बौध में जिला स्तरीय विज्ञान भूमिका अभिनय प्रतियोगिता का आयोजन, टेटेलेंगा आदर्श विद्यालय ने हासिल किया पहला स्थान

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सुदाम बाबू स्टेट ब्यूरो ओडिशा

हिट एंड हॉट न्यूज़

बौध, 30 अक्टूबर 2026। ओडिशा के बौध जिले में विद्यार्थियों के अंदर वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और अभिव्यक्ति की क्षमता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला स्तरीय विज्ञान भूमिका अभिनय प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। गुरुवार को जिला मुख्यालय स्थित पीएम श्री सरकारी बालिका उच्च विद्यालय में आयोजित इस प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने विज्ञान से जुड़े विषयों को नाटक और भूमिका अभिनय के माध्यम से प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

इस कार्यक्रम में 100 से अधिक विद्यार्थियों की भागीदारी रही। प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य विज्ञान को केवल किताबों और कक्षाओं तक सीमित न रखकर उसे रोचक, व्यावहारिक और मनोरंजक तरीके से विद्यार्थियों के सामने प्रस्तुत करना था। बच्चों ने अपने अभिनय, संवाद और रचनात्मक विचारों के माध्यम से यह दिखाने का प्रयास किया कि विज्ञान को दैनिक जीवन से जोड़कर किस प्रकार आसानी से समझा और समझाया जा सकता है।

उद्घाटन समारोह में शिक्षा अधिकारियों ने बढ़ाया विद्यार्थियों का उत्साह

कार्यक्रम का शुभारंभ गरिमामय वातावरण में हुआ। उद्घाटन समारोह में जिला शिक्षा अधिकारी तेमलाल दुबे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में विज्ञान शिक्षा के क्षेत्र में नाटक और भूमिका अभिनय की उपयोगिता पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यपुस्तकों में दी गई जानकारी को याद करना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में विषयों को समझने, सवाल पूछने और अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने की क्षमता विकसित करना भी है। विज्ञान आधारित भूमिका अभिनय बच्चों को कठिन अवधारणाओं को सरल तरीके से समझने का अवसर देता है। इस तरह की गतिविधियां विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और रचनात्मक सोच को मजबूत करने में सहायक होती हैं।

पीएम श्री सरकारी बालिका उच्च विद्यालय के प्रधानाध्यापक पूर्ण चंद्र सामल भी उद्घाटन कार्यक्रम में मौजूद रहे। उनके साथ प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में शामिल दीनबंधु पति, पद्मजा पति और सुभाष चंद्र महाकुड़ ने भी मंच की शोभा बढ़ाई।

विज्ञान को अभिनय के माध्यम से समझाने की पहल

कार्यक्रम के दौरान जिला विज्ञान निरीक्षक जयंत कुमार प्रधान ने प्रतियोगिता के उद्देश्यों और इसके शैक्षणिक महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विज्ञान से संबंधित विषयों को नाटक और अभिनय के माध्यम से प्रस्तुत करने से विद्यार्थियों को अपनी समझ विकसित करने का अवसर मिलता है।

सामान्य तौर पर विज्ञान के कई विषय विद्यार्थियों को कठिन लग सकते हैं। ऐसे में भूमिका अभिनय एक प्रभावी माध्यम बन सकता है। इसके जरिए बच्चे किसी वैज्ञानिक अवधारणा, सामाजिक समस्या या पर्यावरण से जुड़े मुद्दे को पात्रों और संवादों के माध्यम से प्रस्तुत कर सकते हैं।

इस प्रकार की प्रतियोगिताओं में भाग लेने से विद्यार्थियों को समूह में काम करने, अपनी जिम्मेदारियां निभाने, मंच पर बोलने और दर्शकों के सामने विचार रखने का अनुभव मिलता है। इससे उनकी संचार क्षमता और नेतृत्व कौशल को भी विकसित होने का अवसर मिलता है।

कार्यक्रम का संचालन शिक्षक संतोष कुमार कर्ण ने किया। उन्होंने पूरे आयोजन को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

100 से अधिक विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा

जिला स्तरीय इस प्रतियोगिता में सौ से अधिक विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। अलग-अलग विद्यालयों से आए प्रतिभागियों ने विज्ञान आधारित भूमिका अभिनय प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।

प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अभिनय के साथ-साथ विषय की समझ, संवाद प्रस्तुत करने की शैली और टीम के रूप में काम करने की क्षमता का प्रदर्शन किया। उनकी प्रस्तुतियों में यह देखने को मिला कि नई पीढ़ी के विद्यार्थी विज्ञान को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़कर सीखने में रुचि रखते हैं।

