एनबीसी के सेठ मेयर्स पर डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा वार: सोशल मीडिया में छिड़ी नई बहस

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर मुख्यधारा की मीडिया पर सीधा हमला बोला है। इस बार उनकी आलोचना का केंद्र बने हैं एनबीसी के मशहूर लेट-नाइट शो होस्ट सेठ मेयर्स, जिन्हें ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपमानजनक शब्दों से निशाना बनाया। यह टिप्पणियाँ सामने आते ही अमेरिकी सोशल मीडिया पर बहस का नया दौर शुरू हो गया है।
ट्रंप का तीखा प्रहार: “रेटिंग्स फेल्योर” और “मार्बल माउथ”
Truth Social पर पोस्ट करते हुए ट्रंप ने सेठ मेयर्स को “मार्बल माउथ” कहा और आरोप लगाया कि मेयर्स की होस्टिंग कमजोर है और उनकी कॉमिक टाइमिंग “पूरी तरह असफल” है। उन्होंने मेयर्स को “डंब, टैलेंट-रहित और एनबीसी पर बोझ” बताया। इतना ही नहीं, उन्होंने एनबीसी की मूल कंपनी कॉमकास्ट को भी “बेईमान लोगों का समूह” कहकर निशाना बनाया और दावा किया कि नेटवर्क लगातार “राजनीतिक पक्षपात” को बढ़ावा देता है।
एनबीसी का स्टैंड और मेयर्स की फैन फॉलोइंग
एनबीसी ने आधिकारिक बयान में सेठ मेयर्स का समर्थन करते हुए कहा कि उनके शो ने पिछले दस सालों में एक वफादार दर्शक समूह तैयार किया है। बदलते मीडिया ट्रेंड और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स के दौर में भी मेयर्स का शो लगातार चर्चाओं में रहता है और दर्शकों को समसामयिक मुद्दों पर व्यंग्यात्मक अंदाज़ से जोड़कर रखता है।
** राजनीतिक व्यंग्य पर ‘कानूनी’ सवाल उठाकर ट्रंप फिर विवादों में**
ट्रंप ने एक और पोस्ट में दावा किया कि मेयर्स द्वारा उनका मज़ाक उड़ाना “कानून के खिलाफ” है। उन्होंने मेयर्स को “टेलीविज़न इतिहास का सबसे कम प्रतिभाशाली कलाकार” तक कह दिया। यह विवाद तब sparked हुआ जब मेयर्स ने ट्रंप की हालिया अंतरराष्ट्रीय यात्रा और “इलेक्ट्रिक कैटापुल्ट्स” जैसी तकनीकी नीतियों पर तंज कसा था।
सोशल मीडिया का माहौल: समर्थन भी, आलोचना भी
ट्रंप की टिप्पणियों ने ट्विटर और इंस्टाग्राम पर दो विपरीत धड़ों को जन्म दिया।
- उनके समर्थक मेयर्स को “अमेरिका-विरोधी एजेंडा चलाने वाला” बता रहे हैं।
- दूसरी ओर, आलोचकों ने ट्रंप के इस व्यवहार को “अतिसंवेदनशीलता” और “ध्यान आकर्षित करने की कोशिश” बताया।
कई यूज़र्स ने यह भी पूछा कि क्या ट्रंप मीडिया आलोचना को मतदाताओं का ध्यान खींचने के साधन के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।
निष्कर्ष: मीडिया बनाम राजनीति—पुराना संघर्ष, नया अध्याय
सेठ मेयर्स और डोनाल्ड ट्रंप का यह टकराव केवल निजी टिप्पणियों तक सीमित नहीं है; यह उस गहरी वैचारिक लड़ाई का हिस्सा है जो वर्षों से अमेरिकी राजनीति और मीडिया के बीच चल रही है।
कॉमेडियन राजनीतिक व्यंग्य के माध्यम से सत्ता की आलोचना करते हैं, जबकि ट्रंप इसे व्यक्तिगत हमले और मीडिया पक्षपात के रूप में पेश करते हैं।
आने वाले चुनावी महीनों में ऐसी बहसें और भी तेज़ होंगी—इसमें कोई शक नहीं।
