जालौन में 23 अक्टूबर को रहेगा ड्राई डे, स्नातक एमएलसी चुनाव के चलते शराब की बिक्री पर प्रतिबंध
अरुण कुमार मिश्रा
हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन
उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन-2026 को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जालौन जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। जिलाधिकारी एवं लाइसेंस प्राधिकारी समीर ने 23 अक्टूबर 2026 को जनपद में शुष्क दिवस घोषित किया है। इस आदेश के तहत मतदान के दिन जिले की सभी संबंधित शराब की दुकानों, बार और भांग की दुकानों पर मादक पदार्थों की बिक्री पूरी तरह बंद रहेगी।

प्रशासन का उद्देश्य मतदान के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना, किसी भी प्रकार की अव्यवस्था की आशंका को कम करना और निर्वाचन प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराना है। जिलाधिकारी की ओर से जारी आदेश के अनुसार, निर्धारित तिथि पर आबकारी विभाग के अंतर्गत आने वाले संबंधित प्रतिष्ठानों को बिक्री बंद रखनी होगी। यह प्रतिबंध पूरे जनपद में लागू रहेगा।
स्नातक निर्वाचन को लेकर प्रशासन का बड़ा फैसला
इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन-2026 के मतदान को लेकर जिला प्रशासन तैयारियों में जुटा है। निर्वाचन के दौरान शांति बनाए रखना और मतदाताओं को बिना किसी बाधा के मतदान का अवसर उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी क्रम में 23 अक्टूबर को शुष्क दिवस घोषित करने का फैसला किया गया है।
जिलाधिकारी समीर ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि मतदान दिवस पर जनपद में मादक पदार्थों की बिक्री की अनुमति नहीं होगी। शराब की दुकानों से लेकर बार और भांग की दुकानों तक यह व्यवस्था प्रभावी रहेगी। संबंधित दुकानदारों और लाइसेंसधारकों को आदेश का पालन करना होगा।
निर्वाचन के समय शुष्क दिवस लागू करने का उद्देश्य मतदान के आसपास शांति और अनुशासन का वातावरण बनाए रखना है। प्रशासन चाहता है कि चुनाव की प्रक्रिया किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति के बिना पूरी हो और मतदाता स्वतंत्र रूप से अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
किन प्रतिष्ठानों पर लागू होगा प्रतिबंध?
जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश में आबकारी विभाग के अंतर्गत आने वाले विभिन्न प्रकार के प्रतिष्ठानों को बंद रखने का निर्देश दिया गया है। इसमें देशी शराब की दुकानें, कंपोजिट शॉप और मॉडल शॉप शामिल हैं। इसके अलावा निर्धारित श्रेणियों के होटल एवं रेस्टोरेंट बार और भांग की दुकानों पर भी बिक्री प्रतिबंधित रहेगी।
आदेश के अनुसार, एफएल-6 श्रेणी के मिश्रित होटल बार और एफएल-7 श्रेणी के रेस्टोरेंट बार में भी 23 अक्टूबर को मादक पदार्थों की बिक्री नहीं की जा सकेगी। संबंधित अनुज्ञापनों के अंतर्गत आने वाले प्रतिष्ठानों को निर्धारित नियमों का पालन करना होगा।
इस व्यवस्था का दायरा केवल सामान्य शराब की दुकानों तक सीमित नहीं है। जिला प्रशासन ने अलग-अलग श्रेणियों के लाइसेंस प्राप्त प्रतिष्ठानों को भी इसमें शामिल किया है, ताकि शुष्क दिवस के दौरान बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।
आदेश लागू रहने के दौरान ग्राहकों को संबंधित दुकानों से शराब या अन्य प्रतिबंधित मादक पदार्थ उपलब्ध नहीं होंगे। इसलिए दुकानदारों और आम नागरिकों को मतदान दिवस के लिए निर्धारित नियमों की जानकारी रखना आवश्यक है।
शासन और निर्वाचन अधिकारियों के पत्रों के आधार पर जारी हुआ आदेश
जिलाधिकारी समीर की ओर से जारी आदेश में उत्तर प्रदेश शासन तथा निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों के पत्रों का उल्लेख किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उप सचिव, उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ के 9 अक्टूबर 2026 के पत्र और रिटर्निंग ऑफिसर, इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र एवं आयुक्त, झांसी मंडल के 13 अक्टूबर 2026 के पत्र के क्रम में यह निर्णय लिया गया है।
