बौध जिले में उत्साह और सम्मान के साथ मनाया गया राष्ट्रीय एकता दिवस, सरदार वल्लभभाई पटेल को दी गई श्रद्धांजलि

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सुदाम बाबू स्टेट ब्यूरो ओडिशा

हिट एंड हॉट न्यूज़

बौध, 31 अक्टूबर 2026। ओडिशा के बौध जिले में लौह पुरुष और भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय एकता दिवस पूरे सम्मान, उत्साह और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। इस मौके पर जिले में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें सामूहिक रन फॉर यूनिटी, श्रद्धांजलि सभा और राष्ट्रीय एकता की शपथ प्रमुख रूप से शामिल रहे। अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और आम लोगों ने कार्यक्रमों में भाग लेकर देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता को मजबूत बनाए रखने का संकल्प लिया।

इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य लोगों को राष्ट्रीय एकता के महत्व से परिचित कराना और सरदार वल्लभभाई पटेल के ऐतिहासिक योगदान को याद करना था। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि भारत की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। अलग-अलग भाषाओं, संस्कृतियों, परंपराओं और धर्मों के बावजूद देशवासियों को एक सूत्र में बांधकर रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

बौध स्टेडियम से शुरू हुई रन फॉर यूनिटी

राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर सुबह बौध स्टेडियम से सामूहिक रन फॉर यूनिटी का शुभारंभ किया गया। इस दौड़ में विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बड़ी संख्या में स्कूली एवं कॉलेज के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने शहर के अलग-अलग हिस्सों से गुजरते हुए लोगों को एकता, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया।

कार्यक्रम में कंधमाल सांसद के प्रतिनिधि जुगल किशोर सामल, जिला खेल अधिकारी ज्योतिरंजन भुए, बौध बीडीओ जुगल किशोर बिस्वाल, जिला शिक्षा अधिकारी तेमलाल दुबे, आई.पी.ई. आनंद बेहरा, डीपीसी मिशन शक्ति रश्मिरंजन सेठी और जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी विद्यापति पांडा सहित कई प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे।

रैली में शामिल विद्यार्थियों और कर्मचारियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। सभी ने राष्ट्रीय एकता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया। इस आयोजन के माध्यम से युवाओं को यह समझाने की कोशिश की गई कि देश की प्रगति के लिए आपसी सहयोग, अनुशासन और एकजुटता कितनी आवश्यक है।

जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित हुई श्रद्धांजलि सभा

सुबह के कार्यक्रम के बाद पूर्वाह्न 11 बजे जिला कलेक्टर कार्यालय परिसर में एक विशेष स्मृति सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी ने की। इस दौरान सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया गया।

सभा में अतिरिक्त जिलाधिकारी अनिरुद्ध प्रधान ने उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई। उन्होंने सभी से देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करने का आह्वान किया।

शपथ कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी-सह-कार्यकारी अधिकारी प्रभास चंद्र दंडसेना, उपजिलाधिकारी बिनय कुमार भोई, जिले के सभी तहसीलदार, जिला खेल अधिकारी तथा कलेक्टर कार्यालय के विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए।

सभी प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि वे अपने व्यक्तिगत और सार्वजनिक जीवन में राष्ट्रीय एकता की भावना को सर्वोपरि रखेंगे तथा समाज में किसी भी प्रकार के भेदभाव और वैमनस्य को बढ़ावा नहीं देंगे।

सरदार पटेल के ऐतिहासिक योगदान को किया गया याद

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन, संघर्ष, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक देशी रियासतों को एकीकृत करना था।

उस समय भारत में अनेक रियासतें थीं, जिनका भविष्य और राजनीतिक स्वरूप अलग-अलग था। ऐसे कठिन दौर में सरदार पटेल ने अपनी दूरदर्शिता, दृढ़ इच्छाशक्ति और कुशल राजनीतिक नेतृत्व के माध्यम से देशी रियासतों के भारत में विलय की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।

उनके प्रयासों ने स्वतंत्र भारत को एक मजबूत राजनीतिक और प्रशासनिक आधार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यही वजह है कि उन्हें भारत का लौह पुरुष कहा जाता है।

