अयोध्या में 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण के लिए ध्वस्तीकरण अभियान, जनौरा नाका क्षेत्र में प्रशासन की कार्रवाई

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अयोध्या, 21 सितंबर 2026: अयोध्या में 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण और विस्तार की परियोजना को गति देने के लिए जिला प्रशासन ने जनौरा नाका और जनौरा बाईपास क्षेत्र में चिह्नित निर्माणों को हटाने की कार्रवाई तेज कर दी है। रविवार को प्रशासनिक टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में मार्ग की प्रस्तावित सीमा में आने वाले भवनों को ध्वस्त कराया। इस कार्रवाई को लेकर मौके पर हलचल और विरोध की स्थिति भी देखने को मिली।

14 कोसी परिक्रमा अयोध्या की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण मार्ग है। इस परिक्रमा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। प्रशासन लंबे समय से इस मार्ग को चौड़ा और सुविधाजनक बनाने की दिशा में काम कर रहा है। परियोजना के तहत सड़क की चौड़ाई बढ़ाने, यातायात व्यवस्था को बेहतर करने और श्रद्धालुओं की आवाजाही को अधिक सुगम बनाने के लिए अलग-अलग स्थानों पर निर्माण कार्य चल रहा है।

जनौरा नाका पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई

रविवार को जनौरा नाका क्षेत्र में प्रशासनिक अमला पहुंचा और चौड़ीकरण की सीमा में आने वाले भवनों को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, नजूल भूमि पर स्थित कई भवन इस परियोजना की जद में चिह्नित किए गए थे। प्रशासन की ओर से कहा गया कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत इन भवनों को खाली कराया गया और इसके बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। अलग-अलग रिपोर्टों में तीन और चार भवनों के ध्वस्तीकरण का उल्लेख है।

कार्रवाई के दौरान पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद रही। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रहे। प्रभावित लोगों की मौजूदगी के कारण क्षेत्र में कुछ समय के लिए तनाव और अफरातफरी का माहौल भी बना रहा।

प्रशासन का दावा—पहले दी गई थी सूचना

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, जिन निर्माणों को हटाया गया, उनके संबंध में संबंधित लोगों को पहले ही नोटिस और चेतावनी दी गई थी। अधिकारियों का कहना है कि चिह्नित भवन परियोजना की प्रस्तावित सीमा में आ रहे थे और उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत हटाया गया।

स्थानीय रिपोर्टों में प्रशासन की ओर से यह भी कहा गया है कि संबंधित भवनों के मुआवजे का भुगतान किया जा चुका था। कुछ प्रभावित लोग न्यायालय भी गए थे। प्रशासन का पक्ष है कि न्यायालय से मिले दिशा-निर्देशों के बाद कार्रवाई को आगे बढ़ाया गया।

हालांकि, प्रभावित लोगों की ओर से कार्रवाई को लेकर विरोध की बात भी सामने आई है। ऐसे मामलों में जमीन, निर्माण, मुआवजा और पुनर्वास से जुड़े दस्तावेजों तथा न्यायिक आदेशों की स्थिति महत्वपूर्ण होती है। इसलिए प्रशासन के दावे और प्रभावित पक्ष की आपत्तियों को संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड के संदर्भ में देखा जाना आवश्यक है।

विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट भी परियोजना का हिस्सा

14 कोसी परिक्रमा मार्ग के विस्तार की प्रक्रिया अचानक शुरू नहीं हुई है। अयोध्या जिला प्रशासन के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, इस परियोजना के लिए बहु-विषयक विशेषज्ञ समूह की रिपोर्ट जुलाई 2026 में प्रकाशित की गई थी। इसके अलावा अगस्त 2026 में दो गांवों के लिए 14 कोसी परिक्रमा मार्ग से संबंधित भूमि अधिग्रहण अधिसूचना भी प्रकाशित की गई। इससे स्पष्ट है कि मार्ग के विस्तार के लिए प्रशासनिक और भूमि संबंधी प्रक्रियाएं पहले से चल रही थीं।

इससे पहले जून 2025 में जनौरा क्षेत्र में 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के विस्तार के लिए सामाजिक प्रभाव आकलन से संबंधित प्रक्रिया भी दर्ज की गई थी। आधिकारिक दस्तावेज में जनौरा बीएनपी और जनौरा एएनपी में भूमि अधिग्रहण से जुड़ी जानकारी दी गई थी।

