जालौन: दुर्गा प्रतिमा विसर्जन स्थल का डीएम-एसपी ने किया निरीक्षण, सुरक्षा इंतजामों को लेकर अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

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अरुण कुमार मिश्रा

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन

.जालौन, उत्तर प्रदेश। दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को सुरक्षित, व्यवस्थित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने तैयारियों को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। इसी क्रम में जिलाधिकारी समीर वर्मा और पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत ने कोतवाली जालौन क्षेत्र के नारायणपुरा बंबा स्थित दुर्गा प्रतिमा विसर्जन स्थल का निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रशासन का मुख्य जोर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और विसर्जन कार्यक्रम को सुचारु रूप से संपन्न कराने पर रहा।

विसर्जन स्थल पर पहुंचकर परखी गईं व्यवस्थाएं

दुर्गा पूजा के समापन पर प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन पहले से ही आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने में जुटा है। इसी उद्देश्य से डीएम और एसपी ने नारायणपुरा बंबा स्थित विसर्जन स्थल का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं और सुरक्षा प्रबंधों की स्थिति का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने घाट की साफ-सफाई, श्रद्धालुओं के आवागमन, सुरक्षा के लिए लगाई जाने वाली बैरिकेडिंग तथा प्रकाश व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर ध्यान दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि विसर्जन स्थल पर किसी भी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न होने पाए और सभी जरूरी तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसलिए सभी संबंधित विभाग अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें, ताकि विसर्जन के समय लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

घाट की सफाई और बैरिकेडिंग पर विशेष जोर

प्रतिमा विसर्जन के दौरान घाट पर साफ-सफाई बनाए रखना और लोगों की आवाजाही को नियंत्रित करना बेहद आवश्यक होता है। इसे ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने विसर्जन स्थल की स्वच्छता तथा बैरिकेडिंग की व्यवस्था को लेकर विशेष निर्देश दिए।

प्रशासन की ओर से संबंधित विभागों को कहा गया कि घाट और उसके आसपास के क्षेत्र में सफाई की समुचित व्यवस्था रखी जाए। श्रद्धालुओं के आने-जाने के रास्ते व्यवस्थित हों और जहां आवश्यक हो, वहां बैरिकेडिंग लगाकर सुरक्षित क्षेत्र निर्धारित किया जाए। इससे लोगों की भीड़ को नियंत्रित करने और संवेदनशील स्थानों पर अनावश्यक प्रवेश रोकने में मदद मिलेगी।

बैरिकेडिंग की उचित व्यवस्था होने से विसर्जन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित दिशा में आगे बढ़ाया जा सकता है। साथ ही प्रशासनिक और पुलिस कर्मियों को भी भीड़ को व्यवस्थित रखने में सुविधा होगी। अधिकारियों ने इन व्यवस्थाओं को केवल औपचारिकता के तौर पर नहीं, बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानते हुए समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।

गोताखोरों की तैनाती और सुरक्षा व्यवस्था जरूरी

जलाशय या बंबा में प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान पानी से जुड़े जोखिमों को देखते हुए प्रशासन ने गोताखोरों की तैनाती पर भी विशेष ध्यान दिया। निरीक्षण के दौरान डीएम और एसपी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि विसर्जन स्थल पर आवश्यकतानुसार प्रशिक्षित गोताखोरों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

पानी के पास भीड़ एकत्र होने पर सावधानी बरतना जरूरी होता है। ऐसे में श्रद्धालुओं को सुरक्षित दूरी बनाए रखने, निर्धारित स्थान से ही विसर्जन करने और प्रशासन की ओर से तय किए गए नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया जाना चाहिए। सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और समय पर आवश्यक सहायता उपलब्ध रहने से किसी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई करने में मदद मिल सकती है।

अधिकारियों ने सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं पर गंभीरता से ध्यान देने और किसी भी संभावित लापरवाही से बचने की आवश्यकता पर जोर दिया। हालांकि, निरीक्षण के दौरान किसी दुर्घटना या अव्यवस्था की सूचना नहीं दी गई। प्रशासन का उद्देश्य पहले से तैयारी करके विसर्जन कार्यक्रम को सुरक्षित बनाए रखना है।

प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश

दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही विभिन्न समयों पर हो सकती है। ऐसे में घाट और वहां तक पहुंचने वाले रास्तों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने प्रकाश व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

घाट के आसपास पर्याप्त रोशनी रहने से श्रद्धालुओं को रास्ता पहचानने, निर्धारित स्थान तक पहुंचने और सुरक्षित तरीके से लौटने में सहायता मिलती है। इसके साथ ही ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों और अन्य कर्मचारियों को भी भीड़ पर नजर रखने में सुविधा होती है।