वक्ताओं ने कहा कि पटेल का व्यक्तित्व केवल राजनीतिक नेतृत्व तक सीमित नहीं था। वे अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा, साहस और राष्ट्रीय हितों के प्रति समर्पण के प्रतीक थे। उनका जीवन आज भी देश के युवाओं और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

त्याग और समर्पण की भावना से मिलती है प्रेरणा

जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी विद्यापति पांडा ने सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान को याद करते हुए कहा कि राष्ट्र की एकता के लिए उनका त्याग, समर्पण और दृढ़ संकल्प हमेशा याद रखा जाएगा।

उन्होंने कहा कि पटेल ने अपने पूरे जीवन में देशहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनकी सोच और कार्यशैली ने भारत को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके आदर्शों को अपनाकर समाज में सहयोग, विश्वास और राष्ट्रीय जिम्मेदारी की भावना को मजबूत किया जा सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय एकता केवल सरकारी कार्यक्रमों या औपचारिक शपथ तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इसे प्रत्येक व्यक्ति के दैनिक व्यवहार और सामाजिक जीवन का हिस्सा बनाना जरूरी है।

जाति, धर्म और भाषा से ऊपर उठने की अपील

कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने उपस्थित लोगों से समाज में व्याप्त जातिगत, धार्मिक, भाषाई और क्षेत्रीय भेदभाव से ऊपर उठकर काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण देश में एकता बनाए रखना सभी नागरिकों की साझा जिम्मेदारी है।

उन्होंने जोर दिया कि मजबूत राष्ट्र के निर्माण के लिए सामाजिक सद्भाव, आपसी सम्मान और भाईचारे का वातावरण जरूरी है। किसी भी प्रकार की नफरत, भेदभाव और विभाजनकारी सोच देश की प्रगति में बाधा बन सकती है।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों और कर्मचारियों से अपेक्षा की कि वे अपने कार्यों में निष्पक्षता, पारदर्शिता और जनसेवा की भावना बनाए रखें। साथ ही विद्यार्थियों और युवाओं से देश के विकास में सकारात्मक योगदान देने का आह्वान किया।

युवाओं के लिए राष्ट्रीय एकता का संदेश

बौध जिले में आयोजित रन फॉर यूनिटी और शपथ कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ना भी रहा। विद्यार्थियों की बड़ी भागीदारी ने कार्यक्रम को विशेष रूप से प्रभावशाली बनाया।

युवाओं को यह संदेश दिया गया कि देश का भविष्य उनके विचारों, व्यवहार और जिम्मेदारियों पर निर्भर करता है। शिक्षा, खेल, सामाजिक सेवा और नागरिक कर्तव्यों के माध्यम से वे भारत की एकता को मजबूत बना सकते हैं।

राष्ट्रीय एकता का अर्थ केवल भौगोलिक सीमाओं का एक होना नहीं है, बल्कि देश के नागरिकों के बीच विश्वास, सम्मान और सहयोग की भावना विकसित करना भी है। जब समाज के सभी वर्ग एक-दूसरे की पहचान और विचारों का सम्मान करते हैं, तभी एक मजबूत और समावेशी राष्ट्र का निर्माण संभव होता है।

एकजुट भारत के संकल्प के साथ संपन्न हुआ आयोजन

बौध जिले में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस के कार्यक्रमों ने सरदार वल्लभभाई पटेल के विचारों और आदर्शों को फिर से याद करने का अवसर प्रदान किया। सुबह की सामूहिक दौड़ से लेकर जिला कलेक्टर कार्यालय में आयोजित शपथ समारोह तक सभी गतिविधियों में देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना दिखाई दी।

कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि भारत की मजबूती उसकी विविधता और एकजुटता में निहित है। देश को विकसित, समृद्ध और सुरक्षित बनाने के लिए प्रत्येक नागरिक को अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करना चाहिए।

सरदार पटेल ने जिस एकीकृत भारत की कल्पना को साकार करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई, उसकी मजबूती बनाए रखना आज भी प्रत्येक भारतीय का दायित्व है। बौध जिले में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह इसी संकल्प और विचारधारा को समर्पित रहा।

