मार्च 18, 2026

राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-एनएएम): किसानों के लिए डिजिटल क्रांति का सशक्त मंच

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भारत की कृषि व्यवस्था को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में राष्ट्रीय कृषि बाजार (e-NAM) एक ऐतिहासिक पहल के रूप में उभरा है। हाल ही में कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने लोकसभा में लिखित उत्तर देते हुए बताया कि ई-एनएएम ने देशभर की 1,656 मंडियों को एकीकृत किया है और अपनी स्थापना के बाद से अब तक 4.82 लाख करोड़ रुपये से अधिक का व्यापार दर्ज किया है। इस पहल से 1.80 करोड़ से अधिक किसान लाभान्वित हुए हैं, जो इसकी व्यापक सफलता और प्रभाव को दर्शाता है।

ई-एनएएम क्या है?

ई-एनएएम (National Agriculture Market) एक ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म है, जिसे किसानों, व्यापारियों और खरीदारों को एक साझा डिजिटल मंच पर जोड़ने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। इसका मुख्य लक्ष्य कृषि उपज के विपणन को अधिक पारदर्शी, प्रतिस्पर्धात्मक और कुशल बनाना है।

मंडियों का एकीकरण: एक राष्ट्र, एक बाजार

ई-एनएएम के तहत 1,656 मंडियों को जोड़कर देश में “एक राष्ट्र, एक बाजार” की अवधारणा को साकार किया गया है। इससे किसान अब अपनी उपज को स्थानीय मंडी तक सीमित नहीं रखते, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों में बेहतर दाम पाने के लिए बेच सकते हैं। यह प्रणाली बिचौलियों की भूमिका को कम करती है और किसानों को सीधे खरीदारों से जोड़ती है।

व्यापार में अभूतपूर्व वृद्धि

4.82 लाख करोड़ रुपये का कुल व्यापार इस बात का प्रमाण है कि ई-एनएएम प्लेटफॉर्म पर किसानों और व्यापारियों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। डिजिटल माध्यम से व्यापार होने के कारण पारदर्शिता बनी रहती है और भुगतान प्रक्रिया भी तेज एवं सुरक्षित होती है।

किसानों को मिलने वाले लाभ

  • बेहतर मूल्य प्राप्ति: प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया से किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य मिलता है।
  • डिजिटल भुगतान: लेन-देन में पारदर्शिता और समय की बचत होती है।
  • बाजार तक व्यापक पहुंच: किसान देशभर के खरीदारों से जुड़ सकते हैं।
  • सूचना की उपलब्धता: बाजार भाव, मांग और आपूर्ति की जानकारी आसानी से मिलती है।

चुनौतियाँ और सुधार की जरूरत

हालांकि ई-एनएएम ने बड़ी सफलता हासिल की है, लेकिन अभी भी कुछ चुनौतियाँ बनी हुई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता की कमी, इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या और मंडियों में तकनीकी संसाधनों की सीमित उपलब्धता जैसी बाधाएं इसके व्यापक उपयोग में रुकावट बनती हैं। इन समस्याओं को दूर करने के लिए सरकार को प्रशिक्षण कार्यक्रमों और बुनियादी ढांचे में निवेश बढ़ाना होगा।

भविष्य की दिशा

ई-एनएएम को और प्रभावी बनाने के लिए सरकार लगातार सुधार कर रही है। भविष्य में अधिक मंडियों को जोड़ने, नई तकनीकों को शामिल करने और किसानों को जागरूक करने पर जोर दिया जा रहा है। यदि इन प्रयासों को सही दिशा में आगे बढ़ाया गया, तो ई-एनएएम भारत की कृषि अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है।

निष्कर्ष

राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-एनएएम) ने भारतीय कृषि क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन की मजबूत नींव रखी है। 1.80 करोड़ किसानों को लाभ पहुंचाना और 4.82 लाख करोड़ रुपये का व्यापार करना इसकी सफलता का स्पष्ट संकेत है। यह पहल न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक है, बल्कि देश की कृषि व्यवस्था को अधिक सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।

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