रामपुर के मदारपुर गंगा घाट पर श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हुई गंगा आरती, नमामि गंगे अभियान में मदद एक आस फाउंडेशन ने निभाई अहम भूमिका

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महिपाल सिंह

हिट एंड हॉट न्यूज़ संवाददाता रामपुर

पटवाई थाना क्षेत्र के सूपा मदारपुर स्थित मढ़ी मंदिर परिसर में हुआ धार्मिक आयोजन, पुलिस प्रशासन, नमामि गंगे के पदाधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने की सहभागिता

रामपुर, 4 नवंबर। उत्तर प्रदेश के जनपद रामपुर में गंगा नदी के संरक्षण, स्वच्छता और धार्मिक आस्था को बढ़ावा देने के उद्देश्य से थाना पटवाई क्षेत्र के ग्राम सूपा मदारपुर स्थित मढ़ी मंदिर के समीप मदारपुर गंगा घाट पर विशेष गंगा आरती का आयोजन किया गया। नमामि गंगे के बैनर तले आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ताओं, संस्था के पदाधिकारियों और स्थानीय गणमान्य लोगों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में सहयोगी संस्था मदद एक आस फाउंडेशन ने अपनी जनपद स्तरीय टीम के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

धार्मिक वातावरण और सामूहिक सहभागिता के बीच आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गंगा नदी के प्रति लोगों में श्रद्धा के साथ-साथ स्वच्छता, संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना रहा। आयोजन में शामिल लोगों ने गंगा को भारतीय संस्कृति, परंपरा और जनजीवन का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए नदी की स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लेने का संदेश दिया।

गंगा आरती से भक्तिमय हुआ मदारपुर घाट

मदारपुर गंगा घाट पर आयोजित आरती कार्यक्रम में धार्मिक उत्साह और आस्था का विशेष माहौल देखने को मिला। आयोजन के दौरान गंगा आरती के माध्यम से उपस्थित लोगों ने मां गंगा के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट की। घाट पर एकत्रित हुए लोगों ने इस धार्मिक आयोजन को सामूहिक एकता, सामाजिक सहयोग और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण प्रयास बताया।

गंगा आरती भारतीय धार्मिक परंपरा का ऐसा आयोजन है, जिसके माध्यम से लोग नदियों के प्रति सम्मान और प्रकृति के महत्व को याद करते हैं। इस तरह के कार्यक्रम केवल धार्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि इनके माध्यम से समाज में जल संरक्षण और स्वच्छता जैसे विषयों पर भी जागरूकता पैदा की जा सकती है।

मदारपुर गंगा घाट पर आयोजित कार्यक्रम भी इसी भावना को आगे बढ़ाने का प्रयास रहा। आयोजकों और उपस्थित कार्यकर्ताओं ने लोगों को नदियों के आसपास स्वच्छता बनाए रखने तथा जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने के लिए जागरूक रहने का संदेश दिया।

मदद एक आस फाउंडेशन ने दिया सहयोग

इस आयोजन में मदद एक आस फाउंडेशन की जनपद रामपुर की पूरी टीम सहयोगी संस्था के रूप में शामिल रही। फाउंडेशन के सदस्यों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहभागिता निभाई और नमामि गंगे अभियान के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में अपना योगदान दिया।

संस्था की भागीदारी ने यह संदेश दिया कि सामाजिक संगठनों की सक्रियता से धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रमों को व्यापक स्वरूप दिया जा सकता है। समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए संस्थाओं, प्रशासन और आम नागरिकों का एक साथ आना जरूरी है।

मदद एक आस फाउंडेशन की टीम ने आयोजन में उपस्थित रहकर सामूहिक सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना का परिचय दिया। संस्था के कार्यकर्ताओं की सहभागिता को कार्यक्रम से जुड़े लोगों ने सराहनीय बताया।

थाना प्रभारी पवन शर्मा की रही उपस्थिति

कार्यक्रम में थाना पटवाई, जनपद रामपुर के प्रभारी निरीक्षक श्री पवन शर्मा भी उपस्थित रहे। उनकी मौजूदगी से आयोजन में पुलिस प्रशासन की सहभागिता भी देखने को मिली।

