बहराइच: कारीकोट नगर पंचायत की करीब दो दर्जन दुर्गा प्रतिमाओं का घाघरा बैराज पर शांतिपूर्ण विसर्जन, प्रशासन रहा मुस्तैद

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कमलेश कुमार

हिट एंड हॉट न्यूज़ संवाददाता बहराइच

सुजौली/बहराइच। उत्तर प्रदेश के बहराइच जनपद में शारदीय नवरात्र और दुर्गा पूजा महोत्सव के समापन के अवसर पर कारीकोट नगर पंचायत क्षेत्र की लगभग दो दर्जन मां दुर्गा की प्रतिमाओं का मंगलवार को चौधरी चरण सिंह घाघरा बैराज पर विधिवत विसर्जन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मां दुर्गा को भावभीनी विदाई दी। पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक आस्था और भक्ति का माहौल बना रहा। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में प्रतिमा विसर्जन की प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।

श्रद्धा और भक्ति के साथ मां दुर्गा को दी गई विदाई

शारदीय नवरात्र के दौरान कारीकोट नगर पंचायत क्षेत्र में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। नवरात्र के दिनों में विभिन्न स्थानों पर स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं के समक्ष भक्तों ने पूजा-पाठ कर परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की। धार्मिक अनुष्ठानों के समापन के बाद मंगलवार को प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए चौधरी चरण सिंह घाघरा बैराज ले जाया गया।

मां दुर्गा की प्रतिमाओं को विदाई देने के दौरान श्रद्धालुओं के मन में भक्ति और भावुकता का संगम दिखाई दिया। भक्तों ने मां के जयकारों के साथ अगले वर्ष फिर से आगमन की कामना की। धार्मिक परंपराओं के अनुसार प्रतिमा विसर्जन को नवरात्र महोत्सव का महत्वपूर्ण अंतिम चरण माना जाता है। इसी के साथ कारीकोट क्षेत्र में दुर्गा पूजा से जुड़ी गतिविधियों का समापन हुआ।

करीब दो दर्जन प्रतिमाओं का हुआ विसर्जन

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कारीकोट नगर पंचायत क्षेत्र में स्थापित लगभग दो दर्जन दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन एक ही दिन चौधरी चरण सिंह घाघरा बैराज पर किया गया। विभिन्न पूजा स्थलों पर धार्मिक आयोजन संपन्न होने के बाद प्रतिमाओं को विसर्जन स्थल तक पहुंचाया गया। वहां निर्धारित धार्मिक परंपराओं के अनुसार मां दुर्गा को विदाई दी गई।

विसर्जन के इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी के कारण सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखना महत्वपूर्ण था। प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था पर ध्यान दिया गया, ताकि प्रतिमा विसर्जन का कार्यक्रम बिना किसी बाधा के पूरा हो सके। पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में विसर्जन की प्रक्रिया संपन्न होने से आयोजन शांतिपूर्ण बना रहा।

हालांकि, प्रतिमाओं के विसर्जन में शामिल श्रद्धालुओं की कुल संख्या और अलग-अलग पूजा समितियों के नामों की आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसके बावजूद लगभग दो दर्जन प्रतिमाओं का सकुशल विसर्जन क्षेत्र के लिए धार्मिक आयोजन की महत्वपूर्ण उपलब्धि रहा।

सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात रही सुजौली पुलिस

प्रतिमा विसर्जन जैसे धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ का व्यवस्थित संचालन प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है। इसी उद्देश्य से चौधरी चरण सिंह घाघरा बैराज पर विसर्जन के दौरान सुजौली पुलिस के जवान मौजूद रहे। पुलिसकर्मियों की तैनाती का उद्देश्य आयोजन के दौरान शांति बनाए रखना और किसी भी संभावित अव्यवस्था को रोकना था।

पुलिस की उपस्थिति में श्रद्धालुओं ने धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए प्रतिमाओं का विसर्जन किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर ध्यान दिया गया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, विसर्जन के दौरान किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।

धार्मिक पर्वों पर सुरक्षा व्यवस्था का विशेष महत्व होता है, क्योंकि ऐसे अवसरों पर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित होते हैं। ऐसे में पुलिस और प्रशासन की सक्रियता से श्रद्धालुओं को धार्मिक गतिविधियां शांतिपूर्वक संपन्न करने में सहायता मिलती है। कारीकोट नगर पंचायत क्षेत्र की प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बरती गई।

