कुर्वा खुर्द गांव में जर्जर विद्युत तार बने खतरा, ग्रामीणों ने जल्द केबल डालने की उठाई मांग
अमरेश त्रिपाठी
हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ कानपुर देहात
कुरवा खुर्द, कानपुर देहात। गांवों में बिजली की सुविधा लोगों के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है, लेकिन जब विद्युत लाइनें और तार जर्जर अवस्था में पहुंच जाएं तो यही व्यवस्था ग्रामीणों के लिए चिंता का कारण बन जाती है। कानपुर देहात के कुरवा खुर्द गांव में भी कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है। यहां जर्जर विद्युत तार और पुरानी लाइन ग्रामीणों के लिए लगातार खतरे का कारण बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत और प्रार्थना पत्र देने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।

ग्रामीणों के अनुसार गांव में कई स्थानों पर विद्युत तार काफी पुराने और जर्जर हो चुके हैं। तारों की स्थिति ऐसी है कि उन्हें देखकर किसी भी समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित विभाग के अधिकारियों को कई बार समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक जमीन पर अपेक्षित कार्रवाई दिखाई नहीं दी है।
कई बार अधिकारियों से की गई शिकायत
ग्रामीणों का कहना है कि जर्जर विद्युत लाइन को लेकर उन्होंने विभागीय अधिकारियों को कई बार प्रार्थना पत्र सौंपे हैं। इन शिकायतों में पुराने तारों को हटाकर सुरक्षित केबल डालने और विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की गई है। ग्रामीणों का तर्क है कि यदि समय रहते तारों को बदला गया तो संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक समस्या केवल तारों के पुराने होने तक सीमित नहीं है। गांव में बिजली की लाइन लंबे समय से इसी स्थिति में संचालित हो रही है और कई जगह तारों की हालत खराब होने के कारण ग्रामीणों में भय बना रहता है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और खेतों में काम करने वाले लोगों के लिए ऐसी स्थिति अधिक चिंता पैदा करती है।
ग्रामीणों का दावा है कि जर्जर लाइन के कारण गांव में पहले भी कई बार हादसे हो चुके हैं। हालांकि इन घटनाओं और उनकी परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग से होना बाकी है, लेकिन ग्रामीण लगातार विद्युत सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग कर रहे हैं।
विधायक के निर्देश के बावजूद कार्रवाई का आरोप
मामले को लेकर ग्रामीणों में इसलिए भी नाराजगी है क्योंकि उनका कहना है कि समस्या के समाधान के लिए जनप्रतिनिधि स्तर से भी निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद विद्युत विभाग की ओर से अपेक्षित काम आगे नहीं बढ़ सका।
ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारियों की ओर से उन्हें समस्या का समाधान कराने का भरोसा दिया जाता रहा, लेकिन मौके पर तार बदलने या नई केबल डालने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई। इससे लोगों में विभागीय कार्यप्रणाली को लेकर असंतोष बढ़ रहा है।
स्थानीय निवासी अखिलेश त्रिपाठी ने मामले में पूर्व सांसद से हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनका कहना है कि गांव की विद्युत व्यवस्था से जुड़ी समस्या का जल्द समाधान कराया जाना जरूरी है, ताकि किसी गंभीर घटना की नौबत न आए।
मौखिक आश्वासन से आगे बढ़ने की मांग
मामले को लेकर सामने आए संदेश में यह भी आरोप लगाया गया है कि वरिष्ठ भाजपा पदाधिकारी और शक्ति केंद्र संयोजक अखिलेश त्रिपाठी ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया। ग्रामीणों के अनुसार विभागीय स्तर पर उन्हें मौखिक रूप से कार्रवाई का आश्वासन मिला, लेकिन जमीनी स्तर पर अभी तक कोई ठोस प्रगति नजर नहीं आई।
ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि केवल आश्वासन देने के बजाय विद्युत लाइन का निरीक्षण कराया जाए और तकनीकी जांच के बाद जर्जर तारों को हटाकर सुरक्षित केबल लगाई जाए। उनका कहना है कि बिजली विभाग को किसी दुर्घटना का इंतजार किए बिना पहले से आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
सुरक्षा को लेकर ग्रामीण चिंतित
बिजली के खुले या जर्जर तार ग्रामीण इलाकों में गंभीर सुरक्षा चुनौती बन सकते हैं। बारिश, तेज हवा या अन्य परिस्थितियों में पुराने तारों की स्थिति और खराब होने की आशंका रहती है। ऐसे में विद्युत लाइन के आसपास रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ती है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव की आबादी और दैनिक गतिविधियों को देखते हुए विद्युत व्यवस्था का सुरक्षित होना जरूरी है। लोग खेतों, रास्तों और घरों के आसपास आने-जाने के दौरान बिजली के तारों को लेकर चिंतित रहते हैं। उनका कहना है कि बिजली जैसी आवश्यक सेवा के साथ सुरक्षा मानकों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।
स्थानीय लोगों ने विभाग से मांग की है कि गांव में विद्युत लाइन का व्यापक सर्वे कराया जाए। जहां भी तार कमजोर या क्षतिग्रस्त हैं, उन्हें चिह्नित कर प्राथमिकता के आधार पर बदला जाए। इसके साथ ही जरूरत वाले स्थानों पर केबल लगाने और खंभों की स्थिति की भी जांच किए जाने की मांग की गई है।
विभागीय कार्रवाई का इंतजार
कुरवा खुर्द के ग्रामीणों की शिकायत अब इस बात पर टिकी है कि विद्युत विभाग उनकी समस्या को कितनी गंभीरता से लेता है। ग्रामीण चाहते हैं कि अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करे और आवश्यक कार्य की प्रक्रिया शुरू करे।
लोगों का कहना है कि यदि विभाग समय रहते जर्जर तारों को बदल देता है तो न केवल विद्युत आपूर्ति अधिक सुरक्षित होगी, बल्कि संभावित दुर्घटनाओं की आशंका भी कम की जा सकेगी। ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि शिकायतों के निस्तारण की स्पष्ट समयसीमा तय की जाए, ताकि उन्हें बार-बार अधिकारियों के चक्कर न लगाने पड़ें।
जनप्रतिनिधियों से हस्तक्षेप की अपील
ग्रामीणों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है। उनका कहना है कि गांव की बिजली व्यवस्था कोई सामान्य समस्या नहीं है, क्योंकि इसमें सीधे तौर पर लोगों की सुरक्षा जुड़ी हुई है।
ग्रामीणों की मांग है कि संबंधित विभाग तत्काल मौके का निरीक्षण कर जर्जर विद्युत तारों को हटाने और सुरक्षित केबल डालने की कार्रवाई करे। साथ ही भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो, इसके लिए नियमित विद्युत निरीक्षण की व्यवस्था भी की जाए।
फिलहाल कुरवा खुर्द के लोगों को विभागीय कार्रवाई का इंतजार है। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी मांग किसी राजनीतिक लाभ से जुड़ी नहीं, बल्कि गांव में सुरक्षित बिजली व्यवस्था सुनिश्चित करने से संबंधित है। अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी इस शिकायत पर कब तक ठोस कदम उठाते हैं और जर्जर विद्युत तारों की समस्या का स्थायी समाधान किस तरह किया जाता है।