इसके साथ ही नमामि गंगे अभियान से जुड़े पदाधिकारी और अन्य सहयोगी कार्यकर्ता भी कार्यक्रम में शामिल हुए। सभी ने मिलकर आयोजन को सफल बनाने में योगदान दिया। पुलिस प्रशासन, सामाजिक संस्था और नमामि गंगे के प्रतिनिधियों की संयुक्त उपस्थिति ने सामाजिक समन्वय और सामूहिक प्रयास का संदेश दिया।

इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने कहा कि धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में विभिन्न संस्थाओं तथा प्रशासन की सहभागिता से समाज में सकारात्मक वातावरण तैयार होता है। ऐसे प्रयासों से नागरिकों को अपने क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जागरूक होने की प्रेरणा मिलती है।

नमामि गंगे अभियान का उद्देश्य और सामाजिक जिम्मेदारी

नमामि गंगे अभियान का व्यापक उद्देश्य गंगा नदी को स्वच्छ, निर्मल और प्रदूषण मुक्त बनाने के प्रयासों को आगे बढ़ाना है। इस अभियान के अंतर्गत नदी संरक्षण, जनजागरूकता, स्वच्छता और लोगों की भागीदारी को विशेष महत्व दिया जाता है।

गंगा भारतीय समाज में धार्मिक आस्था के साथ-साथ आर्थिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय दृष्टि से भी महत्वपूर्ण स्थान रखती है। नदी की स्वच्छता बनाए रखना केवल सरकार या किसी एक संगठन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है।

मदारपुर गंगा घाट पर आयोजित आरती के माध्यम से भी इसी सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया गया। आयोजकों का मानना है कि जब लोग धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी जोड़ते हैं, तो जागरूकता का संदेश अधिक प्रभावी ढंग से समाज तक पहुंचता है।

नदी में कूड़ा-कचरा नहीं डालना, घाटों की सफाई बनाए रखना, प्लास्टिक के उपयोग को कम करना और आसपास के प्राकृतिक वातावरण को सुरक्षित रखना ऐसे छोटे कदम हैं, जिनसे जल स्रोतों के संरक्षण में योगदान दिया जा सकता है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष और जिला अध्यक्ष सहित कार्यकर्ताओं का जताया आभार

कार्यक्रम के सफल आयोजन के बाद मदद एक आस फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रतीक शर्मा जी और जिला अध्यक्ष संचित कपूर जी सहित संस्था के सभी सम्मानित पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

आयोजन से जुड़े लोगों ने कहा कि किसी भी सामाजिक कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सामूहिक मेहनत, सहयोग और समर्पण आवश्यक होता है। संस्था के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जिस उत्साह के साथ कार्यक्रम में अपनी सहभागिता निभाई, वह सराहनीय है।

इसके साथ ही थाना पटवाई के प्रभारी निरीक्षक पवन शर्मा, नमामि गंगे के पदाधिकारियों तथा आयोजन में सहयोग देने वाले सभी साथियों के प्रति भी धन्यवाद प्रकट किया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे के सहयोग की सराहना करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार सामाजिक और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े आयोजनों में सक्रिय भागीदारी बनाए रखने की भावना व्यक्त की।

सामाजिक एकता और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

मदारपुर गंगा घाट पर संपन्न हुआ यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकजुटता का भी उदाहरण बना। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों की सहभागिता ने यह स्पष्ट किया कि समाजहित के कार्यों में सामूहिक प्रयासों का विशेष महत्व है।

आज के समय में नदियों और जल स्रोतों को स्वच्छ रखना एक बड़ी सामाजिक आवश्यकता बन चुका है। ऐसे में धार्मिक स्थलों और घाटों पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रम लोगों को अपनी जिम्मेदारियों का एहसास कराने में उपयोगी साबित हो सकते हैं।

मदद एक आस फाउंडेशन और नमामि गंगे से जुड़े पदाधिकारियों की सहभागिता से आयोजित गंगा आरती ने श्रद्धा, सहयोग और पर्यावरण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।

कार्यक्रम के समापन पर सभी सहयोगियों और उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। आयोजकों ने सामूहिक सहयोग को आयोजन की सफलता का आधार बताते हुए उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इसी प्रकार समाजहित और प्रकृति संरक्षण के कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।

