मऊ में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: मुख्य आरोपी गोलू उर्फ़ गोल्डन मुठभेड़ में घायल, गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में अपराध के खिलाफ चल रही सख्त मुहिम के तहत पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। दोहरीघाट थाना क्षेत्र में पुलिस, एसओजी और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई में हत्या के प्रयास का मुख्य आरोपी गोलू उर्फ़ गोल्डन मुठभेड़ के दौरान घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया। इस कार्रवाई ने न केवल एक फरार अपराधी को पकड़ने में मदद की, बल्कि इलाके में कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस की गंभीरता भी उजागर की।
घटना की पृष्ठभूमि
यह मामला 23 अप्रैल 2026 का है, जब चकेश्वर गांव में 18 वर्षीय ऋषि प्रसाद पर बाइक सवार हमलावरों ने अचानक फायरिंग कर दी थी। इस हमले में ऋषि गंभीर रूप से घायल हो गया था और उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 29 अप्रैल को चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन इस हमले का मुख्य आरोपी गोलू उर्फ़ गोल्डन फरार चल रहा था।
मुठभेड़ कैसे हुई
6 मई 2026 की भोर में पुलिस को मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली कि गोलू उर्फ़ गोल्डन गोंठा गांव के पास किसी नई आपराधिक वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। सूचना मिलते ही पुलिस ने एसओजी, स्वाट और सर्विलांस टीम के साथ मिलकर इलाके की घेराबंदी कर दी।
जैसे ही पुलिस ने आरोपी को घेरने की कोशिश की, उसने भागने के दौरान पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसमें गोलू के पैर में गोली लग गई और वह मौके पर ही घायल होकर गिर पड़ा। पुलिस ने तुरंत उसे गिरफ्तार कर लिया और प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दोहरीघाट भेजा।
बरामदगी और अन्य जानकारी
गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के पास से एक अवैध तमंचा, एक खोखा कारतूस और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया। हालांकि, उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
पुलिस की रणनीति और कार्रवाई
इस पूरे ऑपरेशन में थाना दोहरीघाट पुलिस के साथ एसओजी, स्वाट और सर्विलांस टीम ने समन्वित तरीके से काम किया। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पहले ही इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अलग-अलग टीमें गठित कर दी गई थीं, जो लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थीं। इसी रणनीति का परिणाम है कि मुख्य आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
सामाजिक और कानूनी प्रभाव
इस कार्रवाई का असर स्थानीय स्तर पर साफ दिखाई दे रहा है। एक ओर जहां अपराधियों के मन में डर का माहौल बना है, वहीं आम नागरिकों के बीच सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है। पुलिस की इस तत्परता से यह संदेश गया है कि गंभीर अपराधों में शामिल लोगों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
कानूनी प्रक्रिया के तहत आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहां से आगे की कार्रवाई तय होगी। साथ ही फरार आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास भी जारी हैं।
निष्कर्ष
मऊ जिले की यह मुठभेड़ उत्तर प्रदेश पुलिस की सक्रिय और सख्त कार्यशैली का उदाहरण है। तेजी से सूचना पर कार्रवाई, टीमों के बीच तालमेल और अपराधियों के खिलाफ निर्णायक कदम—ये सभी पहलू इस ऑपरेशन में स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं। यह घटना न केवल अपराध नियंत्रण की दिशा में एक सफलता है, बल्कि आम जनता के भरोसे को भी मजबूत करने वाली साबित हुई है।
