जालौन: कोंच में विजयादशमी पर RSS का पथ संचलन, शस्त्र पूजन के साथ स्वयंसेवकों ने दिया राष्ट्र निर्माण का संदेश
अरुण कुमार मिश्रा
हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन
कोंच, जालौन। विजयादशमी के पावन अवसर पर मंगलवार को कोंच नगर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की ओर से विजय उत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संघ के स्वयंसेवकों ने अनुशासित ढंग से पथ संचलन निकाला और पारंपरिक रूप से शस्त्र पूजन कर कार्यक्रम की शुरुआत की। नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरे पथ संचलन का स्थानीय लोगों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्र के प्रति समर्पण, सामाजिक सेवा, अनुशासन और देश के विकास में सक्रिय भागीदारी का संदेश दिया गया।

विजयादशमी के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में संघ के पदाधिकारियों, स्वयंसेवकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी रही। पारंपरिक वेशभूषा में शामिल स्वयंसेवकों ने एकजुटता और अनुशासन का परिचय देते हुए निर्धारित मार्ग पर पथ संचलन पूरा किया। आयोजन के माध्यम से लोगों को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने तथा राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया गया।
एसआरपी इंटर कॉलेज से शुरू हुआ पथ संचलन
कोंच नगर में आयोजित पथ संचलन की शुरुआत गांधी नगर स्थित एसआरपी इंटर कॉलेज परिसर से हुई। यहां से स्वयंसेवक निर्धारित मार्ग पर कदमताल करते हुए नगर के प्रमुख स्थानों की ओर आगे बढ़े। पथ संचलन रेलवे फाटक और बस स्टैंड से होते हुए सागर चौकी तथा चंदकुआ चौराहे तक पहुंचा।
इसके बाद स्वयंसेवकों का दल स्टेट बैंक की ओर से आगे बढ़ा और पावर हाउस, बजरिया तथा मालवीय नगर के रास्ते शाह साहब की मजार के समीप से गुजरा। इसके बाद पथ संचलन पुनः पावर हाउस पहुंचा और भारत माता मंदिर होते हुए प्राचीन गढ़ी पर संपन्न हुआ।
नगर के अलग-अलग हिस्सों में पथ संचलन को देखने के लिए लोग मौजूद रहे। कई स्थानों पर स्थानीय नागरिकों ने पुष्प वर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया। पूरे आयोजन में अनुशासन और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार गतिविधियों को संपन्न कराने पर जोर दिखाई दिया।
विजयादशमी पर संघ के स्थापना दिवस का महत्व बताया
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक शिवम ने विजयादशमी के महत्व और संघ की परंपरा के बारे में विचार रखे। उन्होंने बताया कि संघ के स्थापना दिवस के अवसर पर प्रत्येक वर्ष विजयादशमी के दिन विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन आयोजनों के माध्यम से स्वयंसेवकों को संगठन के उद्देश्यों, सामाजिक जिम्मेदारियों और राष्ट्रहित में कार्य करने की प्रेरणा दी जाती है।
उन्होंने कहा कि विजयादशमी भारतीय परंपरा का महत्वपूर्ण पर्व है, जिसे बुराई पर अच्छाई की विजय के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। यह त्योहार लोगों को सकारात्मक विचारों, सदाचार और अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहने की प्रेरणा देता है। उन्होंने इस पर्व को समाज में अच्छे मूल्यों को मजबूत करने और सामूहिक रूप से आगे बढ़ने का अवसर बताया।
जिला प्रचारक ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ स्वयंसेवकों का संगठन है, जिसके कार्यकर्ता विभिन्न क्षेत्रों में सेवा गतिविधियों के माध्यम से समाज के बीच काम करते हैं। उन्होंने सामाजिक जीवन में सहयोग, जिम्मेदारी और समर्पण के महत्व पर भी जोर दिया।
आपदा के समय सेवा कार्यों में भागीदारी का उल्लेख
अपने संबोधन में जिला प्रचारक शिवम ने प्राकृतिक आपदाओं के दौरान स्वयंसेवकों की भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश के किसी भी हिस्से में आपदा या संकट की स्थिति उत्पन्न होने पर स्वयंसेवक राहत और सेवा कार्यों में भाग लेने का प्रयास करते हैं। जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाना और प्रभावित समुदायों के साथ खड़े रहना सामाजिक सेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उन्होंने स्वयंसेवकों से अपेक्षा जताई कि वे समाज के विभिन्न वर्गों के बीच सहयोग और सेवा की भावना को आगे बढ़ाएं। उनके अनुसार, सामाजिक कार्यों में भागीदारी से लोगों के बीच आपसी विश्वास मजबूत होता है और सामूहिक प्रयासों के जरिए कठिन परिस्थितियों का सामना करने में सहायता मिलती है।
