रूस से जुड़े दो दशक पुराने साइबरक्राइम नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई, Sality बॉटनेट हुआ बाधित

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नई दिल्ली, 3 सितंबर 2026: इंटरनेट की दुनिया में लंबे समय से सक्रिय एक पुराने और बेहद लचीले साइबर अपराध नेटवर्क के खिलाफ अमेरिका और यूरोपीय देशों की एजेंसियों ने बड़ी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की है। अधिकारियों और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार Sality नामक पीयर-टू-पीयर (P2P) बॉटनेट को बाधित कर उसके आपराधिक नियंत्रण तंत्र को निष्क्रिय कर दिया गया है। यह नेटवर्क वर्ष 2003 के आसपास सामने आया था और दो दशक से अधिक समय तक अलग-अलग रूपों में सक्रिय रहा।

यूरोपोल के अनुसार Sality से उसके पूरे परिचालन इतिहास में 1.1 करोड़ से अधिक विशिष्ट IP पतों का संबंध सामने आया है। हालांकि इसका अर्थ यह नहीं है कि एक ही समय में 1.1 करोड़ कंप्यूटर संक्रमित थे। यह आंकड़ा उन अलग-अलग IP पतों का संचयी रिकॉर्ड है, जो लंबे समय में Sality से जुड़े बुनियादी ढांचे और संक्रमित प्रणालियों के संपर्क में आए। अपने चरम दौर में इस नेटवर्क के ऑपरेटर को लगभग 10 लाख संक्रमित कंप्यूटरों तक पहुंच हासिल होने का अनुमान है।

31 अगस्त को शुरू हुई अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई

Sality के खिलाफ समन्वित कार्रवाई 31 अगस्त 2026 को की गई। इस अभियान में अमेरिका के साथ बुल्गारिया, हंगरी और रोमानिया की कानून प्रवर्तन एजेंसियां शामिल रहीं। यूरोपोल और यूरोजस्ट ने भी सहयोग किया, जबकि साइबर सुरक्षा क्षेत्र से CrowdStrike और Shadowserver Foundation ने तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई।

अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार कार्रवाई का उद्देश्य केवल किसी एक कंप्यूटर या सर्वर को बंद करना नहीं था, बल्कि Sality के पूरे आपराधिक बुनियादी ढांचे को कमजोर करना था। अमेरिका में Sality से जुड़े कुछ डोमेन जब्त किए गए, जबकि यूरोपीय साझेदार एजेंसियों ने यूरोप में मौजूद संबंधित डोमेन के खिलाफ कार्रवाई की।

यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि Sality किसी एक केंद्रीय सर्वर पर निर्भर नहीं था। इसके बजाय संक्रमित कंप्यूटर एक-दूसरे से सीधे संवाद करते थे। इस तकनीक ने इसे पारंपरिक बॉटनेट की तुलना में अधिक टिकाऊ और कठिन लक्ष्य बना दिया था।

आखिर क्या है Sality बॉटनेट?

साधारण भाषा में समझें तो बॉटनेट ऐसे कंप्यूटरों का नेटवर्क होता है, जिनमें दुर्भावनापूर्ण सॉफ्टवेयर मौजूद होता है और जिनका इस्तेमाल उनके वास्तविक मालिक की जानकारी के बिना साइबर अपराध के लिए किया जा सकता है।

Sality इसी तरह का एक नेटवर्क था। संक्रमित कंप्यूटर आपस में जुड़े रहते थे और अपराधी ऑपरेटर इन मशीनों का इस्तेमाल विभिन्न प्रकार की गतिविधियों के लिए कर सकता था। अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक Sality का इस्तेमाल स्पैम भेजने, साइबर हमलों और क्रिप्टोकरेंसी चोरी जैसी गतिविधियों से जुड़ा रहा।

समय के साथ इस नेटवर्क में इस्तेमाल होने वाले दुर्भावनापूर्ण पेलोड भी बदलते रहे। यही इसकी लंबी उम्र का एक कारण माना जाता है। एक पुराना नेटवर्क होने के बावजूद यह बदलती साइबर अपराध की अर्थव्यवस्था के अनुरूप अलग-अलग कामों में इस्तेमाल होता रहा।

P2P तकनीक बनी सबसे बड़ी चुनौती

Sality को खत्म करना सुरक्षा एजेंसियों के लिए आसान नहीं था। सामान्य बॉटनेट में संक्रमित कंप्यूटर अक्सर एक केंद्रीय कमांड-एंड-कंट्रोल सर्वर से निर्देश लेते हैं। यदि जांच एजेंसियां उस सर्वर को बंद कर दें, तो नेटवर्क का बड़ा हिस्सा निष्क्रिय हो सकता है।

लेकिन Sality का ढांचा अलग था। इसमें संक्रमित कंप्यूटर एक पीयर-टू-पीयर नेटवर्क के माध्यम से एक-दूसरे से संपर्क करते थे। इसका मतलब था कि किसी एक केंद्रीय सर्वर को बंद करके पूरे नेटवर्क को खत्म करना संभव नहीं था।

