मई 2, 2026

ऑनलाइन जनगणना के नाम पर धोखाधड़ी: सतर्क रहें, सुरक्षित रहें

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डिजिटल युग में जहां तकनीक ने आम लोगों के जीवन को आसान बनाया है, वहीं साइबर ठगों के लिए भी नए अवसर पैदा किए हैं। हाल के समय में दिल्ली पुलिस ने लोगों को आगाह किया है कि जनगणना के नाम पर ऑनलाइन ठगी के मामले बढ़ रहे हैं। कुछ ठग खुद को सरकारी कर्मचारी बताकर लोगों से संवेदनशील जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं, जो पूरी तरह गैरकानूनी है।


ठगी का तरीका कैसे काम करता है

  • लोगों को कॉल, SMS या WhatsApp संदेश के जरिए संपर्क किया जाता है।
  • ठग खुद को जनगणना अधिकारी बताकर भरोसा जीतने की कोशिश करते हैं।
  • OTP, UPI PIN या बैंक डिटेल्स मांगकर खाते से पैसे निकाल लेते हैं।
  • कई बार डर या दबाव बनाकर तुरंत पैसे ट्रांसफर करवाने की कोशिश भी की जाती है।

पुलिस और प्रशासन की स्पष्ट चेतावनी

  • कोई भी सरकारी अधिकारी जनगणना के दौरान OTP या बैंक से जुड़ी जानकारी नहीं मांगता।
  • ऐसी मांग होते ही समझ लें कि यह धोखाधड़ी है।
  • तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं या cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें।

आपकी सतर्कता ही आपकी सुरक्षा है

  • अनजान कॉल, लिंक या संदेश पर भरोसा करने से बचें।
  • किसी भी स्थिति में OTP, PIN या बैंक जानकारी साझा न करें।
  • केवल आधिकारिक और विश्वसनीय प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें।
  • अपने परिवार, खासकर बुजुर्गों को भी इस तरह की ठगी के बारे में जागरूक करें।

निष्कर्ष
भारत की जनगणना का उद्देश्य केवल जनसंख्या से जुड़े आंकड़े एकत्र करना होता है, न कि किसी व्यक्ति की आर्थिक जानकारी लेना। इसलिए यदि कोई जनगणना के नाम पर पैसों या बैंक विवरण की मांग करता है, तो यह साफ तौर पर ठगी है। जागरूकता और त्वरित कार्रवाई से ही ऐसे अपराधों को रोका जा सकता है।


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