परिवार परामर्श केंद्र की पहल से सुलझा दंपत्ति का विवाद, समझौते के बाद साथ घर लौटे पति-पत्नी
अरुण कुमार मिश्रा
हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन
कोंच (जालौन)। घरेलू विवादों को बातचीत और आपसी समझ के माध्यम से सुलझाने की दिशा में कोतवाली कोंच में संचालित परिवार परामर्श केंद्र लगातार प्रयास कर रहा है। केंद्र की काउंसलिंग प्रक्रिया के तहत रविवार को पति-पत्नी के बीच चल रहे विवाद को दोनों पक्षों से बातचीत के बाद सुलझा लिया गया। समझौते के पश्चात दंपत्ति ने एक-दूसरे के साथ रहने पर सहमति जताई और खुशी-खुशी अपने घर लौट गए।

परिवार परामर्श केंद्र में पति-पत्नी के बीच होने वाले मतभेद, पारिवारिक कलह और अन्य घरेलू विवादों को बातचीत के जरिए सुलझाने का प्रयास किया जाता है। कोंच कोतवाली में स्थापित इस केंद्र के दायरे में कोंच सर्किल के चार थानों से संबंधित पारिवारिक मामले आते हैं। इनमें कोतवाली कोंच के अलावा कैलिया, नदीगांव और एट थाना क्षेत्र के मामलों की भी सुनवाई की जाती है। केंद्र में संबंधित पक्षों को आमने-सामने बैठाकर उनकी समस्याओं को समझने तथा विवाद के कारणों पर चर्चा करने का प्रयास किया जाता है।
पत्नी ने लगाया था मारपीट और दहेज उत्पीड़न का आरोप
रविवार को केंद्र के समक्ष कोंच कोतवाली क्षेत्र के रवा गांव से जुड़ा एक पारिवारिक मामला पहुंचा। गांव निवासी वर्षा पत्नी शिवम ने पुलिस से शिकायत करते हुए अपने पति पर उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट करने का आरोप लगाया था। शिकायत में उसने दहेज उत्पीड़न से संबंधित आरोप भी लगाए थे।
शिकायत सामने आने के बाद मामले को परिवार परामर्श केंद्र के माध्यम से सुलझाने की पहल की गई। केंद्र के अधिकारियों और काउंसलर्स ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पहले शिकायतकर्ता महिला से बातचीत कर उसकी समस्या और परिस्थितियों को समझने का प्रयास किया। इसके बाद महिला के पति शिवम पुत्र धनीराम को भी थाने पर बुलाया गया।
काउंसलिंग के दौरान दोनों पक्षों को एक-दूसरे की बात सुनने और पारिवारिक विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त करने के लिए समझाया गया। काउंसलर्स ने पति-पत्नी को आपसी संवाद, पारिवारिक जिम्मेदारियों और रिश्तों में संयम के महत्व के बारे में बताया।
दोनों पक्षों से अलग-अलग और फिर साथ में हुई बातचीत
परिवार परामर्श केंद्र की कार्यवाही के दौरान दोनों पक्षों की बातों को सुनना प्राथमिकता रही। केंद्र की टीम ने विवाद के पीछे की परिस्थितियों को समझने के साथ-साथ दोनों को अपने मतभेद दूर करने की सलाह दी। काउंसलिंग में इस बात पर जोर दिया गया कि पारिवारिक जीवन में छोटी-छोटी बातों को लेकर होने वाले विवाद कई बार गंभीर रूप ले लेते हैं, इसलिए संवाद और समझदारी के माध्यम से समाधान निकालना जरूरी है।
परामर्श के दौरान पति शिवम को भी अपनी पत्नी के साथ व्यवहार को लेकर समझाया गया। उनसे भविष्य में किसी प्रकार की मारपीट अथवा अभद्र व्यवहार नहीं करने की अपेक्षा जताई गई। बातचीत के बाद शिवम ने अपनी पत्नी को आश्वासन दिया कि वह उसके साथ मारपीट नहीं करेगा और वैवाहिक जीवन को शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाने का प्रयास करेगा।
परिवार और रिश्तेदारों के सामने बनी सहमति
मामले के समाधान के दौरान दोनों पक्षों के परिवारीजन और रिश्तेदार भी मौजूद रहे। उनके सामने पति-पत्नी ने आपस में बातचीत कर अपने विवाद को समाप्त करने पर सहमति जताई। दोनों पक्षों की सहमति बनने के बाद सुलह-समझौते की स्थिति तैयार हुई।
