मार्च 11, 2026

भद्रक–नेरगुंडी तीसरी रेल लाइन परियोजना: ओडिशा के विकास को मिलेगी नई रफ्तार

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ओडिशा में रेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में भद्रक–नेरगुंडी तीसरी रेल लाइन परियोजना एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। यह परियोजना न केवल यातायात क्षमता बढ़ाने में मदद करेगी, बल्कि पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय विकास को भी नई गति देगी। हाल ही में इस परियोजना के एक हिस्से को चालू किए जाने के बाद इसके पूरे होने की उम्मीद और भी मजबूत हो गई है।

परियोजना की मुख्य जानकारी

यह रेल परियोजना लगभग 92 किलोमीटर लंबी है और ओडिशा के भद्रक से नेरगुंडी तक फैली हुई है। यह मार्ग पूर्वी तट रेलवे के खुरदा रोड मंडल के अंतर्गत आता है। खास बात यह है कि यह लाइन देश के सबसे व्यस्त रेल कॉरिडोरों में से एक—हावड़ा से चेन्नई तक जाने वाले मुख्य रेल मार्ग—का हिस्सा है।

रेल यातायात के बढ़ते दबाव को देखते हुए इस मार्ग पर तीसरी लाइन का निर्माण किया जा रहा है, ताकि ट्रेनों की आवाजाही को अधिक सुगम और तेज बनाया जा सके।

हालिया प्रगति

परियोजना के तहत लगभग 25.3 किलोमीटर लंबे हरिदासपुर और ब्यारी स्टेशनों के बीच के खंड को हाल ही में चालू कर दिया गया है। इस सेक्शन का निरीक्षण रेल सुरक्षा आयुक्त द्वारा किया गया, जिसमें सभी सुरक्षा मानकों की पुष्टि की गई और सफल स्पीड ट्रायल भी किया गया।

अधिकारियों के अनुसार, परियोजना का लगभग 60 प्रतिशत काम पहले ही पूरा हो चुका है और बाकी हिस्सों का निर्माण कार्य तेजी से जारी है।

पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

नई रेल लाइन बनने से ओडिशा के कई प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों तक पहुंच पहले से आसान हो जाएगी। अखंडलमणी मंदिर और मां भद्रकाली मंदिर जैसे प्रसिद्ध तीर्थस्थलों तक आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी। इससे राज्य में धार्मिक पर्यटन को भी नई गति मिलने की संभावना है।

व्यापार और उद्योग को फायदा

इस परियोजना का एक बड़ा लाभ माल परिवहन में देखने को मिलेगा। अतिरिक्त रेल लाइन बनने से ट्रेनों की संख्या बढ़ सकेगी और मालगाड़ियों की आवाजाही अधिक सुचारु हो पाएगी। इससे ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में उद्योगों और व्यापारिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी।

यात्रियों के लिए बेहतर सुविधा

तीसरी लाइन शुरू होने के बाद इस मार्ग पर ट्रेनों की भीड़भाड़ कम होगी और यात्रियों को अधिक विकल्प मिलेंगे। इससे ट्रेनें समय पर चल सकेंगी और लंबी दूरी की यात्रा भी अधिक आरामदायक हो सकेगी।

क्षेत्रीय विकास में योगदान

इस परियोजना का प्रभाव केवल रेल यातायात तक सीमित नहीं रहेगा। बेहतर कनेक्टिविटी से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा। किसानों को अपने उत्पाद बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी, जबकि उद्योगों को भी परिवहन की बेहतर सुविधा मिलेगी। साथ ही, निर्माण और संचालन से रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

निष्कर्ष

भद्रक–नेरगुंडी तीसरी रेल लाइन परियोजना ओडिशा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने वाली एक अहम पहल है। इसके पूरा होने के बाद न केवल रेल यातायात अधिक व्यवस्थित होगा, बल्कि पर्यटन, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा मिलेगी। आने वाले समय में यह परियोजना राज्य के संतुलित और सतत विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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