प्रतापगढ़ के रानीगंज में संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित, एएसपी प्रशांत राज ने सुनीं फरियादियों की समस्याएं
अंशुमान द्विवेदी
हिट एंड हॉट न्यूज़ संवाददाता प्रतापगढ़
प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश | 17 अक्टूबर 2026 | जनसमस्या एवं प्रशासनिक समाचार
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जनपद की रानीगंज तहसील में शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान सहायक पुलिस अधीक्षक एवं क्षेत्राधिकारी रानीगंज प्रशांत राज ने उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार तथा अन्य राजस्व अधिकारियों के साथ जनसुनवाई की। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याएं और शिकायतें अधिकारियों के समक्ष रखीं। अधिकारियों ने शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को उनके नियमानुसार निस्तारण के लिए आवश्यक निर्देश दिए।

समाधान दिवस का उद्देश्य आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन तक सीधी पहुंच उपलब्ध कराना और विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतों का प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करना है। रानीगंज तहसील में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों ने आपसी समन्वय के साथ शिकायतों पर कार्रवाई करने पर जोर दिया।
पुलिस और राजस्व अधिकारियों ने संयुक्त रूप से की जनसुनवाई
संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर सहायक पुलिस अधीक्षक एवं क्षेत्राधिकारी रानीगंज प्रशांत राज ने प्रशासनिक और राजस्व अधिकारियों के साथ बैठकर फरियादियों की बातें सुनीं। जनसुनवाई में आने वाले लोगों ने अपनी समस्याओं से अधिकारियों को अवगत कराया और उनके समाधान की मांग की।
इस दौरान उपजिलाधिकारी रानीगंज, तहसीलदार रानीगंज, नायब तहसीलदार रानीगंज सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने शिकायतों की प्रकृति को समझते हुए संबंधित विभागों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की। इसके बाद मामलों की स्थिति के अनुसार नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
जनसुनवाई के दौरान अधिकारियों ने इस बात पर विशेष ध्यान दिया कि शिकायतों को केवल औपचारिकता के तौर पर दर्ज न किया जाए, बल्कि उनके समाधान के लिए आवश्यक कदम भी उठाए जाएं। जिन मामलों में पुलिस और राजस्व विभाग दोनों की भूमिका आवश्यक है, उनमें संबंधित अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने पर जोर दिया गया।
भूमि विवाद और राजस्व संबंधी मामलों पर रहा जोर
रानीगंज तहसील में आयोजित समाधान दिवस के दौरान भूमि विवाद, राजस्व से जुड़े प्रकरण, आपसी विवाद तथा अन्य जनसमस्याएं सामने आईं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से आए फरियादियों ने संबंधित अधिकारियों को अपनी शिकायतें बताईं और उचित कार्रवाई की मांग की।
भूमि संबंधी विवादों में कई बार राजस्व अभिलेखों की जांच, जमीन की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण और संबंधित पक्षों के बयान दर्ज करना आवश्यक होता है। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई का विशेष महत्व है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि शिकायतों की प्रकृति के अनुसार आवश्यक प्रक्रिया अपनाते हुए मामलों का निस्तारण किया जाए।
पुलिस और राजस्व विभाग के बीच समन्वय इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि जमीन से जुड़े कुछ विवादों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की आवश्यकता पड़ सकती है। ऐसे मामलों में संबंधित विभागों को एक-दूसरे से जानकारी साझा करते हुए नियमों के अनुसार कार्रवाई करनी होती है।
समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक मामले को उसकी वास्तविक परिस्थितियों के आधार पर समझा जाए। किसी भी शिकायत पर निर्णय लेने से पहले उपलब्ध तथ्यों और संबंधित पक्षों की बातों को ध्यान में रखा जाए, ताकि कार्रवाई निष्पक्ष और पारदर्शी बनी रहे।
मौके पर जांच कर शिकायतों का निस्तारण करने के निर्देश
सहायक पुलिस अधीक्षक एवं क्षेत्राधिकारी रानीगंज प्रशांत राज ने उपस्थित पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों तथा कर्मचारियों को शिकायतों की जांच में गंभीरता बरतने के निर्देश दिए। आवश्यकतानुसार संबंधित स्थानों पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करने और तथ्यों की पुष्टि करने पर जोर दिया गया।
निर्देशों के अनुसार, जिन मामलों में मौके पर जांच करना जरूरी हो, उनमें संबंधित अधिकारी निर्धारित प्रक्रिया के तहत स्थल का निरीक्षण करें। इसके साथ ही विवाद से जुड़े दोनों पक्षों की बात सुनी जाए और उपलब्ध साक्ष्यों तथा अभिलेखों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाए।
इस प्रक्रिया का उद्देश्य शिकायतों के निस्तारण में एकतरफा कार्रवाई की आशंका को कम करना और वास्तविक स्थिति के आधार पर निर्णय सुनिश्चित करना है। अधिकारियों को यह भी ध्यान रखने के लिए कहा गया कि किसी भी प्रकरण में अनावश्यक देरी या लापरवाही न हो।