यूरोपोल के अनुसार इस नेटवर्क की इसी विकेंद्रीकृत संरचना ने इसे वर्षों तक कार्रवाई से बचाए रखा। अलग-अलग देशों में मौजूद नेटवर्क के हिस्सों को अलग-अलग तरीके से ट्रैक करना पड़ता था। यूरोपोल ने वर्ष 2017 से Sality से संबंधित बुनियादी ढांचे की पहचान और कार्रवाई में अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ सहयोग किया।

अपराधियों के खिलाफ इस्तेमाल की गई नेटवर्क की अपनी ताकत

इस अभियान की सबसे खास बात यह रही कि जांचकर्ताओं ने Sality की P2P संरचना की कमजोरियों का इस्तेमाल उसी नेटवर्क को अलग-थलग करने के लिए किया।

साइबर सुरक्षा कंपनी CrowdStrike के अनुसार अभियान में P2P sinkholing तकनीक का इस्तेमाल किया गया। सरल शब्दों में, संक्रमित कंप्यूटरों के संचार को अपराधी नेटवर्क से हटाकर ऐसे बुनियादी ढांचे की ओर मोड़ा गया, जिसे सुरक्षा विशेषज्ञ नियंत्रित कर रहे थे। इससे संक्रमित मशीनें आपराधिक नियंत्रण तंत्र से अलग हो गईं।

इस प्रक्रिया के बाद Sality का ऑपरेटर प्रभावित कंप्यूटरों तक नए निर्देश या नए दुर्भावनापूर्ण पेलोड उसी तरह नहीं पहुंचा सका। CrowdStrike के अनुसार कार्रवाई के समय 15,000 से अधिक संक्रमित मशीनों को ऑपरेटर के नियंत्रण से अलग किया गया। यह संख्या यूरोपोल के 1.1 करोड़ IP पतों वाले ऐतिहासिक आंकड़े से अलग है, क्योंकि दोनों आंकड़े अलग-अलग चीजों को दर्शाते हैं।

क्रिप्टोकरेंसी चोरी से भी जुड़ा था नेटवर्क

Sality का इस्तेमाल केवल नेटवर्क हमलों तक सीमित नहीं था। हाल के वर्षों में इससे जुड़े एक पेलोड को क्रिप्टोकरेंसी लेनदेन से संबंधित धोखाधड़ी से भी जोड़ा गया है।

CrowdStrike की जांच के अनुसार EggJagger नामक मैलवेयर संक्रमित कंप्यूटर पर कॉपी किए गए क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट पतों में बदलाव कर सकता था। इसका उद्देश्य उपयोगकर्ता द्वारा कॉपी किए गए भुगतान पते को हमलावर द्वारा नियंत्रित पते से बदलना था।

कंपनी ने अनुमान लगाया कि इस गतिविधि से लगभग आठ वर्षों में कम से कम 1.5 लाख डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी चोरी हुई। हालांकि यह Sality से जुड़ी सभी संभावित आपराधिक कमाई का आंकड़ा नहीं है, क्योंकि नेटवर्क का इस्तेमाल अन्य प्रकार के पेलोड के वितरण के लिए भी किया जाता रहा।

रूस से जुड़ा बताया गया नेटवर्क

अमेरिकी अधिकारियों ने Sality के बुनियादी ढांचे को रूस से आधारित आपराधिक गतिविधि से जोड़ा है। Reuters की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि ऑपरेशन रूस में आधारित था, हालांकि उन्होंने सार्वजनिक रूप से ऑपरेटर की पहचान नहीं बताई। अभी तक किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी की घोषणा भी नहीं की गई है।

CrowdStrike ने नेटवर्क के संभावित ऑपरेटर को रूस के बश्कोर्तोस्तान क्षेत्र से जोड़ने का आकलन किया है, लेकिन यह एक साइबर सुरक्षा आकलन है, न कि किसी अदालत द्वारा स्थापित आपराधिक दोषसिद्धि। इसलिए ऑपरेटर की पहचान को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

वर्षों की अंतरराष्ट्रीय मेहनत का परिणाम

Sality के खिलाफ कार्रवाई अचानक नहीं हुई। यूरोपोल के मुताबिक विभिन्न देशों की एजेंसियां कई वर्षों से इसके बुनियादी ढांचे, नेटवर्क गतिविधियों और आपराधिक इस्तेमाल से संबंधित जानकारी जुटा रही थीं।

अभियान से पहले अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के बीच नियमित समन्वय किया गया। अलग-अलग देशों में मौजूद Sality से जुड़े संसाधनों की पहचान कर उनके खिलाफ एक साथ कार्रवाई की गई। इससे नेटवर्क के अलग-अलग हिस्सों को एक-दूसरे की मदद से दोबारा सक्रिय होने की संभावना कम करने की कोशिश की गई।