प्रशासन ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि जहां प्रकाश व्यवस्था में सुधार की जरूरत हो, वहां समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाएं। विसर्जन स्थल पर साफ-सफाई, रोशनी और सुरक्षा संबंधी इंतजामों को एक साथ दुरुस्त रखने से कार्यक्रम के दौरान बेहतर व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी।

भीड़ नियंत्रण के लिए रूट डायवर्जन और पार्किंग की व्यवस्था

प्रतिमा विसर्जन के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से सड़कों पर यातायात का दबाव बढ़ सकता है। इससे जाम लगने और लोगों को आवागमन में परेशानी होने की आशंका रहती है। इस स्थिति से निपटने के लिए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने रूट डायवर्जन तथा पार्किंग की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

अधिकारियों ने कहा कि विसर्जन स्थल तक आने वाले मार्गों पर यातायात को व्यवस्थित रखा जाए। जरूरत के अनुसार वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए जाएं और पार्किंग की ऐसी व्यवस्था हो, जिससे मुख्य रास्तों पर अनावश्यक भीड़ न लगे। इससे श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी आवागमन में सुविधा मिल सकेगी।

पुलिस और यातायात व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों को आपसी तालमेल के साथ कार्य करने की जरूरत है, ताकि किसी स्थान पर वाहनों का दबाव बढ़ने की स्थिति में समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें। विशेष रूप से विसर्जन स्थल के आसपास पैदल आने वाले श्रद्धालुओं और वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित रखना महत्वपूर्ण होगा।

सभी विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने पर जोर

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि विसर्जन की तैयारियों में किसी प्रकार की कमी न रहने पाए। सुरक्षा, सफाई, यातायात, प्रकाश व्यवस्था और आपात सहायता जैसे विषयों पर सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, किसी भी बड़े धार्मिक आयोजन को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियां स्पष्ट होना जरूरी है। यदि सभी कर्मचारी निर्धारित जिम्मेदारियों के अनुसार कार्य करते हैं, तो भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में आसानी होती है।

विसर्जन के दौरान मौके पर तैनात कर्मचारियों को सतर्क रहने और परिस्थितियों के अनुसार समय पर कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। प्रशासन की कोशिश है कि आयोजन के दौरान शांति व्यवस्था बनी रहे और श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के धार्मिक गतिविधियों में भाग ले सकें।

श्रद्धालुओं से नियमों का पालन करने की अपील

जिला प्रशासन ने दुर्गा प्रतिमा विसर्जन में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करें और व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें। लोगों से कहा गया है कि वे बैरिकेडिंग का उल्लंघन न करें, पानी के पास अनावश्यक भीड़ न लगाएं और विसर्जन के लिए निर्धारित सुरक्षित स्थान का ही उपयोग करें।

श्रद्धालुओं को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि वे यातायात नियमों का पालन करें और अपने वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थल पर ही खड़ा करें। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर धैर्य बनाए रखना तथा पुलिस और प्रशासनिक कर्मचारियों के निर्देशों का पालन करना सभी की सुरक्षा के लिए आवश्यक है।

धार्मिक आयोजन की सफलता केवल प्रशासनिक तैयारियों पर ही निर्भर नहीं करती, बल्कि इसमें आम नागरिकों की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण होती है। यदि श्रद्धालु नियमों का पालन करते हुए सहयोग करें, तो भीड़ प्रबंधन आसान होगा और विसर्जन कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने में मदद मिलेगी।

सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता

नारायणपुरा बंबा स्थित दुर्गा प्रतिमा विसर्जन स्थल का निरीक्षण कर जिलाधिकारी समीर वर्मा और पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत ने संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। घाट की सफाई, बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था, गोताखोरों की तैनाती, रूट डायवर्जन और पार्किंग जैसे बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।

प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण मिले और यातायात तथा भीड़ प्रबंधन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। अधिकारियों ने सभी संबंधित विभागों को सतर्कता के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाने और आपसी समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।

अब विसर्जन स्थल पर निर्धारित व्यवस्थाओं को समय से पूरा करना और श्रद्धालुओं की सुविधा का ध्यान रखना संबंधित विभागों की प्राथमिकता होगी। प्रशासन की अपील है कि सभी लोग आपसी सहयोग, अनुशासन और सावधानी के साथ दुर्गा प्रतिमा विसर्जन कार्यक्रम में भाग लें, जिससे धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न हो सके।

