टपरा बाजार के चंदन होटल में बिक रही बासी जलेबी, बच्चों और ग्राहकों की सेहत पर मंडरा रहा खतरा

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रिपोर्ट रूमा पांडेय

हिट एंड हॉट न्यूज़ संवाददाता बहराइच

टपरा बाजार (सुजौली)।

टपरा बाजार के बस स्टैंड स्थित चंदन होटल में बासी जलेबी बेचे जाने की शिकायत सामने आई है। स्थानीय स्तर पर उठ रहे इस मुद्दे ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और लोगों की सेहत को लेकर चिंता बढ़ा दी है। शिकायत के अनुसार, होटल में ग्राहकों को ऐसी जलेबी बेची जा रही है, जो ताजा नहीं है। इसे लेकर खासतौर पर बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता का सीधा संबंध लोगों के स्वास्थ्य से होता है। ऐसे में यदि किसी दुकान या होटल में पुराने अथवा ठीक से सुरक्षित नहीं रखे गए खाद्य पदार्थ बेचे जा रहे हैं, तो यह गंभीर चिंता का विषय बन सकता है। जलेबी बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक की पसंदीदा मिठाइयों में शामिल है। बाजार में आने वाले लोग अक्सर नाश्ते के रूप में जलेबी खरीदते हैं। लेकिन यदि उन्हें ताजा और सुरक्षित खाद्य सामग्री के बजाय पुराना सामान दिया जाए, तो ग्राहकों के साथ यह अनुचित व्यवहार माना जाएगा।

बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर बढ़ी चिंता

चंदन होटल में कथित तौर पर बासी जलेबी बेचे जाने की शिकायत में सबसे अधिक चिंता बच्चों को लेकर जताई गई है। बच्चे अक्सर दुकानों से मिठाई और नाश्ते की चीजें खरीदकर खाते हैं। उन्हें खाद्य पदार्थों की ताजगी, गुणवत्ता और सुरक्षित रखरखाव की जानकारी नहीं होती। ऐसे में अभिभावकों की जिम्मेदारी के साथ-साथ खाद्य सामग्री बेचने वाले दुकानदारों की भी बड़ी जिम्मेदारी बनती है।

पुराने या अनुचित तरीके से रखे गए खाद्य पदार्थों के सेवन से पेट संबंधी परेशानी और खाद्य जनित बीमारी का खतरा हो सकता है। खासकर गर्मी और नमी वाले वातावरण में मिठाइयों को सही तरीके से सुरक्षित रखना जरूरी होता है। इसलिए दुकानदारों को चाहिए कि वे ग्राहकों को केवल ताजा और निर्धारित गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थ ही उपलब्ध कराएं।

बस स्टैंड होने के कारण रहती है ग्राहकों की आवाजाही

टपरा बाजार का बस स्टैंड क्षेत्र स्थानीय लोगों और यात्रियों की आवाजाही का प्रमुख स्थान है। यहां दिनभर लोगों का आना-जाना लगा रहता है। बसों से यात्रा करने वाले यात्री, आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोग और बाजार में खरीदारी करने वाले ग्राहक नाश्ते के लिए आसपास की दुकानों पर निर्भर रहते हैं।

ऐसे व्यस्त स्थान पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखना और भी जरूरी हो जाता है। यात्रियों के पास कई बार खाने-पीने की वस्तुओं की जांच करने का समय नहीं होता। वे दुकानदार पर भरोसा करके खाद्य सामग्री खरीद लेते हैं। ऐसे में दुकानदारों को ग्राहकों के इस भरोसे का सम्मान करना चाहिए।

खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन जरूरी

खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत खाद्य पदार्थों की बिक्री करने वाले प्रतिष्ठानों को स्वच्छता और गुणवत्ता संबंधी नियमों का पालन करना आवश्यक है। खाने-पीने की वस्तुओं को सुरक्षित तरीके से रखना, साफ-सफाई बनाए रखना और खराब या अनुपयुक्त खाद्य सामग्री की बिक्री से बचना खाद्य कारोबारियों की जिम्मेदारी है।

यदि किसी प्रतिष्ठान में बासी या खराब खाद्य सामग्री बेचे जाने की शिकायत मिलती है, तो खाद्य सुरक्षा विभाग नियमानुसार जांच कर सकता है। जांच के दौरान खाद्य पदार्थों के नमूने लिए जा सकते हैं और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठान के विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है।

खाद्य सुरक्षा विभाग से जांच कराने की मांग

स्थानीय स्तर पर उठी इस शिकायत के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। लोगों की मांग है कि टपरा बाजार के बस स्टैंड स्थित चंदन होटल में बिक रही जलेबी की गुणवत्ता की जांच कराई जाए। विभागीय अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर खाद्य सामग्री की ताजगी, भंडारण व्यवस्था और साफ-सफाई की स्थिति का निरीक्षण करना चाहिए।

यदि जांच में शिकायत सही पाई जाती है, तो संबंधित नियमों के तहत उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही बाजार के अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का भी समय-समय पर निरीक्षण किया जाना चाहिए, ताकि लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री मिल सके।

दुकानदारों से भी जिम्मेदारी निभाने की अपील

खाद्य पदार्थों का कारोबार केवल कमाई का माध्यम नहीं, बल्कि आम लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ी जिम्मेदारी भी है। दुकानदारों को चाहिए कि वे पुराने और खराब हो चुके खाद्य पदार्थों को बिक्री से हटा दें। मिठाइयों को साफ-सुथरे स्थान पर रखें और ग्राहकों को उनकी गुणवत्ता के बारे में सही जानकारी दें।

वहीं, अभिभावकों को भी बच्चों को खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थ खरीदते समय सावधानी बरतने के लिए जागरूक करना चाहिए।

जनस्वास्थ्य से जुड़ा है मामला

टपरा बाजार के चंदन होटल में कथित तौर पर बासी जलेबी बेचे जाने की शिकायत को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। हालांकि, इस संबंध में वास्तविक स्थिति की पुष्टि खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच के बाद ही हो सकेगी। होटल संचालक का पक्ष और विभागीय जांच के निष्कर्ष भी सामने आना जरूरी है।

अब देखना यह होगा कि खाद्य सुरक्षा विभाग इस शिकायत पर क्या कदम उठाता है और ग्राहकों को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए क्या व्यवस्था की जाती है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि संबंधित अधिकारी मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच करेंगे, जिससे बच्चों और अन्य ग्राहकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

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