पहाड़पुरा के प्राथमिक विद्यालय में चोरी, दीवार तोड़कर अंदर घुसे चोर
अरुण कुमार मिश्रा
हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन
जालौन। जनपद जालौन के पहाड़पुरा गांव स्थित कम्पोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय में अज्ञात चोरों ने विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देते हुए चोरी की घटना को अंजाम दिया। बारिश के कारण विद्यालय बंद रहने के दौरान चोरों ने स्कूल की एक कमरे की दीवार को तोड़कर अंदर प्रवेश किया और वहां रखा महत्वपूर्ण सामान लेकर फरार हो गए। घटना की जानकारी रविवार सुबह विद्यालय के आसपास रहने वाले लोगों को हुई, जिसके बाद प्रधानाध्यापक और ग्राम प्रधान प्रतिनिधि को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, कम्पोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय पहाड़पुरा में शुक्रवार को विद्यालय की छुट्टी होने के बाद प्रधानाध्यापक सुरेंद्र गौतम ने सभी कमरों में ताले लगाए और अपने घर चले गए थे। इसके बाद शनिवार को बारिश के चलते विद्यालय बंद रहा। दो दिन तक विद्यालय में विद्यार्थियों और शिक्षकों की आवाजाही नहीं होने का फायदा उठाकर अज्ञात चोरों ने वारदात को अंजाम दिया।
रविवार की सुबह विद्यालय के समीप रहने वाली रसोइया शीला देवी की नजर स्कूल की क्षतिग्रस्त दीवार पर पड़ी। उन्होंने जब पास जाकर देखा तो विद्यालय की एक दीवार टूटी हुई थी। स्थिति संदिग्ध लगने पर उन्होंने बिना देर किए प्रधानाध्यापक सुरेंद्र गौतम और प्रधान प्रतिनिधि नरेंद्र पाल को घटना की जानकारी दी।
सूचना मिलने के बाद प्रधानाध्यापक और प्रधान प्रतिनिधि विद्यालय पहुंचे। वहां का दृश्य देखकर दोनों को चोरी की घटना का पता चला। विद्यालय की एक कमरे की दीवार को तोड़कर चोर अंदर दाखिल हुए थे। इतना ही नहीं, वारदात को अंजाम देने से पहले चोरों ने विद्यालय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की केबल भी काट दी थी। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि चोर विद्यालय में लगे निगरानी उपकरणों को निष्क्रिय करने के बाद अंदर दाखिल हुए, ताकि उनकी गतिविधियां कैमरे में रिकॉर्ड न हो सकें।
विद्यालय के कमरे की जांच करने पर पता चला कि वहां रखा सामान गायब है। चोर तीन बैटरियां, इन्वर्टर, माइक और साउंड सिस्टम तथा विज्ञान किट समेत अन्य विद्यालयी सामग्री अपने साथ ले गए। चोरी हुए सामान में विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों और विभिन्न कार्यक्रमों में उपयोग होने वाली सामग्री भी शामिल थी। घटना के बाद विद्यालय प्रबंधन में चिंता का माहौल है।
घटना की जानकारी मिलते ही प्रधान प्रतिनिधि नरेंद्र पाल ने यूपी 112 को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस सक्रिय हुई और कोतवाल हरिशंकर चंद्र तथा उपनिरीक्षक विमलेश कुमार पुलिस टीम के साथ विद्यालय पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने विद्यालय परिसर का निरीक्षण किया और प्रधानाध्यापक तथा ग्रामीणों से घटना के संबंध में जानकारी हासिल की।
पुलिस ने मौके पर टूटी हुई दीवार, काटी गई सीसीटीवी केबल और कमरे में बिखरे सामान का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने यह भी जानने का प्रयास किया कि चोर विद्यालय में किस रास्ते से दाखिल हुए और घटना को अंजाम देने के बाद किस दिशा में निकल सकते हैं। आसपास के लोगों से भी पूछताछ की गई है।
ग्रामीणों से पूछताछ के दौरान यह बात सामने आई कि विद्यालय में पहले भी चोरी का प्रयास हो चुका है। ग्रामीणों के मुताबिक गर्मी की छुट्टियों के दौरान भी अज्ञात लोगों ने विद्यालय की खिड़की की सरिया तोड़कर अंदर प्रवेश करने की कोशिश की थी। उस समय चोरी की कोशिश पूरी तरह सफल नहीं हो सकी थी। अब दोबारा विद्यालय को निशाना बनाए जाने से ग्रामीणों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
विद्यालय में चोरी की इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। विद्यालयों में कंप्यूटर, बैटरी, इन्वर्टर, विज्ञान सामग्री, खेलकूद का सामान और अन्य जरूरी संसाधन रखे रहते हैं। इनकी सुरक्षा के लिए कई स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं, लेकिन यदि कैमरों की केबल काटकर अपराधी परिसर में प्रवेश कर जाते हैं तो निगरानी व्यवस्था प्रभावित हो जाती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विद्यालयों में छुट्टियों या सप्ताहांत के दौरान निगरानी बढ़ाए जाने की आवश्यकता है। ग्रामीण इलाकों में स्कूल अक्सर सुनसान स्थानों पर स्थित होते हैं, जिसके कारण बंद रहने के दौरान वहां सुरक्षा की अतिरिक्त व्यवस्था जरूरी हो जाती है। ग्रामीणों ने पुलिस से विद्यालय में हुई चोरी का जल्द खुलासा करने और चोरी गया सामान बरामद कराने की मांग की है।
चोरी की घटना के बाद विद्यालय प्रबंधन की ओर से पुलिस को सूचना दे दी गई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और अज्ञात चोरों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। आसपास के क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों तथा पहले हुई चोरी के प्रयास से जुड़े लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा सकती है।
घटना के बाद विद्यालय परिसर की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले चोरी के प्रयास के बाद विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए था। अब दोबारा चोरी होने से विद्यालय में रखे सरकारी संसाधनों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता उत्पन्न हुई है।
फिलहाल पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि चोरी में कितने लोग शामिल थे और वारदात को किस तरीके से अंजाम दिया गया। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ करने के साथ-साथ घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही है। विद्यालय प्रबंधन को उम्मीद है कि पुलिस जल्द ही घटना का पता लगाकर चोरी किए गए सामान की बरामदगी करेगी।
इस घटना ने यह भी स्पष्ट किया है कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होना जरूरी है। खासकर छुट्टी के दिनों में स्कूल परिसरों की निगरानी, सीसीटीवी व्यवस्था की नियमित जांच और महत्वपूर्ण उपकरणों को सुरक्षित स्थान पर रखने जैसे कदम चोरी की घटनाओं को रोकने में मददगार हो सकते हैं। पहाड़पुरा विद्यालय में हुई चोरी के बाद अब ग्रामीण और विद्यालय प्रबंधन पुलिस की कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं।