करवाचौथ पर पति की लंबी उम्र के लिए रखा व्रत, लेकिन सड़क हादसे ने छीन लिया सुहाग; दो मासूम बेटियों के सिर से उठा पिता का साया

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अमरेश त्रिपाठी

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ कानपुर देहात

कानपुर देहात | 29 अक्टूबर 2026

कानपुर देहात के गजनेर थाना क्षेत्र में करवाचौथ के दिन हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए व्रत रखने वाली प्रिया अवस्थी को क्या पता था कि जिस जीवनसाथी के घर लौटने का वह इंतजार कर रही हैं, वह कभी वापस नहीं आएगा। तेज रफ्तार कार की टक्कर से बाइक सवार 30 वर्षीय अमन अवस्थी की मौत हो गई। इस घटना ने न केवल उनकी पत्नी को गहरे सदमे में डाल दिया, बल्कि सात वर्षीय वैष्णवी और पांच वर्षीय विधि से भी उनके पिता का साया छीन लिया।

त्योहार के दिन हुई इस दुखद घटना से सीधामऊ गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार के लिए करवाचौथ का दिन ऐसी पीड़ा लेकर आया, जिसकी भरपाई कर पाना संभव नहीं है। जिस घर में पति के लौटने और पारिवारिक खुशियां साझा करने की उम्मीद थी, वहां अचानक मातम छा गया।

सब्जी लेने निकले थे अमन, रास्ते में हुआ हादसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गजनेर थाना क्षेत्र के सीधामऊ गांव निवासी अमन अवस्थी एक फैक्ट्री में काम करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। गुरुवार शाम वह बाइक से सब्जी खरीदने के लिए मोहाना गांव गए थे। खरीदारी करने के बाद वह अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान हिम्मापुरवा के पास पीछे से आ रही तेज रफ्तार कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी।

प्रत्यक्ष रूप से सामने आए घटनाक्रम के मुताबिक, टक्कर इतनी जोरदार थी कि अमन बाइक सहित सड़क किनारे बने नाले में जा गिरे। अचानक हुए इस हादसे के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोग तत्काल मदद के लिए मौके पर पहुंचे और घायल अमन को बाहर निकालने का प्रयास किया।

लोगों की मदद से उन्हें नाले से बाहर निकाला गया। दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। इसके बाद घायल अमन को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, लेकिन वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

अमन की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। कुछ समय पहले तक घर लौटने की उम्मीद लगाए बैठे परिजनों के लिए यह सूचना किसी बड़े सदमे से कम नहीं थी।

करवाचौथ के व्रत के बीच पत्नी पर टूटा दुखों का पहाड़

करवाचौथ का त्योहार पति-पत्नी के रिश्ते, विश्वास और साथ की कामना से जुड़ा होता है। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और परिवार की खुशहाली के लिए व्रत रखती हैं। प्रिया अवस्थी भी इसी उम्मीद के साथ व्रत रखे हुए थीं कि उनके पति अमन घर लौटेंगे और परिवार के साथ त्योहार की रस्में पूरी होंगी।

लेकिन नियति ने परिवार के लिए कुछ और ही लिख रखा था। जिस दिन प्रिया अपने पति की सलामती की प्रार्थना कर रही थीं, उसी दिन सड़क हादसे में उनकी जान चली गई। पति की मौत की खबर सुनते ही प्रिया गहरे सदमे में चली गईं और बेसुध होकर गिर पड़ीं।

परिजनों और आसपास मौजूद लोगों के लिए उन्हें संभालना मुश्किल हो गया। उनकी आंखों के सामने पूरा परिवार बिखर गया था। एक ओर जीवनसाथी को खोने का असहनीय दुख था, तो दूसरी ओर अपनी दोनों छोटी बेटियों के भविष्य की चिंता भी सामने खड़ी थी।

इस घटना ने करवाचौथ के दिन परिवार की खुशियों को पूरी तरह छीन लिया। प्रिया के लिए यह त्योहार अब जीवन की एक ऐसी दर्दनाक याद बन गया, जिसे भुला पाना बेहद कठिन होगा।

सात और पांच साल की बेटियों से छिन गया पिता का साथ

अमन अवस्थी की मौत का सबसे गहरा असर उनकी दोनों मासूम बेटियों पर पड़ा है। सात वर्षीय वैष्णवी और पांच वर्षीय विधि अभी इतनी छोटी हैं कि जीवन की कठिनाइयों और पिता को हमेशा के लिए खो देने की वास्तविकता को पूरी तरह समझ पाना भी उनके लिए आसान नहीं होगा।