इस आयोजन ने प्रतिभागियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ-साथ दूसरे विद्यालयों के विद्यार्थियों से सीखने का अवसर भी प्रदान किया। प्रतियोगिता में शामिल बच्चों के लिए यह अनुभव शैक्षणिक गतिविधियों से आगे बढ़कर व्यक्तित्व विकास का माध्यम बना।

विज्ञान को अभिनय के साथ जोड़ने की यह पहल विद्यार्थियों में विषय के प्रति जिज्ञासा पैदा करने और सीखने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावशाली बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा सकती है।

पुरस्कार वितरण समारोह में विजेताओं को किया गया सम्मानित

प्रतियोगिता के समापन अवसर पर पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी चुड़ामणि बारिक और भास्कर लेंका ने विजेता विद्यालयों को पुरस्कार प्रदान किए। उन्होंने विद्यार्थियों की मेहनत और प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में भी शैक्षणिक एवं रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रहने के लिए प्रेरित किया।

प्रतियोगिता के परिणाम में ओडिशा आदर्श विद्यालय, टेटेलेंगा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान प्राप्त किया। पीएम श्री सरकारी बालिका उच्च विद्यालय, बौध को दूसरा स्थान मिला, जबकि पीएम श्री सरकारी उच्च विद्यालय, दह्या ने तीसरा स्थान हासिल किया।

तीनों विद्यालयों के विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के जरिए निर्णायक मंडल के सामने प्रतिभा और विषय की समझ का परिचय दिया। विजेता विद्यालयों को सम्मानित किए जाने से प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ा।

आयोजन को सफल बनाने में शिक्षकों और कर्मचारियों का योगदान

इस प्रतियोगिता को सफलतापूर्वक आयोजित करने में विद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया। विज्ञान शिक्षक प्रबीन कुमार प्रधान और सत्यनारायण स्वाईं ने आयोजन की व्यवस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभाई।

इसके अलावा विद्यालय के सभी कर्मचारियों ने कार्यक्रम को सुचारु रूप से संपन्न कराने में अपना योगदान दिया। प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों की व्यवस्था, कार्यक्रम संचालन और अन्य आवश्यक गतिविधियों में सभी ने सहयोग किया।

कार्यक्रम के अंत में सीआरसी समन्वयक पद्मनाभ प्रधान ने उपस्थित अतिथियों, शिक्षा अधिकारियों, निर्णायकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और आयोजन से जुड़े सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए प्रतियोगिता के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की सराहना की।

विज्ञान शिक्षा को रोचक बनाने में सहायक हैं ऐसी प्रतियोगिताएं

बौध में आयोजित जिला स्तरीय विज्ञान भूमिका अभिनय प्रतियोगिता ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि शिक्षा को प्रभावी बनाने के लिए पारंपरिक शिक्षण पद्धतियों के साथ रचनात्मक गतिविधियों को भी महत्व देना आवश्यक है।

जब विद्यार्थी किसी विषय को स्वयं अभिनय करके प्रस्तुत करते हैं, तो उन्हें उस विषय की जानकारी जुटानी पड़ती है, उसके विभिन्न पहलुओं को समझना होता है और फिर उसे दूसरों तक पहुंचाने के लिए प्रभावी संवाद तैयार करने पड़ते हैं। इस पूरी प्रक्रिया में उनका ज्ञान और व्यावहारिक समझ दोनों विकसित होते हैं।

विज्ञान आधारित भूमिका अभिनय बच्चों को कल्पनाशील बनने, समस्याओं को समझने और समाधान के बारे में विचार करने के लिए प्रेरित कर सकता है। इसके साथ ही मंच पर प्रस्तुति देने से उनका आत्मविश्वास भी बढ़ता है।

बौध जिले में आयोजित इस प्रतियोगिता में 100 से अधिक विद्यार्थियों की भागीदारी और विभिन्न विद्यालयों का प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि छात्र-छात्राओं में पढ़ाई के साथ-साथ रचनात्मक गतिविधियों के प्रति भी रुचि है।

कुल मिलाकर, यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए सीखने, अपनी प्रतिभा दिखाने और आपसी अनुभव साझा करने का उपयोगी मंच साबित हुआ। टेटेलेंगा विद्यालय ने पहला स्थान हासिल कर प्रतियोगिता में अपनी श्रेष्ठता साबित की, जबकि बौध और दह्या के विद्यालयों ने भी क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त कर उल्लेखनीय प्रदर्शन किया।

