मार्च 4, 2026

पूर्वी यरुशलम में UNRWA परिसर में इज़राइली प्रवेश पर संयुक्त राष्ट्र प्रमुख की कड़ी प्रतिक्रिया

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संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने 8 दिसंबर 2025 को जारी एक सख्त बयान में पूर्वी यरुशलम के शेख जर्राह इलाके में संयुक्त राष्ट्र राहत एवं कार्य एजेंसी (UNRWA) के परिसर में इज़राइली अधिकारियों के जबरन प्रवेश की तीव्र आलोचना की। संयुक्त राष्ट्र ने इस कदम को अपने अधिकार क्षेत्र और अंतरराष्ट्रीय नियमों का स्पष्ट उल्लंघन बताया है।


घटना का क्या है पूरा मामला?

शेख जर्राह स्थित यह परिसर संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक संपत्ति है और फिलिस्तीनी शरणार्थियों को शिक्षा, स्वास्थ्य और सहायता सेवाएँ प्रदान करने में UNRWA की महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आरोप है कि इज़राइली अधिकारी बिना अनुमति परिसर में घुसे, जिससे न सिर्फ संयुक्त राष्ट्र की संप्रभुता प्रभावित हुई बल्कि एजेंसी की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े हुए।

गुटेरेस ने कहा कि “संयुक्त राष्ट्र की किसी भी संपत्ति को बिना अनुमति छूना या बाधित करना अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन है।” उन्होंने इज़राइली प्रशासन से तत्काल कार्रवाई करते हुए परिसर की स्थिति सामान्य करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने की मांग की।


अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी चिंता

इस घटना ने वैश्विक समुदाय का ध्यान तेजी से आकर्षित किया है। कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों, मानवाधिकार समूहों और कूटनीतिक विशेषज्ञों ने इसे संयुक्त राष्ट्र के अधिकारों पर सीधा हमला बताया है। अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र परिसर को विशेष सुरक्षा और संरक्षण प्राप्त है, इसलिए किसी भी देश द्वारा वहां बिना अनुमति प्रवेश कूटनीतिक प्रोटोकॉल के खिलाफ माना जाता है।


इज़राइल की ओर से प्रतिक्रिया

घटना के बाद इज़राइल से कोई आधिकारिक विस्तृत बयान सामने नहीं आया है, हालांकि कुछ स्थानीय रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि प्रवेश सुरक्षा संबंधी कारणों से किया गया था। संयुक्त राष्ट्र ने इस तर्क को अस्वीकार करते हुए कहा कि सुरक्षा कारणों का हवाला देकर किसी अंतरराष्ट्रीय संस्था की संप्रभुता का उल्लंघन स्वीकार्य नहीं है।


शेख जर्राह: लगातार तनाव का केंद्र

शेख जर्राह लंबे समय से इज़राइल-फिलिस्तीन विवाद का मुख्य केंद्र रहा है। भूमि स्वामित्व और विस्थापन को लेकर यहां दशकों से तनाव बना हुआ है। इसी संवेदनशील माहौल में UNRWA का परिसर मानवीय सहायता और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में इस परिसर में बिना अनुमति प्रवेश क्षेत्र में पहले से मौजूद तनाव को और बढ़ा सकता है।


निष्कर्ष

UNRWA परिसर में हुआ यह प्रवेश केवल एक स्थानीय घटना नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और संयुक्त राष्ट्र की प्रतिष्ठा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। गुटेरेस की कड़ी प्रतिक्रिया इस बात को स्पष्ट करती है कि संयुक्त राष्ट्र अपनी संपत्तियों और अधिकारों पर किसी भी प्रकार का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं करेगा।

आने वाले दिनों में यह घटना संयुक्त राष्ट्र और इज़राइल के बीच संबंधों में नए बदलाव ला सकती है और पश्चिम एशिया की स्थिरता पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है।


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