जिस उम्र में बच्चों को माता-पिता का प्यार, सुरक्षा और मार्गदर्शन सबसे अधिक चाहिए, उसी उम्र में दोनों बच्चियों के सिर से पिता का साया उठ गया। परिवार के सामने अब इन बच्चियों की परवरिश और भविष्य की जिम्मेदारी पहले से अधिक चुनौतीपूर्ण हो गई है।

हादसे के बाद घर में पसरे मातम के बीच बच्चियों और उनकी मां की स्थिति देखकर आसपास के लोग भी भावुक हो उठे। परिवार के लिए यह केवल एक सदस्य को खोने की घटना नहीं, बल्कि रोजमर्रा के जीवन, आर्थिक जिम्मेदारियों और भविष्य की उम्मीदों पर पड़ा गहरा आघात है।

अमन फैक्ट्री में काम करके परिवार की जरूरतें पूरी करते थे। उनकी असमय मौत से परिवार को भावनात्मक क्षति के साथ-साथ आजीविका से जुड़ी मुश्किलों का भी सामना करना पड़ सकता है।

माता-पिता का भी रो-रोकर बुरा हाल

अमन की मौत की खबर से उनके पिता ओमदत्त और मां मीरा भी गहरे सदमे में हैं। जिस बेटे से परिवार को सहारे और भविष्य की उम्मीदें थीं, उसकी अचानक मौत ने माता-पिता को तोड़कर रख दिया।

परिवार के सदस्य और परिचित घटना की जानकारी मिलने के बाद सांत्वना देने पहुंचे। हालांकि, इस कठिन समय में परिजनों के दुख को कम कर पाना किसी के लिए भी आसान नहीं था। घर में हर तरफ शोक का माहौल बना रहा।

गांव के लोगों के बीच भी इस घटना को लेकर दुख व्यक्त किया गया। त्योहार के दिन एक परिवार के साथ हुई इस त्रासदी ने लोगों को झकझोर कर रख दिया।

हादसे के बाद कार छोड़कर फरार हुआ चालक

दुर्घटना के बाद कार चालक कथित तौर पर वाहन को मौके पर छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार को अपने कब्जे में ले लिया है। अब मामले में कानूनी कार्रवाई और हादसे से जुड़े तथ्यों की जांच महत्वपूर्ण होगी।

गजनेर थाना प्रभारी सनत कुमार के मुताबिक, मामले में तहरीर मिलने के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच के दौरान दुर्घटना की परिस्थितियों, वाहन और चालक से संबंधित तथ्यों का पता लगाया जा सकेगा।

फिलहाल, अमन की मौत के बाद परिवार शोक में डूबा हुआ है। पत्नी प्रिया और उनकी दोनों बेटियों के सामने जीवन की एक कठिन परिस्थिति आ खड़ी हुई है।

तेज रफ्तार और लापरवाही पर फिर उठे सवाल

कानपुर देहात की यह घटना सड़क सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करती है। तेज रफ्तार वाहन और यातायात नियमों की अनदेखी सड़क दुर्घटनाओं के जोखिम को बढ़ा सकती है। कई बार कुछ क्षणों की लापरवाही किसी परिवार की पूरी जिंदगी बदल देती है।

सड़क पर वाहन चलाते समय निर्धारित गति सीमा का पालन करना, सुरक्षित दूरी बनाए रखना और दूसरे वाहन चालकों के प्रति सतर्क रहना बेहद जरूरी है। दुर्घटना होने की स्थिति में घायल व्यक्ति को शीघ्र चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना भी महत्वपूर्ण होता है।

इस मामले में जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की जिम्मेदारी और अन्य तथ्यों की स्पष्ट जानकारी सामने आएगी। हालांकि, अमन की मौत से उनके परिवार को जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई संभव नहीं है।

परिवार के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गया करवाचौथ

सीधामऊ गांव के अमन अवस्थी के परिवार के लिए करवाचौथ का दिन एक ऐसी याद छोड़ गया, जो लंबे समय तक उनके जीवन का हिस्सा बनी रहेगी। प्रिया ने जिस पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखा था, उसी दिन उन्हें उनके निधन की खबर मिली। वैष्णवी और विधि के लिए भी यह घटना उनके जीवन में पिता की अनुपस्थिति का कठिन दौर लेकर आई है।

यह हादसा याद दिलाता है कि सड़क पर बरती गई असावधानी का असर केवल दुर्घटना में शामिल लोगों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे परिवार की जिंदगी को प्रभावित करता है। अमन की असमय मौत ने उनके घर की खुशियां छीन लीं और पीछे पत्नी, दो बेटियों तथा शोक में डूबे माता-पिता को छोड़ दिया।

अब परिवार को इस गहरे दुख से उबरने के लिए समय, सहयोग और सहारे की जरूरत होगी। करवाचौथ के दिन हुई यह दुर्घटना क्षेत्र में सड़क सुरक्षा के प्रति सतर्कता बरतने की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है।

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