जालौन: एसडीएम विनय कुमार मौर्य के निरीक्षण में बंद मिली कदौरा उर्वरक समिति, किसानों को नियमों के अनुसार खाद वितरण के निर्देश
देव पटेल
हिट एंड हॉट न्यूज़ संवाददाता जालौन
कालपी, जालौन। रबी की फसलों की बुवाई का समय नजदीक आने के साथ ही किसानों को खाद और उर्वरक उपलब्ध कराने को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। किसानों को समय पर उर्वरक मिल सके और वितरण व्यवस्था में किसी प्रकार की अनियमितता न हो, इसके लिए अधिकारियों की ओर से समितियों का निरीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार, 13 अक्टूबर को उप जिलाधिकारी विनय कुमार मौर्य ने जालौन जिले के कदौरा स्थित उर्वरक समिति का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान समिति बंद मिली। इस पर वहां मौजूद कर्मचारियों ने उर्वरक के स्टॉक और उसके वितरण की स्थिति के संबंध में जानकारी दी।

कर्मचारियों द्वारा बताया गया कि समिति में उपलब्ध उर्वरक का स्टॉक किसानों को टोकन के आधार पर क्रमवार वितरित कर दिया गया था। खाद का स्टॉक समाप्त होने के बाद समिति को बंद किया गया था। कर्मचारियों के जवाब से उप जिलाधिकारी संतुष्ट नजर आए। इसके बाद उन्होंने समिति के कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए किसानों को नियमानुसार उर्वरक उपलब्ध कराने और वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया।
औचक निरीक्षण के दौरान बंद मिली समिति
रबी की बुवाई के दौरान किसानों को खाद की आवश्यकता अधिक रहती है। ऐसे समय में उर्वरक की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था का सुचारु रहना बेहद जरूरी होता है। किसानों को खाद के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े, इसी उद्देश्य से प्रशासनिक अधिकारी समितियों की कार्यप्रणाली पर नजर रख रहे हैं।
मंगलवार की शाम उप जिलाधिकारी विनय कुमार मौर्य कदौरा स्थित उर्वरक समिति पहुंचे। निरीक्षण के समय समिति बंद मिली। इसके बाद उन्होंने वहां मौजूद कर्मचारियों से समिति बंद होने का कारण पूछा और उर्वरक की उपलब्धता तथा किसानों को खाद वितरित किए जाने के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
कर्मचारियों ने बताया कि समिति में जितना उर्वरक उपलब्ध था, उसे टोकन व्यवस्था के तहत किसानों को क्रमबद्ध तरीके से बांट दिया गया था। स्टॉक समाप्त होने के बाद समिति को बंद किया गया। अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों ने खाद वितरण से जुड़ी स्थिति स्पष्ट की, जिसके बाद उप जिलाधिकारी ने उनकी बात को संतोषजनक माना।
टोकन व्यवस्था से खाद वितरण की जानकारी
किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए टोकन के आधार पर वितरण की व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जाती है। इससे किसानों को क्रम के अनुसार खाद उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है और वितरण के दौरान अव्यवस्था की आशंका कम होती है।
कदौरा समिति के कर्मचारियों ने एसडीएम को बताया कि उपलब्ध उर्वरक का वितरण इसी व्यवस्था के अनुसार किया गया था। स्टॉक खत्म होने के कारण समिति बंद थी। उप जिलाधिकारी ने कर्मचारियों को निर्देश दिया कि जब भी समिति में नया उर्वरक उपलब्ध हो, तो उसका वितरण निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वितरण के दौरान किसानों के साथ उचित व्यवहार किया जाना चाहिए। किसी भी किसान को बेवजह परेशान करना या उसे खाद प्राप्त करने के लिए अनावश्यक रूप से चक्कर लगवाना उचित नहीं है। किसानों को उर्वरक संबंधी जानकारी स्पष्ट रूप से उपलब्ध कराने और व्यवस्था को व्यवस्थित बनाए रखने पर भी ध्यान देने की जरूरत है।
किसानों को परेशान न करने की हिदायत
रबी की फसलों की बुवाई किसानों के लिए महत्वपूर्ण समय होता है। इस दौरान खेतों की तैयारी, बीज की व्यवस्था और उर्वरक की उपलब्धता का सीधा संबंध कृषि कार्यों से रहता है। यदि किसानों को समय पर खाद नहीं मिलती, तो उन्हें अपनी खेती की योजना बनाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
