मिशन शक्ति अभियान: कदौरा थाने में छात्रा शैलजा मरगाया बनीं एक दिन की थानाध्यक्ष, महिलाओं की शिकायतों पर की त्वरित सुनवाई
देव पटेल
हिट एंड हॉट न्यूज़ संवाददाता जालौन
कदौरा, जालौन। उत्तर प्रदेश में महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा, सम्मान तथा उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे मिशन शक्ति अभियान के तहत कदौरा थाने में एक प्रेरणादायक पहल देखने को मिली। यहां राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) की छात्रा शैलजा मरगाया को एक दिन के लिए थानाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में छात्रा को सम्मानपूर्वक विद्यालय से थाने लाया गया। इसके बाद प्रभारी थानाध्यक्ष की कुर्सी पर बैठाकर उन्हें पुलिस की कार्यप्रणाली समझने और फरियादियों की समस्याएं सुनने का अवसर दिया गया।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ाना, उन्हें कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारियों से परिचित कराना तथा महिलाओं को यह संदेश देना था कि उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुनना और उन पर समय रहते कार्रवाई करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
सम्मान के साथ सौंपी गई थाने की जिम्मेदारी
कदौरा थानाध्यक्ष परमेंद्र सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस पहल के दौरान छात्रा शैलजा मरगाया को विद्यालय से सम्मान सहित थाने लाया गया। थाने पहुंचने पर उनका स्वागत किया गया और बुके भेंट कर उन्हें एक दिन की थानाध्यक्ष का प्रभार सौंपा गया।
इस अवसर पर पुलिसकर्मियों ने छात्रा को थाने की व्यवस्था, शिकायतों की सुनवाई, महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने से संबंधित जिम्मेदारियों की जानकारी दी। इसके बाद शैलजा ने थाने में पहुंचीं महिलाओं की समस्याओं को सुना और संबंधित मामलों में आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देश दिए।
मिशन शक्ति अभियान के तहत इस तरह की गतिविधियां बालिकाओं को नेतृत्व की भूमिका में आगे आने के लिए प्रोत्साहित करती हैं। इससे छात्राओं को यह समझने का अवसर मिलता है कि पुलिस प्रशासन किस प्रकार नागरिकों की समस्याओं का समाधान करने और समाज में सुरक्षा का वातावरण बनाए रखने के लिए काम करता है।
कैंसर पीड़ित महिला की फरियाद पर दिखाई संवेदनशीलता
कार्यक्रम के दौरान कैंसर से पीड़ित महिला गुड्डन अपनी समस्या लेकर थाने पहुंचीं। उनकी शिकायत और अपनी इच्छा के अनुरूप समाधान की बात सुनकर एक दिन की थानाध्यक्ष शैलजा मरगाया ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने संबंधित पुलिसकर्मियों को महिला की स्थिति को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, महिला की फरियाद सुनने के बाद उसके हित को ध्यान में रखते हुए तत्काल समाधान की दिशा में पहल की गई। शिकायत पर सुनवाई होने से महिला भावुक हो गईं और उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े।
यह घटना पुलिस की संवेदनशील भूमिका को सामने लाती है। किसी भी पीड़ित व्यक्ति के लिए अपनी बात सुना पाना और उसकी समस्या पर उचित कार्रवाई होते देखना राहत का कारण बन सकता है। खासकर गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार और समय पर सहायता बेहद महत्वपूर्ण होती है।
हालांकि, किसी भी शिकायत का अंतिम निस्तारण संबंधित तथ्यों, दोनों पक्षों की बात और कानून के प्रावधानों के अनुसार किया जाना आवश्यक है। ऐसे मामलों में पीड़ित की इच्छा का सम्मान करते हुए निष्पक्षता बनाए रखना भी पुलिस की जिम्मेदारी होती है।
महिलाओं की शिकायतें सुनकर कार्रवाई के दिए निर्देश
एक दिन की थानाध्यक्ष की जिम्मेदारी निभाते हुए शैलजा मरगाया ने थाने में आई अन्य महिलाओं की शिकायतें भी सुनीं। उन्होंने उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास किया और संबंधित मामलों में मौके पर ही समाधान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई।
पुलिस की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, शिकायत लेकर पहुंचीं महिलाओं को सुनवाई के दौरान राहत मिली और उनके चेहरों पर संतोष दिखाई दिया। इस पहल से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि महिलाओं को अपनी समस्याएं बताने के लिए आगे आना चाहिए और उन्हें पुलिस से सहायता प्राप्त करने का अधिकार है।