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बौध जिले में उत्साह और सम्मान के साथ मनाया गया राष्ट्रीय एकता दिवस, सरदार वल्लभभाई पटेल को दी गई श्रद्धांजलि

लेखक:हिट एंड हॉट न्यूज़ डेस्क|प्रकाशित:अक्टूबर 31, 2026

सुदाम बाबू स्टेट ब्यूरो ओडिशा

हिट एंड हॉट न्यूज़

बौध, 31 अक्टूबर 2026। ओडिशा के बौध जिले में लौह पुरुष और भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय एकता दिवस पूरे सम्मान, उत्साह और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। इस मौके पर जिले में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें सामूहिक रन फॉर यूनिटी, श्रद्धांजलि सभा और राष्ट्रीय एकता की शपथ प्रमुख रूप से शामिल रहे। अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और आम लोगों ने कार्यक्रमों में भाग लेकर देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता को मजबूत बनाए रखने का संकल्प लिया।

इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य लोगों को राष्ट्रीय एकता के महत्व से परिचित कराना और सरदार वल्लभभाई पटेल के ऐतिहासिक योगदान को याद करना था। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि भारत की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। अलग-अलग भाषाओं, संस्कृतियों, परंपराओं और धर्मों के बावजूद देशवासियों को एक सूत्र में बांधकर रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

बौध स्टेडियम से शुरू हुई रन फॉर यूनिटी

राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर सुबह बौध स्टेडियम से सामूहिक रन फॉर यूनिटी का शुभारंभ किया गया। इस दौड़ में विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बड़ी संख्या में स्कूली एवं कॉलेज के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने शहर के अलग-अलग हिस्सों से गुजरते हुए लोगों को एकता, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया।

कार्यक्रम में कंधमाल सांसद के प्रतिनिधि जुगल किशोर सामल, जिला खेल अधिकारी ज्योतिरंजन भुए, बौध बीडीओ जुगल किशोर बिस्वाल, जिला शिक्षा अधिकारी तेमलाल दुबे, आई.पी.ई. आनंद बेहरा, डीपीसी मिशन शक्ति रश्मिरंजन सेठी और जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी विद्यापति पांडा सहित कई प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे।

रैली में शामिल विद्यार्थियों और कर्मचारियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। सभी ने राष्ट्रीय एकता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया। इस आयोजन के माध्यम से युवाओं को यह समझाने की कोशिश की गई कि देश की प्रगति के लिए आपसी सहयोग, अनुशासन और एकजुटता कितनी आवश्यक है।

जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित हुई श्रद्धांजलि सभा

सुबह के कार्यक्रम के बाद पूर्वाह्न 11 बजे जिला कलेक्टर कार्यालय परिसर में एक विशेष स्मृति सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी ने की। इस दौरान सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया गया।

सभा में अतिरिक्त जिलाधिकारी अनिरुद्ध प्रधान ने उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई। उन्होंने सभी से देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करने का आह्वान किया।

शपथ कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी-सह-कार्यकारी अधिकारी प्रभास चंद्र दंडसेना, उपजिलाधिकारी बिनय कुमार भोई, जिले के सभी तहसीलदार, जिला खेल अधिकारी तथा कलेक्टर कार्यालय के विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए।

सभी प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि वे अपने व्यक्तिगत और सार्वजनिक जीवन में राष्ट्रीय एकता की भावना को सर्वोपरि रखेंगे तथा समाज में किसी भी प्रकार के भेदभाव और वैमनस्य को बढ़ावा नहीं देंगे।

सरदार पटेल के ऐतिहासिक योगदान को किया गया याद

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन, संघर्ष, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक देशी रियासतों को एकीकृत करना था।

उस समय भारत में अनेक रियासतें थीं, जिनका भविष्य और राजनीतिक स्वरूप अलग-अलग था। ऐसे कठिन दौर में सरदार पटेल ने अपनी दूरदर्शिता, दृढ़ इच्छाशक्ति और कुशल राजनीतिक नेतृत्व के माध्यम से देशी रियासतों के भारत में विलय की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।

उनके प्रयासों ने स्वतंत्र भारत को एक मजबूत राजनीतिक और प्रशासनिक आधार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यही वजह है कि उन्हें भारत का लौह पुरुष कहा जाता है।