इसी को ध्यान में रखते हुए उप जिलाधिकारी विनय कुमार मौर्य ने समिति के कर्मचारियों को निर्देश दिए कि उर्वरक उपलब्ध होने पर किसानों को नियमानुसार खाद वितरित की जाए। वितरण की प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिसमें किसी किसान के साथ अनुचित व्यवहार न हो और सभी पात्र किसानों को निर्धारित व्यवस्था के तहत उर्वरक मिल सके।
एसडीएम ने कर्मचारियों को आगाह किया कि खाद वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या किसानों को परेशान किए जाने की शिकायत सामने आती है, तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन इस मामले में किसी भी तरह की शिकायत को गंभीरता से लेगा।
अनियमितता मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी
उर्वरक वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। किसानों को खाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मिलनी चाहिए और वितरण के दौरान नियमों का पालन किया जाना चाहिए। इस संबंध में उप जिलाधिकारी ने समिति के कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उर्वरक वितरण में गड़बड़ी की शिकायत मिलती है, तो जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। अधिकारियों के इस रुख का उद्देश्य खाद वितरण की व्यवस्था को व्यवस्थित बनाए रखना और किसानों को अनावश्यक परेशानी से बचाना है।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने यह संदेश दिया कि समिति में खाद की उपलब्धता होने पर उसका वितरण नियमों के अनुसार किया जाए। साथ ही, स्टॉक की स्थिति और किसानों को खाद दिए जाने की प्रक्रिया के संबंध में सही जानकारी रखना भी जरूरी है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर प्रशासन को वास्तविक स्थिति से अवगत कराया जा सके।
रबी की बुवाई के समय उर्वरक की उपलब्धता अहम
रबी सीजन में गेहूं, सरसों, चना और अन्य फसलों की खेती करने वाले किसानों को कृषि कार्यों के लिए समय पर संसाधनों की जरूरत होती है। इनमें उर्वरक की उपलब्धता भी एक महत्वपूर्ण विषय है। ऐसे में सहकारी समितियों और अन्य अधिकृत वितरण केंद्रों की भूमिका बढ़ जाती है।
किसानों की सुविधा के लिए जरूरी है कि उर्वरक की उपलब्धता से संबंधित जानकारी स्पष्ट हो तथा वितरण व्यवस्था में अनावश्यक देरी न हो। यदि किसी समिति में उपलब्ध स्टॉक समाप्त हो जाता है, तो किसानों को स्थिति की जानकारी देना और नए स्टॉक की उपलब्धता के संबंध में उचित सूचना देना उपयोगी हो सकता है।
प्रशासनिक निरीक्षण का उद्देश्य भी ऐसी व्यवस्थाओं पर नजर रखना है, जिससे किसानों को सरकारी नियमों के अनुरूप खाद मिल सके। कदौरा समिति के निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने इसी बात पर जोर दिया कि उर्वरक वितरण के दौरान किसानों को किसी भी प्रकार की अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।
प्रशासन की निगरानी से व्यवस्था सुधारने की उम्मीद
कदौरा उर्वरक समिति के औचक निरीक्षण के दौरान समिति बंद मिलने पर कर्मचारियों ने स्टॉक समाप्त होने और टोकन के आधार पर खाद वितरित किए जाने की जानकारी दी। अधिकारियों ने इस जवाब को संतोषजनक माना और भविष्य में उर्वरक उपलब्ध होने पर नियमों के अनुसार वितरण करने के निर्देश दिए।
उप जिलाधिकारी विनय कुमार मौर्य ने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि वितरण प्रक्रिया में किसी तरह की अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
रबी की बुवाई के समय किसानों को खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करना कृषि व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में समितियों की नियमित निगरानी, पारदर्शी वितरण प्रक्रिया और कर्मचारियों की जवाबदेही से किसानों को राहत मिल सकती है।
फिलहाल, कदौरा समिति के निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों ने उपलब्ध उर्वरक का स्टॉक समाप्त होने की जानकारी दी। एसडीएम ने उनकी बात से संतुष्ट होकर आगे भी नियमों के अनुसार वितरण करने और किसानों को अनावश्यक रूप से परेशान न करने के निर्देश दिए।
स्थान: कालपी, जनपद जालौन, उत्तर प्रदेश
दिनांक: 13 अक्टूबर 2026