बौध में जनगणना-2027 के दूसरे चरण को लेकर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित, सटीक आंकड़े जुटाने पर दिया गया जोर

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सुदाम बाबू स्टेट ब्यूरो ओडिशा

हिट एंड हॉट न्यूज़

बौध (ओडिशा), 30 अक्टूबर 2026। ओडिशा के बौध जिले में आगामी जनगणना-2027 की तैयारियों को गति देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन की ओर से दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। स्थानीय सद्भावना ऑडिटोरियम में 30 और 31 अक्टूबर को आयोजित इस कार्यक्रम में जनगणना के दूसरे चरण को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य जनगणना से संबंधित कार्यों को व्यवस्थित, पारदर्शी और त्रुटिरहित तरीके से पूरा करना रहा।

जिला प्रशासन ने इस कार्यक्रम के माध्यम से स्पष्ट किया कि जनगणना केवल आंकड़े एकत्र करने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि देश की सामाजिक, आर्थिक और जनसांख्यिकीय स्थिति को समझने का एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है। इसलिए इसमें शामिल प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी को अपनी जिम्मेदारी पूरी गंभीरता, सावधानी और जवाबदेही के साथ निभानी होगी।

कलेक्टर बिभूति भूषण नायक की अध्यक्षता में हुआ कार्यक्रम

बौध जिला प्रशासन की ओर से आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कलेक्टर बिभूति भूषण नायक ने की। कार्यक्रम में जनगणना कार्यालय के उपनिदेशक पवित्र कुमार महाला, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट अनिरुद्ध प्रधान, मुख्य विकास अधिकारी प्रभास चंद्र दंडसेना तथा उपजिलाधिकारी बिनय कुमार भोई प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

इसके अतिरिक्त जनगणना कार्यालय से जुड़े अधिकारी अमृतेन्दु साधुखान और शुभेंदु मल्लिक ने प्रशिक्षण सत्रों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बौध के उपजिलाधिकारी (जनगणना) निरंजन बघार ने भी कार्यक्रम के आयोजन और प्रशिक्षण संबंधी गतिविधियों में सहयोग प्रदान किया।

प्रशिक्षण में जिले के विभिन्न संबंधित कार्यालयों के सभी चार्ज अधिकारियों और डीलिंग असिस्टेंट ने हिस्सा लिया। उन्हें जनगणना के दूसरे चरण में होने वाली गतिविधियों, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और निर्धारित जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

जनगणना के दूसरे चरण की प्रक्रिया समझाई गई

दो दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को जनगणना-2027 के दूसरे चरण से संबंधित विभिन्न नियमों, दिशा-निर्देशों और तकनीकी पहलुओं से अवगत कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि जनगणना का कार्य निर्धारित सरकारी प्रक्रियाओं के अनुसार किया जाना आवश्यक है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या गलत जानकारी से बचने के लिए कर्मचारियों को विशेष सतर्कता बरतनी होगी।

प्रशिक्षण के दौरान जनगणना से जुड़े दस्तावेजों, सूचनाओं के संकलन, प्रशासनिक समन्वय और कार्यों के संचालन से संबंधित प्रक्रियाओं पर चर्चा की गई। प्रतिभागियों को बताया गया कि उन्हें अपने निर्धारित कार्यक्षेत्र और जिम्मेदारियों की पूरी जानकारी होनी चाहिए, ताकि वास्तविक कार्य शुरू होने पर किसी प्रकार की परेशानी उत्पन्न न हो।

अधिकारियों ने यह भी समझाया कि जनगणना की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि सभी संबंधित विभाग आपस में कितना बेहतर तालमेल बनाकर काम करते हैं। अलग-अलग स्तर पर तैनात कर्मचारियों के बीच सही संवाद और सूचनाओं का समय पर आदान-प्रदान बेहद जरूरी है।

आंकड़ों की शत-प्रतिशत शुद्धता बनाए रखने पर विशेष ध्यान

प्रशिक्षण कार्यक्रम में सबसे अधिक जोर जनगणना के दौरान एकत्र किए जाने वाले आंकड़ों की शुद्धता पर दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े भविष्य की सरकारी योजनाओं, विकास परियोजनाओं और प्रशासनिक नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

ऐसे में यदि आंकड़ों में गलती होती है तो उसका प्रभाव केवल जनगणना की रिपोर्ट तक सीमित नहीं रहता, बल्कि विकास संबंधी निर्णयों और योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी पड़ सकता है।

इसी बात को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षणार्थियों को निर्देश दिया गया कि वे प्रत्येक जानकारी को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सावधानीपूर्वक दर्ज करें। किसी भी सूचना को बिना जांचे या अनुमान के आधार पर दर्ज नहीं किया जाना चाहिए। आंकड़ों का संकलन करते समय पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना भी आवश्यक बताया गया।

जिला प्रशासन ने अधिकारियों को समझाया कि जनगणना की विश्वसनीयता तभी सुनिश्चित हो सकती है, जब प्रत्येक स्तर पर सही जानकारी एकत्र की जाए और उसे व्यवस्थित तरीके से रिकॉर्ड किया जाए।

नागरिकों की व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता सर्वोपरि

कार्यक्रम में सूचना की गोपनीयता को लेकर भी विशेष चर्चा की गई। जनगणना के दौरान नागरिकों और परिवारों से संबंधित विभिन्न प्रकार की जानकारियां एकत्र की जाती हैं। इसलिए इन सूचनाओं की सुरक्षा और निर्धारित नियमों के अनुसार उनका उपयोग करना अधिकारियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

प्रशिक्षण में बताया गया कि जनगणना से जुड़ी जानकारी को अनधिकृत व्यक्तियों के साथ साझा नहीं किया जाना चाहिए। कर्मचारियों को सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए सूचना की गोपनीयता बनाए रखनी होगी।

अधिकारियों ने इस बात पर भी जोर दिया कि जनगणना प्रक्रिया में लोगों का विश्वास बनाए रखना बेहद जरूरी है। जब नागरिकों को यह भरोसा होगा कि उनकी ओर से दी गई जानकारी का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के लिए ही किया जाएगा, तब वे जनगणना कार्य में अधिक सहजता से सहयोग कर सकेंगे।

इसलिए सभी कर्मचारियों को अपने व्यवहार और कार्यशैली में जिम्मेदारी तथा संवेदनशीलता बनाए रखने की सलाह दी गई।

निर्धारित समयसीमा में पूरा करना होगा कार्य

प्रशिक्षण सत्र में जनगणना से जुड़े सभी कार्यों को तय समयसीमा के भीतर पूरा करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। जिला प्रशासन ने कहा कि किसी भी राष्ट्रीय स्तर के महत्वपूर्ण अभियान की सफलता के लिए समय प्रबंधन अत्यंत आवश्यक होता है।

यदि किसी स्तर पर काम में अनावश्यक देरी होती है तो उसका असर आगे की पूरी प्रक्रिया पर पड़ सकता है। इस कारण सभी चार्ज अधिकारियों और डीलिंग असिस्टेंट को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने दायित्वों को समय पर पूरा करें और किसी भी समस्या की जानकारी संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों तक तत्काल पहुंचाएं।

कार्यक्रम में यह भी स्पष्ट किया गया कि निर्धारित नियमों का पालन किए बिना जल्दबाजी में काम पूरा करना उचित नहीं होगा। कार्य की गति के साथ-साथ उसकी गुणवत्ता और शुद्धता को भी समान महत्व देना होगा।

अधिकारियों और कर्मचारियों से बेहतर समन्वय की अपील

जनगणना जैसे व्यापक प्रशासनिक अभियान में कई विभागों और कर्मचारियों की भागीदारी होती है। इसलिए कार्यक्रम में विभागों के बीच आपसी तालमेल को मजबूत बनाने पर भी चर्चा की गई।

प्रतिभागियों को बताया गया कि प्रत्येक अधिकारी को अपनी भूमिका और जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से समझनी चाहिए। किसी भी प्रकार की तकनीकी, प्रशासनिक या कार्य संबंधी समस्या आने पर आपसी समन्वय के माध्यम से उसका समाधान किया जाना चाहिए।

प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों को सतर्कता, अनुशासन और जवाबदेही के साथ कार्य करने की सलाह दी गई। उनसे अपेक्षा की गई कि वे जनगणना से जुड़े प्रत्येक चरण को गंभीरता से लें और किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचें।

राष्ट्रीय जिम्मेदारी में जनता की भागीदारी भी जरूरी

कार्यक्रम के समापन अवसर पर जिला प्रशासन ने जनगणना को सामूहिक राष्ट्रीय जिम्मेदारी बताते हुए अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों से सहयोग की अपील की।

प्रशासन का कहना है कि जनगणना की प्रक्रिया तभी सफल हो सकती है, जब सरकारी तंत्र के साथ-साथ आम जनता भी इसमें सक्रिय भूमिका निभाए। नागरिकों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सही और आवश्यक जानकारी उपलब्ध करानी चाहिए, जिससे विश्वसनीय आंकड़े तैयार किए जा सकें।

जनगणना के माध्यम से देश की जनसंख्या, सामाजिक संरचना और विभिन्न क्षेत्रों की स्थिति से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त होती हैं। इन आंकड़ों के आधार पर भविष्य की विकास योजनाओं और सरकारी नीतियों को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलती है।

इसीलिए जिला प्रशासन ने सभी संबंधित पक्षों से अपील की कि वे इस महत्वपूर्ण कार्य को केवल सरकारी औपचारिकता न समझें, बल्कि देश के विकास से जुड़ी जिम्मेदारी मानकर इसमें अपना योगदान दें।

बौध जिले में तैयारियों को व्यवस्थित बनाने की पहल

बौध में आयोजित यह दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम है। इसके माध्यम से अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यप्रणाली की जानकारी देने के साथ-साथ उनकी जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया गया।

कार्यक्रम में सटीक आंकड़े जुटाने, नागरिकों की जानकारी सुरक्षित रखने, निर्धारित नियमों का पालन करने और समय पर सभी गतिविधियां पूरी करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों को प्राथमिकता दी गई।

जिला प्रशासन की कोशिश है कि जनगणना से संबंधित सभी तैयारियां व्यवस्थित तरीके से पूरी हों और कार्यान्वयन के दौरान किसी प्रकार की अनावश्यक बाधा उत्पन्न न हो। अधिकारियों से अपेक्षा की गई है कि वे प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी का उपयोग वास्तविक कार्य के दौरान करें और पूरी जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

कुल मिलाकर, बौध में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जनगणना-2027 को अधिक सटीक, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। प्रशासन और आम जनता के संयुक्त सहयोग से ही इस राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाया जा सकता है।

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