FII शुक्रवार को फिर नेट बायर रहे, 18 सितंबर को ₹599.54 करोड़ की शुद्ध खरीदारी
मुंबई | 20 सितंबर 2026
भारतीय शेयर बाजार में संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां बाजार की दिशा और निवेशकों के रुख को समझने के लिए महत्वपूर्ण संकेत मानी जाती हैं। 18 सितंबर 2026, शुक्रवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII/FPI) ने भारतीय इक्विटी के कैश सेगमेंट में एक बार फिर शुद्ध खरीदारी दर्ज की। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक FII ने इस दिन ₹599.54 करोड़ की नेट खरीदारी की। विदेशी निवेशकों की यह खरीदारी ऐसे समय में हुई जब भारतीय बाजार लगातार वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक परिस्थितियों से प्रभावित हो रहा है।
आंकड़ों के अनुसार 18 सितंबर को FII ने कुल ₹38,461.63 करोड़ के शेयर खरीदे, जबकि उनकी बिक्री का आंकड़ा ₹37,862.09 करोड़ रहा। खरीद और बिक्री के बीच अंतर के कारण उनका शुद्ध निवेश ₹599.54 करोड़ रहा।

लगातार बिकवाली के बीच खरीदारी का संकेत
FII की एक दिन की नेट खरीदारी को बाजार के लिए महत्वपूर्ण आंकड़ा माना जाता है, लेकिन इसे व्यापक ट्रेंड से अलग करके देखना उचित नहीं होगा। सितंबर में अब तक विदेशी निवेशकों की कुल कैश गतिविधि में बिक्री खरीदारी से अधिक रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार सितंबर में महीने की उस तारीख तक FII का नेट आंकड़ा ₹7,040.94 करोड़ की शुद्ध बिकवाली का था। इसके विपरीत घरेलू संस्थागत निवेशकों ने इसी अवधि में ₹36,218.68 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की थी।
इससे यह स्पष्ट होता है कि 18 सितंबर की विदेशी निवेशकों की खरीदारी एक सकारात्मक दैनिक बदलाव थी, लेकिन अकेले इस आंकड़े से पूरे महीने के विदेशी निवेश रुझान में स्थायी बदलाव का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
घरेलू संस्थागत निवेशकों ने भी बढ़ाया समर्थन
शुक्रवार को केवल विदेशी निवेशक ही नेट बायर नहीं रहे। घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DII ने भी कैश सेगमेंट में ₹1,019.69 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की। DII ने कुल ₹17,310.04 करोड़ के शेयर खरीदे और ₹16,290.35 करोड़ की बिक्री की। इस तरह दोनों प्रमुख संस्थागत निवेशक वर्गों को मिलाकर बाजार में ₹1,619.23 करोड़ की शुद्ध खरीदारी दर्ज हुई।
घरेलू संस्थागत निवेशकों की लगातार भागीदारी भारतीय बाजार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। जब विदेशी निवेशकों की ओर से बिकवाली का दबाव रहता है, तब घरेलू संस्थानों की खरीदारी बाजार में तरलता और मांग को सहारा दे सकती है।
एक दिन पहले FII की थी बड़ी बिकवाली
18 सितंबर की तस्वीर को समझने के लिए इससे पिछले कारोबारी सत्र के आंकड़ों पर नजर डालना भी जरूरी है। 17 सितंबर को FII ने ₹3,208.76 करोड़ की शुद्ध बिकवाली की थी। उस दिन विदेशी निवेशकों की खरीद ₹8,761.71 करोड़ रही, जबकि बिक्री ₹11,970.47 करोड़ दर्ज की गई थी।
इसके मुकाबले 18 सितंबर को FII के आंकड़ों में तेज बदलाव दिखाई दिया और वे नेट सेलर से नेट बायर बन गए। हालांकि दो कारोबारी दिनों के आंकड़ों के आधार पर लंबी अवधि की दिशा तय करना उचित नहीं माना जाता। निवेशकों के लिए लगातार कई सत्रों के आंकड़ों को देखना अधिक उपयोगी होता है।
शेयर बाजार में कैसा रहा शुक्रवार का कारोबार?
18 सितंबर को भारतीय शेयर बाजार में भी सीमित मजबूती देखने को मिली। Nifty 50 करीब 75.80 अंक यानी 0.33 प्रतिशत बढ़कर 23,346.40 पर बंद हुआ, जबकि Sensex 19.63 अंक की मामूली बढ़त के साथ 74,294.96 पर बंद हुआ।
हालांकि पूरे सप्ताह का प्रदर्शन कमजोर रहा। Reuters की रिपोर्ट के अनुसार Nifty में सप्ताह के दौरान लगभग 0.22 प्रतिशत और Sensex में 0.65 प्रतिशत की गिरावट रही। शुक्रवार की हल्की रिकवरी को बाजार में हाल की गिरावट के बाद हुई चुनिंदा खरीदारी से भी जोड़ा गया।
इसलिए FII की ₹599.54 करोड़ की खरीदारी और शुक्रवार की बाजार मजबूती को एक साथ जरूर देखा जा सकता है, लेकिन दोनों के बीच सीधा कारण-परिणाम संबंध स्थापित करना उचित नहीं होगा।
वैश्विक परिस्थितियों का भी असर
विदेशी संस्थागत निवेशक केवल भारतीय कंपनियों के प्रदर्शन को देखकर निवेश नहीं करते। वैश्विक ब्याज दरें, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, डॉलर की चाल, कच्चे तेल की कीमतें और भू-राजनीतिक घटनाक्रम जैसे कई कारक उनके निवेश निर्णयों को प्रभावित करते हैं।
18 सितंबर के बाजार माहौल में कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक ब्याज दरों को लेकर चिंता भी बनी हुई थी। Reuters के अनुसार उस सप्ताह भारतीय शेयर बाजार पर ऊंची वैश्विक बॉन्ड यील्ड और अमेरिकी ब्याज दरों से जुड़े दबाव का असर रहा। कच्चे तेल की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव बाजार के लिए महत्वपूर्ण कारक बना रहा।
ऐसे वातावरण में FII की किसी एक दिन की खरीदारी को निवेशकों द्वारा सावधानीपूर्वक पढ़ना जरूरी है। विदेशी पूंजी का प्रवाह बाजार में सकारात्मक संकेत दे सकता है, लेकिन वैश्विक परिस्थितियों में बदलाव आने पर यही प्रवाह तेजी से बदल भी सकता है।
FII और DII डेटा क्यों है महत्वपूर्ण?