राजस्व विभाग के अधिकारी भी रहे मौजूद

विसर्जन कार्यक्रम के दौरान पुलिस के साथ राजस्व विभाग के कर्मचारी भी मौजूद रहे। मौके पर कानूनगो और लेखपाल की उपस्थिति रही। इसके अतिरिक्त बलहा विधानसभा क्षेत्र की विधायक सरोज सोनकर भी विसर्जन स्थल पर पहुंचीं।

जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक कर्मचारियों की मौजूदगी में प्रतिमा विसर्जन का कार्यक्रम संपन्न हुआ। धार्मिक आयोजनों के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति व्यवस्था बनाए रखने और आवश्यक समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। स्थानीय स्तर पर ऐसे आयोजनों में पुलिस, राजस्व विभाग और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता से व्यवस्थाओं को बेहतर ढंग से संचालित करने में मदद मिलती है।

हालांकि, मौके पर उपस्थित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की ओर से दिए गए किसी विशेष बयान या संबोधन की जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए कार्यक्रम के संबंध में मुख्य तथ्य प्रतिमाओं का विसर्जन, सुरक्षा व्यवस्था और आयोजन का शांतिपूर्ण समापन ही रहे।

किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं

कारीकोट नगर पंचायत क्षेत्र की लगभग दो दर्जन दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होना आयोजन की प्रमुख बात रही। धार्मिक कार्यक्रम के दौरान किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक कर्मचारियों की मौजूदगी में विसर्जन की प्रक्रिया पूरी की गई।

इस तरह के आयोजनों में सुरक्षा के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधा और धार्मिक परंपराओं का सम्मान भी आवश्यक होता है। विसर्जन स्थल पर व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए संबंधित विभागों की सतर्कता अहम मानी जाती है। कारीकोट क्षेत्र में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान शांति व्यवस्था बनी रहने से दुर्गा पूजा महोत्सव का समापन बिना किसी बड़ी बाधा के हुआ।

नवरात्र महोत्सव के समापन के साथ अगले वर्ष की प्रतीक्षा

शारदीय नवरात्र भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं में विशेष स्थान रखते हैं। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है। श्रद्धालु व्रत, पूजन, भजन-कीर्तन और अन्य धार्मिक गतिविधियों के माध्यम से अपनी आस्था प्रकट करते हैं। दुर्गा पूजा के दौरान स्थापित प्रतिमाओं का विसर्जन इस उत्सव का अंतिम धार्मिक पड़ाव होता है।

कारीकोट नगर पंचायत क्षेत्र में भी नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा की आराधना की। मंगलवार को घाघरा बैराज पर प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ इस धार्मिक आयोजन का समापन हो गया। मां दुर्गा की विदाई के समय भक्तों ने उनसे परिवारों में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली बनाए रखने की प्रार्थना की।

प्रतिमा विसर्जन के साथ ही क्षेत्र में नवरात्र और दुर्गा पूजा महोत्सव की रौनक समाप्त हुई, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था और अगले वर्ष मां दुर्गा के पुनः आगमन की उम्मीद बनी रही।

शांतिपूर्ण आयोजन से संपन्न हुआ धार्मिक कार्यक्रम

बहराइच जिले के सुजौली क्षेत्र में कारीकोट नगर पंचायत की लगभग दो दर्जन दुर्गा प्रतिमाओं का चौधरी चरण सिंह घाघरा बैराज पर विसर्जन धार्मिक परंपराओं के अनुसार संपन्न हुआ। इस दौरान सुजौली पुलिस के जवान, कानूनगो, लेखपाल और बलहा विधायक सरोज सोनकर मौजूद रहीं। प्रशासनिक एवं पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में कार्यक्रम शांतिपूर्ण रहा और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।

इस प्रकार मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ कारीकोट क्षेत्र में शारदीय नवरात्र और दुर्गा पूजा महोत्सव का समापन हो गया। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा से अगले वर्ष फिर आने की प्रार्थना करते हुए भावपूर्ण विदाई दी।