वक्ताओं ने कहा कि पटेल का व्यक्तित्व केवल राजनीतिक नेतृत्व तक सीमित नहीं था। वे अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा, साहस और राष्ट्रीय हितों के प्रति समर्पण के प्रतीक थे। उनका जीवन आज भी देश के युवाओं और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

त्याग और समर्पण की भावना से मिलती है प्रेरणा

जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी विद्यापति पांडा ने सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान को याद करते हुए कहा कि राष्ट्र की एकता के लिए उनका त्याग, समर्पण और दृढ़ संकल्प हमेशा याद रखा जाएगा।

उन्होंने कहा कि पटेल ने अपने पूरे जीवन में देशहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनकी सोच और कार्यशैली ने भारत को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके आदर्शों को अपनाकर समाज में सहयोग, विश्वास और राष्ट्रीय जिम्मेदारी की भावना को मजबूत किया जा सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय एकता केवल सरकारी कार्यक्रमों या औपचारिक शपथ तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इसे प्रत्येक व्यक्ति के दैनिक व्यवहार और सामाजिक जीवन का हिस्सा बनाना जरूरी है।

जाति, धर्म और भाषा से ऊपर उठने की अपील

कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने उपस्थित लोगों से समाज में व्याप्त जातिगत, धार्मिक, भाषाई और क्षेत्रीय भेदभाव से ऊपर उठकर काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण देश में एकता बनाए रखना सभी नागरिकों की साझा जिम्मेदारी है।

उन्होंने जोर दिया कि मजबूत राष्ट्र के निर्माण के लिए सामाजिक सद्भाव, आपसी सम्मान और भाईचारे का वातावरण जरूरी है। किसी भी प्रकार की नफरत, भेदभाव और विभाजनकारी सोच देश की प्रगति में बाधा बन सकती है।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों और कर्मचारियों से अपेक्षा की कि वे अपने कार्यों में निष्पक्षता, पारदर्शिता और जनसेवा की भावना बनाए रखें। साथ ही विद्यार्थियों और युवाओं से देश के विकास में सकारात्मक योगदान देने का आह्वान किया।

युवाओं के लिए राष्ट्रीय एकता का संदेश

बौध जिले में आयोजित रन फॉर यूनिटी और शपथ कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ना भी रहा। विद्यार्थियों की बड़ी भागीदारी ने कार्यक्रम को विशेष रूप से प्रभावशाली बनाया।

युवाओं को यह संदेश दिया गया कि देश का भविष्य उनके विचारों, व्यवहार और जिम्मेदारियों पर निर्भर करता है। शिक्षा, खेल, सामाजिक सेवा और नागरिक कर्तव्यों के माध्यम से वे भारत की एकता को मजबूत बना सकते हैं।

राष्ट्रीय एकता का अर्थ केवल भौगोलिक सीमाओं का एक होना नहीं है, बल्कि देश के नागरिकों के बीच विश्वास, सम्मान और सहयोग की भावना विकसित करना भी है। जब समाज के सभी वर्ग एक-दूसरे की पहचान और विचारों का सम्मान करते हैं, तभी एक मजबूत और समावेशी राष्ट्र का निर्माण संभव होता है।

एकजुट भारत के संकल्प के साथ संपन्न हुआ आयोजन

बौध जिले में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस के कार्यक्रमों ने सरदार वल्लभभाई पटेल के विचारों और आदर्शों को फिर से याद करने का अवसर प्रदान किया। सुबह की सामूहिक दौड़ से लेकर जिला कलेक्टर कार्यालय में आयोजित शपथ समारोह तक सभी गतिविधियों में देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना दिखाई दी।

कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि भारत की मजबूती उसकी विविधता और एकजुटता में निहित है। देश को विकसित, समृद्ध और सुरक्षित बनाने के लिए प्रत्येक नागरिक को अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करना चाहिए।

सरदार पटेल ने जिस एकीकृत भारत की कल्पना को साकार करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई, उसकी मजबूती बनाए रखना आज भी प्रत्येक भारतीय का दायित्व है। बौध जिले में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह इसी संकल्प और विचारधारा को समर्पित रहा।