इन निर्देशों के आधार पर जिला प्रशासन ने मतदान दिवस के लिए शुष्क दिवस घोषित किया है। इसका उद्देश्य निर्वाचन संबंधी दिशा-निर्देशों के अनुरूप जिले में आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
मतदान के दिन संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए प्रशासन विभिन्न विभागों के माध्यम से कानून-व्यवस्था और चुनावी व्यवस्थाओं पर ध्यान देगा। शुष्क दिवस का आदेश भी इसी व्यापक तैयारी का हिस्सा है।
आबकारी अधिनियम के तहत लिया गया निर्णय
जिलाधिकारी ने उत्तर प्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 59 के तहत प्राप्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए शुष्क दिवस संबंधी आदेश जारी किया है। इस कानूनी प्रावधान के अंतर्गत निर्धारित परिस्थितियों में आबकारी अनुज्ञापनों से जुड़ी बिक्री पर आवश्यक प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि शुष्क दिवस के कारण दुकानों को बंद रखने की अवधि के एवज में आबकारी लाइसेंसधारकों को किसी प्रकार का प्रतिफल नहीं दिया जाएगा। यानी निर्धारित दिन बिक्री बंद रहने के कारण उन्हें अलग से मुआवजा या प्रतिपूर्ति नहीं मिलेगी।
इस प्रावधान की जानकारी संबंधित लाइसेंसधारकों के लिए महत्वपूर्ण है। उन्हें अपने प्रतिष्ठानों के संचालन की योजना बनाते समय प्रशासन द्वारा घोषित बंदी और उससे संबंधित शर्तों को ध्यान में रखना होगा।
दुकानदारों और नागरिकों से नियमों के पालन की अपेक्षा
23 अक्टूबर को लागू होने वाले प्रतिबंध के मद्देनजर संबंधित दुकानदारों को समय रहते अपनी व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। निर्धारित श्रेणियों में आने वाली दुकानों और बार को आदेश के अनुरूप बिक्री बंद रखनी होगी। प्रशासनिक निर्देशों का पालन करना निर्वाचन व्यवस्था के सुचारु संचालन के लिए आवश्यक है।
आम नागरिकों को भी इस बात की जानकारी रखनी चाहिए कि मतदान दिवस पर जिले में शराब और अन्य संबंधित मादक पदार्थों की बिक्री उपलब्ध नहीं रहेगी। ऐसे में लोगों को अनावश्यक परेशानी से बचने के लिए पहले से इस व्यवस्था को समझ लेना चाहिए।
शुष्क दिवस का अर्थ केवल दुकानों के सामान्य कारोबार में अस्थायी रोक नहीं है, बल्कि यह निर्वाचन के दौरान लागू की जाने वाली प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा है। इसका पालन संबंधित प्रतिष्ठानों और नागरिकों, दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।
शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता
लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान का विशेष महत्व है। स्नातक निर्वाचन के दौरान मतदाताओं को शांतिपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराना और चुनावी प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आने देना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
जालौन में 23 अक्टूबर को शुष्क दिवस घोषित करने का निर्णय इसी उद्देश्य से लिया गया है। जिला प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, मतदान के दिन संबंधित आबकारी प्रतिष्ठानों पर बिक्री बंद रहेगी। इससे निर्वाचन अवधि में लागू व्यवस्थाओं का पालन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
निष्कर्ष: इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन-2026 के मद्देनजर जालौन में 23 अक्टूबर 2026 को शुष्क दिवस रहेगा। जिलाधिकारी समीर के आदेश के अनुसार, देशी शराब की दुकानों, कंपोजिट शॉप, मॉडल शॉप, निर्धारित होटल एवं रेस्टोरेंट बार तथा भांग की दुकानों पर बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। आदेश उत्तर प्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 59 के तहत जारी किया गया है। जिला प्रशासन का लक्ष्य मतदान को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना है।