स्थान: सुजौली, जनपद बहराइच, उत्तर प्रदेश

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बहराइच: कारीकोट नगर पंचायत की करीब दो दर्जन दुर्गा प्रतिमाओं का घाघरा बैराज पर शांतिपूर्ण विसर्जन, प्रशासन रहा मुस्तैद

लेखक:हिट एंड हॉट न्यूज़ डेस्क|प्रकाशित:अक्टूबर 20, 2026

कमलेश कुमार

हिट एंड हॉट न्यूज़ संवाददाता बहराइच

सुजौली/बहराइच। उत्तर प्रदेश के बहराइच जनपद में शारदीय नवरात्र और दुर्गा पूजा महोत्सव के समापन के अवसर पर कारीकोट नगर पंचायत क्षेत्र की लगभग दो दर्जन मां दुर्गा की प्रतिमाओं का मंगलवार को चौधरी चरण सिंह घाघरा बैराज पर विधिवत विसर्जन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मां दुर्गा को भावभीनी विदाई दी। पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक आस्था और भक्ति का माहौल बना रहा। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में प्रतिमा विसर्जन की प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।

श्रद्धा और भक्ति के साथ मां दुर्गा को दी गई विदाई

शारदीय नवरात्र के दौरान कारीकोट नगर पंचायत क्षेत्र में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। नवरात्र के दिनों में विभिन्न स्थानों पर स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं के समक्ष भक्तों ने पूजा-पाठ कर परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की। धार्मिक अनुष्ठानों के समापन के बाद मंगलवार को प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए चौधरी चरण सिंह घाघरा बैराज ले जाया गया।

मां दुर्गा की प्रतिमाओं को विदाई देने के दौरान श्रद्धालुओं के मन में भक्ति और भावुकता का संगम दिखाई दिया। भक्तों ने मां के जयकारों के साथ अगले वर्ष फिर से आगमन की कामना की। धार्मिक परंपराओं के अनुसार प्रतिमा विसर्जन को नवरात्र महोत्सव का महत्वपूर्ण अंतिम चरण माना जाता है। इसी के साथ कारीकोट क्षेत्र में दुर्गा पूजा से जुड़ी गतिविधियों का समापन हुआ।

करीब दो दर्जन प्रतिमाओं का हुआ विसर्जन

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कारीकोट नगर पंचायत क्षेत्र में स्थापित लगभग दो दर्जन दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन एक ही दिन चौधरी चरण सिंह घाघरा बैराज पर किया गया। विभिन्न पूजा स्थलों पर धार्मिक आयोजन संपन्न होने के बाद प्रतिमाओं को विसर्जन स्थल तक पहुंचाया गया। वहां निर्धारित धार्मिक परंपराओं के अनुसार मां दुर्गा को विदाई दी गई।

विसर्जन के इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी के कारण सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखना महत्वपूर्ण था। प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था पर ध्यान दिया गया, ताकि प्रतिमा विसर्जन का कार्यक्रम बिना किसी बाधा के पूरा हो सके। पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में विसर्जन की प्रक्रिया संपन्न होने से आयोजन शांतिपूर्ण बना रहा।

हालांकि, प्रतिमाओं के विसर्जन में शामिल श्रद्धालुओं की कुल संख्या और अलग-अलग पूजा समितियों के नामों की आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसके बावजूद लगभग दो दर्जन प्रतिमाओं का सकुशल विसर्जन क्षेत्र के लिए धार्मिक आयोजन की महत्वपूर्ण उपलब्धि रहा।

सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात रही सुजौली पुलिस

प्रतिमा विसर्जन जैसे धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ का व्यवस्थित संचालन प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है। इसी उद्देश्य से चौधरी चरण सिंह घाघरा बैराज पर विसर्जन के दौरान सुजौली पुलिस के जवान मौजूद रहे। पुलिसकर्मियों की तैनाती का उद्देश्य आयोजन के दौरान शांति बनाए रखना और किसी भी संभावित अव्यवस्था को रोकना था।

पुलिस की उपस्थिति में श्रद्धालुओं ने धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए प्रतिमाओं का विसर्जन किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर ध्यान दिया गया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, विसर्जन के दौरान किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।

धार्मिक पर्वों पर सुरक्षा व्यवस्था का विशेष महत्व होता है, क्योंकि ऐसे अवसरों पर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित होते हैं। ऐसे में पुलिस और प्रशासन की सक्रियता से श्रद्धालुओं को धार्मिक गतिविधियां शांतिपूर्वक संपन्न करने में सहायता मिलती है। कारीकोट नगर पंचायत क्षेत्र की प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बरती गई।

