया और आम नागरिकों के प्रति पुलिस के उत्तरदायित्व को समझने का अवसर मिला।
इस पहल का उद्देश्य केवल छात्रा को प्रतीकात्मक रूप से पुलिस अधिकारी की कुर्सी पर बैठाना नहीं था, बल्कि उन्हें कानून-व्यवस्था, जनसेवा और जिम्मेदार नेतृत्व की भूमिका से परिचित कराना भी था। ऐसे कार्यक्रम छात्राओं के मन से प्रशासनिक सेवाओं को लेकर झिझक दूर करने और उनमें आत्मविश्वास विकसित करने में सहायक हो सकते हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बुके और किट देकर किया सम्मानित
माधौगढ़ कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार मिश्रा तथा उपनिरीक्षक आदिल खान ने छात्रा प्रियांशी सिंह का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर उन्हें बुके और किट भेंट कर सम्मानित किया गया। पुलिस अधिकारियों ने छात्रा को शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर मेहनत करने और अपने भविष्य के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में मौजूद पुलिसकर्मियों ने भी इस पहल को बालिकाओं के आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। छात्राओं को यह संदेश दिया गया कि शिक्षा, लगन और दृढ़ संकल्प के माध्यम से वे समाज के प्रत्येक क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना सकती हैं।
मिशन शक्ति के तहत महिला सुरक्षा की दी गई जानकारी
कार्यक्रम के दौरान मिशन शक्ति अभियान के उद्देश्यों और महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। छात्राओं को बताया गया कि महिलाओं तथा बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन सुनिश्चित करने के लिए जागरूकता बेहद जरूरी है। किसी भी प्रकार की परेशानी या असुरक्षा की स्थिति में उन्हें चुप रहने के बजाय उचित माध्यम से सहायता प्राप्त करनी चाहिए।
पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को विभिन्न सरकारी हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देते हुए उनके उपयोग के बारे में समझाया। उन्हें बताया गया कि जरूरत पड़ने पर इन सेवाओं के माध्यम से संबंधित विभागों तक अपनी शिकायत या सहायता की मांग पहुंचाई जा सकती है।
कार्यक्रम में निम्नलिखित हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई:
- 1930 — साइबर अपराध हेल्पलाइन: ऑनलाइन ठगी और साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत के लिए।
- 1090 — वूमेन पावर लाइन: महिलाओं से संबंधित उत्पीड़न की शिकायतों और सहायता के लिए।
- 1076 — मुख्यमंत्री हेल्पलाइन: उत्तर प्रदेश सरकार से संबंधित शिकायतों के लिए।
- 112 — पुलिस आपातकालीन सेवा: तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता होने पर।
- 1098 — चाइल्ड हेल्पलाइन: संकट या परेशानी में फंसे बच्चों की सहायता के लिए।
- 102 — स्वास्थ्य सेवा: निर्धारित स्वास्थ्य एवं मातृ-शिशु परिवहन सेवाओं के लिए।
- 108 — एंबुलेंस सेवा: आपातकालीन चिकित्सा सहायता के लिए।
- 101 — अग्निशमन सेवा: आग लगने की स्थिति में दमकल सहायता के लिए।
पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को सलाह दी कि वे इन नंबरों को याद रखें और आवश्यकता पड़ने पर इनका सही तरीके से इस्तेमाल करें। साथ ही, साइबर अपराध से बचने के लिए अनजान लिंक पर क्लिक न करने, ओटीपी किसी के साथ साझा न करने और संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों के प्रति सतर्क रहने की बात भी समझाई गई।
छात्राओं को कराया गया थाने का भ्रमण
कार्यक्रम के अंतर्गत छात्राओं को माधौगढ़ कोतवाली का भ्रमण कराया गया। इस दौरान उन्हें थाने में होने वाले दैनिक कार्यों, शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया और पुलिस विभाग से जुड़े आवश्यक दस्तावेजों के बारे में जानकारी दी गई।
छात्राओं को समझाया गया कि पुलिस थाना नागरिकों की शिकायतों को सुनने और कानून के अनुसार उनकी सहायता करने वाला महत्वपूर्ण केंद्र है। किसी घटना की सूचना मिलने पर पुलिस किस प्रकार आवश्यक जानकारी एकत्र करती है और शिकायतों पर नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाती है, इस बारे में भी उन्हें परिचित कराया गया।
थाने का भ्रमण छात्राओं के लिए सीखने का अवसर रहा। इससे उन्हें पुलिस व्यवस्था के प्रति जागरूक होने, कानून के महत्व को समझने और जरूरत पड़ने पर अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने की प्रेरणा मिली।
नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन का दिया संदेश
मिशन शक्ति की भावना के अनुरूप कार्यक्रम में नारी सुरक्षा, नारी सम्मान, नारी स्वावलंबन और महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया गया। छात्राओं को बताया गया कि समाज में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए उन्हें सुरक्षित वातावरण, शिक्षा के अवसर और अपनी प्रतिभा दिखाने का उचित मंच मिलना आवश्यक है।
पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि उन्हें अपने सपनों को पूरा करने के लिए निरंतर अध्ययन करना चाहिए। जीवन में आने वाली चुनौतियों से घबराने के बजाय मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए। शिक्षा के माध्यम से बालिकाएं न केवल अपना भविष्य बेहतर बना सकती हैं, बल्कि परिवार और समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।
प्रियांशी सिंह को एक दिन की कोतवाली प्रभारी बनाने की पहल ने यह संदेश दिया कि बेटियां भी जिम्मेदारी संभालने, निर्णय लेने और समाज का नेतृत्व करने की क्षमता रखती हैं। ऐसे आयोजन बालिकाओं को विभिन्न क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ उनके भीतर आत्मनिर्भर बनने की भावना को मजबूत करते हैं।
पुलिस अधिकारियों और छात्राओं की रही उपस्थिति
इस अवसर पर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार मिश्रा, उपनिरीक्षक सोमेंद्र कुमार सिंह, उपनिरीक्षक आदिल खान, उपनिरीक्षक संतोष कुमार और उपनिरीक्षक शिवकरण सिंह सहित कोतवाली के अन्य पुलिसकर्मी उपस्थित रहे। महिला कांस्टेबल तथा छात्राओं ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। इसके अतिरिक्त स्थानीय पत्रकार भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के समापन पर छात्राओं को शिक्षा के प्रति समर्पित रहने, अपने लक्ष्य निर्धारित करने और समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
माधौगढ़ कोतवाली में आयोजित यह पहल महिला सशक्तिकरण और पुलिस-जनसंपर्क को मजबूत बनाने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास रही। प्रियांशी सिंह को एक दिन की कोतवाली प्रभारी की भूमिका देकर पुलिस ने बालिकाओं को यह प्रेरणा दी कि वे अपने सपनों को सीमित न रखें, बल्कि मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ते हुए भविष्य में प्रशासनिक एवं अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालने का लक्ष्य निर्धारित करें।
निष्कर्ष: प्रियांशी सिंह का एक दिन की कोतवाली प्रभारी बनना उनके लिए एक विशेष अनुभव रहा। इस कार्यक्रम ने छात्राओं को पुलिस की कार्यप्रणाली समझने, महिला सुरक्षा से जुड़े संसाधनों की जानकारी प्राप्त करने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनने का अवसर प्रदान किया। साथ ही, इसने समाज को यह संदेश दिया कि बेटियों को अवसर और प्रोत्साहन मिलने पर वे हर क्षेत्र में अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर सकती हैं।