महिला सुरक्षा केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें समय रहते शिकायत सुनना, पीड़ित को उचित मार्गदर्शन देना और जरूरत पड़ने पर कानूनी सहायता उपलब्ध कराना भी शामिल है। थाने में छात्रा को जिम्मेदारी सौंपकर इसी सोच को मजबूत करने का प्रयास किया गया।
पुलिसकर्मियों के साथ बैठक में महिला सुरक्षा पर जोर
प्रभार संभालने के बाद शैलजा मरगाया ने पुलिसकर्मियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने महिला संबंधी अपराधों को लेकर सतर्क रहने, शिकायतों को गंभीरता से सुनने और मामलों में त्वरित कार्रवाई करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि थाने में अपनी समस्या लेकर आने वाले किसी भी फरियादी को निराश होकर वापस नहीं जाना चाहिए। प्रत्येक शिकायत की निष्पक्ष जांच की जाए और तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने अपराध नियंत्रण के प्रति पुलिसकर्मियों को सजग रहने तथा आम नागरिकों के साथ संवेदनशील व्यवहार करने का संदेश भी दिया।
इस गतिविधि के माध्यम से छात्रा ने पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारियों को नजदीक से समझा। महिलाओं से जुड़े मामलों में सतर्कता, शिकायतों की गंभीरता और पीड़ितों के प्रति संवेदनशीलता जैसे विषयों को प्राथमिकता देना इस कार्यक्रम का प्रमुख संदेश रहा।
मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य
उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा संचालित मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने, उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने तथा जरूरत पड़ने पर सहायता प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
ऐसे कार्यक्रमों में छात्राओं को पुलिस अधिकारियों की भूमिका निभाने का अवसर दिया जाता है, ताकि वे नेतृत्व क्षमता विकसित कर सकें और कानून-व्यवस्था की व्यवस्था को समझ सकें। इसके साथ ही समाज में यह संदेश पहुंचाने का प्रयास होता है कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सामूहिक जिम्मेदारी है।
कदौरा थाने में आयोजित इस पहल ने छात्राओं को आगे बढ़ने का अवसर देने के साथ महिला शिकायतों की सुनवाई और पीड़ितों के प्रति संवेदनशील व्यवहार के महत्व को भी रेखांकित किया।
कार्यक्रम में पुलिस और विद्यालय के अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर मिशन शक्ति प्रभारी अंकित चौरसिया, एसएसआई विनेश कुमार, महिला आरक्षी सोनी साहू, प्रतीक्षा, शिखा यादव और रश्मि सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे। विद्यालय की ओर से प्रधानाचार्य नीरज कुमार तथा शिक्षक उत्तम निरंजन और दीपक पाठक भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
पुलिस और विद्यालय के प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने इस पहल को शिक्षा तथा सुरक्षा के बीच सहयोग का उदाहरण बनाया। ऐसे आयोजनों से छात्राओं को सरकारी व्यवस्था के कामकाज को समझने और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक होने का अवसर मिलता है।
महिलाओं के विश्वास को मजबूत करने की पहल
कदौरा थाने में शैलजा मरगाया को एक दिन की थानाध्यक्ष बनाना केवल प्रतीकात्मक कार्यक्रम नहीं, बल्कि महिलाओं की शिकायतों को प्राथमिकता देने और बालिकाओं में नेतृत्व का विश्वास जगाने की दिशा में एक प्रयास रहा। कैंसर पीड़ित महिला गुड्डन की फरियाद सुनने के दौरान दिखाई गई संवेदनशीलता ने कार्यक्रम को विशेष महत्व दिया।
इस पहल से यह संदेश सामने आया कि पुलिस व्यवस्था में मानवीय व्यवहार, निष्पक्ष सुनवाई और समय पर कार्रवाई की महत्वपूर्ण भूमिका है। वहीं, छात्राओं को जिम्मेदारी सौंपने जैसे कार्यक्रम उन्हें भविष्य में आत्मनिर्भर, जागरूक और नेतृत्व के लिए तैयार करने में सहायक हो सकते हैं।
महिला सुरक्षा के प्रयास तभी प्रभावी बनेंगे, जब शिकायतों पर नियमित रूप से निष्पक्ष कार्रवाई हो, पीड़ितों को उचित सहायता मिले और समाज की प्रत्येक महिला बिना भय के अपनी बात रख सके। कदौरा थाने में आयोजित यह कार्यक्रम इसी दिशा में जागरूकता बढ़ाने वाला कदम रहा।
रिपोर्ट: जालौन, उत्तर प्रदेश।