पति की ओर से भविष्य में मारपीट नहीं करने का आश्वासन मिलने के बाद पत्नी वर्षा ने भी संतोष व्यक्त किया। दोनों ने परिवार परामर्श केंद्र की मौजूदगी में विवाद को आगे नहीं बढ़ाने और आपसी सहमति के साथ वैवाहिक जीवन जारी रखने पर हामी भरी।
इसके बाद पति-पत्नी के बीच उत्पन्न विवाद का शांतिपूर्ण समाधान हो गया। दोनों पक्षों की सहमति के बाद दंपत्ति साथ में अपने घर लौट गया। केंद्र से जुड़े लोगों के अनुसार, परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में बातचीत होने से भी दोनों पक्षों को अपनी बात रखने और समाधान तक पहुंचने में मदद मिली।
काउंसलिंग के जरिए परिवार बचाने की कोशिश
परिवार परामर्श केंद्रों का उद्देश्य केवल शिकायत सुनना ही नहीं, बल्कि ऐसे मामलों में संवाद का रास्ता तैयार करना भी है, जहां दोनों पक्ष परिस्थितियों को समझते हुए साथ रहने का निर्णय लेते हैं। कोंच में संचालित केंद्र में आने वाले मामलों में इसी तरह बातचीत के माध्यम से समाधान तलाशने का प्रयास किया जा रहा है।
इस मामले में भी शिकायत के बाद सीधे विवाद को बढ़ाने के बजाय दोनों पक्षों को बातचीत के लिए सामने लाया गया। काउंसलर्स ने पति-पत्नी की बात सुनने के साथ उन्हें पारिवारिक जीवन में एक-दूसरे के प्रति सम्मान और संयम बनाए रखने की सलाह दी। बातचीत के बाद जब दोनों पक्षों ने आपसी सहमति जताई तो मामला समझौते के साथ समाप्त हो गया।
इस पहल से जहां दंपत्ति के बीच चल रहा विवाद खत्म हुआ, वहीं दोनों परिवारों के बीच भी तनाव कम होने की उम्मीद बनी है। हालांकि, वैवाहिक संबंधों में किसी भी प्रकार की हिंसा या उत्पीड़न को सामान्य नहीं माना जाना चाहिए और जरूरत पड़ने पर संबंधित कानूनी सहायता लेना भी महत्वपूर्ण है।
केंद्र की टीम रही मौजूद
परिवार परामर्श केंद्र के प्रभारी कोतवाल निगवेंद्र प्रताप सिंह के निर्देशन में रविवार को हुई काउंसलिंग के दौरान केंद्र की कार्यकारी प्रभारी महिला उपनिरीक्षक भारती सिंह मौजूद रहीं। काउंसलिंग टीम में पीडी रिछारिया, जाहिद, डॉ. सावित्री गुप्ता और समाजसेवी रजनी डेंगरे शामिल रहे।
टीम के सदस्यों ने दोनों पक्षों के बीच बातचीत कर मतभेदों को समझने और समाधान की दिशा में आगे बढ़ने का प्रयास किया। इसके अलावा महिला आरक्षी जान्हवी और अर्चना केशरवानी भी इस दौरान मौजूद रहीं।
परिवार परामर्श केंद्र की टीम की मध्यस्थता के बाद पति-पत्नी ने एक-दूसरे के साथ रहने की सहमति जताई। पति शिवम की ओर से पत्नी के साथ मारपीट नहीं करने का आश्वासन दिए जाने के बाद वर्षा ने भी समझौते पर सहमति व्यक्त की।
बातचीत से निकला समाधान
रवा गांव के इस मामले में परिवार परामर्श केंद्र की काउंसलिंग के बाद जिस तरह दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से विवाद समाप्त किया, उससे यह स्पष्ट होता है कि कई पारिवारिक मामलों में संवाद की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि हर मामले की परिस्थितियां अलग होती हैं और किसी भी शिकायत में संबंधित पक्षों की सुरक्षा तथा अधिकारों को प्राथमिकता देना जरूरी है।
रविवार को हुई इस कार्रवाई के बाद दंपत्ति एक साथ अपने घर लौट गया। परिवार परामर्श केंद्र की टीम ने दोनों पक्षों को भविष्य में विवाद की स्थिति में संयम रखने और आपस में बातचीत के माध्यम से समस्या का समाधान तलाशने की सलाह दी।
कोंच में परिवार परामर्श केंद्र के माध्यम से विभिन्न थाना क्षेत्रों से आने वाले पारिवारिक मामलों की सुनवाई की जा रही है। ऐसे मामलों में काउंसलिंग के जरिए परिवारों के बीच संवाद स्थापित करने और सहमति से समाधान तलाशने का प्रयास किया जाता है। रवा गांव के इस मामले में भी यही प्रक्रिया अपनाई गई, जिसके बाद पति-पत्नी के बीच समझौता हो गया और दोनों साथ घर लौटे।