इस मामले में सरकारी एजेंसियों और निजी साइबर सुरक्षा कंपनियों के बीच सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा। CrowdStrike ने तकनीकी विश्लेषण और नेटवर्क स्तर पर कार्रवाई में योगदान दिया, जबकि Shadowserver Foundation संक्रमित प्रणालियों की पहचान और प्रभावित संगठनों को जानकारी देने में सहायता कर रहा है।

कार्रवाई के बाद भी खतरा पूरी तरह खत्म नहीं

विशेषज्ञों के लिए इस पूरे अभियान का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि नेटवर्क का नियंत्रण बाधित होना और किसी कंप्यूटर से मैलवेयर पूरी तरह हट जाना दो अलग-अलग बातें हैं।

यदि कोई कंप्यूटर पहले से Sality से संक्रमित है, तो केवल उसके आपराधिक नेटवर्क से अलग हो जाने का मतलब यह नहीं है कि उसमें मौजूद मैलवेयर अपने आप समाप्त हो गया। संबंधित कंप्यूटरों और नेटवर्कों की जांच तथा आवश्यक सुरक्षा उपाय अभी भी जरूरी हैं। अमेरिकी न्याय विभाग और साइबर सुरक्षा साझेदारों ने संक्रमित प्रणालियों की पहचान और उपचार पर जोर दिया है।

Shadowserver इंटरनेट सेवा प्रदाताओं और कंप्यूटर सुरक्षा प्रतिक्रिया टीमों के साथ मिलकर प्रभावित प्रणालियों की पहचान और उनके मालिकों को सूचना देने में सहयोग कर रहा है। इसका उद्देश्य उन कंप्यूटरों को सुरक्षित करना है, जो लंबे समय से उपयोगकर्ताओं की जानकारी के बिना इस नेटवर्क का हिस्सा रहे हो सकते हैं।

साइबर सुरक्षा के लिए बड़ा संदेश

Sality के खिलाफ कार्रवाई साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उदाहरण के रूप में देखी जा रही है। इससे यह संदेश मिलता है कि पुरानी तकनीक भी लंबे समय तक गंभीर खतरा बनी रह सकती है। केवल इसलिए कि कोई मैलवेयर वर्षों पुराना है, यह जरूरी नहीं कि उसका प्रभाव समाप्त हो गया हो।

यह मामला यह भी दिखाता है कि विकेंद्रीकृत साइबर अपराध नेटवर्क को खत्म करने के लिए केवल एक देश की कार्रवाई पर्याप्त नहीं हो सकती। अलग-अलग देशों में मौजूद सर्वर, डोमेन, संक्रमित कंप्यूटर और डिजिटल बुनियादी ढांचे को एक साथ समझना और उनके खिलाफ समन्वित कार्रवाई करना जरूरी होता है।

Sality के मामले में अमेरिका, यूरोपीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों और निजी साइबर सुरक्षा संगठनों के बीच सहयोग ने यही मॉडल सामने रखा है।

आगे क्या होगा?

Sality का आपराधिक नियंत्रण तंत्र बुरी तरह बाधित होने के बावजूद सुरक्षा विशेषज्ञ अब यह देख रहे हैं कि इसके पीछे मौजूद ऑपरेटर भविष्य में क्या कदम उठाता है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या वह पुराने नेटवर्क को फिर से खड़ा करने की कोशिश करेगा या किसी नए बुनियादी ढांचे का इस्तेमाल करेगा।

Reuters के अनुसार Sality के संभावित ऑपरेटर की सार्वजनिक पहचान अभी सामने नहीं आई है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के लिए अगला चरण नेटवर्क के अवशेषों की निगरानी, संक्रमित कंप्यूटरों की सफाई और संभावित पुनर्निर्माण की कोशिशों पर नजर रखना होगा।

निष्कर्ष

दो दशक से अधिक समय तक सक्रिय Sality बॉटनेट के खिलाफ कार्रवाई साइबर अपराध के इतिहास में एक उल्लेखनीय घटनाक्रम है। 1.1 करोड़ से अधिक विशिष्ट IP पतों से जुड़े इस नेटवर्क ने यह दिखाया कि विकेंद्रीकृत तकनीक साइबर अपराधियों के लिए कितनी लंबे समय तक उपयोगी हो सकती है। लेकिन इसी संरचना की कमजोरियों को समझकर सुरक्षा एजेंसियों ने नेटवर्क के संचार तंत्र को उसके खिलाफ इस्तेमाल किया।

31 अगस्त 2026 की कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया कि पुराना और विकेंद्रीकृत साइबर नेटवर्क भी अजेय नहीं है। हालांकि खतरा पूरी तरह समाप्त मान लेना उचित नहीं होगा, क्योंकि संक्रमित उपकरणों की सफाई और संभावित पुनर्निर्माण को रोकना अभी भी महत्वपूर्ण है। Sality प्रकरण आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई और सार्वजनिक-निजी सहयोग का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बना रह सकता है।

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