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जालौन: दुर्गा प्रतिमा विसर्जन स्थल का डीएम-एसपी ने किया निरीक्षण, सुरक्षा इंतजामों को लेकर अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

लेखक:हिट एंड हॉट न्यूज़ डेस्क|प्रकाशित:अक्टूबर 20, 2026

अरुण कुमार मिश्रा

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन

.जालौन, उत्तर प्रदेश। दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को सुरक्षित, व्यवस्थित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने तैयारियों को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। इसी क्रम में जिलाधिकारी समीर वर्मा और पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत ने कोतवाली जालौन क्षेत्र के नारायणपुरा बंबा स्थित दुर्गा प्रतिमा विसर्जन स्थल का निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रशासन का मुख्य जोर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और विसर्जन कार्यक्रम को सुचारु रूप से संपन्न कराने पर रहा।

विसर्जन स्थल पर पहुंचकर परखी गईं व्यवस्थाएं

दुर्गा पूजा के समापन पर प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन पहले से ही आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने में जुटा है। इसी उद्देश्य से डीएम और एसपी ने नारायणपुरा बंबा स्थित विसर्जन स्थल का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं और सुरक्षा प्रबंधों की स्थिति का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने घाट की साफ-सफाई, श्रद्धालुओं के आवागमन, सुरक्षा के लिए लगाई जाने वाली बैरिकेडिंग तथा प्रकाश व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर ध्यान दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि विसर्जन स्थल पर किसी भी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न होने पाए और सभी जरूरी तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसलिए सभी संबंधित विभाग अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें, ताकि विसर्जन के समय लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

घाट की सफाई और बैरिकेडिंग पर विशेष जोर

प्रतिमा विसर्जन के दौरान घाट पर साफ-सफाई बनाए रखना और लोगों की आवाजाही को नियंत्रित करना बेहद आवश्यक होता है। इसे ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने विसर्जन स्थल की स्वच्छता तथा बैरिकेडिंग की व्यवस्था को लेकर विशेष निर्देश दिए।

प्रशासन की ओर से संबंधित विभागों को कहा गया कि घाट और उसके आसपास के क्षेत्र में सफाई की समुचित व्यवस्था रखी जाए। श्रद्धालुओं के आने-जाने के रास्ते व्यवस्थित हों और जहां आवश्यक हो, वहां बैरिकेडिंग लगाकर सुरक्षित क्षेत्र निर्धारित किया जाए। इससे लोगों की भीड़ को नियंत्रित करने और संवेदनशील स्थानों पर अनावश्यक प्रवेश रोकने में मदद मिलेगी।

बैरिकेडिंग की उचित व्यवस्था होने से विसर्जन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित दिशा में आगे बढ़ाया जा सकता है। साथ ही प्रशासनिक और पुलिस कर्मियों को भी भीड़ को व्यवस्थित रखने में सुविधा होगी। अधिकारियों ने इन व्यवस्थाओं को केवल औपचारिकता के तौर पर नहीं, बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानते हुए समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।

गोताखोरों की तैनाती और सुरक्षा व्यवस्था जरूरी

जलाशय या बंबा में प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान पानी से जुड़े जोखिमों को देखते हुए प्रशासन ने गोताखोरों की तैनाती पर भी विशेष ध्यान दिया। निरीक्षण के दौरान डीएम और एसपी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि विसर्जन स्थल पर आवश्यकतानुसार प्रशिक्षित गोताखोरों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

पानी के पास भीड़ एकत्र होने पर सावधानी बरतना जरूरी होता है। ऐसे में श्रद्धालुओं को सुरक्षित दूरी बनाए रखने, निर्धारित स्थान से ही विसर्जन करने और प्रशासन की ओर से तय किए गए नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया जाना चाहिए। सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और समय पर आवश्यक सहायता उपलब्ध रहने से किसी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई करने में मदद मिल सकती है।

अधिकारियों ने सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं पर गंभीरता से ध्यान देने और किसी भी संभावित लापरवाही से बचने की आवश्यकता पर जोर दिया। हालांकि, निरीक्षण के दौरान किसी दुर्घटना या अव्यवस्था की सूचना नहीं दी गई। प्रशासन का उद्देश्य पहले से तैयारी करके विसर्जन कार्यक्रम को सुरक्षित बनाए रखना है।

प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश

दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही विभिन्न समयों पर हो सकती है। ऐसे में घाट और वहां तक पहुंचने वाले रास्तों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने प्रकाश व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

घाट के आसपास पर्याप्त रोशनी रहने से श्रद्धालुओं को रास्ता पहचानने, निर्धारित स्थान तक पहुंचने और सुरक्षित तरीके से लौटने में सहायता मिलती है। इसके साथ ही ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों और अन्य कर्मचारियों को भी भीड़ पर नजर रखने में सुविधा होती है।