मदारपुर गंगा घाट पर आयोजित यह गंगा आरती केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक सहभागिता, सांस्कृतिक विरासत के सम्मान और जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता का प्रेरणादायक प्रयास रही।

पटवाई थाना क्षेत्र के सूपा मदारपुर स्थित मढ़ी मंदिर परिसर में हुआ धार्मिक आयोजन, पुलिस प्रशासन, नमामि गंगे के पदाधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने की सहभागिता

रामपुर, 4 नवंबर। उत्तर प्रदेश के जनपद रामपुर में गंगा नदी के संरक्षण, स्वच्छता और धार्मिक आस्था को बढ़ावा देने के उद्देश्य से थाना पटवाई क्षेत्र के ग्राम सूपा मदारपुर स्थित मढ़ी मंदिर के समीप मदारपुर गंगा घाट पर विशेष गंगा आरती का आयोजन किया गया। नमामि गंगे के बैनर तले आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ताओं, संस्था के पदाधिकारियों और स्थानीय गणमान्य लोगों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में सहयोगी संस्था मदद एक आस फाउंडेशन ने अपनी जनपद स्तरीय टीम के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

धार्मिक वातावरण और सामूहिक सहभागिता के बीच आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गंगा नदी के प्रति लोगों में श्रद्धा के साथ-साथ स्वच्छता, संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना रहा। आयोजन में शामिल लोगों ने गंगा को भारतीय संस्कृति, परंपरा और जनजीवन का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए नदी की स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लेने का संदेश दिया।

गंगा आरती से भक्तिमय हुआ मदारपुर घाट

मदारपुर गंगा घाट पर आयोजित आरती कार्यक्रम में धार्मिक उत्साह और आस्था का विशेष माहौल देखने को मिला। आयोजन के दौरान गंगा आरती के माध्यम से उपस्थित लोगों ने मां गंगा के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट की। घाट पर एकत्रित हुए लोगों ने इस धार्मिक आयोजन को सामूहिक एकता, सामाजिक सहयोग और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण प्रयास बताया।

गंगा आरती भारतीय धार्मिक परंपरा का ऐसा आयोजन है, जिसके माध्यम से लोग नदियों के प्रति सम्मान और प्रकृति के महत्व को याद करते हैं। इस तरह के कार्यक्रम केवल धार्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि इनके माध्यम से समाज में जल संरक्षण और स्वच्छता जैसे विषयों पर भी जागरूकता पैदा की जा सकती है।

मदारपुर गंगा घाट पर आयोजित कार्यक्रम भी इसी भावना को आगे बढ़ाने का प्रयास रहा। आयोजकों और उपस्थित कार्यकर्ताओं ने लोगों को नदियों के आसपास स्वच्छता बनाए रखने तथा जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने के लिए जागरूक रहने का संदेश दिया।

मदद एक आस फाउंडेशन ने दिया सहयोग

इस आयोजन में मदद एक आस फाउंडेशन की जनपद रामपुर की पूरी टीम सहयोगी संस्था के रूप में शामिल रही। फाउंडेशन के सदस्यों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहभागिता निभाई और नमामि गंगे अभियान के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में अपना योगदान दिया।

संस्था की भागीदारी ने यह संदेश दिया कि सामाजिक संगठनों की सक्रियता से धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रमों को व्यापक स्वरूप दिया जा सकता है। समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए संस्थाओं, प्रशासन और आम नागरिकों का एक साथ आना जरूरी है।

मदद एक आस फाउंडेशन की टीम ने आयोजन में उपस्थित रहकर सामूहिक सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना का परिचय दिया। संस्था के कार्यकर्ताओं की सहभागिता को कार्यक्रम से जुड़े लोगों ने सराहनीय बताया।

थाना प्रभारी पवन शर्मा की रही उपस्थिति

कार्यक्रम में थाना पटवाई, जनपद रामपुर के प्रभारी निरीक्षक श्री पवन शर्मा भी उपस्थित रहे। उनकी मौजूदगी से आयोजन में पुलिस प्रशासन की सहभागिता भी देखने को मिली।