राजस्व विभाग के अधिकारी भी रहे मौजूद

विसर्जन कार्यक्रम के दौरान पुलिस के साथ राजस्व विभाग के कर्मचारी भी मौजूद रहे। मौके पर कानूनगो और लेखपाल की उपस्थिति रही। इसके अतिरिक्त बलहा विधानसभा क्षेत्र की विधायक सरोज सोनकर भी विसर्जन स्थल पर पहुंचीं।

जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक कर्मचारियों की मौजूदगी में प्रतिमा विसर्जन का कार्यक्रम संपन्न हुआ। धार्मिक आयोजनों के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति व्यवस्था बनाए रखने और आवश्यक समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। स्थानीय स्तर पर ऐसे आयोजनों में पुलिस, राजस्व विभाग और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता से व्यवस्थाओं को बेहतर ढंग से संचालित करने में मदद मिलती है।

हालांकि, मौके पर उपस्थित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की ओर से दिए गए किसी विशेष बयान या संबोधन की जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए कार्यक्रम के संबंध में मुख्य तथ्य प्रतिमाओं का विसर्जन, सुरक्षा व्यवस्था और आयोजन का शांतिपूर्ण समापन ही रहे।

किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं

कारीकोट नगर पंचायत क्षेत्र की लगभग दो दर्जन दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होना आयोजन की प्रमुख बात रही। धार्मिक कार्यक्रम के दौरान किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक कर्मचारियों की मौजूदगी में विसर्जन की प्रक्रिया पूरी की गई।

इस तरह के आयोजनों में सुरक्षा के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधा और धार्मिक परंपराओं का सम्मान भी आवश्यक होता है। विसर्जन स्थल पर व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए संबंधित विभागों की सतर्कता अहम मानी जाती है। कारीकोट क्षेत्र में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान शांति व्यवस्था बनी रहने से दुर्गा पूजा महोत्सव का समापन बिना किसी बड़ी बाधा के हुआ।

नवरात्र महोत्सव के समापन के साथ अगले वर्ष की प्रतीक्षा

शारदीय नवरात्र भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं में विशेष स्थान रखते हैं। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है। श्रद्धालु व्रत, पूजन, भजन-कीर्तन और अन्य धार्मिक गतिविधियों के माध्यम से अपनी आस्था प्रकट करते हैं। दुर्गा पूजा के दौरान स्थापित प्रतिमाओं का विसर्जन इस उत्सव का अंतिम धार्मिक पड़ाव होता है।

कारीकोट नगर पंचायत क्षेत्र में भी नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा की आराधना की। मंगलवार को घाघरा बैराज पर प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ इस धार्मिक आयोजन का समापन हो गया। मां दुर्गा की विदाई के समय भक्तों ने उनसे परिवारों में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली बनाए रखने की प्रार्थना की।

प्रतिमा विसर्जन के साथ ही क्षेत्र में नवरात्र और दुर्गा पूजा महोत्सव की रौनक समाप्त हुई, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था और अगले वर्ष मां दुर्गा के पुनः आगमन की उम्मीद बनी रही।

शांतिपूर्ण आयोजन से संपन्न हुआ धार्मिक कार्यक्रम

बहराइच जिले के सुजौली क्षेत्र में कारीकोट नगर पंचायत की लगभग दो दर्जन दुर्गा प्रतिमाओं का चौधरी चरण सिंह घाघरा बैराज पर विसर्जन धार्मिक परंपराओं के अनुसार संपन्न हुआ। इस दौरान सुजौली पुलिस के जवान, कानूनगो, लेखपाल और बलहा विधायक सरोज सोनकर मौजूद रहीं। प्रशासनिक एवं पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में कार्यक्रम शांतिपूर्ण रहा और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।

इस प्रकार मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ कारीकोट क्षेत्र में शारदीय नवरात्र और दुर्गा पूजा महोत्सव का समापन हो गया। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा से अगले वर्ष फिर आने की प्रार्थना करते हुए भावपूर्ण विदाई दी।

स्थान: सुजौली, जनपद बहराइच, उत्तर प्रदेश