उत्तर प्रदेश के पांच शहरों में FSDA की बड़ी कार्रवाई, सात रेस्तरां के लाइसेंस निलंबन की संस्तुति
अमरेश त्रिपाठी
हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ कानपुर देहात
लखनऊ/उत्तर प्रदेश। प्रदेश में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और रेस्टोरेंट में स्वच्छता व्यवस्था को लेकर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने कई शहरों में जांच अभियान चलाया। इस दौरान कानपुर, वाराणसी, आगरा, गाजियाबाद और प्रयागराज में विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। जांच में कई जगह साफ-सफाई, खाद्य पदार्थों के रखरखाव, कच्चे और पके भोजन को अलग रखने तथा एक्सपायर्ड सामग्री के इस्तेमाल से जुड़ी गंभीर कमियां सामने आने की बात कही गई है।

जांच के दौरान सामने आई कमियों को देखते हुए सात रेस्तरां के लाइसेंस निलंबित करने की संस्तुति किए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं, कुछ प्रतिष्ठानों में व्यवस्थाओं में सुधार होने तक कारोबार बंद रखने की भी संस्तुति की गई है। कार्रवाई का उद्देश्य खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता मानकों का पालन सुनिश्चित करना और उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना बताया गया है।
कानपुर में टुंडे कबाबी में मिलीं कई खामियां
कानपुर में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की जांच के दौरान टुंडे कबाबी में स्वच्छता और खाद्य पदार्थों के रखरखाव से संबंधित कई कमियां सामने आने की जानकारी दी गई है। निरीक्षण में रसोई और खाद्य सामग्री के प्रबंधन से जुड़े मानकों पर विशेष ध्यान दिया गया।
जांच में कथित तौर पर कच्चे मांस को रखने की व्यवस्था उचित नहीं मिली। इसके अलावा वेज और नॉनवेज खाद्य सामग्री को अलग-अलग रखने की व्यवस्था में भी गंभीर कमियां पाए जाने की बात कही गई है। खाद्य प्रतिष्ठानों में कच्चे और तैयार भोजन के बीच उचित दूरी तथा अलग भंडारण व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि इससे एक खाद्य पदार्थ से दूसरे में दूषित तत्व पहुंचने की संभावना कम की जा सकती है।
टुंडे कबाबी में साफ-सफाई और हाइजीन से जुड़े मानकों पर भी अधिकारियों ने आपत्ति दर्ज की। निरीक्षण में सामने आई कमियों के आधार पर संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है।
वाराणसी में वॉव मोमोज पर भी कार्रवाई
वाराणसी में वॉव मोमोज का निरीक्षण किए जाने के दौरान खाद्य एवं पेय पदार्थों की गुणवत्ता और वैधता से संबंधित कमियां सामने आने की जानकारी है। जांच में कथित तौर पर एक्सपायर्ड कोल्ड ड्रिंक और सॉस पाए गए।
इसके साथ ही पैक्ड फूड से जुड़े उत्पादों में भी अनियमितता मिलने की बात सामने आई है। खाद्य पदार्थों पर निर्माण और समाप्ति तिथि की जांच उपभोक्ता सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण होती है। निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद किसी खाद्य या पेय पदार्थ को बिक्री अथवा इस्तेमाल के लिए रखना नियमों के अनुरूप नहीं माना जाता।
FSDA की कार्रवाई के बाद प्रतिष्ठान के खाद्य भंडारण और बिक्री व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। अधिकारियों द्वारा लिए गए नमूनों और निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर आगे की नियामकीय कार्रवाई की जा सकती है।
आगरा में अमृतसरी कुलचा की व्यवस्था पर सवाल
आगरा में अमृतसरी कुलचा प्रतिष्ठान का निरीक्षण भी खाद्य सुरक्षा अभियान का हिस्सा रहा। यहां जांच के दौरान साफ-सफाई से जुड़ी समस्याएं और कथित तौर पर एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री मिलने की जानकारी सामने आई है।
खाद्य कारोबार में इस्तेमाल होने वाली सामग्री का सुरक्षित तापमान पर भंडारण, नियमित सफाई और एक्सपायर्ड उत्पादों को तत्काल अलग करना आवश्यक माना जाता है। निरीक्षण के दौरान इन मानकों में कमी मिलने के बाद संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की संस्तुति किए जाने की बात सामने आई है।
बताया गया है कि व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार किए जाने तक कारोबार बंद रखने की संस्तुति की गई है। इसका उद्देश्य प्रतिष्ठान को खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप तैयार करना है, ताकि भविष्य में ग्राहकों को किसी प्रकार का जोखिम न हो।
गाजियाबाद में चार प्रतिष्ठानों में गंभीर कमियां
गाजियाबाद में FSDA की कार्रवाई के दौरान AC एंटरप्राइज, फ्लॉको क्लॉक्ज, नत्थूस और बीकानेरवाला सहित कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। जांच में साफ-सफाई की स्थिति से लेकर खाद्य सामग्री के प्रबंधन तक विभिन्न स्तरों पर कमियां सामने आने की जानकारी है।
