जालौन में संपूर्ण समाधान दिवस: डीएम-एसपी ने सुनीं जनसमस्याएं, 48 शिकायतों में 12 का मौके पर निस्तारण
अरुण कुमार मिश्रा
हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन
उरई, जालौन | 17 अक्टूबर 2026 | प्रशासनिक समाचार
उत्तर प्रदेश के जालौन जनपद में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से शनिवार को तहसील उरई के सभागार में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी समीर और पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत ने उपस्थित फरियादियों की शिकायतें सुनीं तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। समाधान दिवस के दौरान कुल 48 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 12 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। अन्य शिकायतों को संबंधित अधिकारियों के पास भेजते हुए निर्धारित समयसीमा में कार्रवाई पूरी करने को कहा गया।

प्रशासन की इस जनसुनवाई में राजस्व, कृषि, स्वास्थ्य और विरासत से जुड़े विभिन्न मामले सामने आए। अधिकारियों ने शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को समझते हुए उनके समाधान के लिए जरूरी कदम उठाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनसुनवाई का उद्देश्य केवल शिकायतें दर्ज करना नहीं, बल्कि लोगों को उनकी समस्याओं से वास्तविक राहत दिलाना है।
शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी समीर ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए। किसी भी मामले को बिना उचित जांच और तथ्यों के परीक्षण के निपटाने की औपचारिकता पूरी न की जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत का समाधान नियमों के अनुरूप, पारदर्शी तरीके से और निर्धारित समयसीमा के भीतर होना चाहिए।
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से राजस्व और भूमि विवाद से जुड़े मामलों में अधिकारियों को सतर्क रहने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि जहां किसी प्रकरण में मौके पर जांच की आवश्यकता हो, वहां संबंधित अधिकारी स्वयं स्थल पर पहुंचें। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों और अभिलेखों के आधार पर उचित निर्णय लिया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि शिकायतकर्ताओं को अपनी समस्या के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके लिए अधिकारियों को मामलों की नियमित समीक्षा करने और लंबित शिकायतों पर प्राथमिकता से कार्रवाई करने की आवश्यकता है।
फार्मर रजिस्ट्री की समस्या का तत्काल समाधान
समाधान दिवस में ग्राम पाठक निवासी विजय लक्ष्मी ने अपनी फार्मर रजिस्ट्री तैयार न होने की समस्या अधिकारियों के सामने रखी। फार्मर रजिस्ट्री नहीं बन पाने के कारण उन्हें संबंधित सरकारी प्रक्रिया में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
मामले को संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी ने उप कृषि निदेशक को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद विजय लक्ष्मी की फार्मर रजिस्ट्री बनवाने की कार्रवाई पूरी कराई गई।
यह मामला जनसुनवाई के दौरान शिकायत के त्वरित समाधान का उदाहरण बना। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों से संबंधित योजनाओं और अभिलेखों के मामलों में अनावश्यक देरी न की जाए। किसानों को सरकारी सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी होने पर संबंधित विभाग समय रहते समस्या का समाधान सुनिश्चित करें।
विरासत प्रकरण में अभिलेखों की जांच के निर्देश
उरई की सिविल लाइन निवासी प्रिया सोनी ने विरासत से संबंधित प्रकरण प्रस्तुत किया। शिकायत के निस्तारण के लिए जिलाधिकारी ने तहसीलदार को संबंधित न्यायालय की पत्रावली मंगवाकर उसका परीक्षण करने के निर्देश दिए।
अभिलेखों की जानकारी लेने पर पता चला कि संबंधित मामले में अगली सुनवाई की तारीख 21 अक्टूबर निर्धारित है। इस पर जिलाधिकारी ने उपलब्ध तथ्यों और नियमानुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रकरण में सभी आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जाए और नियमानुसार विरासत आदेश पारित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए।
विरासत से जुड़े मामलों में अभिलेखों की शुद्धता और कानूनी प्रक्रिया का पालन महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में प्रशासन ने संबंधित अधिकारी को निर्देश दिया कि मामले को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
घायल युवक को बेहतर इलाज दिलाने के लिए स्वास्थ्य विभाग सक्रिय