FII और DII डेटा शेयर बाजार में संस्थागत पूंजी के प्रवाह को समझने का एक प्रमुख माध्यम है। FII में विदेशी संस्थागत या पोर्टफोलियो निवेशक शामिल होते हैं, जबकि DII में भारतीय म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियां और अन्य घरेलू संस्थागत निवेशक शामिल हो सकते हैं।
जब FII लगातार खरीदारी करते हैं, तो बाजार में विदेशी पूंजी की मांग बढ़ती दिखाई देती है। इसके विपरीत लगातार बिकवाली बाजार पर दबाव डाल सकती है। हालांकि केवल FII आंकड़ों के आधार पर किसी शेयर या इंडेक्स की भविष्य की दिशा तय नहीं की जा सकती।
इसी तरह DII की खरीदारी बाजार में घरेलू पूंजी के मजबूत प्रवाह का संकेत देती है। सितंबर में उपलब्ध आंकड़ों में FII की नेट बिकवाली के मुकाबले DII की नेट खरीदारी काफी अधिक रही है।
क्या ₹599.54 करोड़ की खरीदारी से बदला विदेशी निवेश का रुख?
18 सितंबर की ₹599.54 करोड़ की नेट खरीदारी निश्चित रूप से पिछले कारोबारी सत्र की ₹3,208.76 करोड़ की नेट बिकवाली से अलग तस्वीर पेश करती है। लेकिन इसे विदेशी निवेशकों के रुख में स्थायी बदलाव मानने के लिए आगे के कारोबारी सत्रों के आंकड़ों को देखना जरूरी होगा।
महीने के उपलब्ध आंकड़े अभी भी FII की कुल नेट बिकवाली दिखा रहे थे। इसलिए शुक्रवार की खरीदारी को फिलहाल एक सकारात्मक दैनिक आंकड़े के रूप में देखा जा सकता है, न कि विदेशी निवेशकों के पूरे रुख में निश्चित बदलाव के रूप में।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है?
FII-DII आंकड़े बाजार की तस्वीर का केवल एक हिस्सा होते हैं। किसी भी निवेश निर्णय के लिए कंपनी के वित्तीय परिणाम, मूल्यांकन, कारोबार की स्थिति, सेक्टर का प्रदर्शन, वैश्विक बाजार और निवेशक की अपनी जोखिम क्षमता जैसे कई पहलुओं को ध्यान में रखना जरूरी है।
18 सितंबर को FII और DII दोनों के नेट बायर रहने से संस्थागत स्तर पर खरीदारी का आंकड़ा सकारात्मक रहा। दोनों को मिलाकर ₹1,619.23 करोड़ की शुद्ध खरीदारी दर्ज हुई।
फिर भी बाजार का व्यापक रुझान केवल एक दिन की खरीद-बिक्री से निर्धारित नहीं होता। आने वाले सत्रों में FII की निरंतरता, DII की भागीदारी, वैश्विक संकेत और घरेलू आर्थिक परिस्थितियां यह समझने में मदद करेंगी कि यह खरीदारी एक अस्थायी बदलाव थी या निवेशकों के रुख में व्यापक परिवर्तन का हिस्सा।
निष्कर्ष
18 सितंबर 2026 को विदेशी संस्थागत निवेशक भारतीय इक्विटी के कैश सेगमेंट में ₹599.54 करोड़ के नेट बायर रहे। FII ने इस दिन ₹38,461.63 करोड़ की खरीदारी और ₹37,862.09 करोड़ की बिक्री की। साथ ही घरेलू संस्थागत निवेशकों ने ₹1,019.69 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की।
शुक्रवार का यह आंकड़ा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे एक दिन पहले FII ने ₹3,208.76 करोड़ की नेट बिकवाली की थी। हालांकि सितंबर के उपलब्ध कुल आंकड़ों में विदेशी निवेशक अभी भी नेट सेलर बने हुए थे। ऐसे में 18 सितंबर की खरीदारी को बाजार की संस्थागत गतिविधियों में एक सकारात्मक दैनिक बदलाव के तौर पर देखा जा सकता है, जबकि आगे की दिशा समझने के लिए लगातार आने वाले FII और DII आंकड़ों पर नजर रखना अधिक महत्वपूर्ण रहेगा।
नोट: शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है। FII/DII आंकड़े बाजार की गतिविधि को समझने का एक संकेत हैं, इन्हें अकेले निवेश निर्णय का आधार नहीं माना जाना चाहिए।