प्रशासनिक व्यवस्था में शिकायतों की जांच जितनी निष्पक्ष होती है, उनके समाधान की प्रक्रिया पर लोगों का भरोसा उतना ही मजबूत हो सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस और राजस्व विभाग के कर्मचारियों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए।
समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई पर विशेष ध्यान
जनसुनवाई के दौरान अधिकारियों ने शिकायतों के निस्तारण में तेजी के साथ गुणवत्ता बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। केवल शिकायत प्राप्त कर लेना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके संबंध में नियमानुसार उचित कार्रवाई करना भी जरूरी है।
संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि शिकायतों की प्रकृति के अनुसार आवश्यक कदम उठाएं और विभागीय स्तर पर समन्वय बनाए रखें। जहां पुलिस से संबंधित कार्रवाई की आवश्यकता हो, वहां पुलिस विभाग नियमानुसार कार्यवाही करे। वहीं, राजस्व अभिलेखों, भूमि की स्थिति और अन्य राजस्व संबंधी विषयों से जुड़े मामलों में संबंधित राजस्व अधिकारी नियमानुसार प्रक्रिया पूरी करें।
कुछ मामलों में दोनों विभागों की संयुक्त भूमिका आवश्यक हो सकती है। ऐसी स्थिति में आपसी तालमेल के माध्यम से कार्रवाई करने से जांच की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित हो सकती है और विवाद के समाधान में मदद मिल सकती है।
अधिकारियों को शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए गए। साथ ही यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि फरियादियों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े।
आम जनता और प्रशासन के बीच संवाद का माध्यम है समाधान दिवस
संपूर्ण समाधान दिवस प्रशासन और आम नागरिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके जरिए लोग अपनी शिकायतें संबंधित अधिकारियों तक पहुंचा सकते हैं और उनके समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई की मांग कर सकते हैं।
भूमि विवाद, राजस्व अभिलेखों में समस्याएं, आपसी विवाद तथा अन्य प्रशासनिक शिकायतें आमतौर पर कई विभागों से जुड़ी हो सकती हैं। ऐसे में एक ही स्थान पर संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी से शिकायतों को समझने और उचित विभाग तक पहुंचाने में सुविधा मिलती है।
हालांकि, किसी शिकायत का अंतिम समाधान उसकी प्रकृति, उपलब्ध तथ्यों और लागू नियमों पर निर्भर करता है। इसलिए प्रत्येक मामले में आवश्यक जांच और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना महत्वपूर्ण होता है।
रानीगंज तहसील में आयोजित समाधान दिवस के दौरान भी अधिकारियों ने शिकायतों की सुनवाई, विभागीय समन्वय और निष्पक्ष कार्रवाई को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। इससे स्पष्ट है कि प्रशासनिक स्तर पर शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
शिकायतों के समाधान में जवाबदेही महत्वपूर्ण
जनसुनवाई की व्यवस्था तभी प्रभावी मानी जाती है, जब शिकायतकर्ता की समस्या को गंभीरता से लिया जाए और उस पर उचित कार्रवाई की जाए। इसके लिए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही, समयबद्ध प्रक्रिया और निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
विशेष रूप से भूमि विवाद जैसे मामलों में दोनों पक्षों को सुनना, राजस्व अभिलेखों का परीक्षण करना और जरूरत पड़ने पर मौके की स्थिति का निरीक्षण करना आवश्यक हो सकता है। वहीं, कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में पुलिस विभाग को लागू कानून और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई करनी होती है।
रानीगंज में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान अधिकारियों ने इसी प्रकार की कार्यप्रणाली अपनाने के निर्देश दिए। शिकायतों के समाधान में पुलिस और राजस्व विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर रहा।
निष्कर्ष
प्रतापगढ़ जनपद की रानीगंज तहसील में 17 अक्टूबर 2026 को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में सहायक पुलिस अधीक्षक एवं क्षेत्राधिकारी प्रशांत राज ने प्रशासनिक और राजस्व अधिकारियों के साथ फरियादियों की शिकायतें सुनीं। भूमि विवाद, राजस्व संबंधी मामलों, आपसी विवादों और अन्य समस्याओं के निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि शिकायतों की जरूरत के अनुसार स्थलीय निरीक्षण और निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोनों पक्षों की बात सुनकर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही शिकायतों के निस्तारण में देरी और लापरवाही से बचने पर जोर दिया गया।
समाधान दिवस का मुख्य उद्देश्य आम जनता की समस्याओं को सुनकर उनका समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करना है। अब संबंधित शिकायतों पर की जाने वाली आगे की कार्रवाई और उनके वास्तविक निस्तारण की स्थिति महत्वपूर्ण होगी।