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बौध में जिला स्तरीय विज्ञान भूमिका अभिनय प्रतियोगिता का आयोजन, टेटेलेंगा आदर्श विद्यालय ने हासिल किया पहला स्थान

लेखक:हिट एंड हॉट न्यूज़ डेस्क|प्रकाशित:अक्टूबर 31, 2026

सुदाम बाबू स्टेट ब्यूरो ओडिशा

हिट एंड हॉट न्यूज़

बौध, 30 अक्टूबर 2026। ओडिशा के बौध जिले में विद्यार्थियों के अंदर वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और अभिव्यक्ति की क्षमता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला स्तरीय विज्ञान भूमिका अभिनय प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। गुरुवार को जिला मुख्यालय स्थित पीएम श्री सरकारी बालिका उच्च विद्यालय में आयोजित इस प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने विज्ञान से जुड़े विषयों को नाटक और भूमिका अभिनय के माध्यम से प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

इस कार्यक्रम में 100 से अधिक विद्यार्थियों की भागीदारी रही। प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य विज्ञान को केवल किताबों और कक्षाओं तक सीमित न रखकर उसे रोचक, व्यावहारिक और मनोरंजक तरीके से विद्यार्थियों के सामने प्रस्तुत करना था। बच्चों ने अपने अभिनय, संवाद और रचनात्मक विचारों के माध्यम से यह दिखाने का प्रयास किया कि विज्ञान को दैनिक जीवन से जोड़कर किस प्रकार आसानी से समझा और समझाया जा सकता है।

उद्घाटन समारोह में शिक्षा अधिकारियों ने बढ़ाया विद्यार्थियों का उत्साह

कार्यक्रम का शुभारंभ गरिमामय वातावरण में हुआ। उद्घाटन समारोह में जिला शिक्षा अधिकारी तेमलाल दुबे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में विज्ञान शिक्षा के क्षेत्र में नाटक और भूमिका अभिनय की उपयोगिता पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यपुस्तकों में दी गई जानकारी को याद करना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में विषयों को समझने, सवाल पूछने और अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने की क्षमता विकसित करना भी है। विज्ञान आधारित भूमिका अभिनय बच्चों को कठिन अवधारणाओं को सरल तरीके से समझने का अवसर देता है। इस तरह की गतिविधियां विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और रचनात्मक सोच को मजबूत करने में सहायक होती हैं।

पीएम श्री सरकारी बालिका उच्च विद्यालय के प्रधानाध्यापक पूर्ण चंद्र सामल भी उद्घाटन कार्यक्रम में मौजूद रहे। उनके साथ प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में शामिल दीनबंधु पति, पद्मजा पति और सुभाष चंद्र महाकुड़ ने भी मंच की शोभा बढ़ाई।

विज्ञान को अभिनय के माध्यम से समझाने की पहल

कार्यक्रम के दौरान जिला विज्ञान निरीक्षक जयंत कुमार प्रधान ने प्रतियोगिता के उद्देश्यों और इसके शैक्षणिक महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विज्ञान से संबंधित विषयों को नाटक और अभिनय के माध्यम से प्रस्तुत करने से विद्यार्थियों को अपनी समझ विकसित करने का अवसर मिलता है।

सामान्य तौर पर विज्ञान के कई विषय विद्यार्थियों को कठिन लग सकते हैं। ऐसे में भूमिका अभिनय एक प्रभावी माध्यम बन सकता है। इसके जरिए बच्चे किसी वैज्ञानिक अवधारणा, सामाजिक समस्या या पर्यावरण से जुड़े मुद्दे को पात्रों और संवादों के माध्यम से प्रस्तुत कर सकते हैं।

इस प्रकार की प्रतियोगिताओं में भाग लेने से विद्यार्थियों को समूह में काम करने, अपनी जिम्मेदारियां निभाने, मंच पर बोलने और दर्शकों के सामने विचार रखने का अनुभव मिलता है। इससे उनकी संचार क्षमता और नेतृत्व कौशल को भी विकसित होने का अवसर मिलता है।

कार्यक्रम का संचालन शिक्षक संतोष कुमार कर्ण ने किया। उन्होंने पूरे आयोजन को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

100 से अधिक विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा

जिला स्तरीय इस प्रतियोगिता में सौ से अधिक विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। अलग-अलग विद्यालयों से आए प्रतिभागियों ने विज्ञान आधारित भूमिका अभिनय प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।

प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अभिनय के साथ-साथ विषय की समझ, संवाद प्रस्तुत करने की शैली और टीम के रूप में काम करने की क्षमता का प्रदर्शन किया। उनकी प्रस्तुतियों में यह देखने को मिला कि नई पीढ़ी के विद्यार्थी विज्ञान को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़कर सीखने में रुचि रखते हैं।