प्रशासन ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि जहां प्रकाश व्यवस्था में सुधार की जरूरत हो, वहां समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाएं। विसर्जन स्थल पर साफ-सफाई, रोशनी और सुरक्षा संबंधी इंतजामों को एक साथ दुरुस्त रखने से कार्यक्रम के दौरान बेहतर व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी।

भीड़ नियंत्रण के लिए रूट डायवर्जन और पार्किंग की व्यवस्था

प्रतिमा विसर्जन के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से सड़कों पर यातायात का दबाव बढ़ सकता है। इससे जाम लगने और लोगों को आवागमन में परेशानी होने की आशंका रहती है। इस स्थिति से निपटने के लिए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने रूट डायवर्जन तथा पार्किंग की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

अधिकारियों ने कहा कि विसर्जन स्थल तक आने वाले मार्गों पर यातायात को व्यवस्थित रखा जाए। जरूरत के अनुसार वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए जाएं और पार्किंग की ऐसी व्यवस्था हो, जिससे मुख्य रास्तों पर अनावश्यक भीड़ न लगे। इससे श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी आवागमन में सुविधा मिल सकेगी।

पुलिस और यातायात व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों को आपसी तालमेल के साथ कार्य करने की जरूरत है, ताकि किसी स्थान पर वाहनों का दबाव बढ़ने की स्थिति में समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें। विशेष रूप से विसर्जन स्थल के आसपास पैदल आने वाले श्रद्धालुओं और वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित रखना महत्वपूर्ण होगा।

सभी विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने पर जोर

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि विसर्जन की तैयारियों में किसी प्रकार की कमी न रहने पाए। सुरक्षा, सफाई, यातायात, प्रकाश व्यवस्था और आपात सहायता जैसे विषयों पर सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, किसी भी बड़े धार्मिक आयोजन को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियां स्पष्ट होना जरूरी है। यदि सभी कर्मचारी निर्धारित जिम्मेदारियों के अनुसार कार्य करते हैं, तो भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में आसानी होती है।

विसर्जन के दौरान मौके पर तैनात कर्मचारियों को सतर्क रहने और परिस्थितियों के अनुसार समय पर कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। प्रशासन की कोशिश है कि आयोजन के दौरान शांति व्यवस्था बनी रहे और श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के धार्मिक गतिविधियों में भाग ले सकें।

श्रद्धालुओं से नियमों का पालन करने की अपील

जिला प्रशासन ने दुर्गा प्रतिमा विसर्जन में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करें और व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें। लोगों से कहा गया है कि वे बैरिकेडिंग का उल्लंघन न करें, पानी के पास अनावश्यक भीड़ न लगाएं और विसर्जन के लिए निर्धारित सुरक्षित स्थान का ही उपयोग करें।

श्रद्धालुओं को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि वे यातायात नियमों का पालन करें और अपने वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थल पर ही खड़ा करें। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर धैर्य बनाए रखना तथा पुलिस और प्रशासनिक कर्मचारियों के निर्देशों का पालन करना सभी की सुरक्षा के लिए आवश्यक है।

धार्मिक आयोजन की सफलता केवल प्रशासनिक तैयारियों पर ही निर्भर नहीं करती, बल्कि इसमें आम नागरिकों की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण होती है। यदि श्रद्धालु नियमों का पालन करते हुए सहयोग करें, तो भीड़ प्रबंधन आसान होगा और विसर्जन कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने में मदद मिलेगी।

सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता

नारायणपुरा बंबा स्थित दुर्गा प्रतिमा विसर्जन स्थल का निरीक्षण कर जिलाधिकारी समीर वर्मा और पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत ने संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। घाट की सफाई, बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था, गोताखोरों की तैनाती, रूट डायवर्जन और पार्किंग जैसे बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।

प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण मिले और यातायात तथा भीड़ प्रबंधन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। अधिकारियों ने सभी संबंधित विभागों को सतर्कता के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाने और आपसी समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।

अब विसर्जन स्थल पर निर्धारित व्यवस्थाओं को समय से पूरा करना और श्रद्धालुओं की सुविधा का ध्यान रखना संबंधित विभागों की प्राथमिकता होगी। प्रशासन की अपील है कि सभी लोग आपसी सहयोग, अनुशासन और सावधानी के साथ दुर्गा प्रतिमा विसर्जन कार्यक्रम में भाग लें, जिससे धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न हो सके।