लुधियाना में बड़ा साइबर फ्रॉड खुलासा: 1,300 “मुले” बैंक खातों का भंडाफोड़, मास्टरमाइंड की तलाश जारी

लुधियाना: पंजाब के लुधियाना जिले में साइबर क्राइम पुलिस ने एक संगठित ऑनलाइन ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 1,300 से अधिक “मुले” (Mule) बैंक खातों का खुलासा किया है। इन खातों का इस्तेमाल देशभर में अवैध तरीके से जुटाई गई रकम को इधर-उधर ट्रांसफर करने और उसे वैध दिखाने के लिए किया जा रहा था। पुलिस अब इस पूरे रैकेट के मुख्य साजिशकर्ताओं और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान में जुटी है।
क्या हैं “मुले” बैंक खाते?
जांच में सामने आया है कि गिरोह आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों के दस्तावेज़—जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक खाते की जानकारी—खरीदकर या झांसा देकर हासिल करता था। इन दस्तावेज़ों के आधार पर बैंक खाते खुलवाए जाते या मौजूदा खातों को किराये पर लिया जाता। फिर इन खातों के जरिए साइबर ठगी से प्राप्त रकम को तेजी से अलग-अलग खातों में भेजकर उसका स्रोत छिपाया जाता।
देशभर में फैला नेटवर्क
प्राथमिक जांच के अनुसार, यह नेटवर्क केवल लुधियाना या पंजाब तक सीमित नहीं था। देश के विभिन्न राज्यों में सक्रिय साइबर ठगों से जुड़ी रकम इन खातों में डाली जाती और कुछ ही घंटों में उसे दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता। इससे पीड़ितों के लिए पैसे का ट्रेल पकड़ना मुश्किल हो जाता था।
पुलिस की कार्रवाई
साइबर क्राइम पुलिस ने संदिग्ध लेन-देन के आधार पर कई बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है और वित्तीय ट्रेल की गहन जांच की जा रही है। बैंक अधिकारियों और डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म्स से भी जानकारी जुटाई जा रही है ताकि रकम के प्रवाह की पूरी कड़ी को जोड़ा जा सके। पुलिस ने बताया कि इस मामले में आईटी एक्ट और संबंधित आपराधिक धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
कैसे फंसाए जाते थे लोग?
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह के सदस्य नौकरी का झांसा, कमीशन का लालच या त्वरित लोन की पेशकश देकर लोगों से उनके दस्तावेज़ और बैंक खाते का उपयोग करने की अनुमति ले लेते थे। कई मामलों में लोगों को मामूली रकम देकर उनके खाते का एटीएम कार्ड और नेट बैंकिंग एक्सेस भी ले लिया जाता था।
मास्टरमाइंड की तलाश
पुलिस अब इस रैकेट के “मास्टरमाइंड” और तकनीकी रूप से नेटवर्क संचालित करने वाले मुख्य आरोपियों की पहचान कर रही है। डिजिटल फॉरेंसिक टीम संदिग्ध मोबाइल नंबरों, आईपी एड्रेस और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है। संभावना है कि इस नेटवर्क की जड़ें अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर तक जुड़ी हो सकती हैं।
आम जनता के लिए चेतावनी
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति या संस्था को अपने बैंक दस्तावेज़, एटीएम कार्ड, ओटीपी या नेट बैंकिंग विवरण न दें। किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या निवेश प्रस्ताव से सतर्क रहें और ठगी की आशंका होने पर तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं।
निष्कर्ष
लुधियाना में 1,300 “मुले” बैंक खातों का खुलासा देश में बढ़ते साइबर अपराध की गंभीरता को दर्शाता है। आर्थिक रूप से कमजोर लोगों का शोषण कर उन्हें अवैध नेटवर्क का हिस्सा बनाना इस गिरोह की प्रमुख रणनीति थी। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से नेटवर्क की बड़ी कड़ी उजागर हुई है, और उम्मीद है कि जल्द ही इसके मुख्य साजिशकर्ता कानून के शिकंजे में होंगे।
