प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त जारी: किसानों को मिला बड़ा आर्थिक सहारा

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 22वीं किस्त 13 मार्च 2026 को गुवाहाटी, असम में वितरित की गई। इस किस्त के तहत लगभग 9.32 करोड़ किसानों को लाभान्वित किया गया, जिनमें 2.15 करोड़ से अधिक महिला किसान भी शामिल हैं। यह पहल किसानों की आय को स्थिर करने और उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) से बढ़ी पारदर्शिता
पीएम-किसान योजना के अंतर्गत किसानों को वित्तीय सहायता प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से उनके बैंक खातों में सीधे भेजी जाती है। इस किस्त में लगभग 18,640 करोड़ रुपये किसानों के खातों में स्थानांतरित किए गए। DBT प्रणाली के लागू होने से बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो गई है और यह सुनिश्चित होता है कि हर किसान तक सरकार की सहायता पूर्ण पारदर्शिता के साथ पहुंचे।
‘अन्नदाता सम्मान’ का उद्देश्य
इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को ‘अन्नदाता सम्मान’ प्रदान करना है। पीएम-किसान योजना के तहत लाभार्थी किसानों को साल में तीन किस्तों में वित्तीय सहायता दी जाती है। यह राशि किसानों की कृषि आय में स्थिरता लाने, कृषि खर्चों को पूरा करने और खेती-किसानी पर आधारित जीवन में सहूलियत प्रदान करने में मदद करती है।
बजट 2026-27 में किसानों के लिए समर्पित संसाधन
सरकार ने बजट 2026-27 में पीएम-किसान योजना सहित अन्य कृषि और किसान कल्याण योजनाओं के लिए पर्याप्त संसाधनों का प्रावधान किया है। इसका उद्देश्य किसानों को वित्तीय सुरक्षा के साथ-साथ उनकी उत्पादकता और जीवन स्तर में सुधार सुनिश्चित करना है।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना लगातार किसानों की आर्थिक मजबूती और सम्मान के लिए एक सशक्त माध्यम के रूप में काम कर रही है। इस 22वीं किस्त के वितरण से यह स्पष्ट हो गया कि सरकार अपने किसानों के साथ खड़ी है और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