इस आयोजन ने प्रतिभागियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ-साथ दूसरे विद्यालयों के विद्यार्थियों से सीखने का अवसर भी प्रदान किया। प्रतियोगिता में शामिल बच्चों के लिए यह अनुभव शैक्षणिक गतिविधियों से आगे बढ़कर व्यक्तित्व विकास का माध्यम बना।

विज्ञान को अभिनय के साथ जोड़ने की यह पहल विद्यार्थियों में विषय के प्रति जिज्ञासा पैदा करने और सीखने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावशाली बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा सकती है।

पुरस्कार वितरण समारोह में विजेताओं को किया गया सम्मानित

प्रतियोगिता के समापन अवसर पर पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी चुड़ामणि बारिक और भास्कर लेंका ने विजेता विद्यालयों को पुरस्कार प्रदान किए। उन्होंने विद्यार्थियों की मेहनत और प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में भी शैक्षणिक एवं रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रहने के लिए प्रेरित किया।

प्रतियोगिता के परिणाम में ओडिशा आदर्श विद्यालय, टेटेलेंगा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान प्राप्त किया। पीएम श्री सरकारी बालिका उच्च विद्यालय, बौध को दूसरा स्थान मिला, जबकि पीएम श्री सरकारी उच्च विद्यालय, दह्या ने तीसरा स्थान हासिल किया।

तीनों विद्यालयों के विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के जरिए निर्णायक मंडल के सामने प्रतिभा और विषय की समझ का परिचय दिया। विजेता विद्यालयों को सम्मानित किए जाने से प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ा।

आयोजन को सफल बनाने में शिक्षकों और कर्मचारियों का योगदान

इस प्रतियोगिता को सफलतापूर्वक आयोजित करने में विद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया। विज्ञान शिक्षक प्रबीन कुमार प्रधान और सत्यनारायण स्वाईं ने आयोजन की व्यवस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभाई।

इसके अलावा विद्यालय के सभी कर्मचारियों ने कार्यक्रम को सुचारु रूप से संपन्न कराने में अपना योगदान दिया। प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों की व्यवस्था, कार्यक्रम संचालन और अन्य आवश्यक गतिविधियों में सभी ने सहयोग किया।

कार्यक्रम के अंत में सीआरसी समन्वयक पद्मनाभ प्रधान ने उपस्थित अतिथियों, शिक्षा अधिकारियों, निर्णायकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और आयोजन से जुड़े सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए प्रतियोगिता के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की सराहना की।

विज्ञान शिक्षा को रोचक बनाने में सहायक हैं ऐसी प्रतियोगिताएं

बौध में आयोजित जिला स्तरीय विज्ञान भूमिका अभिनय प्रतियोगिता ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि शिक्षा को प्रभावी बनाने के लिए पारंपरिक शिक्षण पद्धतियों के साथ रचनात्मक गतिविधियों को भी महत्व देना आवश्यक है।

जब विद्यार्थी किसी विषय को स्वयं अभिनय करके प्रस्तुत करते हैं, तो उन्हें उस विषय की जानकारी जुटानी पड़ती है, उसके विभिन्न पहलुओं को समझना होता है और फिर उसे दूसरों तक पहुंचाने के लिए प्रभावी संवाद तैयार करने पड़ते हैं। इस पूरी प्रक्रिया में उनका ज्ञान और व्यावहारिक समझ दोनों विकसित होते हैं।

विज्ञान आधारित भूमिका अभिनय बच्चों को कल्पनाशील बनने, समस्याओं को समझने और समाधान के बारे में विचार करने के लिए प्रेरित कर सकता है। इसके साथ ही मंच पर प्रस्तुति देने से उनका आत्मविश्वास भी बढ़ता है।

बौध जिले में आयोजित इस प्रतियोगिता में 100 से अधिक विद्यार्थियों की भागीदारी और विभिन्न विद्यालयों का प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि छात्र-छात्राओं में पढ़ाई के साथ-साथ रचनात्मक गतिविधियों के प्रति भी रुचि है।

कुल मिलाकर, यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए सीखने, अपनी प्रतिभा दिखाने और आपसी अनुभव साझा करने का उपयोगी मंच साबित हुआ। टेटेलेंगा विद्यालय ने पहला स्थान हासिल कर प्रतियोगिता में अपनी श्रेष्ठता साबित की, जबकि बौध और दह्या के विद्यालयों ने भी क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त कर उल्लेखनीय प्रदर्शन किया।