आजमगढ़ में पूजा के दौरान तिहरा हत्याकांड, पत्नी समेत दो पंडितों की गोली मारकर हत्या

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अमरेश त्रिपाठी

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ कानपुर देहात

आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के अहिरौला थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम एक सनसनीखेज वारदात सामने आई। शंभूपुर गहजी गांव में धार्मिक अनुष्ठान के दौरान हुए विवाद ने देखते ही देखते खूनी रूप ले लिया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और पूजा कराने पहुंचे दो पंडितों पर कथित तौर पर लाइसेंसी राइफल से गोली चला दी। घटना में तीनों की मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी अपने बच्चों के साथ घर के भीतर चला गया, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने की कोशिश शुरू की।

घटना की सूचना मिलते ही आसपास के इलाकों में हड़कंप मच गया। पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। गांव में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती की गई। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और पुलिस घटना से जुड़े प्रत्येक पहलू की जानकारी जुटा रही है।

घर में चल रहा था धार्मिक अनुष्ठान

बताया जा रहा है कि शंभूपुर गहजी गांव निवासी अरविंद सिंह मंगलवार शाम करीब छह बजे अपने घर पहुंचे। उस समय घर में उनकी पत्नी बबीता सिंह, उनकी बुजुर्ग मां और बच्चे मौजूद थे। घर पर धार्मिक पूजा-अनुष्ठान भी चल रहा था।

पूजा कराने के लिए पटखौली गांव निवासी पंडित महेंद्र पाठक और छितौना भटौली गांव निवासी अखिलेश मिश्रा समेत कुछ अन्य लोग वहां मौजूद थे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अखिलेश मिश्रा का बेटा हिमांशु मिश्रा भी वहां था।

अरविंद के घर पहुंचने के बाद पूजा को लेकर सवाल-जवाब शुरू हुए। इसी दौरान कथित तौर पर पंडितों से पहचान संबंधी दस्तावेज, विशेष रूप से आधार कार्ड, दिखाने की बात कही गई। इसी मुद्दे को लेकर बातचीत धीरे-धीरे विवाद में बदल गई।

आधार कार्ड को लेकर बढ़ा विवाद

प्रारंभिक विवरण के अनुसार, अरविंद ने पूजा कराने पहुंचे पंडितों से आधार कार्ड मांगना शुरू किया। पंडितों और अरविंद के बीच इस बात को लेकर बहस होने लगी। घर में मौजूद लोगों ने स्थिति को सामान्य करने की कोशिश की, लेकिन विवाद बढ़ता चला गया।

इसी दौरान मामला इतना गंभीर हो गया कि अरविंद कथित तौर पर कमरे से अपनी लाइसेंसी राइफल लेकर बाहर आया। इसके बाद गोली चलने की घटना हुई। पुलिस के सामने अब यह जांच का विषय है कि विवाद किस क्रम में बढ़ा और गोली चलाने की वास्तविक वजह क्या थी।

पुलिस घटना के प्रत्यक्षदर्शियों और मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ कर रही है। जांच के दौरान यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि वारदात में इस्तेमाल हथियार किसके नाम पर पंजीकृत था और गोलीबारी किन परिस्थितियों में हुई।

पत्नी ने बीच-बचाव किया तो उस पर भी गोली चलाने का आरोप

घटना से जुड़ी प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, विवाद के दौरान अरविंद की पत्नी बबीता सिंह ने बीच-बचाव करने की कोशिश की। आरोप है कि इसी दौरान उन्हें भी गोली लग गई। बबीता सहित दोनों पंडितों की घटनास्थल पर ही मौत होने की बात सामने आई है।

इस घटना ने परिवार के साथ-साथ पूरे गांव को झकझोर दिया है। एक ही घर में तीन लोगों की मौत से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए, लेकिन पुलिस ने क्षेत्र को सुरक्षित करते हुए लोगों को घटनास्थल से दूर रखा।

आरोपी बच्चों के साथ घर में बंद

वारदात के बाद आरोपी के घर के अंदर चले जाने की जानकारी सामने आई है। बताया गया कि उसके साथ उसके तीन छोटे बच्चे भी थे। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने घर को घेर लिया और स्थिति पर नजर रखी।

पुलिस के सामने सबसे बड़ी प्राथमिकता बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और आरोपी को सुरक्षित तरीके से काबू में लेना रही। आसपास के कई थानों से पुलिस बल बुलाया गया। अधिकारियों ने मौके की निगरानी की और घटनाक्रम की जानकारी जुटाई।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मौके पर जांच-पड़ताल शुरू कर दी। फोरेंसिक टीम की मदद से घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जाने की प्रक्रिया भी जांच का हिस्सा हो सकती है। पुलिस हथियार, कारतूस, घटनास्थल की स्थिति और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ रही है।

घर में मौजूद थे छोटे बच्चे

घटना के समय घर में परिवार के छोटे बच्चे भी मौजूद बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, अरविंद और बबीता के तीन बच्चे हैं, जिनमें एक करीब पांच साल की बेटी, छह साल का बेटा और सात महीने की बच्ची शामिल है।

इतनी कम उम्र के बच्चों के सामने परिवार में हुई इस घटना ने मामले को और गंभीर बना दिया है। पुलिस और प्रशासन के सामने बच्चों की सुरक्षा और उनकी देखभाल को लेकर भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

बुजुर्ग परिजन के भी घर में मौजूद होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात के समय घर के प्रत्येक सदस्य की स्थिति क्या थी और घटना के दौरान किसने क्या देखा।

पुलिस जांच में सामने आएगा पूरा घटनाक्रम

इस मामले में अभी कई सवालों के जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवाद की शुरुआत ठीक किस बात से हुई, आधार कार्ड को लेकर बातचीत किस तरह हिंसक विवाद में बदली और गोलीबारी किन परिस्थितियों में हुई।

इसके अलावा पुलिस यह भी जांच करेगी कि आरोपी के पास लाइसेंसी हथियार कब से था, घटना के समय हथियार की स्थिति क्या थी और गोलीबारी के बाद उसने क्या कदम उठाए।

मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने की प्रक्रिया भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मृत्यु के कारण और अन्य चिकित्सकीय तथ्यों की पुष्टि होगी। पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को अपनी जांच में शामिल करेगी।

गांव में पसरा सन्नाटा

तिहरे हत्याकांड की खबर फैलते ही शंभूपुर गहजी और आसपास के गांवों में सनसनी फैल गई। जिन लोगों के घर में धार्मिक अनुष्ठान के लिए लोग जुटे थे, वहीं कुछ समय बाद तीन लोगों की मौत की खबर ने ग्रामीणों को स्तब्ध कर दिया।

पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

आजमगढ़ की यह घटना एक पारिवारिक विवाद के हिंसक रूप लेने का गंभीर मामला बनकर सामने आई है। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और आरोपी से पूछताछ तथा घटनास्थल से जुटाए जा रहे साक्ष्यों के बाद ही वारदात की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

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