फोरलेन निर्माण से जुड़ा बड़ा काम

परिक्रमा मार्ग को व्यापक रूप से विकसित करने की योजना में सड़क का चौड़ीकरण प्रमुख हिस्सा है। मई 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, जनौरा अंडरपास को भी फोरलेन बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसका उद्देश्य परिक्रमा के दौरान बढ़ने वाली आवाजाही के साथ-साथ सामान्य दिनों में यातायात को बेहतर ढंग से संचालित करना है।

जनौरा क्षेत्र में अंडरपास और सड़क के चौड़ीकरण को एक-दूसरे से जोड़कर देखा जा रहा है। यदि मार्ग का विस्तार पूरा होता है तो वाहनों और पैदल श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए अधिक व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।

दो साल से चल रही है चौड़ीकरण परियोजना

परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण का काम पिछले करीब दो वर्षों से विभिन्न चरणों में जारी बताया गया है। अप्रैल 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक परियोजना का बड़ा हिस्सा पूरा हो चुका था, लेकिन कुछ स्थानों पर भूमि अधिग्रहण, मुआवजा और विस्थापन से संबंधित प्रक्रियाओं के कारण काम प्रभावित था।

ऐसी स्थिति में मार्ग की अंतिम चौड़ाई और निर्माण सीमा से संबंधित बाधाओं को दूर करना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सितंबर में हुई कार्रवाई इसी व्यापक प्रक्रिया का हिस्सा दिखाई देती है।

नवंबर की परिक्रमा से पहले तैयारियां तेज

प्रशासन की कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब नवंबर में प्रस्तावित 14 कोसी परिक्रमा को लेकर तैयारियां तेज की जा रही हैं। स्थानीय रिपोर्टों में बताया गया है कि प्रशासन चौड़ीकरण का काम परिक्रमा से पहले पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

परिक्रमा के दौरान अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ जाती है। ऐसे में सड़क, यातायात, पैदल मार्ग, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन जैसी व्यवस्थाओं को पहले से तैयार करना प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। मार्ग चौड़ा होने से इन व्यवस्थाओं को बेहतर ढंग से संचालित करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।

कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था रही कड़ी

ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहे। स्थानीय रिपोर्टों में एडीएम वित्त एवं राजस्व अमित भट्ट तथा सीओ सिटी श्रीयश त्रिपाठी समेत अधिकारियों की मौजूदगी का उल्लेख किया गया है।

पुलिस की तैनाती का उद्देश्य कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना था। प्रभावित लोगों द्वारा विरोध किए जाने के बावजूद प्रशासनिक टीम ने चिह्नित निर्माणों को हटाने की प्रक्रिया जारी रखी।

विकास और प्रभावित लोगों के हित के बीच संतुलन अहम

14 कोसी परिक्रमा मार्ग का विस्तार अयोध्या के बढ़ते धार्मिक पर्यटन और यातायात दबाव को देखते हुए महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना है। लेकिन किसी भी सड़क चौड़ीकरण या भूमि अधिग्रहण परियोजना में प्रभावित संपत्ति मालिकों के अधिकार, मुआवजा, नोटिस प्रक्रिया और न्यायालय के निर्देश भी उतने ही महत्वपूर्ण होते हैं।

जनौरा क्षेत्र की कार्रवाई ने एक बार फिर इस बात को सामने रखा है कि बड़े विकास कार्यों को आगे बढ़ाते समय प्रशासनिक प्रक्रिया और प्रभावित लोगों की शिकायतों के समाधान के बीच संतुलन जरूरी है। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई निर्धारित प्रक्रिया और उपलब्ध निर्देशों के आधार पर की गई, जबकि मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने इसका विरोध किया।

फिलहाल 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के चौड़ीकरण का काम अयोध्या की प्रमुख विकास परियोजनाओं में बना हुआ है। आधिकारिक रिकॉर्ड में भूमि अधिग्रहण और विशेषज्ञ रिपोर्ट से जुड़ी प्रक्रियाएं दर्ज हैं, जबकि सितंबर में जनौरा नाका क्षेत्र में हुई कार्रवाई परियोजना को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में मार्ग के शेष हिस्सों का निर्माण, यातायात व्यवस्था और आगामी परिक्रमा के लिए प्रशासन की तैयारियां इस परियोजना की अगली तस्वीर तय करेंगी।

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