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि राष्ट्र के विकास में केवल संस्थाओं की ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। प्रत्येक व्यक्ति अपने स्तर पर जिम्मेदारी निभाकर समाज को बेहतर बनाने में योगदान दे सकता है।
युवाओं से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील
विजय उत्सव के दौरान युवाओं को राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों में आगे आने के लिए प्रेरित किया गया। संघ के कार्यकर्ताओं ने लोगों से आह्वान किया कि वे अपने व्यक्तिगत हितों के साथ समाज और देश के व्यापक हितों को भी प्राथमिकता दें।
युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक रहने, जरूरतमंदों की सहायता करने और सकारात्मक कार्यों में भागीदारी निभाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में अनुशासन, संगठनात्मक एकता और सेवा भावना को समाज के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।
वक्ताओं ने विजयादशमी के पर्व को आत्ममंथन और संकल्प का अवसर बताते हुए कहा कि अच्छे विचारों को व्यवहार में उतारना जरूरी है। समाज में सद्भाव बनाए रखने, सार्वजनिक हित के कार्यों में सहयोग करने और अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करने से राष्ट्र की प्रगति को गति मिल सकती है।
पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए स्वयंसेवक
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की परंपरा के अनुसार विजयादशमी पर आयोजित पथ संचलन में स्वयंसेवक निर्धारित वेशभूषा में शामिल हुए। इस आयोजन में बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों की सहभागिता रही। नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरते समय स्वयंसेवकों ने अनुशासन के साथ कदमताल की।
पथ संचलन को लेकर नगर में लोगों की उत्सुकता भी देखने को मिली। विभिन्न स्थानों पर नागरिकों ने पुष्प वर्षा के जरिए स्वागत किया। आयोजन का समापन प्राचीन गढ़ी पर हुआ, जहां कार्यक्रम से जुड़े लोगों ने सहभागिता निभाई।
विजयादशमी के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं के साथ सामाजिक सेवा और राष्ट्र के प्रति दायित्वों पर भी चर्चा की गई। संघ के पदाधिकारियों ने स्वयंसेवकों और नागरिकों से समाजहित के कार्यों में निरंतर भाग लेने की अपील की।
ये पदाधिकारी और गणमान्य लोग रहे उपस्थित
कोंच में आयोजित विजय उत्सव और पथ संचलन कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक शिवम, नगर कार्यवाह ऋषभ गिरवासिया, रतन सिंह, सुनील श्रीवास्तव, जिला सेवा प्रमुख विपिन निरंजन, पवन झा और नरसिंह गहरवार सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इसके अतिरिक्त विधायक मूलचन्द्र निरंजन, नगर पालिका अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता, पत्रकार संजय सोनी, गौरव सिनी, आशुतोष रावत, शिवम लखेरा, राजेन्द्र दुबे, प्रदीप वर्मा, चतुर्भुज चंदेरिया, सुरेन्द्र निरंजन, विविध श्रीवास्तव, अमित उपाध्याय, नरेश वर्मा, विनोद सोनी, बाबूराम पाल, विनय झा, नीरज दुबे, साकेत शाण्डिल्य और बृजेंद्र कुशवाह सहित अन्य लोग भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम का समापन निर्धारित मार्ग से पथ संचलन पूरा होने के साथ हुआ। विजयादशमी के अवसर पर आयोजित इस आयोजन में स्वयंसेवकों ने अनुशासन, सामाजिक सेवा और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को आगे बढ़ाने का संदेश दिया। स्थानीय लोगों की सहभागिता और विभिन्न स्थानों पर हुए स्वागत के बीच कोंच नगर में विजय उत्सव संपन्न हुआ।
निष्कर्ष: कोंच में विजयादशमी पर निकाला गया राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का पथ संचलन पारंपरिक उत्सव और सामाजिक सहभागिता का अवसर बना। कार्यक्रम में शस्त्र पूजन, संगठन की स्थापना दिवस परंपरा और सेवा कार्यों के महत्व के साथ युवाओं को राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया गया।
