फ़रवरी 25, 2026

दिल्ली में 6 साल की मासूम की अपहरण के बाद हत्या: भरोसे के रिश्ते पर सवाल

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नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में स्थित सराय काले खां इलाके से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां छह वर्ष की एक मासूम बच्ची की कथित रूप से अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। इस मामले में पुलिस ने एक रिश्तेदार को गिरफ्तार किया है। घटना से इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।

लापता होने से शुरू हुई आशंका

परिजनों के अनुसार, बच्ची रोज की तरह घर के पास खेल रही थी। इसी दौरान परिवार से परिचित एक व्यक्ति उसे बहाने से अपने साथ ले गया। जब काफी समय बीत जाने के बाद भी बच्ची वापस नहीं लौटी, तो परिवार को चिंता हुई। आसपास तलाश करने के बाद भी जब उसका पता नहीं चला, तो परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

शिकायत मिलते ही पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज किया और जांच शुरू कर दी। इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, स्थानीय लोगों से पूछताछ की गई और बच्ची की तलाश के लिए टीमें गठित की गईं।

जांच में खुला राज

जांच के दौरान पुलिस को परिवार के एक परिचित व्यक्ति की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। उससे पूछताछ की गई तो उसके बयान लगातार बदलते रहे। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने कथित रूप से बच्ची को ले जाने की बात स्वीकार की। बाद में बच्ची का शव बरामद किया गया।

पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ अपहरण और हत्या सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। उसे अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड की मांग की गई, ताकि घटना के पीछे के कारणों और अन्य तथ्यों का पता लगाया जा सके।

इलाके में गुस्सा और सुरक्षा पर सवाल

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग बड़ी संख्या में एकत्र हो गए। लोगों ने दोषी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है। इस घटना ने एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा और पारिवारिक भरोसे को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि अभिभावकों को बच्चों की सुरक्षा के प्रति सजग रहना चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत पुलिस को सूचित करना चाहिए। साथ ही, बच्चों को भी बुनियादी सुरक्षा संबंधी बातें समझाना जरूरी है, ताकि वे किसी अनजान या संदिग्ध व्यक्ति के साथ न जाएं।

पुलिस की अपील

दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जांच में सहयोग करें। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और आरोप सिद्ध होने पर कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना न केवल एक परिवार के लिए असहनीय दुख लेकर आई है, बल्कि समाज के लिए भी एक चेतावनी है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

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