जनसुनवाई के दौरान चुर्खी बाईपास निवासी लगभग 75 वर्षीय विजय सिंह ने अपने बेटे के स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या बताई। उन्होंने अधिकारियों को जानकारी दी कि उनका बेटा छत से गिरने के कारण गंभीर रूप से घायल हो गया था। इलाज कराने के बावजूद उसकी हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हो रहा था, जिससे परिवार परेशान था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल मुख्य चिकित्सा अधीक्षक से फोन पर बातचीत की। उन्होंने मरीज को व्यक्तिगत रूप से दिखवाने, स्वास्थ्य की स्थिति का उचित आकलन कराने तथा आवश्यकता के अनुसार अस्पताल में भर्ती कराकर बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी की इस पहल का उद्देश्य पीड़ित परिवार को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना था। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया कि मरीज की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक चिकित्सकीय व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
इस प्रकरण ने यह भी रेखांकित किया कि संपूर्ण समाधान दिवस के माध्यम से केवल प्रशासनिक या राजस्व संबंधी शिकायतें ही नहीं, बल्कि जरूरतमंद नागरिकों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर भी त्वरित हस्तक्षेप किया जा सकता है।
अतिवृष्टि से फसल खराब होने पर किसान ने मांगा मुआवजा
ग्राम सरसोखी निवासी रामकृष्ण शुक्ला ने बारिश की अधिकता के कारण फसल को हुए नुकसान का मामला उठाते हुए मुआवजा दिलाने की मांग की। किसान की शिकायत पर जिलाधिकारी ने संबंधित तहसीलदार से प्रकरण की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली।
तहसीलदार ने बताया कि किसान की फसल क्षति का आकलन पहले ही किया जा चुका है। इसके साथ ही मुआवजे की स्वीकृति से संबंधित कार्रवाई भी पूरी कर दी गई है। निर्धारित प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद सहायता राशि किसान के बैंक खाते में भेजे जाने की बात कही गई।
कृषि पर निर्भर किसानों के लिए प्राकृतिक आपदाओं से होने वाला नुकसान आर्थिक परेशानी का कारण बन सकता है। ऐसे में फसल क्षति का सही आकलन और पात्र किसानों को समय पर सहायता उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे मामलों में आवश्यक प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो और पात्र लाभार्थियों को निर्धारित व्यवस्था के तहत राहत मिल सके।
लंबित शिकायतों पर प्राथमिकता से कार्रवाई करने के निर्देश
संपूर्ण समाधान दिवस के समापन के दौरान जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को जनशिकायतों के निस्तारण में जवाबदेही बनाए रखने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी शिकायत को केवल कागजी कार्रवाई पूरी करके समाप्त मान लेना उचित नहीं है। शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान होना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन मामलों में मौके पर जांच जरूरी है, उनमें संबंधित स्थान पर पहुंचकर स्थिति का सत्यापन किया जाए। विवाद की स्थिति में दोनों पक्षों को सुनने के बाद निष्पक्ष निर्णय लिया जाए। साथ ही, शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि भविष्य में उसी समस्या को लेकर दोबारा शिकायत करने की नौबत न आए।
पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत की मौजूदगी में आयोजित इस जनसुनवाई में पुलिस और प्रशासन से संबंधित शिकायतों को भी गंभीरता से लेने पर जोर दिया गया। अधिकारियों से अपेक्षा की गई कि वे आपसी समन्वय के साथ नागरिकों की समस्याओं का समाधान करें।
कई विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
उरई तहसील सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। इस अवसर पर प्रभागीय वनाधिकारी प्रदीप कुमार, उप जिलाधिकारी उत्तम तिवारी, क्षेत्राधिकारी (सीओ), मुख्य चिकित्सा अधिकारी एच.एन. प्रसाद सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
सभी अधिकारियों को अपने-अपने विभाग से संबंधित शिकायतों पर नियमानुसार कार्रवाई करने तथा प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।
जनसुनवाई से आम नागरिकों को राहत की उम्मीद
संपूर्ण समाधान दिवस प्रशासन और आम नागरिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इस व्यवस्था के जरिए लोग अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रख सकते हैं और संबंधित विभागों से समाधान की अपेक्षा कर सकते हैं।
उरई में आयोजित इस कार्यक्रम में 48 शिकायतों का प्राप्त होना और उनमें से 12 का मौके पर निस्तारण किया जाना प्रशासनिक कार्रवाई का प्रमुख पक्ष रहा। शेष मामलों में समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। अब इन शिकायतों का वास्तविक समाधान संबंधित विभागों की आगे की कार्रवाई पर निर्भर करेगा।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि जनहित से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता दी जाए। प्रशासन का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक पात्र शिकायतकर्ता को उचित राहत मिले और सरकारी व्यवस्था के प्रति नागरिकों का भरोसा मजबूत हो।
मुख्य बिंदु:
- उरई तहसील सभागार में संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित।
- जिलाधिकारी समीर और पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत ने सुनीं शिकायतें।
- कुल 48 शिकायतें प्राप्त हुईं, 12 का मौके पर निस्तारण।
- फार्मर रजिस्ट्री, विरासत, चिकित्सा सहायता और फसल मुआवजे से जुड़े मामले सामने आए।
- शेष शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए गए।
