यूपी PET परीक्षा में नकल का हाईटेक मामला: सैनिटरी पैड में छिपाकर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस लाया अभ्यर्थी, झांसी में पकड़ा गया
झांसी, उत्तर प्रदेश | 31 अक्टूबर 2026
उत्तर प्रदेश में प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) 2026 के दौरान नकल का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। झांसी में आयोजित परीक्षा के दौरान एक अभ्यर्थी को कथित तौर पर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की मदद से नकल करने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया। बताया जा रहा है कि अभ्यर्थी ने परीक्षा केंद्र की जांच व्यवस्था से बचने के लिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को सैनिटरी पैड में छिपा रखा था।

परीक्षा कक्ष में संदिग्ध आवाज सुनाई देने के बाद कक्ष निरीक्षक को शक हुआ। इसके बाद जांच की गई तो अभ्यर्थी के पास से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुआ। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने कार्रवाई शुरू कर दी। इस घटना ने एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए अपनाए जा रहे सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।Amar Ujala+2
झांसी के परीक्षा केंद्र पर सामने आया मामला
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह घटना झांसी के नेशनल हाफिज सिद्दीकी इंटर कॉलेज स्थित परीक्षा केंद्र की है। यहां उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से प्रारंभिक अर्हता परीक्षा आयोजित की जा रही थी।
30 अक्टूबर 2026 को दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित थी। परीक्षा के दौरान एक अभ्यर्थी की गतिविधियों पर कक्ष निरीक्षक को संदेह हुआ। बताया गया कि अभ्यर्थी के पास से असामान्य सरसराहट जैसी आवाज सुनाई दे रही थी।
कक्ष निरीक्षक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद अभ्यर्थी की जांच की गई। तलाशी के दौरान सैनिटरी पैड में छिपाई गई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और कुछ अन्य सामान बरामद होने की बात सामने आई।
प्रयागराज के अभ्यर्थी की हुई पहचान
इस मामले में पकड़े गए अभ्यर्थी की पहचान आकाश पटेल के रूप में बताई गई है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, वह मूल रूप से प्रयागराज का निवासी है और PET परीक्षा देने के लिए झांसी पहुंचा था।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अभ्यर्थी पर इलेक्ट्रॉनिक उपकरण की मदद से परीक्षा में अनुचित लाभ लेने की कोशिश करने का आरोप है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू की।
झांसी की एसपी सिटी प्रीति सिंह के हवाले से प्रकाशित खबरों में बताया गया है कि अभ्यर्थी के खिलाफ नवाबाद थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई की गई। पुलिस मामले से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।Hindustan+2
कक्ष निरीक्षक की सतर्कता से खुला मामला
इस घटना में परीक्षा कक्ष में तैनात निरीक्षक की सतर्कता महत्वपूर्ण साबित हुई। परीक्षा के दौरान अभ्यर्थी के पास से संदिग्ध आवाज आने पर निरीक्षक ने इसे सामान्य घटना मानकर नजरअंदाज नहीं किया।
उन्होंने तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचना दी। जांच के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिलने के बाद परीक्षा केंद्र पर मौजूद अधिकारियों में हलचल मच गई। इसके बाद पुलिस को बुलाया गया और अभ्यर्थी से पूछताछ की गई।
इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि परीक्षा केंद्रों पर केवल प्रवेश के समय ही नहीं, बल्कि परीक्षा के दौरान भी निगरानी बेहद जरूरी है। कई बार प्रवेश के समय सामान्य दिखाई देने वाली परिस्थितियों में भी परीक्षा के दौरान संदिग्ध गतिविधियां सामने आ सकती हैं।
PET परीक्षा में नकल रोकने के लिए कड़े इंतजाम
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा प्रदेश की महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल है। इस परीक्षा के माध्यम से अभ्यर्थियों को राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में आने वाली समूह ‘ग’ की भर्तियों के लिए पात्रता हासिल करने का अवसर मिलता है।
PET में सफल होने वाले अभ्यर्थियों को आगे की चयन प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिलता है। इसलिए लाखों युवा इस परीक्षा को अपने सरकारी नौकरी के सपने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानते हैं।
परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की भागीदारी को देखते हुए आयोग और जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा एवं निगरानी के इंतजाम किए जाते हैं। परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश जांच, पहचान सत्यापन और सीसीटीवी निगरानी जैसी व्यवस्थाओं का उद्देश्य परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखना है।
झांसी में सामने आया यह मामला बताता है कि परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए प्रशासन को लगातार सतर्क रहने की जरूरत है।
नकल की घटनाओं से मेहनती अभ्यर्थियों पर पड़ता है असर
प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल की कोशिश केवल परीक्षा नियमों का उल्लंघन नहीं है, बल्कि इससे उन लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य और मेहनत पर भी असर पड़ सकता है जो ईमानदारी से तैयारी करते हैं।
कई युवा वर्षों तक पढ़ाई और अभ्यास करके प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होते हैं। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति अनुचित साधनों का इस्तेमाल करके आगे निकलने की कोशिश करता है तो इससे योग्य अभ्यर्थियों के बीच असमानता पैदा होती है।
परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखना आयोग और प्रशासन की जिम्मेदारी होने के साथ-साथ प्रत्येक परीक्षार्थी का भी दायित्व है। सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा संबंधी नियमों का पालन करते हुए अपनी योग्यता के आधार पर सफलता प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए।
पुलिस जांच में सामने आएंगे मामले के अन्य तथ्य
झांसी में पकड़े गए अभ्यर्थी के मामले में पुलिस की जांच महत्वपूर्ण होगी। बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरण की प्रकृति, उसके संभावित इस्तेमाल और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जानी जरूरी है।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर सकती है कि इस घटना में अभ्यर्थी के अलावा किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं। यदि किसी संगठित तरीके से परीक्षा में अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने की कोशिश की गई है तो जांच के दौरान उससे जुड़े तथ्य भी सामने आ सकते हैं।
हालांकि, इस संबंध में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता या किसी गिरोह के सक्रिय होने की पुष्टि अभी उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है। इसलिए जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
परीक्षा व्यवस्था की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना के बाद परीक्षा केंद्रों पर की जाने वाली जांच व्यवस्था को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। प्रवेश के समय अभ्यर्थियों की पहचान और प्रतिबंधित वस्तुओं की जांच करना परीक्षा की सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिसमें अभ्यर्थियों की गरिमा और निजता का ध्यान रखते हुए नियमों का प्रभावी ढंग से पालन कराया जा सके।
संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर नियमानुसार जांच करना और संबंधित अधिकारियों को तत्काल सूचना देना आवश्यक है। इसके साथ ही परीक्षा केंद्रों पर तैनात कर्मचारियों को भी समय-समय पर प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए, ताकि वे किसी भी असामान्य परिस्थिति में उचित निर्णय ले सकें।
निष्कर्ष
झांसी में PET परीक्षा के दौरान सैनिटरी पैड में छिपाई गई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस मिलने का मामला प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल रोकने की चुनौती को फिर सामने लाता है। प्रयागराज निवासी अभ्यर्थी आकाश पटेल के पास से उपकरण बरामद होने के बाद पुलिस ने मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू की है।
अब इस मामले में पुलिस जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सबकी नजर रहेगी। परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए जरूरी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई हो और ईमानदारी से परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा की जाए।
खबर से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य
- परीक्षा: उत्तर प्रदेश PET 2026
- घटनास्थल: नेशनल हाफिज सिद्दीकी इंटर कॉलेज, झांसी
- घटना की तारीख: 30 अक्टूबर 2026
- परीक्षा की पाली: दूसरी पाली
- अभ्यर्थी की पहचान: आकाश पटेल
- निवास: प्रयागराज
- बरामदगी: सैनिटरी पैड में छिपाई गई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस
- पुलिस कार्रवाई: नवाबाद थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्