इसके साथ ही नमामि गंगे अभियान से जुड़े पदाधिकारी और अन्य सहयोगी कार्यकर्ता भी कार्यक्रम में शामिल हुए। सभी ने मिलकर आयोजन को सफल बनाने में योगदान दिया। पुलिस प्रशासन, सामाजिक संस्था और नमामि गंगे के प्रतिनिधियों की संयुक्त उपस्थिति ने सामाजिक समन्वय और सामूहिक प्रयास का संदेश दिया।

इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने कहा कि धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में विभिन्न संस्थाओं तथा प्रशासन की सहभागिता से समाज में सकारात्मक वातावरण तैयार होता है। ऐसे प्रयासों से नागरिकों को अपने क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जागरूक होने की प्रेरणा मिलती है।

नमामि गंगे अभियान का उद्देश्य और सामाजिक जिम्मेदारी

नमामि गंगे अभियान का व्यापक उद्देश्य गंगा नदी को स्वच्छ, निर्मल और प्रदूषण मुक्त बनाने के प्रयासों को आगे बढ़ाना है। इस अभियान के अंतर्गत नदी संरक्षण, जनजागरूकता, स्वच्छता और लोगों की भागीदारी को विशेष महत्व दिया जाता है।

गंगा भारतीय समाज में धार्मिक आस्था के साथ-साथ आर्थिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय दृष्टि से भी महत्वपूर्ण स्थान रखती है। नदी की स्वच्छता बनाए रखना केवल सरकार या किसी एक संगठन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है।

मदारपुर गंगा घाट पर आयोजित आरती के माध्यम से भी इसी सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया गया। आयोजकों का मानना है कि जब लोग धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी जोड़ते हैं, तो जागरूकता का संदेश अधिक प्रभावी ढंग से समाज तक पहुंचता है।

नदी में कूड़ा-कचरा नहीं डालना, घाटों की सफाई बनाए रखना, प्लास्टिक के उपयोग को कम करना और आसपास के प्राकृतिक वातावरण को सुरक्षित रखना ऐसे छोटे कदम हैं, जिनसे जल स्रोतों के संरक्षण में योगदान दिया जा सकता है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष और जिला अध्यक्ष सहित कार्यकर्ताओं का जताया आभार

कार्यक्रम के सफल आयोजन के बाद मदद एक आस फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रतीक शर्मा जी और जिला अध्यक्ष संचित कपूर जी सहित संस्था के सभी सम्मानित पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

आयोजन से जुड़े लोगों ने कहा कि किसी भी सामाजिक कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सामूहिक मेहनत, सहयोग और समर्पण आवश्यक होता है। संस्था के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जिस उत्साह के साथ कार्यक्रम में अपनी सहभागिता निभाई, वह सराहनीय है।

इसके साथ ही थाना पटवाई के प्रभारी निरीक्षक पवन शर्मा, नमामि गंगे के पदाधिकारियों तथा आयोजन में सहयोग देने वाले सभी साथियों के प्रति भी धन्यवाद प्रकट किया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे के सहयोग की सराहना करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार सामाजिक और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े आयोजनों में सक्रिय भागीदारी बनाए रखने की भावना व्यक्त की।

सामाजिक एकता और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

मदारपुर गंगा घाट पर संपन्न हुआ यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकजुटता का भी उदाहरण बना। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों की सहभागिता ने यह स्पष्ट किया कि समाजहित के कार्यों में सामूहिक प्रयासों का विशेष महत्व है।

आज के समय में नदियों और जल स्रोतों को स्वच्छ रखना एक बड़ी सामाजिक आवश्यकता बन चुका है। ऐसे में धार्मिक स्थलों और घाटों पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रम लोगों को अपनी जिम्मेदारियों का एहसास कराने में उपयोगी साबित हो सकते हैं।

मदद एक आस फाउंडेशन और नमामि गंगे से जुड़े पदाधिकारियों की सहभागिता से आयोजित गंगा आरती ने श्रद्धा, सहयोग और पर्यावरण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।

कार्यक्रम के समापन पर सभी सहयोगियों और उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। आयोजकों ने सामूहिक सहयोग को आयोजन की सफलता का आधार बताते हुए उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इसी प्रकार समाजहित और प्रकृति संरक्षण के कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।

मदारपुर गंगा घाट पर आयोजित यह गंगा आरती केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक सहभागिता, सांस्कृतिक विरासत के सम्मान और जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता का प्रेरणादायक प्रयास रही।

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