पुरानी रंजिश में युवक पर जानलेवा हमले का आरोप, तमंचे से दो बार फायरिंग की कोशिश

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लवलेश कुमार चित्रकूट

रिपोर्टर हिट एंड हॉट न्यूज़

दिनांक 20 सितंबर 2026

राजापुर/शिवाला रोड | 20 सितंबर 2026

राजापुर के शिवाला रोड क्षेत्र में पुरानी रंजिश और पारिवारिक विवाद को लेकर एक युवक पर कथित रूप से जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि बाइक से पहुंचे चार युवकों ने पहले गाली-गलौज और मारपीट की तथा इसके बाद तमंचा निकालकर युवक पर दो बार फायर करने का प्रयास किया। दोनों बार कारतूस मिसफायर होने की वजह से गोली नहीं चल सकी और युवक की जान बच गई।

घटना के बाद इलाके में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोगों के मौके पर पहुंचने और भीड़ जुटने के बाद आरोपी वहां से फरार हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी जुटाई।

दुकान पर बैठे युवक से विवाद शुरू होने का आरोप

पीड़ित शंकर सोनकर, जो राजापुर के शिवाला रोड निवासी बताए गए हैं, के अनुसार वह अपनी दुकान और व्यावसायिक कार्य के सिलसिले में मौके पर मौजूद थे। इसी दौरान बाइक पर सवार होकर चार युवक वहां पहुंचे। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया कि इन युवकों ने आते ही शंकर सोनकर के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी।

बताया गया कि विवाद बढ़ने के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर शंकर के साथ मारपीट की। मौके पर मौजूद लोगों ने स्थिति को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन आरोप है कि मामला यहीं नहीं रुका।

पीड़ित पक्ष के मुताबिक, इसी दौरान आरोपियों में से एक ने तमंचा निकाल लिया और शंकर सोनकर की तरफ फायर करने का प्रयास किया। कथित तौर पर पहली बार ट्रिगर दबाने के बावजूद गोली नहीं चली। इसके बाद दोबारा फायर करने की कोशिश की गई, लेकिन दूसरी बार भी कारतूस मिसफायर हो गया।

मिसफायर होने से टली बड़ी घटना

पीड़ित और उसके परिजनों का कहना है कि यदि दोनों प्रयासों में गोली चल जाती तो गंभीर परिणाम हो सकते थे। दोनों बार कारतूस के मिसफायर होने से शंकर सोनकर सुरक्षित बच गए।

घटना के दौरान दुकान के आसपास मौजूद लोगों में भी हड़कंप मच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ लोगों ने आगे बढ़कर बीच-बचाव करने की कोशिश की। फल व्यापारी रघुराज सोनकर, जिन्हें आरएसएफ फ्रूट कंपनी का मालिक बताया गया है, सहित अन्य लोगों ने विवाद को रोकने का प्रयास किया।

जैसे-जैसे आसपास के लोगों को घटना की जानकारी हुई, वहां भीड़ जमा होने लगी। लोगों की संख्या बढ़ती देखकर आरोपी कथित तौर पर मौके से निकल गए।

इन लोगों पर लगाया गया आरोप

पीड़ित पक्ष ने घटना में सोनू, गुंडा, जीतेंद्र और शिवोम नाम के चार युवकों पर शामिल होने का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

घटना के प्रत्यक्षदर्शियों में सौरभ सोनकर का नाम सामने आया है। इसके अलावा पीड़ित के पिता राम बाबू सोनकर और रघुराज सोनकर को भी घटना से संबंधित गवाह बताया गया है।

परिजनों का कहना है कि घटना अचानक हुई हिंसा का परिणाम नहीं थी, बल्कि इसके पीछे लंबे समय से चला आ रहा विवाद बताया जा रहा है।

डेढ़ साल पुरानी रंजिश का बताया जा रहा संबंध

पीड़ित शंकर सोनकर और उसके पिता राम बाबू सोनकर के अनुसार, घटना के पीछे करीब डेढ़ वर्ष पुरानी रंजिश बताई जा रही है। उनका कहना है कि पारिवारिक बातचीत और पुराने विवाद को लेकर पहले भी दोनों पक्षों के बीच मारपीट की स्थिति बन चुकी है।

परिजनों के मुताबिक, पुराने विवाद के बावजूद मामला पूरी तरह शांत नहीं हुआ था। उनका आरोप है कि उसी रंजिश के चलते दोबारा विवाद हुआ और इस बार मामला कथित रूप से फायरिंग के प्रयास तक पहुंच गया।

पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।

घटना की सूचना पर पुलिस पहुंची

घटना की जानकारी पुलिस को दिए जाने के बाद पुलिस टीम लगभग 10 से 15 मिनट के भीतर मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल की जानकारी लेने के साथ ही संबंधित लोगों से पूछताछ की।

पीड़ित पक्ष की ओर से पुलिस को घटना के बारे में जानकारी दी गई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

अब पुलिस के सामने घटना के सभी पहलुओं की जांच करना महत्वपूर्ण होगा। कथित हमले के पीछे वास्तविक विवाद क्या था, मौके पर वास्तव में क्या हुआ, फायरिंग का प्रयास किस प्रकार किया गया और आरोपों में नामजद लोगों की भूमिका क्या रही—इन सभी बिंदुओं की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

पीड़ित परिवार ने मांगी सुरक्षा और निष्पक्ष कार्रवाई

घटना के बाद शंकर सोनकर और उनके परिवार में चिंता का माहौल है। परिजनों ने प्रशासन से आरोपियों की जल्द पहचान कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। परिवार का कहना है कि पुरानी रंजिश को लेकर पहले भी विवाद हो चुका है, इसलिए भविष्य में किसी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए मामले को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

परिजनों ने यह भी मांग की है कि जांच के दौरान किसी भी पक्ष के साथ भेदभाव न हो और उपलब्ध साक्ष्यों एवं गवाहों के बयान के आधार पर कार्रवाई की जाए।

जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर

राजापुर के शिवाला रोड पर हुई इस घटना ने स्थानीय स्तर पर सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, घटना को लेकर सामने आए आरोपों की अंतिम पुष्टि अभी पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होनी बाकी है।

पुलिस द्वारा घटनास्थल, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद की शुरुआत किस कारण हुई और कथित फायरिंग के प्रयास में किन लोगों की भूमिका थी।

फिलहाल पीड़ित पक्ष का कहना है कि तमंचे से दो बार फायर करने का प्रयास किया गया, लेकिन दोनों बार मिसफायर होने से शंकर सोनकर की जान बच गई। घटना के बाद आरोपी बताए जा रहे युवक मौके से चले गए। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मामले में शीघ्र और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।

नोट: इस रिपोर्ट में आरोपों और प्रत्यक्षदर्शियों/पीड़ित पक्ष के बयानों को उनके दावे के रूप में प्रस्तुत किया गया है। आरोपों की अंतिम पुष्टि संबंधित पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगी।

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