इन प्रतिष्ठानों में कथित तौर पर गंदगी और कॉकरोच जैसी समस्या पाए जाने की बात कही गई है। खाद्य प्रतिष्ठानों में कीट नियंत्रण बेहद महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि कीट खाद्य सामग्री को दूषित कर सकते हैं। इसी तरह रसोई और भंडारण क्षेत्रों की नियमित सफाई खाद्य सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा है।
निरीक्षण के दौरान वेज और नॉनवेज खाद्य सामग्री को अलग रखने की व्यवस्था से संबंधित कमियां भी सामने आईं। यदि दोनों प्रकार की सामग्री का उचित पृथक्करण नहीं किया जाता, तो क्रॉस-कंटैमिनेशन का खतरा बढ़ सकता है। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने इन बिंदुओं को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की है।
प्रयागराज में PVR मॉल स्थित रेस्तरां में भी निरीक्षण
प्रयागराज में PVR मॉल के आर्यन फैमिली डेलाइट का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान कच्चे और पके भोजन को सुरक्षित तरीके से रखने की व्यवस्था में कमी मिलने की जानकारी सामने आई है।
इसके अलावा प्रतिष्ठान की हाइजीन व्यवस्था पर भी सवाल उठे। रॉ मीट की गुणवत्ता को लेकर भी निरीक्षण में संदेह व्यक्त किए जाने की बात कही गई है। खाद्य सुरक्षा की दृष्टि से कच्चे मांस को निर्धारित तापमान पर रखना और उसे तैयार भोजन से अलग रखना आवश्यक होता है।
यदि कच्चे मांस और पके भोजन के बीच उचित पृथक्करण नहीं हो तो खाद्य संदूषण का जोखिम बढ़ सकता है। इसी वजह से रेस्तरां और होटल उद्योग में स्टोरेज व्यवस्था, तापमान नियंत्रण और स्वच्छता को विशेष महत्व दिया जाता है।
उपभोक्ताओं की सुरक्षा पर FSDA का फोकस
पांच शहरों में हुई यह कार्रवाई ऐसे समय में महत्वपूर्ण मानी जा रही है जब बड़ी संख्या में लोग रेस्तरां, फूड आउटलेट, मॉल और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में तैयार भोजन पर निर्भर रहते हैं। बाहर से भोजन खरीदते समय ग्राहक यह स्वयं नहीं जान पाता कि इस्तेमाल की जा रही सामग्री किस स्थिति में रखी गई है या रसोई में स्वच्छता के कौन से मानक अपनाए जा रहे हैं।
ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग का नियमित निरीक्षण महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। निरीक्षण के दौरान लाइसेंस, खाद्य सामग्री की वैधता, भंडारण व्यवस्था, रसोई की स्वच्छता, कर्मचारियों की हाइजीन और कच्चे-पके खाद्य पदार्थों के पृथक्करण जैसे पहलुओं की जांच की जाती है।
इस कार्रवाई से खाद्य कारोबारियों को भी यह संदेश जाता है कि लाइसेंस हासिल करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि कारोबार के दौरान लगातार खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करना आवश्यक है।
आगे क्या होगी कार्रवाई?
जांच में सामने आई कमियों के आधार पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानूनों के तहत आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। लाइसेंस निलंबन की संस्तुति के बाद संबंधित प्राधिकारी उपलब्ध निरीक्षण रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजों के आधार पर निर्णय ले सकते हैं।
जिन प्रतिष्ठानों में गंभीर कमियां मिली हैं, उनके संचालकों को स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा व्यवस्था में सुधार करने की आवश्यकता होगी। सुधार के बाद सक्षम अधिकारियों द्वारा दोबारा निरीक्षण किया जा सकता है। मानकों का पालन सुनिश्चित होने पर नियमानुसार आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।
ग्राहकों के लिए भी जरूरी है सतर्कता
खाद्य सुरक्षा केवल सरकारी विभागों या कारोबारियों की जिम्मेदारी नहीं है। उपभोक्ताओं को भी भोजन खरीदते समय कुछ सामान्य सावधानियां बरतनी चाहिए। पैक्ड खाद्य सामग्री खरीदते समय एक्सपायरी डेट, पैकेज की स्थिति और लेबल की जानकारी देखना उपयोगी होता है। रेस्तरां में भोजन करते समय यदि अत्यधिक गंदगी, खराब गंध, अस्वच्छ रसोई या संदिग्ध खाद्य सामग्री दिखाई दे तो ग्राहक संबंधित प्राधिकरण को इसकी सूचना दे सकते हैं।
उत्तर प्रदेश के पांच शहरों में FSDA की ताजा कार्रवाई ने खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता और खाद्य सामग्री के सुरक्षित रखरखाव की आवश्यकता को फिर सामने ला दिया है। सात प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबन की संस्तुति और अन्य जगहों पर सुधारात्मक कार्रवाई यह संकेत देती है कि खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन को लेकर विभाग निगरानी बढ़ा रहा है। अब संबंधित प्रतिष्ठानों की अगली कार्रवाई और सुधार की स्थिति पर नजर रहेगी।